पौडी गढ़वाल : पौडी में विश्व पर्यावरण दिवस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा एक “पौध कोरोना वॉरियर्स” के नाम से पौधे लगाए गए. जिसमे उन सभी कोरोना वारियर्स के नाम का एक एक पौधा लगाया गया जो इस वैश्विक महामारी में लोगो की रक्षा कर रहे है. और हमे सुरक्षित कर रहे हैं. पौधरोपण में अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य राजपाल बिष्ट, ओबीसी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष शिवचरण भंडारी, जिलाउपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आशीष नेगी, मोहित सिंह, अंकित सुंदरियाल मौजूद रहे.
विश्व पर्यावरण दिवस पर जीआईसी पुरियाडांग में वृक्षारोपण कार्यक्रम
सतपुली : विश्व पर्यावरण दिवस अवसर पर आज 5 जून को पौड़ी गढ़वाल के कल्जीखाल ब्लॉक के अन्तरगत राजकीय इंटर कॉलेज पुरियाडांग में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में औषधीय पौधों को रोपित किया गया। कार्यक्रम में भारत स्काउट एवं गाइड जनपद पौड़ी शाखा कल्जीखाल के स्काउट एवं गाइडस ने सरकार द्वारा जारी कोविड-19 गाइडलाइन्स के तहत सोशल डिस्टेंसिंग पालन करते हुए मास्क एवं सैनिटाइजेशन का प्रयोग करते हुए वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विजेंद्र रावत ने बताया कि पर्यावरण को परिस्थितियों के संतुलन के साथ पेड़ से ही बचाया जा सकता है। उन्होंने पेड़ों की अनेकों महत्व बारे में बताते हुए कहा कि मानव शरीर में फेफड़ों को ही हम जानते हैं कि फेफड़े ऑक्सीजन की पूर्ति करते हैं, किंतु वास्तविक रूप से हमारे फेफड़े पेड़ों पर ही टिके हैं। कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण व जलवायु परिवर्तन समस्त जीवन जगत पर खतरा है। पेड़ ही जीवन है के साथ उन्होंने पेड़ों को बचाने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन भारत स्काउट गाइड कल्जीखाल शाखा के ब्लॉक सचिव राकेश भारती ने किया। इस मौके पर राज्य पुरस्कार प्राप्त स्काउट्स अंकित रावत व उपकार रावत ने अपनी बात रखी। इस दौरान सीएल चौधरी, विनय चौधरी, ओमप्रकाश, आनंद सिंह, विजयपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
जगमोहन डांगी
गैरसैंण बनेगी ई-विधानसभा, मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ग्रीष्म कालीन राजधानी गैरसैंण को ई-विधानसभा बनाया जायेगा। पर्यावरण का संरक्षण हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति एवं जैव विविधता को बनाये रखने के लिए हमें जनभागीदारी से प्रयास करने होंगे। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियों कांफ्रेंसिंग के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और मानव के बीच कैसे संतुलन बना रहे, इस दिशा में अनुसंधान की आवश्यकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य की पर्यावरण रिपोर्ट की बुक का विमोचन भी किया।
गैरसैंण को ई-विधानसभा बनाया जायेगा
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ग्रीष्म कालीन राजधानी गैरसैंण को ई-विधानसभा बनाया जायेगा। उत्तराखण्ड सरकार ने ई-कैबिनेट की शुरूआत की है। हमने अपने आॅफिसों को ई-आॅफिस बनाने का निर्णय लिया। अभी 17 कार्यालय, ई-आॅफिस हो गये हैं। प्रयास है कि राज्य के ब्लाॅक स्तर तक जितने भी कार्यालय हैं, इनको ई-आॅफिस बनाया जाय।
