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श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों के पुनर्निर्माण को 2 करोड़ स्वीकृत, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर धनराशि जारी

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जनपद पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खिर्सू, पाबौं व थलीसैंण ब्लॉक के स्कूलों का पुनर्निर्माण व मरम्मत किया जायेगा। इसके लिये शासन स्तर से रूपये 2 करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई है। इससे क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के क्षतिग्रस्त भवनों का पुनर्निर्माण एवं आंशिक क्षतिग्रस्त भवनों का मरम्मत कार्य किया जायेगा।

सूबे विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के जीर्ण-शीर्ण स्कूलों के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत हेतु विभागीय अधिकारियों से प्रस्ताव मांगे गये थे, जिसके तहत श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के आठ प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवनों का पुनर्निर्माण एवं मरम्मत हेतु 2 करोड़ एक लाख 68 हजार की धनराशि जारी की गई है। जिससे संबंधित विद्यालय भवनों का अनुरक्षण कार्य किया जायेगा।

डा. रावत ने बताया कि विकाखंड खिर्सू के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय मंदोली हेतु 16 लाख 80 हजार, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सौड गजेली में कक्षा-कक्ष एवं प्रधानाध्यापक कक्ष हेतु 18 लाख 20 हजार तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सौडू (क्वींस) के भवन मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य हेतु 17 लाख 65 हजार की धनराशि जारी की गई है।

इसी प्रकार पाबौं विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय ओडलीनादा एवं  राजकीय प्राथमिक विद्यालय छानी के भवन नव निर्माण हेतु क्रमशः 34 लाख 74 हजार व 34 लाख 79 हजार की धनराशि जारी की गई है।

इसी प्रकार थलीसैंण ब्लॉक में राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुठ, प्राथमिक विद्यालय रिखोली तथा राजकीय प्राथमिक कठ्यूड में कक्षा-कक्ष व प्रधानाध्यापक कक्ष के निर्माण कार्य हेतु प्रत्येक विद्यालय के लिये अलग-अलग 26 लाख 50 हजार की धनराशि जारी कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है कि विद्यालय भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्य में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाय।

उत्तराखंड : सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाकर घर बैठे हर महीने कर सकते हैं अच्छी कमाई, सोलर पैनल के लिए सब्सिडी के साथ लोन भी मिलेगा, यहाँ देखें पूरी जानकारी

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solar-plant

Solar Energy Project : देश में सोलर पैनल की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. अगर आप उत्तराखंड राज्य के स्थायी निवासी हैं, तो अब आप भी मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत अपने घर की छत पर या अपने खेत या बंजर जमीन पर सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट (Solar Energy Plant) लगाकर घर बैठे हर महीने एक लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत केवल उत्तराखंड राज्य के स्थायी निवासी ही आवेदन कर सकते हैं। उनकी आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है। एक परिवार से एक ही आवेदक को एक सोलर प्लांट आवंटित किया जा सकेगा। इसके लिए आवेदक को शपथ पत्र भी देना होगा।

धामी सरकार ने मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट पर सरकार 15 दिन के भीतर फैसला ले लेगी। इस योजना के तहत पहले 25 किलोवाट तक के प्रोजेक्ट लगा सकते थे, अब इसकी सीमा बढ़ाकर 200 किलोवाट कर दी गई है। एमएसएमई योजना के तहत इसमें 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। तथा उद्योग विभाग के माध्यम से जिला सहकारी बैंकों से लोन मिलेगा।

योजना के महत्वपूर्ण बिंदु

  • इस योजना के तहत 20, 25, 50, 100, 200 किलोवाट के सोलर प्लांट लगा सकेंगे।
  • लाभार्थी को एमएसएमई पॉलिसी के तहत सभी लाभ दिए जाएंगे।
  • पात्र व्यक्ति अपनी निजी भूमि या लीज पर जमीन लेकर सोलर प्लांट लगा सकेंगे।
  • योजना के तहत इनवेस्ट उत्तराखंड पोर्टल पर सिंगल विंडो के माध्यम से आवेदन किए जाएंगे।
  • योजना का क्रियान्वयन उरेडा करेगा। यूपीसीएल, उद्योग और सहकारी बैंक सहयोगी संस्था के तौर पर काम करेंगे।

प्रोजेक्ट लगाने के लिए पात्रता

इस योजना के तहत केवल राज्य के स्थायी निवासी ही आवेदन कर सकते हैं। उनकी आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है। एक परिवार से एक ही आवेदक को एक सोलर प्लांट आवंटित किया जा सकेगा। इसके लिए आवेदक को शपथ पत्र भी देना होगा।

छत पर या बंजर जमीन पर लगा सकते हैं सोलर पैनल

सोलर पैनल लगाने के लिए घर की छत पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बना सकते हैं. इसके अलावा बंजर जमीन पर भी सोलर प्लांट लगा सकते हैं. योजना के तहत 50 किलोवाट के सोलर प्लांट के लिए 750-1000 वर्ग मीटर, 100 किलोवाट के लिए 1500-2000, 200 किलोवाट के लिए 3000-4000 वर्गमीटर जमीन जरूरी होगी। योजना पर 50 हजार प्रति किलोवाट का खर्च अनुमानित होगा। 50 किलावोट से 76000 यूनिट, 100 किलोवाट से 152000 और 200 किलोवाट से 304000 यूनिट बिजली सालाना पैदा होगी। योजना के तहत यूपीसीएल 25 साल के लिए बिजली खरीदेगा, जो भी बिजली यूपीसीएल के पास आएगी, उसका पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगा।

