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जीजीआईसी श्रीनगर में आयोजित मेहंदी प्रतियोगिता में अलवीना रही विजेता, बड़ी संख्या में छात्राओं ने की हिस्सेदारी

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Srinagar News: राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर में मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने हिस्सेदारी की। इस अवसर पर छात्राओं को बालिका सुरक्षा सहित अन्य विषयों पर व्याख्यान भी दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ लोकेश सलूजा, सामाजिक कार्यकर्ता गंगा असनोड़ा थपलियाल, शिक्षक महेश गिरी ने किया।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बेटियां आज बेटों से आगे निकल रही है। जो कि आने वाले भविष्य के लिए सुखद है। सामाजिक कार्यकर्ता गंगा असनोडा थपलियाल ने बालिकाओं को सम्बोधित करते हुए उन्हें जीवन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए।  डॉ. सलूजा ने महिला स्वास्थ्य व स्वच्छता पर अपनी बात को रखते हुए भविष्य की तैयारी के लिए बच्चों का मार्गदर्शन दिया। प्रतियोगिता की अध्यक्षता विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य लक्ष्मी राय ने की।

कार्यक्रम का  संचालन लोक गायिका व विद्यालय की संगीत अध्यापिका डॉ. लता तिवारी ने किया। प्रतियोगिता में अलवीना ने पहला, शिबा  ने दूसरा, कुमारी आर्यन ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल में नीनू किमोठी व सीमा रावत रहे।

महेश गिरि ने हंस फाउंडेशन की समाज के प्रति अविरल सेवा के लिए कोटि कोटि आभार व्यक्त करते हुए भोले जी महाराज व माता मंगला की दीर्घायु की कामना करते हुए संस्था को भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की

ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब ने धूमधाम से मनाया होली मिलन समारोह, शब्दमधु पत्रिका का हुआ विमोचन, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को किया सम्मानित

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ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब द्वारा आज नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह में पत्रकारों के अलावा पुलिस एवं प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधि तथा शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों ने शिरकत की। इस मौके पर प्रेस क्लब की वार्षिक पत्रिका “शब्द मधु-2023” का भी विमोचन किया गया। इस दौरान फूलों से होली खेली गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, ग्रेटर नोएडा के पूर्व चेयरमैन बृजेश कुमार, शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर पीके गुप्ता, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक अग्रवाल, गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, आईजी उत्तर प्रदेश पुलिस लव कुमार तथा ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेंद्र चंदेल ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

दीप प्रज्वलन के तुरंत बाद बच्चों ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए होली पर आधारित गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। वहीं मथुरा से आए कलाकारों ने मयूर नृत्य पेश कर सबका मन मोह लिया। इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ, चिकित्सा के क्षेत्र में और शहर के विकास, मानव सेवा, पशु सेवा व प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही दीपक अग्रवाल संयुक्त सचिव, आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार को विकास पुरुष सम्मान से नवाजा गया। जबकि लव कुमार आईपीएस अधिकारी को कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए व्यवस्था प्रहरी सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं पीके गुप्ता चांसलर शारदा विश्वविद्यालय को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय व सराहनीय कार्य करने पर शिक्षा भूषण  सम्मान से सम्मानित किया गया। डॉ. जीसी वैष्णव वरिष्ठ चिकित्सक को चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर चिकित्सा गौरव सम्मान दिया गया।  डॉ. अमित गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट व मधुमेह रोग विशेषज्ञ  को स्वास्थ के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए चिकत्सा जागरूकता सम्मान से नवाजा गया।

नॉलेज पार्क कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह की पत्नी ज्योति सिंह को मानव सेवा सम्मान से नवाजा गया। पेशे से एक निजी स्कूल में शिक्षिका ज्योति सिंह ने कोरोना काल के दौरान लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची को अपना स्तनपान कराकर उसकी जान बचाई थी। इस नेक कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। समाज सेवी राहुल गुर्जर को गौ सेवा के लिए पशु सेवा सम्मान दिया गया। अर्सलाइन कान्वेंट स्कूल की 10 वीं की छात्रा अंजलि सिन्हा को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मिलने पर प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। अंजलि ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत पर निबंध लिखा था।  प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उन्होंने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया था।

