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संस्कृत शोध छात्र प्रतिभा सम्मान : उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा शोध छात्रा श्वेता कुमारी को किया गया सम्मानित

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उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं संस्कृत के ग्रन्थों के संरक्षण के लिए संस्कृत शोध छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत अल्मोड़ा में संस्कृत विभाग की शोध छात्रा श्वेता कुमारी को संस्कृत शोध छात्र प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया है.

इसके तहत शोध छात्रा श्वेता कुमारी को उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से ₹30,000/- का डिमांड ड्राफ्ट सहित प्रतिभा सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. छात्रा श्वेता संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ प्रकाश चंद्र जांगी के मार्गदर्शन में चम्पावत निवासी डॉ कीर्ति वल्लभ शक्टा विरचित कथाकैरवम्, रंगवीथी, सप्तवीथीचक्रम, ग्रंथों का समीक्षात्मक अध्ययन कर रही है।

राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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अल्मोड़ा: राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत, अल्मोड़ा में एनएपीएस राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खूंट  अल्मोड़ा के अनुदेशक चंद्रेश कांडपाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत कामगारों को प्रशिक्षण हेतु प्रोत्साहन देने के लिए शुरू किया गया है। प्रशिक्षुता प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद व्यक्ति आसानी से औद्योगिक क्षेत्र के अनुकूल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यह भारत की एक महत्वपूर्ण योजना है जो भारत में प्रशिक्षुता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य भारत को दुनिया की कौशल राजधानी के रूप में विकसित करना है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण के पश्चात कुशल कारीगर का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा और इसके मूल उद्देश्य में देश में व्याप्त बेरोजगारी को कम करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत छात्र-छात्राओं को अपना पंजीकरण कराना है। उन्होंने प्रयोगात्मक तरीके से छात्र-छात्राओं का पंजीकरण एनएपीएस राष्ट्रीय प्रशिक्षुता संवर्धन पोर्टल पर कराया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ लल्लन प्रसाद ने कहा कि सभी बच्चों को इस योजना में बढ़-चढ़कर भाग लेना है प्रतिभाग करना है और एक कुशल कारीगर बनकर देश सेवा के लिए निकलना है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ प्रकाश चंद्र जांगी ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत नियोक्ता प्रशिक्षुओं को उद्योग में काम करने के लिए प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे ताकि जो बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं उन्हें पुनः आईटीआई में प्रवेश देकर तथा वहां से उत्तीर्ण होकर बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हो सके। इसलिए ही इस योजना को केंद्र सरकार के द्वारा लागू किया गया है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ प्रकाश चंद्र जांगी डॉक्टर दीपिका आर्या डॉ ईशान गैरोला सौरभ कुमार राजेंद्र सिंह भोज सहित समस्त महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

Ram Navami 2023 : देशभर में कल धूमधाम के साथ मनाई जाएगी रामनवमी, इस बार बन रहे हैं ये 5 दुर्लभ संयोग

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Ram Navami 2023

Ram Navami 2023 : अष्टमी पर्व पर आज मां महागौरी की पूजा अर्चना की गई। कल गुरुवार को देशभर में रामनवमी का त्योहार मनाया जाएगा। रामनवमी हिंदू धर्म के लोगों का एक महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। यह दिन चैत्र के महीने में नौवें दिन मनाया जाता है, जो हिंदू चंद्र कैलेंडर में पहला महीना है।‌ इसी के साथ नवरात्रि पर्व भी समापन हो जाएगा। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान राम का जन्मोत्सव और चैत्र नवरात्रि की महानवमी एक ही दिन होती है। इस दिन नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा के बाद चैत्र नवरात्रि का समापन होता है।

सनातन धर्म के लोगों के लिए रामनवमी का उत्सव बहुत खास होता है। जिसे सभी लोग बेहद भक्ति भाव और आनंद के साथ मनाते हैं। इस दिन कई लोग व्रत उपवास करते हैं और भगवान राम के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं। इस दिन कन्या पूजन भी किया जाता है। लोग अपने घर में कन्याओं को बुलाकर उन्हें हलवा, पूरी, खीर और फल मिठाइयां आदि अर्पित करते हैं। दरअसल इस दिन नौ कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर पूजा जाता है। राम नवमी के दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा होती है।  अष्टमी पर भी भी कन्याओं का पूजन किया जाता है।

