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हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गौतम अडानी के खिलाफ बनाई 6 सदस्यीय एक्सपर्ट जांच कमेटी, 2 महीने में देनी होगी रिपोर्ट

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Hindonberg Gautam Adani case

अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी के खिलाफ हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आज अहम फैसला देते हुए एक्सपर्ट जांच कमेटी बना दी है। गुरुवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हिंडनबर्ग मामले में 6 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फाइनेंशियल सेक्टर में अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार से जवाब मांगा था। केंद्र सरकार ने कहा कि वो इस मामले में जांच कर रही है। जबकि कोर्ट में सेबी ने अपने जवाब में कहा कि उसने मार्केट में स्थिरता लाने और निवेशकों की पूंजी बचाने के लिए जो भी तरीके मौजूद हैं, उसका इस्तेमाल किया।

सुप्रीम कोर्ट की बनाई गई एक्सपर्ट कमेटी में रिटायर्ड जज एएम सप्रे इस कमेटी के हेड होंगे। उनके साथ इस कमेटी में जस्टिस ओपी भट, जस्टिस जेपी देवदत्त, एमवी कामथ, नंदन नीलेकणि और सोमशेखर सुंदरेसन शामिल होंगे। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला की बेंच ने गुरुवार को यह आदेश दिया। इस कमेटी को मामले की जांच सौंपने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी को भी स्टॉक्स की कीमतों में हेरफेर की जांच रिपोर्ट तलब की है।

सेबी को 2 महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट देनी होगी, जिसमें बताना होगा कि क्या इस केस में सेबी के नियमों की धारा 19 का उल्लंघन हुआ है। पिछले महीने फरवरी में बजट सत्र के दौरान संसद में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रदर्शन किया था। कांग्रेस ने कहा कि इस मुद्दे पर सदन में चर्चा भी होनी चाहिए और पीएम मोदी को जवाब देना चाहिए। अडानी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग की।‌‌ इसके अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में भी प्रदर्शन किया गया।

कांग्रेस ने कहा कि हम ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी जांच चाहते हैं, सरकार हर चीज को छिपाना चाहती है। बता दें कि अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग ने हाल ही में गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर मार्केट में हेरफेर और अकाउंट में धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई है।

हालांकि, गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप ने आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया था। उन्होंने दावा किया कि इस रिपोर्ट में जनता को गुमराह किया गया। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर लगाए गए आरोपों की जांच की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जांच के लिए 6 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है।

पूर्वोत्तर के राज्यों में वोटों की गिनती जारी, त्रिपुरा और नागालैंड में भाजपा को बढ़त, मेघालय में एनपीपी सरकार बनाने की ओर

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Counting of votes continues in northeastern states

पूर्वोत्तर के राज्यों त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती जारी है। 4 घंटे से ज्यादा की काउंटिंग पूरी हो चुकी है। तीनों राज्यों की सभी सीटों पर रुझान सामने आ रहे हैं। नगालैंड और त्रिपुरा में भाजपा को बहुमत मिलता दिख रहा है। मेघालय में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में फरवरी में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हुई थी। त्रिपुरा में 16 फरवरी को तो नगालैंड और मेघालय में 27 फरवरी को चुनाव हुए थे। तीनों राज्यों में 60-60 सीटें हैं।

अभी त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार है, जबकि नगालैंड में बीजेपी के गठबंधन वाली नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) और मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) की सरकार है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी त्रिपुरा में दोबारा सत्ता में लौटती नजर आ रही है। पार्टी बहुमत के लिए जरूरी 31 सीटों पर आगे नजर आ रही है। जबकि सीपीआई (एम) 11 और टिपरा मोथा पार्टी 11 सीटों पर आगे चल रही है।

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में मुख्यमंत्री माणिक साहा के आवास पर मिठाइयां बांटी जा रही है। त्रिपुरा और मेघालय चुनाव के शुरुआती रुझानों पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि जैसे पूरे देश में हो रहा है, यहां भी भाजपा आगे चल रही है। हमारे लिए उत्सव का समय है। कुछ पार्टियां अपना खाता खोलने की कोशिश कर रही हैं लेकिन जैसी परिस्थिति है उसमें उनका खाता खोलना मुश्किल है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़ने ने कहा कि त्रिपुरा चुनाव के नतीजे देखते हैं क्योंकि वहां हमने खुद बहुत कम सीट पर चुनाव लड़ा और सोचा कि गठबंधन से हमें बहुमत मिल सकता है। जब फाइनल नतीजे आएंगे तो देखेंगे कि कहां हमें बहुमत मिलती है और कहां हमारी सरकार नहीं बनती।

