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मानहानि मामले में राहुल गांधी को 2 साल की सजा, जमानत पर रिहा, जानिए राहुल गांधी के खिलाफ क्या है मामला?

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राहुल गांधी को 2 साल की सजा

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित बयान देने के आरोप में गुजरात के सूरत कोर्ट ने 2 साल की सजा सुनाई है। 4 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कर्नाटक की एक रैली में कहा था कि सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है। राहुल गांधी ने कहा था कि भगोड़े ललित मोदी व हीरा व्यापारी नीरव मोदी और नरेंद्र मोदी का सरनेम समान क्यों है? इस पर बीजेपी विधायक पूर्णेंश ने राहुल गांधी पर मानहानि केस कर दिया था। आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने पूरे मोदी समुदाय को बदनाम किया है। उनके बयान से मोदी समुदाय को भावनाओं को धक्का लगा है। तब पूर्णेश भूपेंद्र सरकार में मंत्री थे, अब सूरत से दोबारा विधायक चुने गए हैं। गुरुवार को कोर्ट ने उन्हें 2 साल की सजा सुनाई। इसके बाद, उन्हें जमानत दे दी गई।

उन्होंने कोर्ट में कहा कि बयान देते वक्त मेरी मंशा गलत नहीं थी। मैंने तो भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर गए। कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी जो कुछ बोलते हैं उससे नुकसान होता है। कांग्रेस के ही नेताओं ने बताया कि राहुल जी जो कुछ बोलते हैं उससे नुकसान हो गया। वो अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। लोकतंत्र में हर एक राजनीतिक शख्सियत को अपनी बात कहने का अधिकार है। लेकिन यह तो देखना ही होगा कि बयानों से किस तरह का असर पड़ेगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि अदालत ने भी माना है कि 2019 में राहुल गांधी ने जो बयान दिया उसे सही नहीं माना। यही नहीं राहुल गांधी को लोकतंत्र की अदालत में माफी मांगना चाहिए। कर्नाटक के कोलार में आम चुनाव 2019 में प्रचार के दौरान मोदी सरनेम पर राहुल गांधी ने की थी टिप्पणी। राहुल गांधी ने कहा था कि आखिर सभी चोरों के सरनेम मोदी ही क्यों होते हैं।

बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई थी। बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने एक खास समाज के लिए अपमानजनक बताया था। उन्होंने सूरत में इस संबंध में केस दर्ज कराया था।

ISSF World Cup : वर्ल्ड कप शूटिंग में भारत के सरबजोत सिंह ने जीता गोल्ड मेडल, वरुण ने ब्रॉन्ज, 33 देशों के शूटर ले रहे भाग

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ISSF World Cup,वर्ल्ड कप शूटिंग में सरबजोत सिंह ने जीता गोल्ड मेडल

ISSF World Cup : आईएसएसएफ विश्व कप में भारत के सरबजोत सिंह और वरुण तोमर ने देश के लिए दो मेडल जीते। दोनों मेडल 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतिस्पर्धा में आए हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल में खेले जा रहे शूटिंग वर्ल्ड कप में सरबजोत ने अजरबैजान के रुस्लान लुनेव को 16-0 से हराकर 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता वहीं वरुण तोमर ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सरबजोत सिंह हरियाणा के जिला अंबाला के रहने वाले हैं। जबकि ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले वरुण तोमर बागपत के रहने वाले हैं।

21 साल के सरबजोत सिंह टीम और मिश्रित में जूनियर विश्व चैंपियन रह चुके हैं। सरबजोत सिंह ने क्वालिफाइंग राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 585 का स्कोर किया था। वो इसके दम पर रैंकिंग राउंड में पहुंचे। 19 साल के वरुण तोमर ने 579 का बेहतरीन स्कोर किया था। तोमर क्वालिफाइंग में 8वें स्थान पर रहकर रैंकिंग राउंड में पहुंचे।

सरबजोत सिंह ने रैंकिंग राउंड में भी शानदार प्रदर्शन किया। सिंह ने 253।2 का स्कोर किया और टॉप पर रहे। अजरबैजान के शूटर ने 251।9 का स्कोर किया। वरुण तोमर ने 250।3 का स्कोर किया और तीसरे नंबर पर रहे। तोमर ने पिछले काहिर विश्व कप में सरबजोत को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता था। नए रुल के अनुसार पहले दो स्थान पर रहने वाले शूटरों के बीच फाइनल हुआ, जिसमें एक निशाने के दो अंक होते हैं। पहले जो 16 अंक बनाता है वो विजेता बनता है।