‌धार्मिक मान्यता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने कर्क लग्न में दोपहर 12 बजे जन्म लिया था। इस बार राम नवमी का त्योहार साधकों के लिए बहुत शुभ है। इस दिन केदार योग, बुधादित्य योग, गुरु आदित्य और गुरु पुष्य नक्षत्र जैसे 5 अति शुभ संयोग बन रहे हैं। जिससे श्रीराम, हनुमान जी और माता सिद्धिदात्री की पूजा का फल प्राप्त होगा। पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि बुधवार  रात 9 बजकर 7 मिनट पर आरंभ हो रही है। नवमी तिथि की समाप्ति 30 मार्च 2023 को रात 11 बजकर 30 मिनट पर होगी।

श्रीराम की पूजा के लिए सुबह 11 बजकर 17 मिनट से दोपहर 1 बजकर 40 मिनट का मुहूर्त शुभ रहेगा। चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा कर कन्या पूजन किया जाता है और फिर हवन के बाद व्रत का पारण करते हैं। मान्यता है कि जो नवरात्रि के 9 दिन व्रत-पूजन न कर पाए हो वह नवमी तिथि पर विधि विधान से देवी की उपासना कर लें तो उन्हें नौ दिन की पूजा का फल प्राप्त होता है, इसलिए इसे महानवमी कहा जाता है।

वहीं दूसरी ओर कल रामनवमी के उपलक्ष पर सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। कई राज्यों में बैंकों में अवकाश भी घोषित किया गया है। ‌आरबीआई ने इस दिन सभी निजी व सरकारी बैंकों को बंद रखने का आदेश दिया है। दिल्ली, मुबंई, भोपाल, अहमदाबाद, देहरादून, जयपुर, हैदराबाद, कानपुर, लखनऊ, नागपुर, पटना, रांची समेत कई बड़े शहरों में कल बैंक बंद रहेंगे। वहीं, दूसरी ओर पणजी, रायपुर, शिलांग, श्रीगनर और तिरुवनंतपुरम में कल बैंक खुले रहेंगे और वहां काम भी होता रहेगा।

यह इस वित्त वर्ष का आखिरी फेस्विल बैंक हॉलीडे होगा। 2 दिन बाद एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो जाएगा। अप्रैल में साप्ताहिक अवकाशों समेत कुल 15 बैंक हॉलीडे होंगे। इसमें अलग-अलग राज्यों के बैंक हॉलीडे शामिल हैं। अप्रैल की पहली तारीख को नया वित्त वर्ष शुरू होने के उपलक्ष्य में सभी बैंक बंद रहेंगे।

जी-20 मुख्य विज्ञान सलाहकार गोलमेज सम्मेलन की पहली बैठक रामनगर, उत्तराखंड में आयोजित हुई

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G-20 Chief Science Advisor Round Table Conference

जी-20 मुख्य विज्ञान सलाहकार गोलमेज सम्मेलन (जी-20 सीएसएआर) की पहली बैठक रामनगर, उत्तराखंड में आयोजित की गयी, जिसमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े पारस्परिक हित के वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। जी-20 सीएसएआर, भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत एक एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका नेतृत्व भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय कर रहा है।

एक दिवसीय गोलमेज बैठक में निम्न विषयों पर चर्चा हुई- बेहतर रोग नियंत्रण और महामारी की बेहतर तैयारी के लिए ‘वन हेल्थ’ में अवसर; विशिष्ट वैज्ञानिक ज्ञान तक पहुंच का विस्तार करने के लिए वैश्विक प्रयासों का समन्वय; विज्ञान और प्रौद्योगिकी (एस एंड टी) में विविधता, समानता, समावेश और पहुंच की सुविधा तथा समावेशी, सतत और कार्य-उन्मुख वैश्विक विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति संवाद के लिए एक संस्थागत व्यवस्था।

“बेहतर रोग नियंत्रण और महामारी की बेहतर तैयारी के लिए ‘वन हेल्थ’ में अवसर” विषय के तहत, महामारी को ध्यान में रखते हुए सशक्त, अनुकूल और समय पर कार्रवाई के लिए महामारी से जुड़ी तैयारी की योजना; मनुष्यों, पशुधन और वन्य जीवन के लिए एकीकृत रोग निगरानी तंत्र, वन हेल्थ के रोगों के लिए अनुसंधान एवं विकास का रोडमैप तथा विश्लेषण में निवेश (जैसे रोग मॉडलिंग, एआई/एमएल उपकरण) और डेटा मानक आदि पर चर्चा हुई।