इसके अलावा सोशल वेलफेयर के तहत ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब द्वारा महिला शक्ति उत्थान मंडल को गरीब युवतियों के सामूहिक विवाह के आयोजन के लिए सहयोग राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद सुरेंद्र सिंह नगर, गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, ग्रेटर नोएडा के पूर्व चेयरमैन ब्रजेश कुमार, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी मोहित बेनीवाल, प्राधिकरण के तमाम अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारीगण, ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों के अधिकांश आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और फेडरेशन के अध्यक्ष, तमाम उद्यमी सामाजिक कार्यकर्ता, महिला संगठन आदि मौजूद रहे।

कर्नाटक बीजेपी विधायक का बेटा 40 लाख रुपए घूस लेते गिरफ्तार, कार्यालय में छापेमारी के दौरान आठ करोड़ मिले

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Karnataka BJP MLA's son arrested

Karnataka BJP MLA’s son arrested: कर्नाटक विधानसभा चुनाव होने में 2 महीने रह गए हैं। ऐसे में भाजपा राज्य में चुनाव की तैयारियों में लगी हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा विधायक के बेटे ने पार्टी की किरकिरी करा दी। कर्नाटक में गुरुवार को लोकायुक्त ने भाजपा विधायक मदल वीरुपक्षप्‍पा के बेटे प्रशांत कुमार को 40 लाख रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया। जिसके बाद उसके कार्यालय और विधायक के आवास पर छापेमारी की। प्रशांत की गिरफ्तारी पिता के बेंगलुरु स्थित कर्नाटक सोप एंड डिटर्जेंट लिमिटेड से दफ्तर से हुई।

लोकायुक्त ने केएसडीएल दफ्तर और प्रशांत के घर पर छापा मारा तो 8 करोड़ कैश बरामद हुआ। गिनती करने के बाद अफसरों ने नोटों के बंडल बिस्तर पर रख दिए। भाजपा विधायक मदल वीरुपक्षप्पा ने कर्नाटक सॉप एड डिटर्जेंट लिमिटेड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि जिस टेंडर के मामले में बेटे ने घूस ली, उसमें मैं शामिल नहीं हूं। लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक, प्रशांत कर्नाटक एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस के 2008 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने साबुन और अन्य डिटर्जेंट बनाने के लिए कच्चे माल को खरीदने की डील के लिए एक ठेकेदार से 80 लाख रुपए की डिमांड की थी।

जिसके बाद ठेकेदार ने इसकी शिकायत लोकायुक्‍त से की थी। शिकायत पर लोकायुक्त ने प्रशांत को रंगे हाथ पकड़ने के लिए योजना बनाई। अधिकारी ने बताया कि केएसडीएल के चेयरमैन और भाजपा विधायक मदल वीरुपक्षप्‍पा ओर से ये रकम ली गई है। ऐसे में रिश्वत लेने के इस मामले में पिता और पुत्र दोनों आरोपी हैं। प्रशांत के पिता मदल वीरुपक्षप्‍पा कर्नाटक के दावणगेरे जिले के चन्‍नागिरी से विधायक हैं। उन्होंने कहा- मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी मुझे मीडिया के जरिए मिली। इस बारे में मैंने अपने बेटे से बात नहीं की है, क्योंकि वह अब लोकायुक्त की कस्टडी में है। मैं किसी टेंडर में शामिल नहीं हूं।

वहीं इसको लेकर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा है। सुरजेवाला ने लिखा, “40 फीसदी सरकार की लूट जारी है। मैसूर सैंडल सोप की सुगंध में भी भ्रष्टाचार! 40 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार और अब बीजेपी विधायक के बेटे के घर से छह करोड़ रुपये कैश बरामद। पिता चेयरमैन है बेटा रुपये लेता है। भाजपा का मधुर भ्रष्ट गठजोड़। बता दें कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्षी पार्टी इस मुद्दे को चुनाव में जरूर उठाएगी।

चकबंदी दिवस पर दिल्‍ली मे बैठक, उत्तराखंड के गांव गांव मे जाकर होगा चकबंदी जनजागरण, सरकार पर बनाया जाऐगा दबाव