वहीं नगालैंड में भाजपा गठबंधन को 40 सीटों और त्रिपुरा में 33 सीटों पर बढ़त है। जनता दल (यूनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) एक-एक सीट पर आगे चल रही है। मौजूदा मुख्यमंत्री और एनडीपीपी उम्मीदवार नेफ्यू रियो शुरुआती रुझानों में उत्तरी अंगामी-द्वितीय विधानसभा क्षेत्र से आगे चल रहे हैं।मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) 24 सीटों पर आगे है। भाजपा यहां 5 सीटों तक सिमटती दिखाई दे रही है। मतों की गिनती जारी है।

विश्व पुस्तक मेले में पहली बार गढ़वाली भाषा में संवाद कार्यक्रम, लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी की तीन पुस्तकों का होगा लोकार्पण

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vishva pustak mela delhi

विश्व पुस्तक मेला : दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में 3 मार्च 2023 को हॉल नंबर 4 के सेमिनार कक्ष संख्या 2 में गढ़वाली भाषा में ‘गढ़वाली भाषा और नरेंद्र सिंह नेगी’ विषय पर एक संवाद आयोजित किया जा रहा है। इस संवाद में उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक लोक रचनाकार नरेंद्र सिंह नेगी वीज व्याख्यान देंगे। नरेंद्र सिंह नेगी उत्तराखंड के ऐसे संजीदा रचनाकार हैं जिन्होंने गढ़वाली भाषा में लालित्य पैदा किया उनके अभ्युदय के साथ ही गढ़वाली भाषा के प्रति लोगों में अनुराग और भाषा के प्रति सम्मान का भाव पैदा हुआ।

नरेन्द्र सिंह नेगी के गीत उत्तराखंड की धरती में बहुत ही लोकप्रिय हैं। उनके गीतों की के प्रति लोगों के भाव और भावना को इस तरह से भी समझा जा सकता है कि उनके गाए गीत लोगों को हंसाते और रुलाते ही नहीं हैं मट्ठियां भींचकर आंदोलित कर सड़कों पर उतार लाते हैं। वे ऐसे लोक रचनाकार और गायक हैं जिनके गीत उत्तराखंड आंदोलन में लोगों को सड़कों पर उतार लाने में कामयाब रहे। उत्तराखण्ड में नरेन्द्र सिंह नेगी की स्वीकार्यता का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि उनके गीतों ने उत्तराखंड में सत्ताएं बदल दी।

विश्व पुस्तक मेला किसी भी भाषा के लिए एक बहुत बड़ा मंच है इस मंच पर पहली बार उत्तराखंड की भाषा गढ़वाली में संवाद आयोजित किया जा रहा है। जिसमें उत्तराखंडी भाषाओं के रचनाकारों को साहित्यकारों को और भाषा के एक्टिविस्टों को आमंत्रित किया गया है। यह कार्यक्रम 3 मार्च 2023 को अपराहन 6:00 बजे से 7:30 बजे तक आयोजित होगा।

इस कार्यक्रम में जहां नरेंद्र सिंह नेगी से  संवाद होगा वहीं नरेंद्र सिंह नेगी की तीन सद्य प्रकाशित पुस्तकें लोकार्पित की जाएंगी। उनकी कविताओं की पुस्तक जो अब जबकि नाम से प्रकाशित की गई है यह नेगी जी की कविताओं की पुस्तक है। दूसरी पुस्तक ‘तेरी खुद तेरे ख्याल’ है। जिसमें नेगी जी द्वारा गढ़वाली फिल्मों के लिए लिखे गए गीत संकलित किए गए हैं और तीसरी पुस्तक उनके 101 गीतों की पुस्तक है जिसका नाम है ‘तुम दगड़ि यह गीत राला’ इस पुस्तक में पाठकों को उनके जनगीत भी पढ़ने को मिलेंगे। इसी पुस्तक में उनका चर्चित गीत ‘नौछमी नारैण’ भी प्रकाशित किया गया है। गढ़वाली भाषा में यह संवाद विनसर पब्लिकेशन और गढ़वाली मासिक पत्रिका धाद द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।