“विशिष्ट वैज्ञानिक ज्ञान तक पहुंच का विस्तार करने के वैश्विक प्रयासों का समन्वय” विषय के तहत, निःशुल्क, तत्काल और सार्वभौमिक पहुंच सुविधा; पत्रिकाओं को ग्राहक शुल्क और उनके द्वारा लगाए जाने वाले निबंध प्रसंस्करण शुल्क को कम करना; अंतर्राष्ट्रीय ज्ञान-भण्डार/अभिलेखागार के साथ राष्ट्रीय ज्ञान-भण्डार के लिए परस्पर संचालित लिंक की स्थापना और सार्वजनिक वित्त पोषित वैज्ञानिक अनुसंधान के ज्ञान आउटपुट को व्यापक रूप से उपलब्ध कराने के लिए खुली पहुंच (ओपन एक्सेस) का कार्यादेश आदि पर चर्चा की गयी।

बैठक का तीसरा विषय था- विज्ञान और प्रौद्योगिकी (एस एंड टी) में विविधता, समानता, समावेश और पहुंच की सुविधा। भाग लेने वाले देशों ने बड़े वैज्ञानिक उद्यम तक कम-प्रतिनिधित्व प्राप्त, कम-विशेषाधिकार प्राप्त, वंचित, अल्पसंख्यक समुदायों के साथ-साथ जनजातीय/मूल समुदायों की पहुंच को सुविधाजनक बनाने के अपने प्रयासों को साझा किया। सत्र में, वैज्ञानिक सत्यापन प्रक्रिया के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान प्रणाली (टीकेएस) को ज्ञान की औपचारिक प्रणाली में शामिल करना और भाषा विविधता की क्षमता की पहचान करना एवं वैज्ञानिक ज्ञान तक पहुंच में आने वाली बाधाओं को दूर करना आदि पर भी चर्चा की गई। चौथे सत्र में समावेशी, सतत और कार्य-उन्मुख वैश्विक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति संवाद के लिए एक संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

इस बात पर सहमति बनी कि वैज्ञानिक सलाहकार, साक्ष्य-संचालित विज्ञान सलाह प्रदान करके नीतिगत विकल्पों को स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सहयोग तथा संवाद की भावना के साथ, यह मुख्य विज्ञान सलाहकारों की जिम्मेदारी है कि वे अंतर्राष्ट्रीय संवाद में सहयोग करें और इसमें शामिल हों, ताकि सम्पूर्ण वैज्ञानिक उद्यम को प्रभावित करने वाले वैश्विक मुद्दों का समाधान किया जा सके एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी सभी को लाभ प्रदान कर सके।

आज चर्चा किए गए विषयों पर विचार-विमर्श, अगस्त 2023 तक जारी रहेंगे, जब अगली बैठक निर्धारित की जाएगी। अगली बैठक में एक विज्ञान नीति विज्ञप्ति भी जारी की जाएगी।

इस बैठक के बाद भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) प्रोफेसर अजय सूद; प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) कार्यालय में वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी और जी-20 सचिवालय में अवर सचिव श्री नमन उपाध्याय ने स्थानीय मीडिया के साथ बातचीत की।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने किया तारीखों का एलान, एक चरण में होगा मतदान

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Karnataka assembly elections

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने आज तारीख को का एलान कर दिया है। राजधानी दिल्ली में दोपहर करीब 11:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने राज्य विधानसभा चुनाव कराए जाने के बारे में जानकारी दी। ‌उन्होंने बताया कि कर्नाटक में 5.21 करोड़ मतदाता हैं, जो 224 विधानसभा सीटों पर मतदान करेंगे। केंद्रीय चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 10 मई को होंगे। नतीजे 13 मई को आएंगे।

चुनाव आयोग ने कहा कि वोटिंग एक चरण में कराई जाएगी। बता दें कि कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। 224 सदस्यीय सदन में कांग्रेस के पास 68 विधायक हैं। हालांकि, 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 80 सीट, जेडीएस को 37 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, भाजपा ने 104 सीटों पर जीत हासिल की थी। किसी भी दल को बहुमत नहीं मिल पाया था। 24 मई को कर्नाटक विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। 224 विधानसभा सीटों वाला कर्नाटक 6 अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ है। बेंगलुरु, सेंट्रल, तटीय, हैदराबाद-कर्नाटक, मुंबई-कर्नाटक और दक्षिणी कर्नाटक।

