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केजरीवाल सरकार ने पेश किया बजट : दिल्ली को संवारने, विकास, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर रहा फोकस, यह रहीं बड़ी घोषणाएं

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Kejriwal government presented budget

New Delhi: केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच छिड़ी सियासत के बाद अरविंद केजरीवाल सरकार ने आज विधानसभा में बजट पेश किया। वैसे तो ये दिल्ली सरकार का 9वां बजट है लेकिन इस पर मचे घमासान के बाद ये बजट और भी अहम हो गया। दिल्ली सरकार में वित्‍त मंत्री कैलाश गहलोत ने बुधवार सुबह 11 बजे विधानसभा में दिल्‍ली का बजट पेश किया। वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने 78 हजार 800 करोड़ का बजट पेश किया।

कैलाश गहलोत ने अपने पिटारे में से इस साल मोहल्ला बस का तोहफा निकाला है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 26 नए फ्लाईओवर, 3 डबल डेकर फ्लाईओवर, अंडर पास और पुल बनाने का एलान किया है। विधानसभा के पटल पर बजट पेश करते हुए गहलोत ने कहा कि अगर मनीष सिसोदिया बजट पेश करते तो उन्‍हें खुशी होती। गहलोत ने अपने बजट भाषण में आम आदमी पार्टी के गवर्नेंस मॉडल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जनता के सपनों को पूरा करना, उन्‍हें मुफ्त बिजली-पानी और बढ़िया शिक्षा देना ही दिल्‍ली मॉडल का मतलब है।

एजुकेशन सेक्टर के लिए बजट में 16,575 करोड़ रुपए दिए गए हैं। दिल्ली सरकार के स्कूलों में अब फ्रैंच, जर्मन, जापानी और स्पेनिश भाषा भी पढ़ाई जाएगी। हर सरकारी स्कूल को 20 नए कम्प्यूटर दिए जाएंगे। स्थानीय निकायों को 8,241 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। इस साल के अंत तक 1600 इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली को मिलेंगी। 2 साल के भीतर दिल्ली के तीनों गार्बेज डम्पिंग ग्रांउड साफ कर दिए जाएंगे। दिसंबर 2023 तक ओखला लैंडफिल, मार्च 2024 तक भलस्वा लैंडफिल और दिसंबर 2024 तक गाजीपुर लैंडफिल साफ हो जाएगा। इसके लिए एमसीडी को 850 करोड़ रुपए का लोन दिया जाएगा।

यमुना साफ करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की क्षमता बढ़ाई जाएगी। सभी कॉलोनियों को सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस साल 26 नए फ्लाईओवर, अंडरपास और ब्रिज बनाएंगे। मौजूदा 57 बस डिपो का इलेक्ट्रिफिकेशन करेंगे। कूड़े के तीनों पहाड़ों का दो साल में अंत सुनिश्चित करेंगे। दिसंबर 2023 तक ओखला लैंडफिल साइट, दिसंबर 2024 गाजीपुर लैंडफिल, मार्च 2024 तक भलस्वा लैंडफिल साइट का अंत सुनिश्चित करेंगे। आनंद विहार और सराय काले खां में वर्ल्‍ड क्‍लास आईएसबीटी बनेगा। इसके अलावा द्वारका में आईएसबीटी को डेवलप किया जाएगा।

कैलाश गहलोत ने कहा कि यह हम डेडलाइन दे रहे हैं और करके दिखाएंगे। कैलाश गहलोत ने शायरी में कहा, जो कामयाबी हासिल करने का जूनून रखते हैं वो समुंदर पर भी पत्थर का पुल बना देते हैं। इससे पहले बजट मंगलवार सुबह पेश होने वाला था, लेकिन सोमवार रात सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि गृह मंत्रालय ने इस पर ब्रेक लगा दिया है।