शूटिंग वर्ल्ड कप में 33 देशों के 325 शूटर भाग ले रहे हैं। इन देशों में इजरायल, अमेरिका, जर्मनी, जापान, चीन, चेक रिपब्लिक, ब्राजील, अजरबैजान, बांग्लादेश, हर्जेगोविना, बोस्निया, डेनमार्क, फ्रांस, ब्रिटेन, ईरान, कजाकिस्तान, हंग्री, किर्गिस्तान, कोरिया, लिथुआनिया, मालदीव, मेक्सिको, सऊदी अरब, रोमानिया, सिंगापुर, सर्बिया, श्रीलंका, स्विट्जरलैंड, उज्बेकिस्तान और स्वीडन शामिल हैं।

महिलाओं की प्रतिस्पर्धा में कोई मेडल नहीं आया। दिव्या सुब्बाराजू रैंकिंग राउंड में पहुंचीं, लेकिन मेडल नहीं जीत सकीं। रिद्म सांगवान और मनु भाकर भी 13वें और 16वें नंबर पर रहीं। चीन की ली जुई ने गोल्ड, वेई कियान ने ब्रॉन्ज और जर्मनी की डोरेन वेनेकैंप ने सिल्वर मेडल जीता।

KVS Admission 2023: केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन की डेट जारी, जानिए कब और कैसे करें आवेदन

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Kendriya Vidyalaya Admission 2023: केंद्रीय विद्यालयों में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन की डेट आ गई है। हालाँकि केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा 25 मार्च को विज्ञापन के माध्यम से इसकी आधिकारिक रूप से घोषणा की जाएगी। फ़िलहाल केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) द्वारा अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर केंद्रीय विद्यालयों में वर्ष 2023-24 के दौरान कक्षा 1 के साथ-साथ कक्षा 2 से 10 तक की खाली सीटों पर एडमिशन के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसके मुताबिक, केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च सुबह 10 बजे से शुरू हो रही है और 17 अप्रैल को शाम 7 बजे खत्म होगी। वहीं, अन्य कक्षाओं में एडमिशन के लिए आवेदन 3 से 12 अप्रैल 2023 तक किए जा सकेंगे।

20 अप्रैल को चयनित बच्चों की पहली लिस्ट निकाली जाएगी। इस लिस्ट के आधार पर 21 अप्रैल से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सीटें खाली रहने पर दूसरी लिस्ट 28 अप्रैल को और तीसरी लिस्ट 4 मई 2023 को जारी की जाएगी। वहीं, अन्य कक्षाओं के लिए सिलेक्टेड स्टूडेंट्स की लिस्ट 17 अप्रैल को जारी होगी और एडमिशन 18 से 29 अप्रैल तक लिया जाएगा। केंद्रीय विद्यालयों में कक्षा 1 और अन्य कक्षाओं के लिए आवेदन ऑफिशियल वेबसाइट https://kvsonlineadmission.kvs.gov.in पर किए जा सकेंगे।

एडमिशन के लिए आयु सीमा

कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की उम्र कम से कम 6 साल और अधिकतम 8 साल होनी चाहिए। उम्र की गिनती 31 मार्च 2023 से जाएगी। कक्षा 2 और 3 के लिए छात्रों की उम्र 7 से 9 साल के बीच, कक्षा 4 के लिए उम्र 8 से 10 साल, कक्षा 5 के लिए उम्र 9 से 11 साल, कक्षा 6 के लिए उम्र 10 से 12 साल, कक्षा 7 के लिए 11 से 13 साल, कक्षा 8 के लिए उम्र 12 से 14 साल निर्धारित की गई है।

भर्ती प्रक्रिया

केंद्रीय विद्यालय की ओर से सबसे पहले शिक्षा का अधिकार यानी RTE के तहत चुने गए बच्चों के ​अलावा आरक्षण के दायरे में आने वाले बच्चों का एडमिशन किया जाएगा। उसके बाद सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। फिर भी अगर सीटें खाली रह गईं तो जनरल कोटे से बच्चों को एडमिशन मिलेगा। एडमिशन के लिए शिक्षा का अधिकार यानी (RTE)  के लिए 25 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 15 तो अनुसूचित जनजाति के लिए 7.5 प्रतिशत और ओबीसी के लिए 27 फीसद सीटें आरक्षित की गई हैं।

पहली अधिसूचना में भी सीटें खाली रह गईं तो एडमिशन के लिए 3 मई को दूसरी अधिसूचना जारी की जाएगी और 4 मई से बाकी बची सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। यह प्रक्रिया 11 मई तक चलेगी। इसमें चयनित बच्चों की लिस्ट 18 मई को आएगी और 25 मई तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