मुंबई-कर्नाटक और दक्षिण कर्नाटक सबसे बड़े हिस्से हैं। मुंबई-कर्नाटक (50) और दक्षिण कर्नाटक (51) में 101 सीटें हैं। कर्नाटक में 24 मई को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटें हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 104 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं, कांग्रेस ने 80 और जदयू ने 37 सीटें जीती थीं। हालांकि, किसी दल को बहुमत नहीं मिला था। कर्नाटक में पिछले 5 साल सियासी तौर पर काफी उथल पुथल रही। 5 साल में तीन बार राज्य में सीएम बदले। सबसे पहले कुमार स्वामी ने 23 मई 2018 को सीएम पद की शपथ ली। वे 23 जुलाई 2019 तक सीएम रहे। करीब 14 महीने बाद कई कांग्रेसी विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था और बीजेपी के साथ आ गए थे। इससे कुमारस्वामी सरकार गिर गई थी। इसके बाद बीजेपी ने बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में सरकार बनाई थी।

हालांकि, दो साल बाद येदियुरप्पा ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद बसवराज बोम्मई राज्य के सीएम बने। हाल ही में कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 124 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। इसमें विपक्ष के नेता सिद्धारमैया को वरुणा विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है। साथ ही कांग्रेस ने अधिकांश पुराने चेहरों को इस लिस्ट में बरकरार रखा है। हालांकि, सिद्धारमैया एक अन्य विधानसभा से भी टिकट की उम्मीद कर रहे हैं, जिसकी घोषणा दूसरी सूची में होने की संभावना है।

स्व. डॉ. सुनील बलूनी लोकेश स्मृति में आयोजित वीडियो ग्राफी एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत

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श्रीनगर गढ़वाल: फूलदेई (फूल संग्राद) पर्व के तत्वाधान में पूरे माह चलने वाले इस आयोजन में स्वर्गीय डॉक्टर सुनील बरौनी लोकेश स्मृति में आयोजित वीडियो ग्राफी एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आज  फूलदेई संचालन समिति श्रीनगर गढ़वाल द्वारा  वितरण किया गया।

जिसमें  शोभायात्रा के दिन ली गई फोटो एवं वीडियोग्राफी को निर्णायक मंडल द्वारा अपना निर्णय देकर प्रतिभागियों को प्रथम द्वितीय तृतीय निकाला गया। इस अवसर पर स्वर्गीय लोकेश बलूनी के बड़े भाई सतीश बलूनी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में एक नया प्रोत्साहन प्राप्त होगा। इस प्रकार के क्रियाकलापों को वे हमेशा से करवाते हैं और करते रहेंगे। क्योंकि उनका छोटा भाई भी एक फोटोग्राफर था तो मैं इन आयोजनों से उसको याद कर पा रहा हूं। मैं अपने को सौभाग्यशाली मानता हूं।

  •   फोटोग्राफी में प्रथम पुरस्कार नीरज रावत, द्वितीय पुरस्कार प्रशांत, तृतीय पुरस्कार रंजना बर्तवाल
  • वीडियोग्राफी में प्रथम पुरस्कार नीरज रावत ने प्राप्त किया, द्वितीय पुरस्कार मोंटी मोहन ने प्राप्त किया, तृतीय  पुरस्कार प्रशांत  ने प्राप्त किया।

इस दौरान वहां पर मौजूद मुख्य अतिथि के तौर पर लखपत भंडारी, प्रसिद्ध रंगकर्मी विमल बहुगुणा, नरेश नौटियाल,  पूजा गौतम, उनके बड़े भाई सतीश बलूनी, हिमांशु बहुगुणा, कार्तिकेय बहुगुणा , योगेश उनियाल, निक्की उनियाल, प्रमिला भंडारी, दुर्गेश भट्ट,  महेश गिरी, मुकेश काला, अशोक काण्डपाल, प्रदीप अंथ्वाल, अजय सेमवाल, माधव गैरोला, राहुल आदि उपस्थित रहें। निर्णायक मंडल में मनीष कोठियाल व अभिषेक बहुगुणा रहे।  संचालन समिति के अध्यक्ष अनूप बहुगुणा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

क्षमतावान फसलों को बढ़ावा देने हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

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day training program

भरसार विश्वविद्यालय के वानिकी महाविद्यालय, रानीचैरी, टिहरी गढ़वाल की तरफ से अखिल भारतीय क्षमतावान फसल अनुसंधान कार्यक्रम के तहत टीएसपी योजनांर्तगत ‘जलवायु परिर्वजन के सापेक्ष क्षमतावान फसलों की उत्पादन तकनीकी एवं प्रसंस्करण‘ विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का 28 मार्च 2023 को शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भरसार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. परविन्दर कौशल ने दीप प्रज्जवलन कर किया।