GGIC श्रीनगर में परामर्श एवं वातावरण निर्माण शिविर आयोजित

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Srinagar News: समावेशित शिक्षा के अन्तर्गत आज राजकीय बालिका इंटर कॉलेज श्रीनगर गढ़वाल सभागार में विकासखंड खिर्सू के विद्यालयों में अध्ययनरत और गृह आधारित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों  का परामर्श एवं वातावरण निर्माण शिविर आयोजित किया गया।

खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत और शिक्षा अधिकारी पीएल भारती, बीआरसी मुकेश काला द्वारा शिविर का शुभारंभ किया गया। RBSK टीम खिर्सू, डॉ. उनियाल, डॉ. स्वाति, डॉ. रामबाबू टीम द्वारा उपस्थित अभिभावकों से रूबरू होते हुए उन बच्चों की देखभाल शिक्षा, स्वास्थ्य पर विस्तृत जानकारी एवं स्वास्थ्य परीक्षण, काऊन्सलिंग  की गई।

खण्ड शिक्षा अधिकारी खिर्सू अश्वनी रावत ने इन छात्रों के लिए विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न क्रियाकलापों की जानकारी से अवगत कराते हुए दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति करुणा और दिव्यांगता के मुद्दों की स्वीकृति को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मसम्मान, अधिकार और विकलांग व्यक्तियों के बेहतर जीवन के  लिए समर्थन प्रदान करने के लिए एक उद्देश्य के साथ मनाया जाता है।

दिव्यांगों की जागरूकता राजनीतिक वित्तीय और सामाजिक, सांस्कृतिक जीवन के हर पहलू में दिव्यांग बच्चों को लिया जाना शामिल है। पूर्ण सहभागिता एवं समावेश सहित सत्यनिष्ठा, गरिमा तथा सम्मान का मानवीय विविधता का उपभोग, मानवीय अन्तर्निभरता का, शर्मिन्दगी, अपशब्द अथवा अन्य किसी प्रकार से अशक्तिकरण तथा रूढ़िबद्धता से मुक्त जीवनयापन का,अन्य के साथ समानता के आधार पर सभी नागरिक, राजनीतिक एवं सामाजिक आर्थिक अधिकार, जिनकी गारंटी अन्तराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय कानूनों में दी गयी है, का उपभोगकर्त्ता होना दिव्यांगता के अधिकारो में शामिल है।

परामर्श एवं वातावरण निर्माण का मुख्य उद्देश्य मुख्य रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की सक्रियता और समाज और जीवन विकास में पूर्व से भाग लेने के लिए और उन्हें अन्य नागरिकों के बराबर पूरा अधिकार देने के साथ ही मनुष्य के अधिकारों में विभाजित किया गया है। जो कि पूर्ण भागीदारी और समानता सामाजिक आर्थिक विकास के उत्पन्न लाभ में बराबर का हिस्सा आदि से संबंधित है। सरकार द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों एवं बच्चों हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं विकलांगता प्रमाणपत्र की जानकारी अभिभावकों को दी गई।योजना के उददेश्य समान अवसर, समानता, सामाजिक न्याय और विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने के लिए सुगम वातावरण सृजित करना।

केसर सिंह नेगी प्रभारी समाज कल्याण खिर्सू ने दिव्यांग बच्चों को विभाग द्वारा दी जाने वाली योजनाओं यात्रा में छूट, भरण पोषण भत्ता, आयकर में छूट आदि की जानकारी दी। आयोजन में उपस्थित अभिभावकों  ने इस प्रकार के बच्चों की देखभाल देखरेख में आने वाली दिक्कतों और उसके संबल पक्ष को सदन में बताया।

परामर्श एवं वातावरण निर्माण शिविर में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, अभिभावकों  एवं शिक्षकों में  रिया पुत्री देवेन्द्र लाल, शिवांग पुत्र मनोज कुमार, शिक्षिका सीआरसी जयदयाल चौहान, विपिन गौतम, शंकरमणि थपलियाल, नवीन क़ुमार, संजय नौडियाल राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष जयकृत भण्डारी, मानवेन्द्र भारती, रामेश्वरी,  कुसुम देवी, नरेन्द्र प्रसाद, शबनम, शकुन्तला देवी, पार्वती देवी, नरेन्द्र सिंह, देवेन्द्र लाल आदि।  कार्यक्रम के आयोजन में 20बच्चों और 20 अभिभावकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम का संचालन मुकेश काला द्वारा किया गया।