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Consolidation Day

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी voice of mountains और उत्तरांचल युवा प्रवासी समिति ने दिल्ली के गढ़वाल भवन में 1 मार्च को चकबंदी दिवस के अवसर पर एक परिचर्चा का आयोजन किया। ‘चकबंदी दिवस’ चकबंदी आन्दोलन के प्रणेता गणेश सिंह गरीब के जन्मदिन 1 मार्च को हर वर्ष मनाया जाता है गरीब जी ने उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में खेतों की चकबंदी करवाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया है और आज  86 वर्ष की आयु में भी निरन्तर संघर्ष कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन एवं सानिध्य में सैकड़ों युवा आज चकबंदी की आवाज को बुलंद कर रहे हैं एवं राज्य सरकार तथा केन्द्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं।

चकबंदी दिवस के अवसर पर दिल्ली राजधानी क्षेत्र के समाजसेवी, पत्रकार, साहित्यकार एवं रंगकर्मी शामिल हुए। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तराखण्ड मामलों के जानकार चारू तिवारी, 1UK के संयोजक अजय बिष्ट, समाजसेवी महावीर रमोला, रविन्द्र सिंह चौहान, संजय चौहान, महेंद्र सिंह रावत, शिवशंकर बलूनी, प्रकाशक एवं साहित्यकार अनूप सिंह रावत, गढ़वाली कुमाऊनी जौनसारी अकादमी के सदस्य निशांत रौथाण, रंगकर्मी उमेश बन्दूनी, फिल्म अभिनेता एवं साहित्यकार बृजमोहन वेदवाल, उत्तराखंड जन जागृति संघ के अध्यक्ष देवेंद्र रावत, महासचिव जगत सिंह रावत, सदस्य धनसिंह रावत, उत्तरांचल युवा प्रवासी समिति के अध्यक्ष हेमंत नेगी, समाजसेवी भूपेंद्र सिंह, भू कानून संघर्ष समिति के संयोजक अनिल पंत, रंगकर्मी एवं साहित्यकार दर्शन सिंह रावत, Voice of mountains के संयोजक जगमोहन जिज्ञासु एवं संपादक विनोद मनकोटी प्रमुख थे। बैठक की अध्यक्षता चारू तिवारी ने की।

इस मौके पर सभी ने गणेश गरीब को जन्म दिवस की बधाई दी एवं उनकी दीर्घायु की कामना की। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने चकबंदी के महत्व को जानते हुए सरकार से तत्काल अनिवार्य चकबंदी लागू करने का आग्रह किया। इस अवसर पर बोलते हुए 1uk के अजय बिष्ट ने चकबंदी के साथ साथ एक प्रभावी भू कानून बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के नाम पर पूरे पहाड़ के पहाड़ तीस साल की लीज पर दिये जा रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में इन पहाड़ों पर बाहरी लोगों का कब्जा हो जाएगा।

महावीर रमोला एवं रविन्द्र सिंह चौहान ने अनिवार्य चकबंदी लागू करने की बात कही साथ ही इसके लिए ग्राम स्तर पर लोगों को जागरूक करने पर बल दिया। संजय चौहान ने लोगों को जागरूक करने, लोगों की हीन भावना को दूर करने तथा प्रवासी एवं रेवासी लोगों के बीच बनी खाई को पाटने पर जोर दिया। महेंद्र सिंह रावत के अनुसार अभी कुछ ही लोग चकबंदी के विषय में ज्ञान रखते हैं, इसलिए हमें ब्लाक स्तर पर चकबंदी से सम्बंधित कार्यक्रम करने चाहिए और लोगों को जागरूक करना चाहिए।

अनूप सिंह रावत जो स्वयं चकबंदी कार्यकर्ता हैं ने कहा कि अगर लोगों को सही जानकारी के साथ जागरूक किया जाएगा तो वो चकबंदी के लिए अवश्य तैयार हो जाएंगे। अनूप ऐसा ही प्रयोग अपने गांव में कर चुके हैं और आज उनका गांव चकबंदी लागू करने के लिए नोटीफाइड हो चुका है। और सरकार वहां सर्वे भी कर चुकी हैं। निशांत रौथाण ने अनुसार अगर खेती बाड़ी को जिन्दा रखना है तो चकबंदी करना जरूरी है। उमेश बन्दूनी ने लोगों को संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर समाज के बारे में सोचने तथा एकजुट होने का आह्वान किया। बृजमोहन वेदवाल ने स्पष्ट किया कि चकबंदी एक सरकारी प्रक्रिया है और सरकार को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से इसे लागू करना चाहिए। हम सबको मिलकर सरकार पर दबाव बनाना चाहिए।