सहकारी बैंकों से रियायती दर पर मिलेगा लोन

योजना के तहत सहकारी बैंकों से आठ प्रतिशत ब्याज दर पर 15 साल की अवधि तक का लोन मिलेगा। योजना के तहत जमीन की सेल डीड, लीज डीड और लैंड यूज पर स्टांप ड्यूटी में छूट रहेगी।

आवेदन के हर चरण की समय सीमा तय

आवेदन करने के बाद इसकी जांच पड़ताल कर उरेडा सात दिन के भीतर यूपीसीएल को भेजेगा। इस पर 15 दिन के भीतर यूपीसीएल प्राथमिक जांच करने के बाद वापस टेक्निकल फिजिबिलिटी रिपोर्ट (टीएफआर) उरेडा को भेजेगा। अगर यह सही होगा तो कमेटी की ओर से लेटर ऑफ एलोटमेंट (एलओए) 15 दिन के भीतर जारी करना होगा। इसके बाद यूपीसीएल और आवेदक के बीच 10 दिन के भीतर पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) होगा।

इसके 10 दिन के भीतर पीपीए की कॉपी के साथ आवेदक को जिला उद्योग केंद्र में आवेदन करना होगा। 15 दिन के भीतर उद्योग विभाग को एमएसएमई सब्सिडी और लोन के लिए प्रक्रिया करानी होगी। लोन के आवेदन के लिए 10 दिन के भीतर जिला कॉपरेटिव बैंक को पास करना होगा। एलओए के 12 माह के भीतर सोलर पावर प्लांट स्थापित होगा। इसके बाद दो माह के भीतर लोन पर सब्सिडी मिल जाएगी।

कैसे होगी कमाई

अगर आप 50 किलोवाट का प्रोजेक्ट लगाते हैं तो इस पर कुल खर्च 25 लाख का होगा। इससे सालाना 76 हजार यूनिट बिजली पैदा होगी। कुल 17 लाख 50 हजार रुपये का लोन मिलेगा। एमएसएमई योजना के तहत 7 लाख 50 हजार की सब्सिडी मिलेगी। बिजली वर्तमान 4.49 रुपये प्रति यूनिट की दर से बेचने पर सालाना 3 लाख 41 हजार 240 की कमाई होगी। सालाना 35 हजार का खर्च मेंटिनेंस का होगा। माहवार किश्त 9,557 रुपये और कमाई 15,963 रुपये होगी। लोन खत्म होने के बाद माहवार कमाई 25,520 रुपये हो जाएगी।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म, सचिवालय ने जारी किए आदेश, जानिए पूरा मामला

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Lok Sabha membership of Rahul Gandhi ended

केरल के वायनाड से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्य रद कर दी गई है। लोकसभा सचिवालय ने कहा है कि राहुल गांधी अब सदस्यता के लिए अयोग्य हैं।  राहुल गांधी अब वायनाड से लोकसभा सांसद नहीं रहेंगे। राहुल गांधी को गुजरात के सूरत सेशन कोर्ट ने 2 साल की सजा सुनाई है यही वजह है कि उनका पद छीना जा चुका है।

लोकसभा सचिवालय के संयुक्त सचिव पीसी त्रिपाठी की ओर से आज जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि वायनाड निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्यव करने वाले  राहुल गांधी को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराया जाता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 102 (I)(e) के प्रावधानों एवं जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 8 के तहत उनकी यह अयोग्यता सजा सुनाए जाने की तारीख यानी 23 मार्च 2023 से प्रभावी होगी।

बता दें कि किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि को किसी भी अपराध के लिए दो साल या उससे अधिक की सजा सुनाए जाने पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत तत्काल अयोग्यता का सामना करना पड़ता है। अधिनियम का एक प्रावधान जिसने अयोग्यता से तीन महीने की सुरक्षा प्रदान की थी, उसे 2013 में सुप्रीम द्वारा अल्ट्रा वायर्स के रूप में रद्द कर दिया गया था। लिली थॉमस मामले में न्यायालय। राहुल गांधी के मामले में सूरत की अदालत ने उनकी कानूनी टीम के अनुरोध पर 30 दिनों के लिए उनकी सजा को निलंबित कर दिया ताकि उन्हें फैसले को चुनौती देने का अवसर मिल सके।