 कार्यभार संभालते ही एक्शन में दिखे गौतमबुद्धनगर के नवनियुक्त जिलाधिकारी

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Manish Kumar Verma DM Gautanbudh nagar

ग्रेटर नोएडा : गौतमबुद्धनगर के नवनियुक्त जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा कार्यभार संभालते ही एक्शन में दिखे। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बुधवार सुबह कलेक्ट्रेट सूरजपुर में स्थित विभिन्न विभागों के कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों का आवश्यक दिशा निर्देश दिए। राजस्व कार्यों में गतिशीलता लाने और आमजन की समस्याओं के निस्तारण पर जोर दिया है। इससे पूर्व  जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की।

जिलाधिकारी ने सबसे पहले नजारत का निरीक्षण किया। उसके उपरांत ईआरके कक्ष, जिला मनोरंजन कर अधिकारी कार्यालय, संयुक्त कार्यालय, राजस्व रिकॉर्ड रूम में पहुंचकर गहनता के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में अभिलेखों का रखरखाव मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करते हुए सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें एवं सभी अधिकारी व कर्मचारी अपनी-अपनी टेबल पर अपनी नेम प्लेट एवं उनको सौंपे गए कार्यों की लिस्ट बनाकर चस्पा करें।

साथ ही कार्यालयों में आने वाली जन सामान्य की शिकायतों को लेकर सभी अधिकारी गंभीरता के साथ कार्यवाही करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि सरकार की मंशा का लाभ आम नागरिकों को मिल सके। उन्होंने ईआरके कक्ष में आने वाली सभी डाक पत्रों का रखरखाव एवं समयबद्धता के साथ निस्तारण करने के संबंध में दिशा निर्देश प्रदान किए गए।

राजस्व रिकॉर्ड रूम का गहनता के साथ निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखों का रखरखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप करने के संबंध में निर्देश दिए।

संयुक्त कार्यालय में जारी किए जाने वाले चरित्र प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्र के संबंध में गहनता के साथ अभिलेखों की जांच पड़ताल की और संबंधित को निर्देशित किया कि समयबद्धता के साथ निस्तारण करते हुए जन सामान्य को चरित्र प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण के दौरान एडीएम प्रशासन डाॅ. नितिन मदान, एडीएम वित्त एवं राजस्व वंदिता श्रीवास्तव, सिटी जिस्ट्रेट ग्रेटर नोएडा उमेश चन्द निगम, डिप्टी कलेक्टर कोमल पंवार आदि अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम धामी ने की बड़ी घोषणा, उत्तराखंड में समूह ग परीक्षा में साक्षात्कार व्यवस्था हुई खत्म, अब नहीं होंगे इंटरव्यू

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उत्तराखंड में समूह ग की भर्ती परीक्षाओं में होने वाले साक्षात्कार को खत्म कर दिया गया है। हल्द्वानी पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक जनसभा के दौरान समूह ग भर्ती परीक्षाओं में साक्षात्कार व्यवस्था को खत्म करने का एलान किया । मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि समूह ग में इंटरव्यू व्यवस्था पूरी तरह खत्म होगी। जेई पदों के लिए भी साक्षात्कार की व्यवस्था नहीं होगी।

बता दें कि बुधवार को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाजपा युवा मोर्चा द्वारा नकल विरोधी कानून लागू करने के उपलक्ष्य पर आभार रैली आयोजित की गई। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीएम धामी का जोरदार स्वागत किया और आभार जताया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की। सीएम ने कहा अब उत्तराखंड में समूह ग की भर्ती परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार नहीं देना होगा। सीएम धामी ने कहा प्रतियोगिता परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। लोगों से सुझाव भी मांग रही है।