शिवशंकर बलूनी ने सभी सामाजिक संगठनों को एक साथ मिलकर इस सम्बन्ध में काम करना चाहिए, जगत सिंह रावत एवं धनसिंह रावत ने कहा कि हमें अपनी बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पंहुचानी चाहिए, देवेंद्र रावत ने कहा कि सभी राजनीतिक दल चकबंदी को मधुमक्खी का छत्ता मानते हैं और कोई भी सरकार इसमें हाथ नहीं डालना चाहती है। भूपेंद्र सिंह ने जमीनों की सही सही नाप करके वास्तविक खातेदारों को बताना चाहिए जिससे सभी को अपनी जमीनों की सही जानकारी हो सके।

हेमंत नेगी ने लोगों को पहाड़ जाकर काम करने की सलाह दी जिससे हमें उत्तराखंड के हालातों की सही जानकारी मिल सके और वहां की कठिनाइयों को दूर करने के प्रयास किए जा सके। जगमोहन जिज्ञासु ने सभी लोगों का उनकी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया  और चकबंदी आन्दोलन में अपनी भूमिका निभाने का आग्रह किया ।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में चारू तिवारी ने कहा कि चकबंदी एक नीतिगत सरकारी प्रक्रिया है और सरकार को इस पर स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

विश्व पुस्तक मेले में उत्तराखंड हिमालयी साहित्य संस्कृति की पुस्तकों के स्टाल पर पहुंचे राज्य सभा सांसद राजीव शुक्ला

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World Book Fair: देश की राजधानी दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में उत्तराखण्ड हिमालयी साहित्य संस्कृति की पुस्तकों के प्रकाशक विनसर पब्लिशिंग के स्टाल में पहुंच कर वरिष्ठ पत्रकार,राज्य सभा सदस्य राजीव शुक्ला ने कहा कि यहां हिमालयी संस्कृति का साहित्य और गंगा का साहित्य प्रचुर मात्रा में है यह एक सुखद अनुभव है।

शुक्ला को विनसर पब्लिशिंग के मुखिया कीर्ति नवानी और डॉ इन्दु भारती घिल्डियाल ने गंगा पर केन्द्रित डॉ सर्वेश उनियाल की पिक्टोरियल पुस्तक प्रकृति पथ गंगापथ भेंट की। पुस्तक को ग्रहण करते हुए राजीव शुक्ला ने कहा कि इस तरह की संजीदा साहित्यिक सामग्री गंगा कि अविरलता और निर्मलता के लिए कारगर साबित होगी।

विश्व पुस्तक मेले में अपने व्यस्ततम कार्यक्रम के बावजूद राजीव शुक्ला विनसर प्रकाशन के स्टाल पर तसल्ली से उत्तराखण्डी संस्कृति की पुस्तकों को पलट कर जानकारी लेकर बातचीत करते रहे।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने जारी किया PCS-J भर्ती का नोटिफिकेशन, सिविल जज के 16 पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानिए पूरी डिटेल

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uttarakhand PCS-J

Uttarakhand PCS-J: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने उत्तराखंड न्यायिक सेवा सिविल न्यायाधीश परीक्षा (PCS-J) का विज्ञापन जारी करते हुए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के लिए 21 मार्च तक आवेदन किया जा सकता है। आयोग की ओर से जारी विज्ञापन के मुताबिक, कुल 16 पदों पर भर्ती होगी, जिसमें सात पद सामान्य होंगे।

अनुसूचित जाति के चार, अनुसूचित जनजाति के एक, ओबीसी के तीन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए एक पद आरक्षित होगा। महिला आरक्षण के तहत प्रदेश की महिलाओं के लिए चार पद आरक्षित किए गए हैं। इन पदों पर आवेदन करने वालों का एलएलबी पास होना जरूरी है। उसे देवनागरी लिपि में हिंदी का ज्ञान हो। कंप्यूटर संचालन की भी जानकारी हो। आवेदक की आयु एक जनवरी 2023 को 22 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग को आयु सीमा में नियमानुसार छूट दी जाएगी।

आवेदन शुल्क

  • जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 30 रुपये
  • एससी, एसटी : 30 रुपये
  • अनाथ बच्चे : कोई शुल्क नहीं
  • दिव्यांग : 30 रुपये