गौरतलब है कि गुरुवार कोमोदी सरनेम केस में राहुल गांधी को कोर्ट ने 2 साल की सजा सुना दी। कोर्ट ने उन पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया। जनप्रतिनिधित्व कानून के मुताबिक अगर किसी सांसद या विधायक को 2 साल की कैद होती है तो उसकी सदस्यता रद हो जाती है। राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म हो गई है। अब अगर निचली कोर्ट का आदेश रद नहीं होता है तो 8 साल तक राहुल गांधी चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। ऐसे में राहुल गांधी को अगर सजा होती है, तो वे 2024 और 2029 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, राहुल गांधी को आपराधिक मानहानि के मामले में गुजरात की एक अदालत ने दो साल के कारावास की सजा सुनाई है, जिसके बाद से उनकी लोकसभा सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा था। वैसे तो अदालत ने सजा सुनाने के बाद ही उनकी सजा निलंबित कर दी थी और उन्हें जमानत देते हुए अपील के लिए 30 दिन का समय भी दिया है, लेकिन इससे उन्हें बहुत राहत मिलती नहीं दिख रही है। राहुल को अब अपनी संसद सदस्यता बचाने के लिए अपनी अपील में पूरे केस को गलत साबित कर स्वयं को निर्दोष साबित करना होगा या फिर शिकायतकर्ता से समझौता करना होगा।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान 13 अप्रैल को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, ”नीरव मोदी, ललित मोदी और नरेन्द्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी ही क्यों होता है? राहुल के खिलाफ भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने धारा 499 और 500 के तहत मानहानि का केस दर्ज कराया था।

अब क्या विकल्प हैं राहुल गांधी के पास?

राहुल गांधी की संसद सदस्यता बचाने के सभी रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं। उनके पास हाईकोर्ट में जाने का विकल्प है। अगर हाईकोर्ट सूरत सेशन कोर्ट के फैसले पर स्टे लगा देता है तो उनकी सदस्यता बच सकती है। वहीं, अगर हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती है तो राहुल सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। शीर्ष अदालत अगर फैसले पर स्टे लगा देता है तो उनकी सदस्यता बच जाएगी। अगर उन्हें राहत नहीं मिलती है तो वे आठ साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

क्या था सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्क्रिय करने वाला अध्यादेश?

सितंबर 2013 में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने अध्यादेश पारित कर सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को निष्क्रिय किया था, जिसमें कहा गया था कि सांसदों और विधायकों के दोषी पाए जाने पर उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। फैसले के खिलाफ अध्यादेश पारित भी हो गया था और उस वक्त भाजपा, वामदल समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध भी किया था। विपक्षी पार्टियों के हंगामे के बाद कांग्रेस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अध्यादेश की अच्छाइयों को जनता के सामने रखने की कोशिश की थी, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में राहुल गांधी पहुंचे और खुद की ही सरकार पर सवाल खड़े करने लगे। इस दौरान उन्होंने अध्यादेश को बकवास बताया था और अध्यादेश की कॉपी को फाड़ दिया था। और इस तरह राहुल गांधी के दखल के बाद यूपीए सरकार ने इस अध्यादेश को वापस ले लिया गया था. अगर उस समय इस अध्यादेश को वापस नहीं लिया जाता, तो शायद आज राहुल गाँधी के साथ ये स्थिति नहीं होती।

उस वक्त राहुल गांधी ने कहा था कि राजनीतिक दलों की वजह से हमें इसे लाने की आवश्यकता है। हर कोई यही करता है, लेकिन यह सब बंद होना चाहिए। अगर हम देश में भ्रष्टाचार से लड़ना चाहते हैं, तो ऐसे सभी छोटे समझौते बंद करने पड़ेंगे। साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को गलत बताया था।

धनबाद में उड़ान के दौरान ग्लाइडर अनियंत्रित होकर मकान से टकराया, पायलट और पैसेंजर गंभीर रूप से घायल

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Glider collided with house in Dhanbad

झारखंड के दूसरे सबसे बड़े शहर धनबाद में एक जॉयराइड ग्लाइडर उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही तकनीकी खराबी आने के कारण अनियंत्रित होकर बिरसा मुंडा पार्क के पास एक घर पर जा गिरा। ग्लाइडर के एक इमारत से टकरा जाने से विमान में सवार पायलट और यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद तेज विस्फोट होने से आसपास लोगों में भगदड़ मच गई। गनीमत रही आसपास लोग मौजूद नहीं थे नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।

बता दें कि गुरुवार शाम को हवाई अड्डा से ग्लाइडर के उड़ान भरते ही उसमें कुछ तकनीकी दिक्कत आई और लगभग 500 मीटर की दूरी पर ग्लाइडर क्रैश हो गया। ग्लाइडर नीलेश कुमार नामक शख्स के घर पर जा गिरी जिससे ग्लाइडर चकनाचूर हो गया। ग्लाइडर के क्रैश होने की सूचना पर पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोगों ने ग्लाइडर मे फंसे लोगों को बाहर निकालकर एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ग्लाइडर के द्वारा धनबाद शहर का हवाई भ्रमण कराया जा रहा है। धनबाद शहर के लोग हवाई सफर का आनंद ले सकें और अपने शहर का नजारा आसमान से देख सकें, इस उद्देश्य से ग्लाइडर सेवा शुरू की गई है।

लेकिन गुरुवार शाम को गए इस हादसे के बाद लोगों में दहशत फैल गई। तकनीकी खराबी के कारण धनबाद शहर के आसमान में हवाई उड़ान भर रहा ग्लाइडर अचानक अनियंत्रित होकर बरवाअड्डा हवाई अड्डे से करीब 1 किलोमीटर दूर जाकर क्रैश हो गया। गनीमत ये रही कि जिस दौरान घर की छत पर यह ग्लाइडर गिरा उस समय पूरा परिवार घर के बाहर मौजूद था और बच्चे बाहर खेल रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि निजी जॉयराइडर ग्लाइडर धनबाद शहर में लोगों को हवाई भ्रमण कराता था। ग्लाइडर एक यात्री को हवाई भ्रमण कराने के लिए उड़ना भरा था। इस दौरान हादसा हो गया।