सीएम केजरीवाल और एलजी वीके सक्सेना दोनों ने एक-दूसरे पर बजट रोकने का आरोप लगाया था। केजरीवाल के आरोपों के बाद उप राज्यपाल कार्यालय के तरफ से सफाई आई कि को कुछ टिप्पणियों के साथ बजट को मंजूरी दी गई थी और फाइल मुख्यमंत्री को भेजी गई। इसके बाद दिल्ली सरकार ने गृह मंत्रालय को एक पत्र भेजकर राष्ट्रपति की मंजूरी मांगी। और उसके बयान के अनुसार मुख्यमंत्री की ओर से फाइल भेजने का वह इंतजार कर रहे थे। हालांकि इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच बजट एक दिन टल गया। औपचारिकताएं पूरी होन के बाद बुधवार को बजट पेश किया गया।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को दी नवसंवत्सर तथा चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को नवसंवत्सर के साथ ही चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं दी है। चैत्र नवरात्रि को शक्ति की उपासना का पर्व बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व हमें नवीन उत्साह के साथ देश व समाज की सेवा की भी प्रेरणा देता है।

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन परम्परा में किसी भी शुभ कार्य के प्रारम्भ में संकल्प लेने का विधान रहता है। शक्ति के अनुष्ठान का यह पर्व रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यों के प्रति प्रेरणा प्रदान करने वाला हो इसका हमें संकल्प लेना होगा। यह नवसंवत्सर सभी के जीवन में सुख, समृद्धि प्रदान करने वाला हो इसकी भी उन्होंने कामना की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यह पर्व भारतीय संस्कृति की महान परंपरा का प्रतीक है। नवरात्र का यह पर्व समाज में नारी के महत्व और सामर्थ्य को दर्शाता है। इस अवसर पर किया जाने वाला कन्यापूजन नारी शक्ति के महत्व का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्र को इस बार प्रदेश में नारी शक्ति उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक जिले में देवी उपासना के कार्यक्रम आयोजित होंगे। हमारे वेदों और पुराणों में चैत्र नवरात्रि को विशेष महत्व दिया गया है। इसे आत्मशुद्धि तथा सद् प्रवृत्ति का आधार माना गया है।

चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का पूजन करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है तथा एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अतः चैत्र नवरात्रों की उत्तराखण्ड राज्य में व्यापक धार्मिक महत्ता के दृष्टिगत इस दौरान प्रदेश में सभी प्रमुख देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी से नारियों के सम्मान की भी अपील की है।

दिल्ली में पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाने के मामले में 100 लोगों पर एफआईआर दर्ज, 6 गिरफ्तार

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6 arrested for putting up objectionable posters against PM Modi in Delhi

New Delhi: दिल्‍ली पुलिस ने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्‍टर लगाने के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 100 एफआईआर दर्ज हुई हैं। स्‍पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने बताया कि प्रिंटिंग प्रेस एक्‍ट और प्रॉपर्टी एक्‍ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई हैं। आम आदमी पार्टी के ऑफिस से निकली एक वैन को भी रोका गया।पुलिस के मुताबिक दिल्ली के कुछ हिस्सों में ‘मोदी हटाओ देश बचाओ’ टैक्स्ट वाले पोस्टर लगे थे। इन पोस्टरों में प्रिंटिंग प्रेस का ब्योरा नहीं था।

विशेष सीपी दीपेंद्र पाठक द्वारा समाचार एजेंसी एएनआई को दी गई जानकारी के मुताबिक, पोस्टरों में प्रिंटिंग प्रेस का ब्योरा नहीं था। मामले में प्रिंटिंग प्रेस अधिनियम और संपत्ति विरूपण अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में आम आमदी पार्टी कार्यालय से निकली एक वैन को भी रोका गया। इससे कुछ पोस्टर जब्त किए गए और गिरफ्तारियां की गईं। पिछले कुछ दिनों पहले राजधानी दिल्ली में कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में पोस्टरवार शुरू किया गया था।

दिल्ली के कई इलाकों में जगह-जगह इस संबंध में पोस्टर लगाए जाने के इनपुट्स मिलने पर हरकत में आई दिल्ली पुलिस ने करीब दो हजार पोस्टर को सड़क किनारे दीवारों से उतारे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी कार्यालय से निकलकर डीडीयू मार्ग की ओर जा रही एक वैन को कब्जे में लेते हुए पुलिस ने उसके अंदर से करीब दो हजार से अधिक पोस्टर जब्त किए हैं।

उल्लास-उमंग का पर्व : चैत्र नवरात्र आज से शुरू, नौका पर सवार होकर आएंगी मां, हिंदू नव संवत्सर की भी हो गयी शुरुआत, ब्रह्मा जी ने आज ही के दिन की थी सृष्टि की रचना