आवेदन के लिए ये डाक्यूमेंट्स जरूरी

  • बच्चें का जन्म प्रमाण पत्र
  • बच्चे का आधार कार्ड, न होने पर माता पिता का आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बच्चे की 2 पासपोर्ट साइज फोटो
  • वैलिड मोबाइल नंबर और मेल आईडी

11वीं में पंजीकरण के लिए अलग नियम

11वीं में दाखिला लेने के लिए 10वीं के परिणाम घोषित होने के 10 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना होगा। संगठन नतीजे जारी होने के 20 दिनों के भीतर लिस्ट जारी करेगा। छात्र को परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के अंदर दाखिला कराना होगा। जयादा जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर नोटिफिकेशन पढ़ें।

केवीएस एडमिशन 2023 नोटिफिकेशन

केवीएस एडमिशन 2023 शेड्यूल

 

राज्य सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर सीएम धामी ने दिया संदेश, 2025 तक उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाएंगे

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CM Dhami gave Diwali bonus gift to 1.5 lakh government employees of the state

Dehradun News: राज्य सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में यह पहला अवसर रहा, जब एक ही पार्टी की सरकार को जनता ने दोबारा अपना आशीर्वाद दिया है। वह सभी को विश्वास दिलाते हैं कि जनता ने जो अपेक्षाएं उनसे की हैं, वह उन पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार 2025 तक उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए संकल्पबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड तेजी से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरे विश्व ने पहचाना है, माना है। यह भारत की बढ़ती शक्ति का परिणाम है कि भारत को G20 की अध्यक्षता मिली है। बड़ी प्रसन्नता की बात है कि उत्तराखण्ड में भी G 20 की तीन बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

हमारी सरकार युवाओं के लिए समर्पित सरकार है। हमने भर्ती माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले 80 से ज्यादा लोगों को जेल में डाला है। हमारे युवाओं के साथ कोई धोखा करने की सोचे भी नहीं, इसके लिये हमने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया है। पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। तीन परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। अन्य परीक्षाओं का आयोजन जारी कैलेण्डर के अनुसार किया जा रहा है।

हमने चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता का वायदा किया था और जनता जनार्दन से हमें भरपूर आशीर्वाद भी मिला। समान नागरिक संहिता के लिये गठित समिति जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, आमजन आदि से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार कर रही है।

जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये हमारी सरकार ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक पारित किया है। इसके मायने यह हुए कि प्रदेश में अब मतांतरण कराने वालों पर रोक लगेगी। हमारे प्रदेश की बहनें बहुत ही कठिन परिस्थितियों में काम करती हैं। हमने प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कानून बना कर एक बार लागू की है।

पिछले वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। हमारी सरकार जो कहती है वो करती है। हमने जनता से जो भी वायदे किये हैं, उन्हें अवश्य पूरा करेंगे। हमने समान नागरिक संहिता की दिशा में मजबूत पहल की है। राज्य के अन्त्योदय परिवारों को वर्ष में 3 गैस रीफिल निशुल्क दी जा रही है।

स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की शुरूआत करने में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में है।  राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए नई खेल नीति लाई गई है।

उद्योगों को आकर्षित करने के लिये लघु एवं सूक्ष्म उद्योग विभाग ने कस्टमाइज पैकेज की नीति तैयार की है। नई स्टार्ट अप नीति भी तैयार की गई है। एम.एस.एम.ई के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक संस्थानों की स्थापना की जाएगी।

उद्योग अनुकूल नीतियों और प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम से निवेशक राज्य में आए हैं।

हमने राज्य में निशुल्क जांच योजना प्रारम्भ की है। इसके तहत मरीजों को 207 प्रकार की पैथेलॉजिकल जांचों की निशुल्क सुविधा मिल रही है।

आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना में प्रदेश के सभी परिवारों को 5 लाख रूपये वार्षिक तक के निशुल्क ईलाज की सुविधा दी जा रही है।  टेली मेडिसिन के लिए 400 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 04 मेडिकल कॉलेज से जोड़ा गया है।उधमसिंहनगर जिले में एम्स का सैटेलाईट सेंटर बनने से एक बड़ी आबादी को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ, अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि पर खास तौर पर फोकस किया गया है। अपणि सरकार पोर्टल,  ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन, के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिये भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 लांच किया गया। वोकल फॉर लोकल पर आधारित ‘एक जनपद दो उत्पाद’ योजना से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलेगी।

पिछले वर्ष 45 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किये। कोविड से पूर्व वर्ष की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक यात्री यहां आए। कुशल प्रबंधन से कांवड़ यात्रा भी निर्विघ्न सम्पन्न हुई। करोड़ों कांव़ड़ यात्री गंगा जल लेकर गये। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की दिशा में आगे बढ़ते हुए केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम की तर्ज पर कुमाऊ के पौराणिक और प्राचीन मंदिरों के विकास के लिय हम मानसखण्ड मंदिर माला मिशन पर काम कर रहे हैं।