अब उत्तराखंड सरकार ऐसा कानून लाने जा रही है, जहां कोई भी प्रतियोगिता परीक्षा हो उसमें इंटरव्यू खत्म करने जा रही है। उन्होंने कहा सरकार उत्तराखंड में समूह ग की होने वाली भर्तियों में अब और पारदर्शिता लाने के लिए इंटरव्यू को खत्म करने जा रही है। सीएम ने कहा कि उत्तराखंड सरकार निर्णय लेने जा रही है कि उच्च पदों पर होने वाले साक्षात्कार को 10% से अधिक नहीं रखा जाए। उन्होंने कहा साक्षात्कार में शिकायत मिल रही थी कि किसी को अधिक अंक दिए जाते हैं तो किसी को कम अंक दिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उसके बाद सरकार ने समूह ग में इंटरव्यू व्यवस्था को खत्म करने का फैसला किया है। ‌उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सभी तकनीकी और गैर तकनीकी पदों पर लागू होगी। इसके अलावा उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था होगी वहां पर न्यूनतम 40% और अधिकतम 70% थी अंक देने की व्यवस्था रहेगी इससे अधिक अंक देने पर संबंधित बोर्ड को उसका कारण भी बताना होगा । अपने संबोधन के दौरान सीएम धामी ने विपक्ष कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष बेरोजगार युवाओं को भड़काने में लगा हुआ है। आभार रैली में केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा प्रदेश महामंत्री संगठन अजय, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट खिलेंद्र चौधरी समेत नैनीताल और उधम सिंह नगर विधायक और भाजपा के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

उत्तराखंड में उच्च शिक्षा हासिल करने के मामले में देहरादून के युवा सबसे आगे, नैनीताल दूसरे नंबर पर, आखिरी पायदान पर है ये जिला, देखें कौन सा जिला किस नंबर पर

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उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्राओं को सरकारी स्तर पर कॉलेजों और नए पाठ्यक्रमों को जोड़ने के लिए हर तरह के प्रयास किये जा रहे हैं। सरकारी डिग्री कॉलेजों में रोजगारपरक शिक्षा को शुरू कर छात्रों को नए अवसर दिए जा रहे हैं।

इसबीच उत्तराखंड में उच्च शिक्षा को लेकर सामाजिक प्रगति सूचकांक (SPI) ने एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में उच्च शिक्षा हासिल करने के मामले में देहरादून जिले के युवा सबसे आगे हैं। दून के 73.36 फीसदी युवा 12वीं पास करने के बाद उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए डिग्री कॉलेज जा रहे हैं। सिर्फ लगभग 27 फीसदी युवा ही 12वीं के बाद उच्च शिक्षा से दूरी बना रहे हैं।

दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल ने बताया कि देहरादून में उच्च शिक्षा पाने के बेहतर अवसर हैं। 10वीं और 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए दून के हायर एजुकेशन सेंटर, इंस्टीट्यूट अगर युवाओं को यहीं रोक पा रहे हैं तो यह दून की सफलता है।

वहीं, उच्च शिक्षा प्राप्त करने में दूसरे नंबर पर नैनीताल जनपद है। नैनीताल में 57.30 फीसदी युवा डिग्री कॉलेज जा रहे हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत रुद्रप्रयाग जिले की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां मात्र 27.07 फीसदी युवा उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए डिग्री कॉलेज जा रहे हैं।

अक्सर यह भी देखने को मिलता है कि 12वीं के बाद कुछ युवा पुलिस, सेना या अन्य विभागों में छोटे पदों पर भर्ती होने के लिए चले जाते हैं। ऐसे में उनकी आगे की शिक्षा भी पूरी नहीं हो पाती है। वहीं कुछ युवाओं को परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के चलते 12वीं के बाद प्राइवेट नौकरी करनी पड़ती है। ऐसे में उनकी पढ़ाई भी रुक जाती है।

क्रमवार में जानें जिलों की स्थिति

जिला      उच्च शिक्षा लेने वाले युवाओं का प्रतिशत

  1. देहरादून 73.36%
  2. नैनीताल 57.30%
  3. पौड़ी गढ़वाल 56.74%
  4. हरिद्वार 53.51%
  5. अल्मोड़ा 48.21%
  6. चंपावत 43.20%
  7. ऊधमसिंह नगर 42.33%
  8. उत्तरकाशी 38.48%
  9. पिथौरागढ़     36.79%
  10. चमोली 35.28%
  11. बागेश्वर 30.82%
  12. टिहरी गढ़वाल 29.85%
  13. रुद्रप्रयाग 27.07%

उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा संस्कृत व्याख्यानमाला का आयोजन

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Sanskrit lectures in the entire

अल्मोड़ा: उत्तराखंड संस्कृत अकादमी हरिद्वार के द्वारा ई-माध्यम से संपूर्ण प्रदेश में संस्कृत व्याख्यानमाला का आयोजन किया जा रहा है जिसके अंतर्गत 1 मार्च 2023 को अल्मोड़ा जनपद के द्वारा व्याख्यान सत्र का आयोजन किया गया। संस्कारों की विशेषता एवं वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिकता के अंतर्गत पंच महायज्ञ देव यज्ञ, पितृ यज्ञ, मनुष्य यज्ञ, भूत यज्ञ, ब्रह्म यज्ञ इस विषय पर व्याख्यानसत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार से प्रोफेसर विनय कुमार विद्यालंकार अध्यक्ष के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि आज पंच महायज्ञ के माध्यम से जीवन में प्रबंधन को अपनाना है कि किस प्रकार हम अपने जीवन को एक सही मार्ग पर ले जा सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जया तिवारी ने कहा कि संस्कार का अर्थ है संस्करण, परिष्करण, विमलीकरण, शुद्धिकरण अर्थात उत्कर्ष के आधान को संस्कार कहते हैं।

उत्कर्षाधानं संस्कार: कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी उड़ीसा के वेद विभाग के सहायक आचार्य डॉ चंदन कुमार मिश्र ने कहा कि संस्कार वह है जिसके होने से कोई पदार्थ या व्यक्ति किसी कार्य के लिए योग्य हो जाता है। उन्होंने पंच महायज्ञ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रह्म यज्ञ के अंतर्गत वेद वेदांग पुराणादि आर्ष ग्रंथों का स्वाध्याय करना, पितृ यज्ञ के अंतर्गत श्राद्ध तर्पण आदि कर्मों का वर्णन किया गया है।

देव यज्ञ के अंतर्गत उन्होंने कहा कि जो हम देव पूजा यज्ञ तैयारी करते हैं जिसके अंतर्गत आदित्य, गणनाथ, देवी, रुद्र, केशव की पूजा इत्यादि का वर्णन किया गया है।

भूत यज्ञ के अंतर्गत उन्होंने बलिवैश्वदेव यज्ञ है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार संध्या ना करने से जैसे पाप लगता है ठीक उसी प्रकार पंच महायज्ञ का पालन नहीं करने से प्रत्यवाय अर्थात पाप लगता है। इसलिए हमें नित्य पंच महायज्ञ का पालन करना चाहिए। उनके अनुसार आचरण करना चाहिए। कार्यक्रम के अल्मोड़ा जनपद के संयोजक डॉ प्रकाश चंद्र जांगी ने कहा कि संस्कार वह है, संस्कार वे क्रियाएं तथा रीतियां है जो योग्यता प्रदान करती है।

अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के सह संयोजक डॉक्टर भूपेंद्र के द्वारा किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के राज्य संयोजक डॉ हरीश चंद्र गुरुरानी, डॉक्टर कमलेश धक्का, डॉ मूल चंद्र शुक्ल, डॉ चंद्रप्रकाश उप्रेती, डॉ नवीन जसोला, डॉ बबीता पांडे, डॉ नीरज कुमार जोशी, डॉ हेमचंद्र बेलवाल, डॉ हेमचंद्र जोशी, डॉ नीतू सिंह, पूजा जांगीगी, डॉ सीमा प्रिया, डॉ मंजरी जोशी, डॉ पुष्कर कांडपाल, डॉ ओम प्रकाश गुप्ता आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन जनपद संयोजक डॉ प्रकाश चंद्र जांगी असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत के द्वारा किया गया।

स्टार्टअप व्हीकल कंपनी जेमोपाइ ने लॉन्च किया आपके बजट में इलेक्ट्रिक स्कूटर, सिंगल चार्जिंग पर 100 किलोमीटर दौड़ेगा, 10 मार्च से होगी बुकिंग

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Gemopai launched electric scooter