यहां होगी परीक्षा

अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, हल्द्वानी, खटीमा, रुद्रपुर, पिथौरागढ़, देहरादून, गोपेश्वर, हरिद्वार, नई टिहरी, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, उत्तरकाशी।

200 अंकों की होगी प्रारंभिक परीक्षा

पीसीएस-जे में पहले 200 अंकों की प्रारंभिक परीक्षा होगी, जिसमें 50 अंकों के सवाल सामान्य ज्ञान के होंगे और 150 अंकों के सवाल विधि के होंगे। प्रारंभिक परीक्षा को पास करने के लिए जनरल, ईडब्ल्यूएस को कम से कम 35 प्रतिशत, ओबीसी को 30 प्रतिशत और एससी, एसटी को कम से कम 25 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होंगे। इसके बाद चुने जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा होगी।

इसमें छह पेपर होंगे। पहला पेपर वर्तमान परिदृश्य का 150 अंकों का होगा। दूसरा पेपर भाषा का 100 अंकों का, तीसरा पेपर मुख्य विधि का 200 अंकों का, चौथा पेपर प्रक्रिया और साक्ष्य का 200 अंकों का, पांचवां पेपर राजस्व और दांडिक का 200 अंकों का, छठा पेपर कंप्यूटर का 100 अंकों का होगा। इसके बाद 100 अंकों का इंटरव्यू भी होगा।

https://ukpscnet.in/lxR8N 

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उत्तराखंड क्रांति दल डेमोक्रेटिक के केंद्रीय प्रवक्ता अनु पंत ने दिया पार्टी से इस्तीफा

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UKD Democratic central spokesperson Anu Pant resigns from the party

देहरादून: उत्तराखंड क्रांति दल डेमोक्रेटिक के केंद्रीय प्रवक्ता व चौबट्टाखाल विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी अनु पंत ने आज पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को अपना त्यागपत्र सौंपा।

अनु पंत ने पार्टी अध्यक्ष को भेजे अपने त्यागपत्र में लिखा कि जैसा कि आपको ज्ञात है कि गत कुछ वर्षों से हम सब सामाजिक स्थिरता के संघर्षों मे लगे हुए हैं, जिसमे मैं गर्व के साथ कह सकता हूँ कि हमारे दल ने मानवता तथा चरित्र को कभी  नीचे गिरने का अवसर नहीं दिया।  इसीलिए आज यह त्यागपत्र देते हुआ कष्ट का अनुभव कर रहा हूँ, परन्तु आगे की लड़ाई एवं समाज एकांकीकरण के संघर्ष हेतु इस समय मेरा दल से जुड़े रहना सामाजिक दृष्टिकोण से सही नहीं स्थापित होता। कृपया आप मेरा त्यागपत्र स्वीकार कर मुझे मेरे दायित्वों एवं दल की सदस्यता से निवृत करें।“

गौरतलब है कि अनु पंत कुछ वर्ष पहले उत्तराखंड क्रांति दल डेमोक्रेटिक की सदस्यता ग्रहण की थे, उनकी काबिलियत को देखते हुए पार्टी ने उन्हें केंद्रीय प्रवक्ता  बनाया था। यही नहीं वे 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में चौबट्टाखाल विधानसभा से पार्टी के प्रत्याशी थे। आज उन्होंने केंद्रीय प्रवक्ता  पद के साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र दे दिया है।

नागालैंड के 60 साल के इतिहास में पहली बार विधानसभा में पहुंचेंगी कोई महिला, जानिए MLA चुनीं गईं हेकानी जखालू के बारे में

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Hekani Jakhalu Nagalands first woman MLA

Nagaland’s first woman MLA Hekani Jakhalu: पूर्वोत्तर राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के विधानसभा चुनाव नतीजों की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। त्रिपुरा और नागालैंड में भाजपा गठबंधन के साथ सरकार बनाने जा रही है। वहीं मेघालय में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। ‌लेकिन इस बार नागालैंड ने विधानसभा चुनाव में इतिहास रच दिया है। 1963 में नगालैंड राज्य बना, 60 साल गुजरे, 14वीं बार लोग मुख्यमंत्री चुन रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी सीट से कोई महिला विधायक नहीं चुनी जा सकी थी। इस बार ये परंपरा टूट गई।