हरेला पर्व पर फिजीकल डिस्टेंस रखते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हरेला पर्व पर फिजीकल डिस्टेंस का पालन करते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जायेगा। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि हरेला पर्व पर वृक्षारोपण के लिए जन सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जाय। किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए जन सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी अपने जनपदों में नदियों, नौलों, एवं जल के स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में कार्य करें। राज्य सरकार ने मिशन रिस्पना टू ऋषिपर्णा एवं कोसी के पुनर्जीवन का लक्ष्य रखा है। रिस्पना नदी के लिए आईआईटी रूड़की ने प्रोजक्ट रिपोर्ट तैयार की है। इस अभियान के तहत मिशन मोड में कार्य किया जायेगा।
भारत में जैव विविधता को बनाये रखने में उत्तराखण्ड का अहम योगदान
वन एवं पर्यावरण मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने कहा कि भारत में जैव विविधता को बनाये रखने में उत्तराखण्ड का महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तराखण्ड में देश की 28 प्रतिशत जैव विविधता पायी जाती है। यहां की जैव विविधता का प्रभाव भारत ही नहीं अपितू सम्पूर्ण विश्व पर पड़ता है। प्रकृति हमें सब कुछ देती है। मानव को प्रकृति के साथ पूरा संतुलन बनाकर आगे बढ़ना होगा। पर्यावरण संतुलन के लिए लोगों में सजगता होना बहुत जरूरी है। हम छोटे-छोटे प्रयासों से भी इस दिशा में अपना योगदान दे सकते हैं। हम भावी पीढ़ी को कैसा पर्यावरण देना चाहते हैं, यह हम पर निर्भर है।
बैठक में जानकारी दी गई कि झाझरा, देहरादून में ‘आनंद वन’ के नाम से सिटी फाॅरेस्ट विकसित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रत्येक जनपद के लिए जनपद स्तरीय प्रदूषण नियंत्रण मैनेजमेंट प्लान बनाया जा रहा है। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम जैव विविधता है।
बैठक में मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, प्रमुख सचिव वन आनन्द वर्द्धन, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस.नेगी, प्रमुख वन संरक्षक जयराज, निदेशक उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एस.पी. सुबुद्धि आदि उपस्थित थे।
दिल्ली से रुद्रप्रयाग लौटे 14 लोग निकले कोरोना पॉजिटिव, आज प्रदेश में मिले 46 नए केस, 1199 पहुंची मरीजों की संख्या
Coronavirus Update uttarakhand : उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों ने रफ्तार पकड़ ली है. आज शुक्रवार को फिर प्रदेश में कोरोना वायरस के 46 नए मामले सामने आये हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोपहर 02 बजे जारी हेल्थ बुलेटिन में 46 नए लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है. आज मिले कुल 46 कोरोना संक्रमितों में से सबसे ज्यादा 15 लोग अकेले देहरादून जिले से हैं. जबकि 14 कोरोना संक्रमित लोग रुद्रप्रयाग जनपद से हैं, इसके अलावा 06 लोग टिहरी गढ़वाल, 05 लोग अल्मोड़ा से, 02 चमोली से, 02 चम्पावत से 01 हरिद्वार से तथा 01 कोरोना पॉजिटिव पौड़ी से है. जिसके बाद अब प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों को आंकड़ा बढ़कर 1199 पहुँच गया है. इसके अलावा 309 लोग ठीक होकर घर भी लौटे हैं. जबकि 11 लोगों की मौत हो चुकी है.