एक ग्लाइडर विमान में केवल दो व्यक्ति ही बैठ सकते हैं, जिसमे एक पायलट होता है और एक यात्री। ग्लाइडर में 80 एचपी का सिंगल इंजन लगा है। 1200 किमी तक की उड़ान भर सकता है। 14 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। इसमें पायलट के साथ एक पैसेंजर के बैठने की जगह होती है। इसे उड़ाने के लिए एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहते हैं।

पुलिस ने बताया कि बिरसा मुंडा पार्क के पास निजी जॉयराइड ग्लाइडर एक इमारत से टकरा गया। जिससे पायलट और उसमें सवार यात्री घायल हो गए। दोनों की हालत गंभीर है। दुर्घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है। घायल यात्री की पहचान पटना निवासी कुश सिंह(14) के रूप में हुई है जो अपने मामा पवन सिंह के घर धनबाद आया था। कुश सिंह एक निजी एजेंसी द्वारा चलाए जा रहे जॉयराइड ग्लाइडर में सवार हुआ था।

गढ़वाली फिल्म ‘यु कनु रिश्ता’ आज से ऋषिकेश के रामा पैलेस में, शहीद परिवार की कहानी और नारी सशक्तिकरण पर आधारित है फिल्म

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Garhwali film Yu Kanu Rishta

Garhwali Film yu kanu rishta: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के उपन्यास पर आधारित गढ़वाली फीचर फिल्म ‘यु कनु रिश्ता’ आज यानी 24 मार्च से ऋषिकेश के रामा पैलेस में प्रसारित होने जा रही है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के प्रदेश कार्यालय में महासभा अध्यक्ष डॉ राजे नेगी फिल्म निर्माता अंकित कंडियाल एवं फिल्म कॉर्डिनेटर अशिना नेगी, अभिनेता राजेश मालगुडी और समाजसेवी सरिता भट्ट ने संयुक्त रूप से फिल्म के पोस्टर का लोकार्पण किया।

गढ़वाली फिल्म ‘यु कनु रिश्ता’ का आज (24 मार्च) दोपहर12:30 बजे से ऋषिकेश रामा पैलेस में एक शो में प्रदर्शित किया जाएगा। फिल्म के पहले शो का शुभारंभ नगर निगम महापौर अनिता ममगाईं द्वारा किया जाएगा। आज से हर रोज फिल्म का एक शो दोपहर 12:30 बजे प्रदर्शित होगा।

फिल्म के निर्माता अंकित लक्की कंडियाल ने कहा कि डॉ. निशंक के उपन्यास ‘छूट गया पड़ाव’ पर बनी यह फिल्म एक शिक्षिका द्वारा अपनी एक असाध्य रोग से पीड़ित छात्रा के इलाज के लिये संघर्ष और सीमा पर शहीद हुये एक परिवार की कथा पर आधारित है, जो नारी सशक्तिकरण और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के साथ-साथ उत्तराखण्ड की महान सैन्य परम्परा को दर्शाती हुई एक मार्मिक फिल्म है।

फिल्म के निर्माता अंकित (लक्की) कंडियाल और कार्यकारी निर्माता डॉ. बेचैन कंडियाल हैं, जबकि निर्देशन गणेश वीरान और वीएस नेगी ने किया है। फिल्म में गीत डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने लिखे हैं। जबकि पटकथा संवाद सुशीला रावत ने लिखे हैं। संगीत वीरेन्द्र नेगी ने दिया है। गीतों को सत्या अधिकारी, अनुराधा निराला, वीरेंद्र राही और उषा भट्ट पांडेय ने अपना स्वर दिया है।

फिल्म के मुख्य कलाकारों में अभिनेता राजेश मालगुड़ी, राजेश नौगाई, अंकिता परिहार, पद्मेंद्र रावत, सुशीला रावत, गोपाल सिंह रावत, कुसुम चौहान, धर्मेन्द्र चौहान, नवल सेमवाल, इन्दू भट्ट, अजय बिष्ट, बालकृष्ण चमोली, सतेश्वरी भट्ट, मानसी शर्मा, दिव्यांशी कुमोला, बाल कलाकार अंशुल नेगी, कोमल किमोठी, प्रिया बुटोला आदि शामिल हैं।

अपनी सरकार के एक साल पूरा होने पर सीएम धामी ने की 16 घोषणायें, ‘एक साल नई मिसाल’ विकास पुस्तिका का किया विमोचन, कांग्रेस ने विफल करार देते हुए कसा तंज

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उत्तराखंड की धामी सरकार का आज एक साल पूरा होने पर राजधानी देहरादून में भाजपा ने कई कार्यक्रम आयोजित किए। ‌ सबसे बड़ा आयोजन देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित किया गया। ‌कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं और कई बड़ी घोषणाएं भी की। ‌ इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच से जोशीला भाषण देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने एक साल में कई कड़े फैसले लिए हैं। हमने जनता से किए वादों को धरातल पर उतारा है।

रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका ‘एक साल नई मिसाल’ का सीएम ने विमोचन किया। इस अवसर पर ग्राम तरला नागल सहस्त्रधारा मार्ग में 12.45 हेक्टेयर में बनने वाले लगभग 37 करोड़ रुपये की लागत के सिटी फोरेस्ट का शिलान्यास भी सीएम ने किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये बहुद्देशीय शिविर का अवलोकन किया।

वहीं दूसरी ओर धामी सरकार के एक साल पूरे होने पर विपक्ष कांग्रेस के नेताओं ने तंज कसा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने तंज कसा है। हरीश रावत ने कहा कि धामी सरकार के पास एक साल भी बताने के लिए कुछ नहीं है। प्रदेश में ऐसा कोई इलाका नहीं है, जहां सड़कों पर गड्ढे नहीं हैं। जिस पर प्रदेश में सड़कों में इस कदर गड्ढे हो वहां समझा जा सकता है कि सरकार ही गड्ढे में है। हरीश रावत ने तंज मारते हुए कहा कि धामी सरकार में कई मंत्री अपने-अपने विभागों में खुद गड्ढा मंत्री हैं। हरीश रावत का कहना है कि अभी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नए-नए हैं, इसीलिए वो बहुत ज्यादा पोस्टमॉर्टम नहीं करना चाहते हैं। बल्कि वह यह चाहते हैं कि मुख्यमंत्री कुछ अच्छा करें। लेकिन हकीकत यह है कि सरकार निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

प्रदेश में बीजेपी को सत्ता संभालते हुए 6 साल का लंबा समय हो गया है। लेकिन बीजेपी ने इन सालों ने प्रदेशों को सिर्फ सड़कों में गड्ढे ही दिए हैं। वहीं हल्द्वानी में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश सरकार को पूरी तरह से विफल बताते हुए कहा एक साल में सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह से विफल साबित हुई है। कांग्रेस नेता यशपाल आर्य ने कहा कि सरकार जनहित की योजनाओं से जुड़े बजट को खर्च नहीं कर पा रही है। प्रदेश के अंदर युवा बेरोजगार लाठी खाने को मजबूर हैं, भर्ती घोटाले से लेकर अंकिता हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग हो, सरकार इन सब से खुद को बचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अफसरशाही पूरी तरह से हावी है, आम जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है।

जोशीमठ आपदा हो या मुनस्यारी में आपदा पीड़ितों का जख्म तक सरकार भर नहीं पाई है। जोशीमठ आपदा पीड़ितों के लिए सरकार ने अभी तक कोई ठोस मदद नहीं की है, तो वहीं मुनस्यारी में पिछले दो साल से आपदा पीड़ित सरकारी भवन में रहने को मजबूर हैं, लेकिन इस ओर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है।

एक साल पूरा होने पर सीएम धामी ने की ये 16 घोषणायें

अपनी सरकार के 1 साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 नई घोषणाओं का एलान किया है। राज्य में मुख्यमंत्री प्रतियोगी परीक्षार्थी परिवहन योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले परीक्षार्थियों को आने-जाने के लिए परिवहन निगम की बसों में किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के लोकपर्वों को पहचान दिलाने के लिए विशेष नीति बनाने की बात कही। साथ ही सीएम धामी ने प्रदेश में श्रमिकों के बच्चों के लिए चलते-फिरते स्कूल प्रारंभ करने की बात भी कही। कक्षा 6 से ही कम्प्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी की शिक्षा को लागू किया जाएगा। राज्य के सभी 13 जनपदों में लैब ऑन व्हील्स ‘चलती-फिरती प्रयोगशाला’ स्थापित की जाएगी।

उत्तराखण्ड राज्य साइंस टेक्नोलॉजी और इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार इस क्षेत्र में शीघ्र ही ‘साइंस और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पॉलिसी’ लाएगी। हल्द्वानी गौलापार में स्थापित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को उच्चीकृत कर अंतरराष्ट्रीय मानकों का खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। राज्य में काश्तकारों को सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री उद्यानिकीकरण योजना प्रारंभ की जाएगी। राज्य में पशुपालकों को सहयोग देने के मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन प्रारम्भ किया जाएगा। राज्य में मुख्यमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार योजना प्रारम्भ की जाएगी, जिसमें स्नातक पास छात्र एवं छात्राओं को आवश्यक रूप से दक्ष बनाया जाएगा।

राज्य के ऐसे गांव जिनकी आबादी 250 से अधिक है, उनको मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रारम्भ की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में उपलब्धता एवं उपयुक्तता के आधार पर 01-01 अमृत सरोवर / झील को पर्यटक स्थल एवं वाटर स्पोर्ट्स के केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। जिला सेवायोजन एवं कौशल विकास कार्यालय को स्वरोजगार केन्द्र के नोडल कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।

श्रमिकों के बच्चों को भी उचित स्कूली शिक्षा मिल सके इस हेतु राज्य सरकार मोबाईल स्कूल (चलते-फिरते स्कूल) प्रारम्भ किये जायेंगे। राज्य सरकार द्वारा दिवालीखाल से गैरसैंण तक के सड़क मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य किया जायेगा। लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु होने पर उनकी पेंशन विधवा पत्नी को दी जाएगी। उत्तराखण्ड के लोकपर्वों उत्तरायणी, फूलदैई, हरेला, ईगास, बूढ़ीदिवाली आदि लोकपर्वों को व्यापक पहचान दिलाए जाने एवं पूर्ण श्रद्धा एवं हर्षाल्लास के साथ मनाए जाने के लिए समेकित नीति बनाई जाएगी।