हम आकर्षक नई पर्यटन नीति लेकर आए हैं। इसमें स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 100 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया है। हमारी 06 एरोमा वैली विकसित किये जाने की योजना है। मिशन एप्पल और मिशन किवी के साथ ही मिशन दालचीनी, मिशन तिमरु प्रारंभ करने का निर्णय किया है।

वर्ष 2025 उत्तराखण्ड को को देश का नम्बर एक राज्य बनाने के लिये हम विकल्प रहित संकल्प के साथ काम कर रहे हैं। हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हम समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करेंगे।”

इन खिलाड़ियों को मिलेगा देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार, द्रोणाचार्य अवार्ड और लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड, 24 मार्च को सीएम धामी करेंगे सम्मानित

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Devbhoomi Uttarakhand Khel Ratna Award

Uttarakhand Khel Ratna Award :  उत्तराखंड के खिलाड़ी हॉकी, क्रिकेट के मैदान से लेकर बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों में देश और दुनियाभर में अपना लोहा मनवा चुके हैं, लेकिन पिछले चार साल से कई वजहों से राज्य के खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को पुरस्कार नहीं मिल पाए थे। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य में कोविड एवं अन्य वजहों से पिछले चार वर्षों से खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को पुरस्कृत नहीं किया जा सका था, लेकिन अब पुरस्कारों की घोषणा के बाद इन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।

इस बार उत्तराखंड के तीन खेल प्रशिक्षकों को देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड और दो खिलाड़ियों को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार तथा एक खिलाड़ी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए चयनित किया गया है।

इसके साथ ही द्रोणाचार्य और खेल रत्न पुरस्कारों के लिए नामों की सूची जारी कर दी गई है। 24 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में  वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 तक के देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार, लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार एवं वर्ष 2021 एवं 2022 में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों एवं उनके प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

पुरस्कारों के साथ ही वर्ष 2021 एवं 2022 के राष्ट्रीय स्तर के 168 पदक विजेता खिलाड़ियों एवं 42 प्रशिक्षकों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को 2.08 करोड़ की धनराशि वितरित की जाएगी।

इन्हें मिलेगा पुरस्कार

देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार

  • वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन
  • वर्ष 2020-21 के लिए एथलेटिक्स चन्दन सिंह

देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार

  • वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिंटन प्रशिक्षक धीरेन्द्र कुमार सेन
  • वर्ष 2020-21 के लिए ताईक्वांडो प्रशिक्षक कमलेश कुमार तिवारी
  • वर्ष 2021-22 के लिए तीरंदाजी प्रशिक्षक संदीप कुमार डुकलान

लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

  • वर्ष 2021-22 का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार सुरेश चन्द्र पांडे को एथलेटिक्स खेल में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा।

उत्तराखंड चार धाम यात्रा 2023 : 22 अप्रैल को खुलेंगे गंगोत्री धाम के कपाट, तैयारियों को पूरा करने को लेकर जिलाधिकारियों को दिये निर्देश

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Gangotri Dham will open on April 22

उत्तरकाशी: श्री गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया  शनिवार 22 अप्रैल को दिन में 12 बजकर 35 मिनट पर खुलेंगे। आज नवसंवत्सर चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर  मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखवा (मुखीमठ) में  श्री 5  मंदिर समिति  गंगोत्री द्वारा मां गंगा भगवती  दुर्गा की पूजा अर्चना के पश्चात विधि विधान पंचाग गणना के पश्चात  विद्वान आचार्यों- तीर्थपुरोहितों द्वारा श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि तथा समय तय किया गया। तथा श्री  5  मंदिर समिति गंगोत्री के अध्यक्ष  एवं तीर्थ पुरोहित  हरीश सेमवाल तथा मंदिर समिति सचिव / तीर्थ पुरोहित सुरेश सेमवाल ने विधिवत कपाट खुलने की तिथि की विधिवत घोषणा की।

मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि इस अवसर पर  मां गंगा की उत्सव डोली के धाम प्रस्थान का भी कार्यक्रम तय हुआ।  शुक्रवार21 अप्रैल को मां गंगा की उत्सव डोली  समारोह पूर्वक सेना के बेंड  के साथ मुखीमठ से प्रस्थान कर भैरवनाथ जी के मंदिर भैंरो घाटी  प्रवास हेतु पहुंचेगी। 22 अप्रैल को भैंरो घाटी से मां गंगा की डोली 9.30  बजे प्रात:तक  गंगोत्री धाम पहुंच जायेगी तथा 22 अप्रैल को दिन में 12 बजकर 35 मिनट पर श्री गंगोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जायेंगे।