रुद्रप्रयाग जनपद में आज मिले 14 कोरोना पॉजिटिव मरीज दिल्ली से वहाँ गए हैं
उत्तराखंड में अब तक कोरोना covid-19 के जिलेवार मामले
| जनपद | कोरोना के मरीज |
| नैनीताल | 310 |
| देहरादून | 339 |
| टिहरी | 107 |
| उधमसिंह नगर | 84 |
| हरिद्वार | 87 |
| पौड़ी | 43 |
| अल्मोड़ा | 69 |
| पिथौरागढ़ | 28 |
| चमोली | 27 |
| उत्तरकाशी | 22 |
| बागेश्वर | 23 |
| चंपावत | 38 |
| रुद्रप्रयाग | 22 |
| कुल | 1199 |

दिल्ली मेट्रो के 20 कर्मचारी मिले पॉजिटिव, 25 हजार के पार पहुँचा दिल्ली में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा, बीते 3 दिनों 5 हजार नए मामले
coronavirus case in delhi : कोरोना वायरस ने दिल्ली मेट्रो में भी दस्तक दे दी है। एक तरफ जहां दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) दिल्ली में मेट्रो को चलाने के लिए सरकार के आदेश का इंतजार कर रही है, वहीँ दूसरी तरफ एक बुरी खबर आई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने ट्विटर पर बयान जारी कर बताया कि उसके करीब 20 स्टाफ में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। हालाँकि किसी में भी कोरोना वायरस (Coronavirus) के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं। सारे के सारे एसिम्प्टोमेटिक हैं। डीएमआरसी ने कोरोना वायरस की वजह से मार्च के आखिर से ही दिल्ली मेट्रो का संचालन बंद कर रखा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की तरफ से कहा गया है कि सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइंस के बाद अगली नोटिस तक आम लोगों के लिए मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी।
राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस ने पकड़ी रफ़्तार
देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण ने रफ़्तार पकड़ ली है। बीते तीन दिनों में दिल्ली में कोरोना के करीब 5 हजार नए मामले सामने आये हैं। जिसके बाद दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 25 हजार के पार पहुँच गई है। इसके अलावा दिल्ली में अबतक इस जानलेवा बीमारी से 650 लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मामले में दिल्ली देश में तीसरे नंबर पर है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आ जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के अब तक के एक दिन के सबसे ज्यादा 9,851 नए केस सामने आये हैं। जिसके बाद देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 2,26,770 हो गई है। जबकि 6,348 लोगों की बाब तक मौत हो चुकी है। वहीँ दिल्ली में अबतक 25,004 कोरोना के मामले हैं। वहीँ महाराष्ट्र में 77,793 मामलों के साथ नंबर एक पर है। जबकि तमिलनाडु में कोरोना के कुल 27,256 मामले हैं। यहाँ देखें अन्य राज्यों के आंकड़े।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के लगभग 20 स्टाफ #COVID19 से संक्रमित पाए गए हैं उन सभी में कोरोना के कोई लक्षण नहीं है: DMRC अधिकारी pic.twitter.com/JJXWMXL34d
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 5, 2020
कोरोना के बाद अब डेंगू से बचाव के लिए भी जागरूकता जरूरी
डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। आमजन की सहभागिता से डेंगू के खतरे को रोका जा सकता है। थोड़ी सी सावधानियां रखकर खुद को, अपने परिवार को और आस-पड़ोस को डेंगू से आसानी से बचाया जा सकता है। डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लें और बिना डाक्टर की सलाह के कोई दवा न लें।
डेंगू से बचाव के उपाय