सीएम धामी ने की ये बड़ी घोषणाएं

चलती-फिरती प्रयोगशाला

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए सभी 13 जिलों में चलती-फिरती प्रयोगशाला (लैब ऑन व्हील्स) शुरू की जाएगी।

 सांइस व आईटी कॉरिडोर

राज्य में विज्ञान प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी गलियारा (कॉरिडोर) बनेगा। जल्द सांइस और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पॉलिसी आएगी।

खेल विश्वविद्यालय

हल्द्वानी स्थित गौलापार में बने अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का उच्चीकरण कर उसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार खेल विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री औद्यानिकी योजना

प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री औद्यानिकी योजना शुरू की जाएगी। वहीं पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन शुरू होगा।

सड़कों से जुड़ेंगे गांव

जल्द मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू होगी। इस योजना के तहत 250 से अधिक आबादी वाले गांवों की मुख्य सड़कों का निर्माण होगा।

कौशल विकास योजना

युवाओं के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार योजना शुरू होगी। इसमें स्नातक पास छात्रों को आवश्यक रूप से दक्ष बनाया जाएगा।

सरोवर योजना

सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक अमृत सरोवर बनाया जाएगा। इन्हें पर्यटक स्थल व जल क्रीड़ा के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्वरोजगार केंद्र

सभी जिलों में जिला सेवा योजना एवं कौशल विकास कार्यालय को स्वरोजगार केंद्र के नोडल कार्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।

चलते-फिरते स्कूल

श्रमिकों के बच्चों को साक्षर बनाने के लिए चलते फिरते (मोबाइल) स्कूल शुरू किए जाएंगे, जिनमें शिक्षक मौके पर जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे।

.गैरसैंण तक चौड़ा होगा मार्ग

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के लिए दिवालीखाल से सड़क मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। जिससे कर्णप्रयाग गैरसैंण मार्ग सुगम हो जाएगा।

लोक पर्वों को महत्व

उत्तरायणी, फूलदेई, हरेला, ईगास, बूढ़ी दिवाली जैसे उत्तराखंड के लोकपर्वों को व्यापक पहचान दिलाए जाने के लिए समेकित नीति बनेगी।

ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार बस और मर्सिडीज कार में जोरदार टक्कर, कार पुल से नीचे गिरी, बस पुल पर लटकी, 15 लोग घायल

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bus and Mercedes car collide on Greater Noida Expressway

ग्रेटर नोएडा : नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर गुरुवार दोपहर को जीरो पॉइंट के समीप एक बड़ा हादसा हो गया। हिंडन नदी के पुल के पास नोएडा की ओर आते हुए एक तेज रफ्तार रोडवेज बस अनियंत्रित होकर मर्सिडीज कार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मर्सिडीज कार एक्सप्रेस वे से नीचे गिर गई और बस पुल की रेलिंग पर लटक गई। गनीमत यह रही कि जहां पर कार गिरी वहां मिट्टी थी, जिसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। हादसे में मर्सिडीज चला रहे राघव गुप्ता व बस चालक समेत 15 यात्री घायल हो गये।

एडीसीपी ग्रेटर नोएडा जोन अशोक कुमार ने बताया कि आगरा डिपो की रोडवेज बस बृहस्पतिवार दोपहर 12 30 बजे आगरा से नोएडा की तरफ जा रही थी। बस जैसे ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट के समीप पहुंची तभी चालक निसार खां नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित बस ने पहले से रेलिंग में फंसी मर्सिडीज कार में टक्कर मार दी। जोरदार टक्कर की वजह से कार एक्सप्रेसवे से नीचे जा गिरी। बस का अगला हिस्सा छतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। हादसे की जानकारी होने पर नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस व अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही रोडवेज में सवार यात्री वहां से चले गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक 13 से 15 लोगों को हल्की चोट लगी थी। जांच में पता चला है कि रोडवेज बस ने जब मर्सिडीज में टक्कर मारी तो वह पहले से ही जीरो प्वाइंट के समीप बने पुल की रेलिंग पर चढ़ी हुई थी। चालक ने अचानक कट मार दिया था। इस वजह से मर्सिडीज रेलिंग पर चढ़ गई।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थाना नॉलेज पार्क पुलिस घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। हादसे के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे जाम लग गया था। जिसके कारण ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया था। बस व कार को क्रेन की मदद से मौके से हटा दिया गया है।

उत्तराखंड : पूर्णागिरी क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे में 5 श्रद्धालुओं की मौत, 7 घायल, मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुःख

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purnagiri bus accident

Accident in Purnagiri: उत्तराखंड के टनकपुर स्थित प्रसिद्ध पूर्णागिरी धाम में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पूर्णागिरी धाम से मां के दर्शन करके लौट रहे उत्तर प्रदेश के पांच श्रद्धालुओं की एक बस की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गयी जबकि सात अन्य घायल हो गये।