इस अवसर पर कुलपति ने क्षमतावान फसलें जैसे रामदाना, कुट्टू, भंगजीर, किनोवा आदि के महत्व के साथ किसानों कि आय बढ़ाने सम्बन्धित सम्भावनाओं, खेती में महिलाओं का योगदान, कोविड में क्षमतावान फसलों का दवाओं की तरह उपयोग तथा पलायन रोकने में क्षमतावान फसलों को बढ़ावा दिये जाने पर जोर दिया। निदेशक शोध, डॉ. अमोल वशिष्ठ ने क्षमतावान फसलों के उपयोग का स्वास्थ्य में महत्व को रेखांकित किया।

अधिष्ठाता, वानिकी महाविद्यालय, प्रो. खंडूरी ने बताया कि जियो-टैगिंग का उपयोग कर फसलों के उत्पादों से अधिक लाभ कमाया जा सकता है। सह निदेशक प्रसार, डॉ. अरविन्द बिजल्वाण ने रामदाना, कुट्टू के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। सेवा इंटरनेशनल की प्रतिनिधि श्रीमती गीता देवी ने आदिवासी समुदाय के बीच चमोली जिले में किये जा रहे कार्यों का विवरण दिया। प्रभारी अधिकारी कृषि विज्ञान केन्द्र, टिहरी गढ़वाल, डॉ. आलोक येवले ने दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

प्रशिक्षण में चमोली जिले के विकासखण्ड जोशीमठ के तपोवन, झौंज, पैंग, रिंगी आदि ग्रामों से 17 महिला किसानों ने प्रतिभाग किया। परियोजना के वैज्ञानिकों डॉ. अजय कुमार व डॉ. अरूणिमा पालीवाल ने उपस्थित समस्त गणमान्य व्यक्तियों व महिला किसानों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

छावला गैंगरेप हत्या मामले में दोषियों को बरी करने के फैसले के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

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SC dismisses review petition of Chawla gangrape murder case

Chhawla Rape Murder Case: दिल्ली के छावला गैंगरेप हत्या मामले में दोषियों को सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर न्याय की उम्मीद लगाये बैठे पीड़िता के माता-पिता को गहरा धक्का लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में दाखिल पुनर्विचार अर्जियों को खारिज कर दिया है।  सुप्रीम कोर्ट ने छावला इलाके में वर्ष 2012 में 19 साल की लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में मौत की सजा पाए तीन दोषियों को बरी करने के अपने फैसले की समीक्षा की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एस रविंद्र भट और जस्टिस बेला एम त्रिवादी की पीठ ने कहा, इस अदालत की ओर से पारित निर्णय में कोई तथ्यात्मक या कानूनी त्रुटि नहीं है जिसकी समीक्षा की आवश्यकता है। पीठ ने यह फैसला दो मार्च को सुनाया था। आदेश आज को अपलोड किया गया।

गौरतलब है कि दिल्ली के छावला इलाके में 9 फरवरी 2012 को एक उत्तराखंड मूल की एक19 वर्षीय युवती (नजफ़गढ़ की दामिनी) का तीन लड़कों ने अपहरण करके सामूहिक बलात्कार और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी। तीन दिन बाद युवती का क्षत-विक्षत शव हरियाणा के खेतों में मिला था। युवती गुरूग्राम साइबर सिटी इलाके में जॉब करती थी। इस मामले में दिल्ली की एक निचली अदालत ने तीनों आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा को बरकरार रखा था। जिसके बाद आरोपियों ने सजा के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था। पिछले साल 7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में पुलिस की जांच और ट्रायल पर सवाल उठाते हुए संदेह का लाभ देते हुए दोषियों को बरी कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में निचली अदालत और उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द कर तीनों आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।

जिसके बाद दिल्ली पुलिस और पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर बरी करने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी। इसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा है उपलब्ध रिकॉर्ड को देखने पर हमें अपने फैसले में कोई खामी नजर नहीं आती। लिहाजा पुर्नविचार की मांग वाली अर्जियों को खारिज किया जाता है।

 

जन सेवा बहुउद्देशीय शिविर, सहिया, देहरादून में आयुष विभाग के चिकित्सा शिविर में उमड़ी सैकड़ों की भीड़