डेंगू से बचाव के लिए सबसे सरल उपाय डेंगू फैलाने वाले मच्छरों को पनपने से रोकना है। घर और आसपास पानी एकत्र न होने दिया जाए। अगर आसपास एकत्र पानी को हटाना सम्भव न हो तो उसमें मिट्टी का तेल छिड़क दें। पानी की टंकी, जल भंडारण की वस्तुओं को ढ़क कर रखें। सभी गुलदस्तों, पानी के बर्तनों और कूलर का सारा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य पूरी तरह से खाली कर दें। ऐसे कपड़ें पहनें जो शरीर को ज्यादा से ज्यादा ढ़क सकें। प्रयोग में न लाए जाने वाले पात्रों, कबाड़, टायर, नारियल के खोखे आदि को नष्ट कर दें। मच्छर के बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार, सर दर्द, बदन दर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, आंखों के पिछले भाग में दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते, जी मिचलाना और उलटी, डेंगू बुखार के लक्षण हैं।
डेंगू होने के बाद क्या करें
डेंगू के लक्षण होने पर घबराएं नहीं। डाक्टरी सलाह लेते हुए दवा लें। अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए और पौष्टिक आहार लेना चाहिए। इसके साथ ही ज्यादा से ज्यादा से आराम करें। अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नम्बर 104 पर सम्पर्क करें। डेंगू से बचाव के लिए जांच व उपचार की सुविधाएं सभी सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध हैं।
कोरोना वायरस से बचाव में न बरतें लापरवाही, घबराने की जरूरत नहीं
ग्रेटर नोएडा : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लंबे समय तक लागू किए गए लॉकडाउन से अस्त व्यस्त हो चुके जन जीवन को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। बीते एक जून से अधिकांश गतिविधियां फिर से प्रारंभ कर दी गई है, लेकिन हर रोज मिल रहे नये केस के बीच जन जीवन को सामान्य करना एक बड़ी चुनौती है। जिला प्रशासन द्वारा इस निपटने के लिए की जा रही तैयारियों के बीच जिलाधिकारी सुहास एल.वाई. ने जनपद वासियों के नाम पत्र लिख अपील की है कि कोरोना वायरस से न घबराएं और न ही बचाव के बारे में बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति लापरवाह रहें। कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक के कंधों पर है। जनपदवासियों के नाम लिखे गए मार्मिक पत्र में जिलाधिकारी ने कहा कि हमें यह कोशिश करने की आवश्यकता है कि कोरोना वायरस के प्रभाव को समुदाय में कैसे कम से कम रखें। हम जितना अधिक परीक्षण करेंगे,उतने अधिक मामलों की पहचान हो पाएगी। जितनी जल्दी इस बीमारी का पता लगाते हैं, उतने बेहतर तरीके से ठीक कर सकते हैं। इस रणनीति का परिणाम रहा है कि जिले में मृत्यु दर 1.5 प्रतिशत रही है। 15 दिन पहले भर्ती हुए ज्यादातर लोग स्वस्थ होकर अपने घर चले गए हैं। चुनौतियों से निपटने के लिए हमें सबसे पहले यह सावधानी बरतनी है कि ऐसे क्षेत्र जहां बहुत अधिक संख्या में कोरोना केस पाए गए हैं,उन क्षेत्र से आवागमन को रोकना है। बुजुर्ग और अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों का कोरोना से ग्रसित व्यक्तियों के प्रभाव से बचाना। जिलाधिकारी ने पत्र के माध्यम से लोगों को आस्त किया है कि कोरोना वायरस की रोकथाम करने की तथा उसके प्रभाव से निपटने की कोशिश कर रहे हैं। पर्याप्त संख्या में आइसोलेशन बेड तैयार किए जा रहे हैं,ताकि आवश्यकतानुसार जरूरतें पूरी हो सकें। जिलाधिकारी का कहना है कि जिले में इलाज की बेहतर से बेहतर सुविधाएं हैं। कोरोना वायरस से लड़ाई में स्व अनुशासन से ही जीत मिलेगी। कोरोना वासरस से बचाव के लिए बताए गए तौर तरीकों का पालन करना होगा।
सीएल मौर्य
विश्व पर्यावरण दिवस 2020 : जानिए इस बार की थीम क्या है और कोरोना संकट में कैसे मनाया जा रहा है World Environment Day
World Environment Day 2020 : दुनियाभर में पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाना के उद्देश्य से हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत 5 जून 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम से हुई थी। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पहली बार आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस में दुनियाभर के 119 देशों ने इसमें हिस्सा लिया था। तभी से हर वर्ष 5 जून को इस दिन को मनाने का सिलसिला जारी है। हर वर्ष World Environment Day की थीम तय की जाती है और पूरी दुनिया में उसी आधार पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस बार World Environment Day 2020 की थीम है ‘Time for Nature’ (‘प्रकृति के लिए समय’)। यानी अब प्रकृति के लिए समय निकालने का समय गया है। जिस तरह आज मानव निर्मित संसाधनों ने प्रदूषण फैलाकर प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर मानव सहित धरती पर रहने वाले सभी जीव जंतुओं के जीवन को खतरे में डाल दिया है।अगर जल्दी ही इसके बारे में नहीं सोचा गया तो आने वाले समय में स्थिति भयावह हो जाएगी।