चंपावत के पुलिस से मिली जानकारी के मुतबिक आज सुबह उत्तर प्रदेश के बदायूं और बहराइच के रहने वाले कुछ श्रद्धालु पूर्णागिरी धाम दर्शन के लिये आये थे। सभी लोग सुबह-सुबह मंदिर से दर्शन करके अपने घर लौटने के लिए मंदिर से कुछ दूरी पर ठुलीगाड़ नामक जगह पर पार्किंग में खड़े बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान कुछ श्रद्धालु एक तेज रफ्तार बस की चपेट में आ गए। इस हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि एक ने अस्पताल ले जाते दम तोड़ दिया। हादसे में सात लोग घायल भी हुए हैं। घायलों का टनकपुर उप जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की जांच में जुटी है। बताया जा रहा है कि आज सुबह करीब पांच बजे बस संख्या यूए12/3751 को चालक बैक कर रहा था। इस दौरान ब्रेक फेल होने से बस वहीं पर खड़े श्रद्धालुओं के उपर चढ़ गई. जिससे कई लोग बस की चपेट में आ गए।

टनकपुर में हुए हादसे पर मुख्यमंत्री ने की शोक संवेदना व्यक्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को चंपावत जिले के टनकपुर स्थित ठुलीगाड़ में हुई बस दुर्घटना में हुई श्रद्धालुओं की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस दुखद घटना के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति तथा उनके परिवारजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना में मृत लोगों के परिवार एवं घायलों को सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जायेगी।

दुर्घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने तत्काल टनकपुर उप जिला चिकित्सालय पहुंचकर टनकपुर स्थित ठूलीगाड़ सड़क हादसे में घायल श्रद्धालुओं का हालचाल जाना और दुर्घटना में मृत लोगों के परिजनों के साथ दुख संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। साथ ही दुर्घटना में घायल लोगों की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की कामना माँ पूर्णागिरि से की और सरकार द्वारा हर संभव मदद देने का भरोसा दिया।

हादसे में मारे गए लोगों का विवरण

  1. बद्री नारायण पुत्र राम लखन उम्र 43 वर्ष, निवासी सौहराव, बहराईच उ.प्र. ।
  2. माया राम पुत्र बब्बू (29), उपरोक्त सौहराव, बहराईच उ.प्र. ।
  3. नेत्रावती पुत्री वीर सिंह( 20), निवासी पिण्डा, बिल्सी बदायूं उ.प्र.।
  4. अमरावती पत्नी मोहन सिंह(26) निवासी पिण्डा, बिल्सी बदायूं उ.प्र.।
  5. रामदेई पत्नी तोता राम( 30) निवासी सौहराव बहराईच उ.प्र. ।

घायलों का विवरण

  1. कौशल्या देवी पत्नी बद्री( 40) निवासी सौहराव बहराईच उ.प्र.।
  2. कुसुम देवी पत्नी राम सूरत(59) निवासी सौहराव थाना रामगांव, बहराईच उ.प्र.।
  3. पार्वती देवी पत्नी लालता प्रसाद(40) निवासी सौहराव थाना रामगाव बइराईच उ.प्र.।
  4. सरोज पुत्री बद्री(04) निवासी सौहराव थाना रामगांव बहराईच उ.प्र.।
  5. राधिका पुत्री बद्री( 05) निवासी सोहराव थाना रामगांव बहराईच उ.प्र.।
  6. प्रियांसी पुत्री मोहन सिंह( 3) निवासी पिण्डा, बिल्सी बदायूं, उ.प्र.।
  7. राम सूरत पुत्र अशरफी( 48) निवासी बहराई उ.प्र.।

2024 चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा दांव, दिल्ली, बिहार और राजस्थान समेत चार प्रदेश अध्यक्ष बदले

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BJP changed four state presidents

भाजपा हाईकमान ने चार प्रदेश अध्यक्ष बदल दिए हैं। पार्टी का यह बदलाव अगले साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से चारों राज्यों के लिए नए प्रदेश अध्यक्ष का पत्र जारी किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सम्राट चौधरी को बिहार बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है। नड्डा ने सीपी जोशी को राजस्थान का पार्टी प्रदेश अध्यक्ष, मनमोहन सामल को ओडिशा का पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और वीरेंद्र सचदेवा को दिल्ली भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है।

बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का कार्यकाल पूरा हो गया था। वहीं भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से बिहार में खास वर्ग को साधने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक रहे हैं। सम्राट अब बिहार भाजपा अध्यक्ष के रूप में संजय जायसवाल की जगह लेंगे। इससे पहले सम्राट चौधरी बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह 1999 में कृषि मंत्री और 2014 में शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। सम्राट चौधरी को बिहार का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भी भाजपा ने कई समीकरण साधे हैं।

भाजपा ने पहले सम्राट चौधरी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनाया और अब प्रदेश अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी सौंप दी है। सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं। लिहाजा पार्टी ने सम्राट चौधरी पर दांव खेला है। राजस्थान में भाजपा ने सीपी जोशी को प्रदेश की कमान सौंपी है। जोशी राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से भाजपा सांसद हैं। अभी तक सतीश पुनिया राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से 23 मार्च यानी आज सीपी जोशी के नाम का एलान किया गया है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि वसुंधरा राजे खेमे के विधायक सतीश पुनिया को काफी दिनों से हटाए जाने की मांग हो रही थी।