दीमापुर तृतीय विधानसभा से महिला प्रत्याशी हेकानी जखालू ने जीत दर्ज की है। हेकानी भाजपा और एनडीपीपी गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरी थीं। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के एजेटो झिमोमी को 1536 वोट से हराया। 47 साल की हेकानी को 14,395 वोट मिले। वे 7 महीने पहले ही राजनीति में आई हैं। इसके अलावा एनडीपीपी और भाजपा गठबंधन की एक अन्य महिला उम्मीदवार सलहूतुनू क्रुसे ने पश्चिमी अंगामी सीट से जीत दर्ज की है। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार केनेजाखो नखरो को 12 वोटों के मामूली अंतर से हरा दिया।

राज्य में विधानसभा चुनाव में सिर्फ चार महिला उम्मीदवारों को टिकट मिला था। हेकानी और सलहूतुनू क्रुसे के अलावा कांग्रेस ने टेनिंग निर्वाचन क्षेत्र से रोजी थॉमसन को खड़ा किया था, जबकि काहुली सेमा भाजपा के टिकट पर अटोइजू निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रही थीं। हेकानी जखालू को 2018 में नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वह तोलुवी गांव में की रहने वाली हैं। वह पूर्वोत्तर की महिलाओं के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार की अकेली प्राप्तकर्ता भी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेकानी का जन्म साल 1976 में नागालैंड के दीमापुर में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई बेंगलुरु के बिशप कॉटन गर्ल्स स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज से राजनीतिक विज्ञान की डिग्री ली। और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी किया। फिर एलएलएम के लिए सैन फ़्रांसिस्को गईं। जिसके लिए उन्होंने स्टूडेंट लोन भी लिया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूएन में इंटर्नशिप की और फिर भारत लौट आईं। अमेरिका से लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली आकर वकील के तौर पर काम किया।

हेकानी जखालू यूथनेट नाम का एनजीओ भी चलाती हैं। वह पेशे से वकील भी हैं। उन्होंने कहा कि वह पिछले 17 सालों से अपने एनजीओ के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह 1.2 लाख युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर रोजगार दिलाने में सफल रही हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब तक आप सिस्टम में नहीं आते, आप ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। गौरतलब है कि नगालैंड में अब तक दो महिलाएं ही सांसद चुनी गई हैं।

साल 1977 में रानो मेसे शाजिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर जीत हासिल कर लोकसभा सदस्य चुनी गई थीं। वह नगालैंड से संसद पहुंचने वाली पहली महिला थीं। उसके बाद, पिछले साल बीजेपी ने नगालैंड से राज्यसभा सदस्य के रूप में एस. फांगनोन कोन्याक को नामित किया था, जिसके साथ ही नगालैंड से कोई दूसरी महिला संसद पहुंची।‌

आज आए विधानसभा चुनाव परिणामों में नगालैंड में मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के नेतृत्व में एनडीपीपी गठबंधन को जीत मिलती दिख रही है। रियो ने 2018 चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन किया था। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, 60 सीटों के लिए उपलब्ध रुझानों में एनडीपीपी 24 सीटों पर आगे है। उसकी गठबंधन सहयोगी भाजपा 12 सीटों पर आगे है। एनडीपीपी ने 40 और भाजपा ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था। आयोग की वेबसाइट के अनुसार, एनडीपीपी सुप्रीमो और नगालैंड के मुख्यमंत्री नीफियू रियो ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार एस. साचू को 15,824 वोट से हरा दिया है।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति अब केंद्र सरकार अकेले नहीं कर सकेगी, जानिए कौन करेगा चयन

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Appointment of chief election commissioner: देश की सर्वोच्च अदालत ने आज दो बड़े महत्वपूर्ण फैसले दिए। सुप्रीम कोर्ट के दिए गए दोनों फैसलों में कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों को मजबूती मिली है। पहला सर्वोच्च अदालत ने हिंडनबर्ग मामले में गौतम अडानी को लेकर 6 सदस्य एक्सपर्ट कमेटी के गठन करने के आदेश दिए। बता दें कि केंद्र सरकार ने गौतम अडानी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट से अपने सदस्यों से कमेटी बनाने के लिए कहा था। केंद्र सरकार की इस अपील को ठुकराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला देते हुए एक्सपर्ट कमेटी गठित की है।