कपाट खुलने की तिथि तय होने के अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष हरीश सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, कोषाध्यक्ष महेश सेमवाल,उमेश सेमवाल,मंद्राचल सेमवाल,गिरीश सेमवाल, वसुदेव सेमवाल मौजूद रहे।

यहां यह उल्लेखनीय है कि मां यमुना  के कपाट भी अक्षय तृतीया के दिन खुलते है। यमुना जयंती के अवसर पर कपाट खुलने की तिथि समय की विधिवत घोषणा होगी। वही श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल प्रात: 7 बजकर दस मिनट तथा श्री केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल प्रात: 6 बजकर 20 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ  खुलेंगे।

चारधाम यात्रा प्रशासन संगठन के विशेष कार्याधिकारी / अपर आयुक्त गढ़वाल नरेन्द्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि चारों धामों में सभी विभागों को यात्रा संबंधित तैयारियां तथा कार्य को 15 अप्रैल तक पूरा किये जाने हेतु गढवाल कमिश्नर/ अध्यक्ष यात्रा प्रशासन संगठन सुशील कुमार  द्वारा जिलाधिकारी चमोली , रूद्रप्रयाग तथा उत्तरकाशी को निर्देश  के दिये हैं।

यात्रा प्रशासन संगठन के वैयक्तिक सहायक अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देश पर ऋषिकेश में चारधाम यात्रा ट्रांजिट केंप में  चारधाम यात्रा से पहले आवश्यक यात्री सुविथायें जुटायी जा रही है।

 

चमत्कारी शक्तियों से लोगों को ठीक करने का दावा करने वाले बाबा शंकर करौली की बढ़ी मुश्किलें, नोएडा के डॉक्टर से मारपीट के आरोप में केस दर्ज, जानिए बाबा के बारे में

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Baba Shankar Karauli

इन दिनों उत्तर प्रदेश के करौली शंकर बाबा मीडिया में सुर्खियों में बने हुए हैं। बाबा दावा करते हैं कि वह अपनी चमत्कारिक शक्तियों से सभी लोगो को ठीक कर देते हैं।‌ 2 दिन पहले आए वीडियो में एक डॉक्टर के साथ कथित मारपीट के मामले में और ज्यादा चर्चा में आ गए। इनका असली नाम है संतोष सिंह भदौरिया। ‌कानपुर के करौली सरकार आश्रम में डॉक्टर से मारपीट के मामले में बाबा संतोष सिंह भदौरिया पर केस दर्ज हुआ है।

मंगलवार शाम को एक वीडियो सामने आया। इसमें बाबा कहते दिख रहे हैं कि कौन आदमी, हमें पता ही नहीं। इस बयान के चंद घंटे बाद ही उनके दरबार का एक और वीडियो सामने आया। वहीं, बुधवार दोपहर के वक्त करौली सरकार आश्रम में पुलिस टीम जांच करने पहुंची है। पिछले दिनों वायरल हुए वीडियो में एक नोएडा के डॉक्टर ने बाबा के ऊपर मारपीट का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसी मामले में कानपुर की पुलिस करौली शंकर बाबा से पूछताछ कर रही है।

दरअसल नोएडा से उपचार कराने आए डॉ सिद्धार्थ चौधरी ने करौली शंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है कि जब उन्होंने बाबा से चमत्कार ना दिखने की बात की तो उनके बाउंसरों ने कमरे में बंद करके उनको लोहे की रॉड से और लात घूंसे से मारा और लहू लुहान कर दिया। डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी ने कानपुर के संतोष सिंह भदौरिया ऊर्फ करौली बाबा के सेवादारों पर मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। डॉक्टर का आरोप था कि उन्होंने बाबा को चमत्कार दिखाने को कहा था जिस पर बाबा नाराज हो गए और उनको पागल कहने लगे। इसके बाबा ने अपने सेवादारों से कहा कि इसको चमत्कार दिखा दो। फिर सेवादारों ने मारपीट की थी, जिससे उसका सिर फट गया था और उसको काफी गंभीर चोटें आयी थीं।