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देहरादून: राज्य सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश स्तर पर “एक साल नई मिशाल” कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘जन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं। जिसके अन्तर्गत समस्त विधानसभाओं में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे है इसी श्रृंखला में आज चकराता विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत राज्य सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित बहुउद्देशीय शिविर का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख मठोर सिंह चौहान ने कनिष्ठ प्रमुख रितेश असवाल एवं मुख्य विकास अधिकारी (CDO) झरना कामठान, उपजिलाधिकारी युक्ता मिश्रा, डीपीआरओ की उपस्थिति में किया।

बहुउद्देशीय शिविर में आयुर्वेद विभाग, होम्योपैथी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायतीराज विभाग, समाज कल्याण विभाग, जल संस्थान, खादी ग्रामोद्योग, उद्यान विभाग, उद्योग विभाग, कृषि विभाग, डेयरी विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग आदि विभागों द्वारा स्टॉल  लगाये गए थे।

ब्लॉक प्रमुख मठोर सिंह चौहान ने बहुउद्देशीय शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने बहुउद्देशीय शिविर में उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस एक वर्ष के कार्यकाल में अभूतपूर्व विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे है।

इस अवसर पर आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं एनसीडी रिवर्सल एवं योग एक्सपर्ट डॉ. डीसी पसबोला ने सभी रोगों के रोगियों विशेष रूप से नॉन कम्यूनिकेबल डिजीजेज (NCD) डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, हृदय रोग, मोटापा, दमा एवं थाइराइड आदि इत्यादि के रोगियों को उचित चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्रदान किया।

महिला आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारुल अरोड़ा ने स्त्री एवं प्रसूति तंत्र के रोगियों को उचित चिकित्सा परामर्श एवं उपचार प्रदान किया। होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार पिंगल द्वारा रोगियों का होम्योपैथिक चिकित्सा उपचार प्रदान किया गया।

इस अवसर पर जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा जनसमस्याओं का निस्तारण किया गया। बहुउद्देशीय शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। चिकित्सा शिविर कार्यक्रम को सफल बनाने में आशुतोष  उपाध्याय, सविता नेगी एवं रितेश उनियाल फार्मासिस्ट एवं सतीश कुमार, विवेक घनशाला आदि इत्यादि कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा।

Chardham Yatra 2023: चारधाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के पंजीकरण की अनिवार्यता खत्म, अब नहीं करना होगा रजिस्ट्रेशन, सीएम धामी ने दिए निर्देश

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Chardham Yatra 2023 Registration

Chardham Yatra 2023 Registration: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अहम बैठक ली. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिये निर्देश कि  आगामी चारधाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के पंजीकरण की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा में दर्शन करवाये जायेंगे। जिन श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए होटलों एवं होमस्टे में बुकिंग करा ली है, उनकी दर्शन के लिए भी व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि व्यवस्थित, सुगम एवं सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाय। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालु चारधाम यात्रा के साथ राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर भी जाएं, इसके लिए राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों के बारे में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। इसके लिए पर्यटन, पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाए।

वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपने यात्रा व्यय का 05 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने की अपील की है। राज्य में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कुछ उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रमोट किया जाए। जीएमवीएन में भी स्थानीय उत्पादों को रखा जाए। राज्य के स्थानीय उत्पादों की जानकारी आमजन तक पहुचांई जाय। चारधाम यात्रा मार्गों पर क्रैश बैरियर की समुचित व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों की रहने एवं सोने की समुचित व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं से जो भी आवश्यक जानकारी लेनी है, केवल एक बार राज्य के एन्ट्री प्वाइंट पर ली जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। चारधाम यात्रा के लिए जिन-जिन विभागों से कार्मिकों की ड्यूटी लगती है, उन विभागों से जो कार्मिक स्वेच्छा से चारधाम ड्यूटी पर जाना चाहते हैं, उन्हें पहले प्राथमिकता दी जाए।

चारधाम यात्रा पर जो भी स्वास्थ्य शिविर लगाये जा रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित तरीके से लगाया जाए। चारधाम यात्रा के लिए यात्रा मित्र के तौर पर कुछ स्थानीय लोगों को रखा जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों में वाहन चालकों के रहने एवं सोने की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए, इसके लिए अन्य राज्यों से भी समन्वय किया जाए।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिन कुर्वे, एच.सी. सेमवाल, गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, आईजी गढ़वाल के.एस. नगन्याल, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव सी. रविशंकर, एमडी जीएमवीएन विनोद गिरी गोस्वामी, वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मयूर दिक्षित, जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना एवं जिलाधिकारी उत्तरकाशी अभिषेक रूहेला उपस्थित थे।