कोर्ट ने दूसरे फैसले में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया। ‌अभी तक केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त का चयन करती रही है। लेकिन अब कोर्ट ने केंद्र से यह अधिकार छीन लिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और सीजेआई का पैनल इनकी नियुक्ति करेगा। पहले सिर्फ केंद्र सरकार इनका चयन करती थी। 5 सदस्यीय बेंच ने कहा कि ये कमेटी नामों की सिफारिश राष्ट्रपति को करेगी। इसके बाद राष्ट्रपति मुहर लगाएंगे।

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में साफ कहा कि यह प्रोसेस तब तक लागू रहेगी, जब तक संसद चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर कोई कानून नहीं बना लेती। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह चयन प्रक्रिया सीबीआई डायरेक्टर की तर्ज पर होनी चाहिए। जस्टिस के एम जोसेफ ने कहा कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखी जानी चाहिए। नहीं तो इसके अच्छे परिणाम नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि वोट की ताकत सुप्रीम है, इससे मजबूत से मजबूत पार्टियां भी सत्ता हार सकती हैं। इसलिए इलेक्शन कमीशन का स्वतंत्र होना जरूरी है। यह भी जरुरी है कि यह अपनी ड्यूटी संविधान के प्रावधानों के मुताबिक और कोर्ट के आदेशों के आधार पर निष्पक्ष रूप से कानून के दायरे में रहकर निभाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर फिलहाल देश में कोई कानून नहीं है। नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के हाथ में है। अब तक अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के मुताबिक सचिव स्तर के मौजूदा या रिटायर हाे चुके अधिकारियों की एक सूची तैयार की जाती है। कई बार इस सूची में 40 नाम तक होते हैं। इस सूची के आधार पर तीनों नामों को एक पैनल तैयार किया जाता है। इन नामों पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति विचार करते हैं।

इसके बाद प्रधानमंत्री पैनल में शामिल अधिकारियों से बात करके कोई एक नाम राष्ट्रपति के पास भेजते हैं। इन नाम के साथ प्रधानमंत्री के नोट भी भेजते हैं। इसमें उस शख्स के चुनाव आयुक्त चुने जाने की वजह भी बताई जाती हैं। देखा जाए तो इस प्रक्रिया में सरकार का पूरा रोल होता है। इनका कार्यकाल 6 साल या 65 साल की उम्र जो भी पहले हो तक होता है। इस प्रक्रिया से चुनाव आयुक्त चुने जाते हैं और इनमें से जो सबसे सीनियर होता है उसे मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया जाता है।

अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस: महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ पर सीएम धामी ने की दो बड़ी घोषणाएं

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Dehradun News: हम उस संस्कृति के साधक हैं जहां पुरुष की परिकल्पना नारी के बिना अधूरी मानी जाती है। हमारे यहां जहां एक ओर अर्धनारीश्वर की पूजा की जाती है वहीं दूसरी ओर मां जगदम्बा को इस श्रृष्टि का मूल माना जाता है, यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अन्तर्गत महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के शुभारंभ एवं ‘महिला भागीदारी को प्रोत्साहन’ में प्रतिभाग करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध होने वाली मानसिक और शारीरिक हिंसा की घटनाओं को सक्षम स्तर पर सूचित करते हुए रोकने का प्रयास करने वाले व्यक्ति को महिला सुरक्षा प्रहरी के रूप में जाना जाएगा तथा मुख्यमंत्री द्वारा ऐसे व्यक्ति या समूह को विशेष अवसरों पर सम्मानित भी किया जाएगा। उन्होंने दूसरी घोषणा की कि समाज की कुरीति बाल विवाह की पूर्वसूचना पुलिस को देने वाले या रोकने का प्रयास करने वाले व्यक्ति या संस्था को दस हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा तथा इन कार्यों में विशेष योगदान देने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के ई-पेपर ‘अपनी वाणी’ का शुभारंभ किया एवं महिलाओं की आत्मरक्षा पर बनी लघु फिल्म का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह को रोकने एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड की समस्त नारीशक्ति को नमन करते हुए महिला सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम की शुभकामनाएं दीं।  उन्होंने कहा कि किसी समाज या राज्य की रीढ़, उसकी सशक्त महिलाएं ही हैं। यदि किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है तो उस राज्य का विकास सुनिश्चित है, उसे कोई रोक नहीं सकता।  उत्तराखण्ड के निर्माण में महिलाओं ने अपना विशेष योगदान दिया है। एक ओर जहां प्रदेश की मातृशक्ति ने पूरे समाज को विपरीत परिस्थितियों में जीना सिखाया, जूझना सिखाया, वहीं दूसरी ओर हर परिस्थिति में जीतना भी सिखाया है। राष्ट्र-निर्माण में महिलाएं, पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में कहा गया है जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। परंतु कालांतर में आक्रांताओं के प्रभाव के कारण समाज का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदल गया,इसका परिणाम महिलाओं के साथ किए जाने वाले अपराधों के रूप में सामने आया। परंतु अब समय आ गया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के मन में भय पैदा किया जाय। ऐसे लोगों को ऐसा दंड मिले कि ऐसा घृणित अपराध करने से पहले इसके परिणाम के बारे में सोचकर उनकी रूह कांप जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र तथा राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए मिलकर सभी प्रकार के प्रयत्न कर रही हैं। महिलाओं को होम-मेकर के साथ – साथ नेशन-मेकर के रूप में आगे बढ़ना होगा, तभी सही अर्थों में राष्ट्र का विकास संभव हो पायेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा निरंतर प्रयास है कि महिलाओं के जीवन स्तर को जितना अधिक हो सके उतना ऊपर उठाया जा सके।