कोरोना महामारी के चलते बीते ढाई महीनों से देश में किये गए लॅाकडाउन का पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। कारखानों के बंद रहने तथा सड़कों पर वाहनों के न दौड़ने से हमारे आसपास के वातावरण बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस दौरान दिल्ली/एनसीआर जैसे महानगरों में लोगों को पहली बार पहाड़ों की तरह नीला आसमान देखने को मिला।
इस साल कोरोना महामारी के चलते भारत सहित दुनियाभर के कई देशों में लॉकडाउन चल रहा है। जिसकी वजह से विश्व पर्यावरण दिवस 2020 को उस अंदाज में नहीं मनाया जा रहा है, जैसे हर साल मनाया जा रहा है। इस साल लोग घरों में रहकर ही अपने आसपास यानी घर के बाहर, टैरेस गार्डन, किचन गार्डन आदि जगहों पर पौधे लगाकर विश्व पर्यावरण दिवस मना रहे हैं। इसके अलावा प्लास्टिक या पौलिथिन का इस्तेमाल न करने का संकल्प लेकर भी कोरोना संकट में पर्यावरण के प्रति सजग हो रहे हैं। साथी अपने बच्चों को प्रकृति, पर्यावरण, पानी व पेड़-पौधों का महत्व समझा रहे है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विश्व पर्यावरण दिवस (05 जून) के अवसर पर प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण में उत्तराखण्डवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश सरकार समृद्ध जैव संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। उत्तराखण्ड अपनी वन सम्पदा और नदियों के कारण पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का ध्वज वाहक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ ही जनता, जन प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन चेतना जागृत करने और इसके संवर्द्धन में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के साथ ही नदी और जल स्रोतों की साफ-सफाई के लिए भी पूरा प्रयास जरूरी है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यावरण की सुरक्षा आम आदमी के जीवन से जुडा विषय है, अतः यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
ग्रेटर नोएडा के डेल्टा सेक्टर में भी कोरोना की दस्तक, जिले में आज मिले 22 नए कोरोना पॉजिटिव, 543 पहुंचा कुल आंकड़ा
ग्रेटर नोएडा : गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना संक्रमण के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। गुरुवार को नोएडा/ग्रेटर नोएडा सहित जिले में कोरोना वायरस के 22 नए मामले सामने आये। जिसके बाद गौतमबुद्ध नगर जनपद में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 543 तक पहुंच चुकी है। हालाँकि अब तक 348 लोग इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। जबकि 8 लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरुवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान नोएडा, ग्रेटर नोएडा सहित जनपद में 22 नए लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। जिसके बाद अब जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 543 हो गई है।
ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है। आज मिले 22 कोरोना संक्रमितों में से डेल्टा-1 में एक 46 वर्षीय व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके अलावा बीटा-1 सेक्टर में एक 36 साल के युवक तथा ओमिक्रोन सेक्टर में एक 24 वर्षीय युवक में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके अलावा ज्यादातर मामले नोएडा के हैं.