नोएडा की इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली स्टार्टअप कंपनी जेमोपाइ ने रायडर सुपरमैक्स नाम का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर भारत में लॉन्च कर दिया है। बता दें कि ये नया स्कूटर कंपनी के मौजूदा लो स्पीड Ryder का ही अपग्रेडेड वर्जन है जिसे कंपनी ने अब कई एडवांस्ड फीचर्स के साथ उतारा है। कंपनी ने नए ई-स्कूटर को 79,999 रुपये शुरुआती एक्स शोरूम कीमत पर लॉन्च किया है जो फिलहाल इंट्रोडक्टरी है।

दिलचस्पी रखने वाले ग्राहक 10 मार्च 2023 से कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिक्रत डीलरशिप के माध्यम से 2,999 रुपये के साथ इसकी बुकिंग करा सकते हैं। नया जेमोपाई रायडर सुपरमैक्स इलेक्ट्रिक स्कूटर 6 रंगों – जैजी निऑन, इलेक्ट्रिक ब्लू, ब्लेजिंग रेड, स्पार्कलिंग व्हाइट, ग्रेफाइट ग्रे और फ्लोरोसेंट येल्लो में उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ बीएलडीसी हब मोटर लगी है जो 2.7 किलोवाट ताकत बनाती है।

यहां 1.8 किलोवाट एआईएस-156 मानक वाला बैटरी पैक मिला है जिसकी मदद से सिंगल चार्ज में ई-स्कूटर 100 किमी तक चलाया जा सकता है, वहीं इसकी टॉप स्पीड 60 किमी/घंटा है। जेमोपाइ कनेक्ट ऐप की मदद से राइडर को बैटरी, स्पीड अलर्ट, सर्विस रिमाइंडर और ऐसी अन्य जानकारी की रियल टाइम मॉनिटरिंग और अपडेट्स मिलते हैं। इसकी कीमत मुकाबले में पॉपुलर हो चुके बाकी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के मुकाबले काफी कम है, हालांकि इससे भी कम कीमत पर कई विकल्प भारतीय मार्केट में उपलब्ध हैं।

ऋषिकेश में योग महोत्सव की हुई शुरुआत, सैकड़ों योग गुरु और साधक पहुंचे, सीएम धामी आज करेंगे शुभारंभ

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Yoga Festival begins in Rishikesh

उत्तराखंड की धार्मिक और तीर्थ नगरी ऋषिकेश में आज से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की शुरुआत हुई। 1 मार्च से 7 मार्च तक आयोजित होने वाला योग महोत्सव के लिए देश-विदेश से सैकड़ों योग गुरु और योग साधक पहुंचे हैं। ऋषिकेश में हर साल अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन होता है। महोत्सव में योगाचार्य योग की बारीकियों को सिखाएंगे। साथ ही मन की शांति और स्वस्थ शरीर के लिए भी टिप्स दिए जाते हैं।

बुधवार शाम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज समेत कई अन्य अतिथियों की उपस्थिति में महोत्सव की शुरुआत होगी। महोत्सव में योगाचार्य पद्मश्री शिवानंद, पद्मश्री भारत भूूषण व पद्मश्री रजनीकांत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा ईशा फाउंडेशन, आर्ट ऑफ लिविंग, रमामणि अयंगर स्मृति योग संस्थान, कैवल्यधाम, कृष्णमाचार्य योग मंदिरम और शिवानंद योगा स्कूल के प्रशिक्षकों की मौजूदगी में साधक योग की बारीकियों को सीख सकेंगे। महोत्सव में अलग-अलग विषयों पर परिचर्चा की जाएगी।

सात दिन की दिनचर्या योग साधकों के लिए तय होगी। साधकों को अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षिण दिया जाएगा। हर रोज सुबह योग सत्र आयोजित होंगे। साथ ही ड्रोन शो का भी आयोजन होगा। अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में अलग-अलग विषयों पर चर्चा की जाएगी जिसमें डॉ. अनिल थपलियाल, डॉ. नवदीप जोशी, डॉ. प्रिया आहूजा, डॉ. रोहित सब्बरवाल, प्रो. वीके अग्निहोत्री, प्रो. सुनील जोशी, डॉ. उर्मिला पांडे के साथ अन्य विशेषज्ञ अपने विचार व्यक्त करेंगे। इसके अलावा उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील जोशी द्वारा महोत्सव में नाड़ी परीक्षण एवं मर्म चिकित्सा शिविर का आयोजन भी होगा।