बता दें कि वीरेंद्र सचदेवा को पिछले साल दिसंबर में दिल्ली भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने आदेश गुप्ता की जगह ली थी। अब सचदेवा को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया गया है। वीरेंद्र सचदेवा को दिल्ली का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। दिल्ली नगर निगम चुनाव में भाजपा की हार के बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद वीरेंद्र सचदेवा को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसका मतलब यह था कि फिलहाल के लिए भाजपा ने यह व्यवस्था की है और आने वाले समय में नियमित नियुक्ति की जाएगी। अब कार्यकारी अध्यक्ष को ही नियमित प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त कर दिया गया है।

धामी सरकार का एक साल : सीएम धामी ने कठोर फैसलों के साथ राज्य के विकास के लिए कई योजनाएं भी शुरू की, कुछ चुनौतियों ने भी किया परेशान

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One year of Dhami government

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है। सीएम धामी ने अपने दूसरे कार्यकाल का आज 1 साल पूरा कर लिया है। 23 मार्च साल 2002 को पुष्कर सिंह धामी ने दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उत्तराखंड सरकार के एक साल पूरा होने पर भाजपा और मुख्यमंत्री धामी उत्साहित है।

एक साल में धामी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। धामी सरकार के एक साल पूरे होने पर राजधानी देहरादून में बहुत बड़ा जन सेवा कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इस कार्यक्रम में सीएम धामी समेत कई मंत्री भी शामिल होंगे। कार्यक्रम स्थल पर प्रदेश की लोक परम्पराओं, लोक नृत्य, लोक गायन, लोक कला जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। सरकार द्वारा गुरुवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम के अलावा 24 मार्च से 30 मार्च तक जन सेवा थीम पर जिला मुख्यालय की हर विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर भी इसी तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करेगी।

इसके लिए आयोजन का प्रचार प्रसार किया जाएगा। जिससे इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हो सकें। सरकार के 1 साल पूरे होने पर सीएम धामी ने ट्वीट करते हुए लिखा-हमारी सरकार द्वारा सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण करने के अवसर पर आप सभी के स्नेह, विश्वास और समर्थन हेतु हृदय की गहराइयों से कोटि-कोटि आभार।

अगर बात करें एक साल के कार्यकाल में सीएम धामी ने कुछ कठोर फैसले भी लिए हैं। अपनी सरकार के 1 साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड तेजी से विकास पथ पर अग्रसर है। इस एक वर्ष की यात्रा में हमने तमाम महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। चुनाव पूर्व किए गए वायदों को भी हमने पूरा किया है। आज उत्तराखंड विकास की नई गाथा लिख रहा है। पहाड़ में रेल, रोड और हवाई कनेक्टिविटी की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं तो खेती, बागवानी को बढ़ावा देकर हम आमजन की आय सृजन के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।

नकल विरोधी और धर्मांतरण कानून लागू किए, समान नागरिक संहिता की भी शुरू हुई तैयारी

धामी सरकार ने नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण, समान नागरिक संहिता कानून भी लागू करने जा रही है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए ‘भ्रष्टाचार मुक्त एप-1064’ शुरू की गई है। सीएम ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। इस पर चुनाव में भाजपा को जनादेश मिला था। विशेष कमेटी बनाई गई। कमेटी ड्राफ्ट तैयार कर रही है। ड्राफ्ट अगले कुछ महीनों तैयार हो जाएगा और सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू कर देगी।

वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि कई वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में नकल कैंसर का रूप ले चुका था। अविश्वास की भावना पैदा हो गई थी। योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को बचाने के लिए सख्त नकलरोधी कानून बनाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि नकल माफिया पर लगाम लगाते हुए नकल विरोधी कानून लागू किया। इसके अलावा राज्य सरकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण देकर चुनावी वादा पूरा किया। वहीं अंत्योदय परिवारों को एक साल में तीन गैस सिलिंडर फ्री रिफिल की सुविधा दी गई। लखपति दीदी योजना में वर्ष 2025 तक प्रदेश की 1.25 लाख महिलाओं को लखपति बनाने की पहल।

राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई। लघु एवं सूक्ष्म उद्योग विभाग ने कस्टमाइज पैकेज की नीति तैयार की है। सरकार की निशुल्क जांच योजना से मरीजों को 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि पर खास तौर पर फोकस किया गया है। अपणि सरकार पोर्टल, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन, के चलते कार्य संस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है।

राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में इसी मार्च माह में बजट सत्र आयोजित किया गया। जिसमें जनहित के तमाम महत्वपूर्ण निर्णय लिए। वहीं धामी सरकार का दावा है कि उत्‍तराखंड को आने वाले वर्ष 2025 तक देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे। इसके लिए पूरे जी जान से सरकार लगी हुई है।

हालांकि, इस एक साल में सीएम धामी को कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। अंकिता भंडारी हत्‍याकांड में विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं, पेपर लीक मामले में भी छात्रों के बड़े आंदोलन से सरकार पर निशाना साधा गया था। वहीं जोशीमठ में पड़ी दरारों को लेकर भी विपक्ष ने धामी सरकार पर सवाल खड़े किए।

शंभू नाथ गौतम