कानपुर में करौली आश्रम में डॉक्टर से मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। थाना क्षेत्र बिधनू के अंतर्गत करौली गांव में संतोष सिंह भदौरिया का आश्रम है, जिसे करौली सरकार के नाम से भी जाना जाता है। करौली सरकार के आश्रम में चमत्कार के माध्यम से लोगों के इलाज करने का दावा किया जाता है। झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के माध्यम से इलाज करने के लिए बकायदा लोगों से अच्छी-खासी रकम ली जाती है। डॉक्टर सिद्धार्थ चौधरी ने बताया, ‘मैंने बाबा से कहा कि बाबा मैं परेशान रहता हूं तो उन्होंने माइक से फूंक कर कहा “नमः शिवाय”। उन्होंने दो बार ऐसा कहा। इस पर मैंने उनसे कहा कि बाबा मुझे इससे कोई फायदा नहीं हुआ। यह सुनते ही बाबा भड़क गये और उन्होंने उनको डांट कर अपने बाउंसरों को बुला दिया और बाहर निकाल दिया। बाबा से आदेश मिलने के बाद बाउंसर सिद्धार्थ को एक कमरे में ले गए। उनका आरोप है कि यहां उनको लोहे की रॉड और हथियारों से मारा-पीटा गया। पिटाई के चलते उनके सिर में गंभीर चोटें भी आई हैं। उन्होंने करौली सरकार उर्फ संतोष सिंह भदौरिया और उनके साथियों पर धारा 323, 504 और 325 आईपीसी में एफआईआर दर्ज कराई है।

आज कानपुर के पास बाबा करौली के करोड़ों रुपए का साम्राज्य बना लिया है। करौली बाबा के यहां भक्तों का रेला आनने लगा तो उनका साम्राज्य काफी बड़ा हो गया। करौली बाबा बनने के बाद धन की वर्षा शुरू हो गई। इसके बाद संतोष बाबा ने तीन साल में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर लिया। उनका आश्रम 14 एकड़ में फैला हुआ है। आश्रम में फाइव स्टार होटल जैसी फैसिलिटी है। आश्रम के अंदर ही होटल और फ्लाइट रेलवे की बुकिंग के काउंटर लगे हुए हैं। पूजा की सामग्री खरीदने के लिए अलग-अलग काउंटर बने हैं।

यूपी के उन्नाव में जन्मे संतोष सिंह भदौरिया ने किसान आंदोलन से बनाई अपनी पहचान

बाबा का ‘धार्मिक’ नाम है करौली बाबा, लेकिन इनका असली नाम संतोष सिंह भदौरिया है। बाबा संतोष सिंह भदौरिया मूल रूप से यूपी के उन्नाव जिले के बारह सगवर के रहने वाले हैं। बाबा के पेशे में आने से पहले वो किसान नेता हुआ करते थे और देश के दिग्गज किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के साथ काम किया करते थे। संतोष सिंह ने महेंद्र सिंह टिकैत के साथ कई किसान आंदोलनों में बढ़-चढ़कर कर भाग लिया। उसी समय कानपुर में किसान यूनियन बड़े नेता संतराम सिंह की हत्या हो गई। इसके बाद महेंद्र सिंह टिकैत ने संतोष सिंह भदौरिया को कानपुर के सरसोल क्षेत्र की देखरेख करने के लिए बागडोर सौंप दी। इसी समय किसान यूनियन ने बड़ा प्रदर्शन किया और प्रदर्शन के दौरान किसान नेता संतोष सिंह की पुलिस से भिड़ंत हो गई। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया।

यूपी पुलिस ने उन पर गुंडा एक्ट के साथ में गैंगस्टर लगा दिया। जेल जाने के बाद संतोष सिंह भदौरिया एका-एक किसानों के बीच प्रसिद्ध हो गए। इसी के बाद उनकी किस्मत बदलती चली गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल से उनकी नजदीकियां बढ़ने के बाद संतोष सिंह भदौरिया को कोयला निगम का चेयरमैन बना दिया गया। बाद में सवाल उठाने के बाद उनको निगम से हटा दिया गया। इसी के बाद भदौरिया का उदय हुआ और उन्होंने ‘करौली आश्रम’ की स्थापना की।

किसान नेता संतोष सिंह भदौरिया अब बाबा बनकर प्रवचन करने लगे। धीरे-धीरे उनके अनुयायियों की संख्या बढ़ने लगी और वो मजबूत होने लगे। उनके आश्रम में जड़ी-बूटियों से इलाज करने का दावा किया जाता है। आश्राम में करौली सरकार राधा रमण मिश्र और कामाख्या माता का मंदिर है। कानपुर और उसके आसपास के लोग संतोष सिंह भदौरिया को करौली बाबा के नाम से जानते हैं। फिलहाल करौली बाबा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

उत्तराखंड में खुलेगा खेल विश्वविद्यालय, सीएम धामी ने अधिकारियों के साथ बैठक में विशेषज्ञों से सुझाव लेने के दिए निर्देश

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Sports University in Uttarakhand