उत्तराखंड के कोरोना संक्रमित की मृत्यु पर आश्रित को 1 लाख रूपये की सहायता राशि : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के कोरोना संक्रमित की मृत्यु पर आश्रित को 1 लाख रूपये की सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कन्टेनमेंट जोन में गाइडलाइन का कङाई से साथ पालन करवाया जानेे के निर्देश दिये। कन्टेनमेंट जोन के बाहर भी फिज़िकल डिस्टेंसिंग, मास्क की अनिवार्यता के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। जो लोग इनका पालन न करें, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके लिए फील्ड सर्विलांस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
होम क्वारेंटाईन का आकस्मिक निरीक्षण
वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारेंटाईन सेंटरो में आवश्यक सुविधाओ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। होम क्वारेंटाईन का मानकों के अनुरूप पालन हो रहा है या नहीं, इस पर लगातार चैकिंग भी की जाए। आकस्मिक निरीक्षण किए जाएं। गांवों में क्वारेंटाईन फेसिलिटी पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए ग्राम प्रधानों को निर्देशानुसार धनराशि दी जाए। कोविड केयर सेंटर में प्रशिक्षित स्टाफ व अन्य आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था हो।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और लाजिस्टिक का गैप एनालिसिस
मुख्यमंत्री ने कहा कि डाटा फीड को पूरी गम्भीरता से लिया जाए। सभी जिलाधिकारी आने वाले समय की आवश्यकताओं का आंकलन करते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर और लाजिस्टिक का गैप एनालिसिस करें। इस गैप के अनुसार सुविधाएं और उपकरण जुटाना सुनिश्चित करें।
लोगों को साथ लेकर लङनी है कोरोना से लङाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से लङाई में जन सहयोग बहुत जरूरी है। हमें लोगों को साथ लेकर ये लङाई लङनी है। सख्ती और जागरूकता हमारे दो प्रमुख अस्त्र हैं।
शनिवार व रविवार दो दिन देहरादून में पूर्ण बंद कर सेनेटाइजेशन करवाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार व रविवार दो दिन देहरादून में पूर्ण बंद कर सेनेटाइजेशन करवाया जाएगा। कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए देहरादून की निरंजनपुर सब्जी मण्डी को बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जाए। फ्रंटलाईन वारियर्स की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। राशन की कालाबाजारी की शिकायत नहीं आनी चाहिए। इसमें लिप्त लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचना चाहिए।
त्वरित रोजगार और आजीविका के लिए कृषि व संबंधित क्षेत्रों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें त्वरित रोजगार और आजीविका सृजन के लिए खेती, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य को प्राथमिकता देनी होगी। हाल ही में किसानों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, इनका लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। स्थानीय मांग का अध्ययन कर लिया जाए और उनकी आपूर्ति स्थानीय संसाधनों से ही पूरा कराए जाने की कोशिश की जाए। स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों को किस प्रकार रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है, इस पर फोकस किया जाए। यह हर जिलाधिकारी का लक्ष्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से युवाओं को लाभान्वित कराएं। किसानों के लिए क्वालिटी इनपुट और मार्केट उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
टेस्टिंग को और बढ़ाया जाए
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने टेस्टिंग को बढाने और कान्टेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा। किसी भी तरह की आवश्यकता होने पर शासन को तत्काल अवगत कराया जाए।
कोविड-19 के लिए 686 करोड़ रूपए उपलब्ध कराए जा चुके
सचिव अमित नेगी ने कहा कि कोविड-19 के लिए कुल 686 करोड़ रूपए का बजट उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें एनएचएम को 160 करोङ रूपए, चिकित्सा शिक्षा को 150 करोड़, एसडीआरएफ से स्वास्थ्य को 16 करोड़ रूपए, जिला प्लान में 150 करोड़ रूपए, डीएम फंड में 70 करोड़ रूपए, सीएम राहत कोष से 50 करोड़ रूपए और एसडीआरएफ से जिलाधिकारियों को 90 करोङ रूपए उपलब्ध कराए गए हैं। बजट की कोई कमी नहीं है।
फसलों का क्लस्टर चिह्नीकरण
सचिव कृषि आर मीनाक्षी सुंदरम ने जिलाधिकारियों को फसलों का क्लस्टर चिह्नीकरण जल्द करने के निर्देश दिये। कृषि और सम्बंधित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना, राज्य बागवानी मिशन आदि योजनाओं का उपयोग किया जा सकता है।
सभी जिलाधिकारियों ने कोविड-19 के लिए जिलों में की गई व्यवस्थाओं के बारे मे जानकारी दी। वीडियो कांफ्रेंसिग में डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डे सहित शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी उपस्थित थे।