इसी प्रक्रिया के अंतर्गत राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही ‘मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना‘, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, लखपति दीदी योजना, महिलास्वयं सहायता समूहों को मजबूती प्रदान करने और पोषण अभियान जैसी योजनाएं प्रारंभ की हैं। शिक्षा का क्षेत्र हो, खेल का क्षेत्र हो या फिर सामाजिक न्याय की बात हो, हर क्षेत्र में महिलाओं को शक्ति संपन्न बनाने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार द्वारा बनाई जाने वाली नीतियों में महिलाएं हमेशा प्राथमिकता पर रही हैं।  प्रधानमंत्री जी द्वारा उज्ज्वला योजना चलाई जा रही है, इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 01 लाख 76 हजार अंत्योदय कार्डधारकों को साल में तीन गैस सिलिण्डर मुफ्त दिये जा रहे हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए मंत्र ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ‘ को लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है। हमारी बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ें, देश का नाम रोशन करें, यह हम सबका दायित्व है। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं की राह को आसान करने के लिए सरकार ‘जल जीवन मिशन‘ योजना पर तेजी से काम कर रही है। हमारा लक्ष्य 2025 तक उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार को मातृशक्ति का आशीर्वाद एवं समर्थन चाहिए।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। बेटी के पैदा होने पर महालक्ष्मी किट दी जा रही है। 12वीं पास करने पर नंदा-गौरा योजना के तहत बेटियों को 51 हजार रूपये की धनराशि दी जा रही है। विभाग द्वारा अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा सप्ताह के तहत विभाग द्वारा पूरे सप्ताह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत आज महिला सुरक्षा एवं भागीदारी प्रोत्साहन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। द्वितीय दिवस में महिलाओं एवं बालिकाओं, विशेषकर अकुशल श्रमिक महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग के साथ समन्वयन कर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जायेगा। तृतीय दिवस  मानव तस्करी एवं बाल विवाह निषेध सम्बंधित महत्वपूर्ण विषयों पर गृह विभाग के साथ समन्वयन कर जागरूकता अभियान चलाया जायेगा।

चतुर्थ दिवस राज्य में संचालित सरकारी/ निजी संस्थानों, प्रतिष्ठानों, उद्यमों, कार्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं विद्यालयों में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में गृह विभाग द्वारा “गौरा शक्ति एप“ एवं “कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न“ के कानूनी प्रावधानों से सम्बंधित जन-जागरूकता अभियान कार्यक्रम किया जायेगा। पंचम दिवस में परिवहन विभाग द्वारा सार्वजनिक यातायात के साधनों, यथा-बसों, ऑटो, टैक्सियों पर आपातकालीन नम्बर-112, महिला हैल्पलाईन नम्बर-1090, के साथ-साथ “मैं महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूँ“ टैग लाईन का अंकन किया जायेगा। षष्ठम दिवस में महिला सशक्तिकरण हेतु अन्तर्विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में निराश्रित/एकल महिलाओं के उत्थान कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।

इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव एच.सी. सेमवाल, विशेष सचिव श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं मातृशक्ति मौजूद थे।