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय के सबंध में अधिकारीयों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि खेल विश्वविद्यालय के लिए अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ ही खेल एवं आवश्यक शैक्षणिक गतिविधियों के लिए इस क्षेत्र के विषय विशेषज्ञों के सुझाव लिये जाएं। विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के सबंध में अग्रिम आवश्यक कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी स्थित खेल मैदान का बेहतर तरीके से उपयोग हो सके, इसके लिए हल्द्वानी में भी खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए संभावनाएं तलाशी जाएं। इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त भूमि की व्यवस्था पर भी उन्होंने ध्यान देने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं हैं। राज्य में युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। 2024 में उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन होना है। नई खेल नीति में खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल विश्वविद्यालय बनने से राज्य के युवाओं को खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

बैठक में खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, खेल निदेशक जितेन्द्र सोनकर उपस्थित थे।

ग्रेटर नोएडा से उत्तराखण्ड के तीन शहरों के लिए सीधी बस सेवा का 24 मार्च से ट्रायल शुरू, देखें टाइम टेबल तथा स्टार्ट पॉइंट

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ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में रह रहे हजारों प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति के प्रयासों से ग्रेटर नोएडा से उत्तराखण्ड के तीन शहरों के लिए जल्द ही सीधी बस सेवा शुरू होने जा रही है। उत्तराखण्ड सांस्कृतिक समिति ग्रेटर नोएडा के अध्यक्ष जे.पी.एस. रावत के नेतृत्व में समिति के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने बुधबार को नोएडा रोडवेज़ डिपो पहुंचकर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (ARM) एनपी सिंह से मुलाकात कर इस सम्बन्ध में एक ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधि मंडल ने लिखित ज्ञापन के द्वारा एआरएम एनपी सिंह को अवगत कराया कि वर्तमान में ग्रेटर नोएडा और आस-पास के क्षेत्र में उत्तराखण्ड के करीब 10 हजार लोग रह रहे हैं। और यहाँ से प्रतिदिन कई लोग उत्तराखण्ड के प्रमुख शहरों देहरादून, हरिद्वार,नैनीताल, कोटद्वार, अल्मोड़ा, रुद्रपुर, ऋषिकेश आदि शहरों के लिए आवागमन करते रहते हैं। परन्तु वर्तमान ने ग्रेटर नोएडा से उपरोक्त शहरों के लिए सीधी बस सेवा न होने के कारण यात्रियों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करते हुए पहले यहाँ से ISBT कश्मीरी गेट, आनंद विहार या मोहन नगर जाना पड़ता है। और फिर वहां से उत्तराखण्ड के लिए बस पकडनी पड़ती है। जिसमे पैसे के साथ-साथ समय की भी बर्बादी होती है। अगर रोडवेज द्वारा ग्रेटर नोएडा से उत्तराखण्ड के इन शहरों के लिए सीधी बस सेवा शुरू कर दी जाए तो यहाँ रह रहे हजारों लोगों को आवागमन में अत्यधिक सहूलियत हो जाएगी।

एआरएम एनपी सिंह ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए समिति की मांग को गंभीरता से लिया और इस पर तत्काल निर्णय देते हुए ग्रेटर नोएडा से उत्तराखंड के तीन शहरों कोटद्वार, हरिद्वार तथा रुद्रपुर के लिए सीधी बस सेवा का ट्रायल शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

ARM एनपी सिंह ने बताया कि बसों का रूट निर्धारित करके शुक्रवार सुबह यानी (24 मार्च 2023) से ग्रेटर नोएडा के सिटी पार्क/ पारी चौक से उत्तराखंड के तीन शहरों कोटद्वार, हरिद्वार तथा रुद्रपुर के लिए रोड़वेज बसों का परिचालन ट्रायल के तौर पर शुरू करने का निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शीघ्र ही इसका विधिवत उद्घाटन किया जाएगा और इन शहरों के लिए बस सेवा सुचारू रूप से चलने लगेगी.

वहीँ समिति के अध्यक्ष जेपीएस रवार ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में रह रहे हजारों उत्तराखंड मूल के लोगों की यह एक बड़ी समस्या थी जिसका समाधान एआरएम एनपी सिंह द्वारा तत्काल प्रभाव से निकाला गया है। इसके लिए उनहोंने समिति की ओर से एआरएम एनपी सिंह का आभार व्यक्त किया।

बसों की समय सारिणी (24 मार्च 2023 से  ट्रायल)

         स्टार्ट पॉइंट                      टाइम          एंड पॉइंट     

  1. ग्रेटर नोएडा (सिटीपार्क/परी चौक) 06:00 AM   कोटद्वार
  2. ग्रेटर नोएडा (सिटीपार्क/परी चौक) 07:00 AM   हरिद्वार
  3. ग्रेटर नोएडा (सिटीपार्क/परी चौक) 06:20 AM   रूद्रपुर

इस मौके पर समिति के अध्यक्ष जे.पे.एस. रावत  के अलावा महासचिव तारादत्त शर्मा, वरिष्ठ सलाहकार जनेंद्र पाल रावत तथा समिति के वरिष्ठ सदस्य जीसी भट्ट मौजूद रहे।

सीएम धामी ने प्रदेश के 824 नवनियुक्त एएनएम को सौंपे नियुक्ति पत्र, अप्रैल में उत्तराखंड को मिलेंगे 300 डॉक्टर

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Dehradun News: उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में डॉक्टरों और एएनएम की कमी को पूरा किए जाने को लेकर लगातार डॉक्टरों और एएनएम की भर्ती कर रहा है। इसी क्रम में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवा सदन में प्रदेश के नवनियुक्त 824 एएनएम को नियुक्ति पत्र दिए जाने को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन सभी नवनियुक्त एएनएम को नियुक्ति पत्र सौंपा। हालांकि देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान टिहरी, देहरादून और हरिद्वार के एएनएम को नियुक्ति पत्र सौंपा गया है। बाकी अन्य जिलों में एएनएम को नियुक्ति पत्र सौंपा जा रहा है।

शिशु मृत्यु दर कम करने को प्लान: कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्य रूप से एएनएम यानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला का काम गर्भवती महिलाओं और शिशुओं से जुड़ा होता है। लिहाजा इन सभी एएनएम को इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को प्रसव से एक हफ्ते पहले अस्पतालों में भर्ती कराए जाने की बात कही है, ताकि प्रदेश में शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि एएनएम अपने क्षेत्र में पांच लोगों को अंगदान करने के लिए प्रेरित करें। साथ ही पांच अन्य लोगों को ब्लड डोनेट करने के लिए प्रेरित करें।

चारधाम यात्रा में तैनात रहेंगी एएनएम: इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्री ने एएनएम को इस बात के लिए भी निर्देश दिए गए हैं कि हर ग्राम सभा में महीने में दो बार सीएचओ और आशा के साथ मिलकर स्वास्थ्य चौपाल लगाएंगे। इस चौपाल को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य चौपाल का नाम दिया गया है। हर 15 दिन में लगाई जा रही चौपाल में 50 लाख लोगों को शामिल करने का भी लक्ष्य रखा गया है। यही नहीं, स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने सभी एएनएम से अनुरोध किया कि जो भी एएनएम चारधाम यात्रा में तैनात की जाएंगी, वो श्रद्धालुओं के साथ बेहतर व्यवहार करें।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि आज जिन 824 स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिलाओं को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है, उन सभी को अगले 5 साल तक पर्वतीय क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देनी होंगी। लिहाजा 5 साल से पहले कोई भी तबादले के लिए सोर्स- सिफारिश ना करें। साथ ही कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किए जाने के लिए 171 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भी नियुक्ति की जा रही है। जिसके तहत 60 असिस्टेंट प्रोफेसरों को मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा, 60 असिस्टेंट प्रोफेसरों को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के साथ ही 40 से 45 असिस्टेंट प्रोफेसरों को हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में तैनात किया जाएगा।

अप्रैल में उत्तराखंड को मिलेंगे 300 डॉक्टर

कार्यक्रम के दौरान ही स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अप्रैल महीने के पहले वीक में समय मांगा है ताकि अप्रैल में पास होने वाले 300 एमबीबीएस डॉक्टरों को भी नियुक्ति पत्र दिया जा सके। ये सभी डॉक्टर भी अगले 5 साल तक पर्वतीय क्षेत्रों में ही सेवाएं देंगे। क्योंकि इन सभी एमबीबीएस डॉक्टर्स ने सरकार से बॉन्ड के तहत पढ़ाई की है। लिहाजा अगर ये बॉन्ड तोड़ते हैं तो इन्हें एक करोड़ रुपए हर्जाना देना होगा। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार साल 2024 तक उत्तराखंड राज्य में एमबीबीएस डॉक्टर्स सरप्लस हो जाएंगे, हालांकि 300 सर्जन और स्पेशलिस्ट की जरूरत होगी।

वहीं, कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार मातृशक्ति को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। साथ ही कहा कि बजट में महिलाओं को आगे लाने के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है। सीएम धामी ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर कहा कि आज भी महिलाओं का जीवन पर्वतीय क्षेत्रों पर काफी संघर्ष भरा है, क्योंकि यह हमेशा ही देखने को मिलता है कि महिला जंगलों में लकड़ी और घास लेने जाती है और वहीं पर महिला का प्रसव हो जाता है।