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Chaitra Navratri Hindu new year

आज यानी 22 मार्च से चैत्र नवरात्रि के साथ हिंदू नव संवत्सर की भी शुरुआत हो गयी है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का बहुत ही धार्मिक महत्व है। नवरात्रि उत्सव को लेकर देशभर के दुर्गा मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। 9 दिन मां दुर्गा के स्वरूपों को समर्पित रहते हैं। भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं। अष्टमी को नौ कन्याओं को मां का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है। ज्योतिष के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन नाव यानी नौका पर हो रहा है। जबकि, नवरात्रि की समाप्ति पर मां हाथी पर सवार होकर देवलोक को वापस जाएंगी।

9 दिन धार्मिक कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माने जाते हैं। जिसमें लोग ग्रह प्रवेश, जमीन खरीदना, किसी प्रतिष्ठान या दुकान का उद्घाटन करना शुभ मानते हैं। नवरात्रि का पर्व 22 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक चलेगा। इन सभी नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि पर कलश स्थापना के साथ पूजा स्थल पर जौ बोया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जौ के बोने के बाद नौ दिनों तक जैसे जैसे जौ की ग्रोथ होती है उसी एक अनुसार शुभ और अशुभ संकेत मिलता है। अगर इन नौ दिनों में जौ खूब हरा भरा और बड़ा होता है तो ऐसा माना जाता है मां दुर्गा का आशीर्वाद आपके ऊपर है और जीवन में सुख-समृद्धि आने वाली है।

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना का विधान है

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना का विधान है। शुभ मुहूर्त में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना से विशेष फल प्राप्त होता है। 22 मार्च को सुबह 6 बजकर 29 मिनट से सुबह 7 बजकर 39 मिनट तकर कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। घटस्थापना के लिए साधक को 1.10 मिनट का समय मिलेगा। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना करने से 9 दिन की पूजा पुण्य फलदायी होती है।

नवरात्रि के पहले दिन हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मां के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना की जाती है। मां दुर्गा की पूजा-उपासना से जातक को हर मुश्किल से छुटकारा मिल जाता है। पुराणों में कलश या घट स्थापना को सुख-समृद्धि, वैभव, ऐश्वर्य और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना गया है।

मान्यता है कि कलश में सभी ग्रह,नक्षत्रों, तीर्थों, त्रिदेव, नदियों, 33 कोटि देवी-देवता का वास होता है। इस दौरान पुरुषार्थ सिद्धि के लिए दुर्गा पूजन के साथ-साथ सप्तशती का पाठ भी किया जाता है। 30 मार्च को भगवान श्री राम का जन्म यानी रामनवमी मनाई जाएगी। नवरात्रि का प्रारंभ गजकेसरी योग, बुधादित्य योग, हंस योग, शश योग, धर्मात्मा और राजलक्ष्मण योग के साथ-साथ उत्तराभाद्रपद नक्षत्र जिसके स्वामी स्वयं शनि है, के साथ हो रहा है, इस वजह से यह पर्व और भी ज्यादा शुभ प्रभाव देने वाला होगा।

22 मार्च से 30 मार्च तक इन नौ देवियों की भक्त करेंगे पूजा अर्चना

  1. 22 मार्च : कलशस्थापन, मां शैल पुत्री की पूजा
  2. 23 मार्च : मां ब्रह्मचारिणी की पूजा।
  3. 24 मार्च : मां गौरी तृतीया व्रत, मां चंद्रघंटा की
  4. 25 मार्च : माता कुष्मांडा की पूजा।
  5. 26 मार्च : श्री पंचमी व्रत, लक्ष्मी-पूजन और स्कंदमाता की पूजा, मीनावतार और राम राज्याभिषेक उत्सव
  6. 27 मार्च : विल्वाभिमंत्रण, मां कात्यायनी आराधना
  7. 28 मार्च: पत्रिका प्रवेश और निशा पूजा, कालरात्रि आराधना
  8. 29 मार्च: महाष्टमी व्रत, महागौरी आराधना।
  9. 30 मार्च: महानवमीव्रत, रामनवमी, मां सिद्धिदात्री आराधना।

हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत 2080 की भी हो गयी शुरुआत

आज से ही नव संवत्सर यानी हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2080) की भी शुरुआत हो रही है। मान्यता है कि नवरात्रि के पर्व तथा नव संवत्सर के प्रारंभ की तिथि से ही सृष्टि की रचना का क्रम शुरू हुआ था। विक्रमादित्य पंचांग अर्थात विक्रम संवत भी चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से ही प्रारंभ हुआ था इसलिए नव संवत्सर की शुरुआत के तौर पर मनाया जाता है। ब्रह्म पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सृष्टि का आरंभ इसी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से किया था।

महापराक्रमी सम्राट विक्रमादित्य ने अपने नाम से संवत्सर का प्रारंभ भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन से किया, इसलिए इस संवत्सर को विक्रमी संवत्सर भी कहा जाता है। इस तरह 2079 वर्ष पूरे हो चुके हैं और 22 मार्च से विक्रमी संवत 2080 शुरू हो जाएगा। नव संवत्सर को लेकर हिंदू संगठनों में उत्साह और उमंग छाया हुआ है। सोशल मीडिया पर हिंदू नव वर्ष को लेकर शुभकामनाएं देने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

Earthquake in Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर में आया भूकंप, काफी देर तक हिलती रही धरती

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earthquake in uttarakhand

Earthquake in Delhi-NCR: दिल्ली एनसीआर के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. दिल्ली और आसपास के कई क्षेत्रों में लोग घरों से बाहर निकल गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.6 रही. जो कि काफी ज्यादा है. भारत में दिल्ली-एनसीआर के अलावा कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किये गए हैं. जम्मू-कश्मीर में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए जाने के बाद श्रीनगर में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए.

भूकंप के झटके दिल्ली के आसपास के इलाकों के अलावा हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी महसूस किए गए। राजस्थान में भी झटके महसूस किए गए हैं। बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था। भूकंप की तीव्रता 6.6 मापी गई है। भूकंप के कारण कुछ जगहों पर लोगों के बीच दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल गए. उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद में लोगों सड़कों पर निकल गए. नोएडा की हाईराइज सोसाइटीज से लोग घरों से उतरकर पार्क में आ गए. भूकंप इतना तेज था कि लोग काफी डर गए. भूकंप की दहशत के चलये नोएडा में लोग बड़ी बड़ी इमारतों से निकलकर बाहर पार्क में आ गए हैं.

भूकंप करीब 10 बजकर 21 मिनट पर महसूस किया गया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर 6.6 की तीव्रता वाला भूकंप अफगानिस्तान के हिन्दूकुश है.

जानकारी के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिन्दूकुश में बताया जा रहा है. इसके अलावा तुर्कमेनिस्तान, भारत, कजाकिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उजबेकिस्तान, चीन में भूकंप के झटके महसूस किये गए. भारत में भूकंप दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड सहित पूरे उत्तर भारत में महसूस किये गए हैं. फ़िलहाल कोई जान माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है.

इसबीच दिल्ली के शकरपुर इलाके से एक इमारत के झुकने की खबर मिली है. हालाँकि वहां से सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं. इस आल अबतक दिल्ली-एनसीआर में तीसरी बार भूकंप के झटके महसूस किये गए हैं.

चार धाम में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को केन्द्र से मांगे 500 करोड़, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में खुलेगी कैथ लैब, ट्रामा सेंटर और मॉड्यूलर ओटी

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Dehradun News:  राज्य सरकार ने चार धाम एवं यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिये केन्द्र सरकार से 500 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने की मांग की है। जिसके लिये विभागीय अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के समक्ष योजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण देकर डीपीआर को अंतिम रूप दिया। नई योजनाओं के तहत चार धाम के अंतर्गत आने वाले पांच चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण के साथ ही श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब सहित कार्डिक यूनिट, ट्रामा सेंटर व मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित करना शामिल है। इसके साथ ही चार धाम यात्रा पर तैनात चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं अन्य कार्मिकों को प्रोत्साहन भत्ता देने की भी योजना है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज यमुना कलोनी स्थित अपने शासकीय आवास में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की बैठक ली। जिसमें विभागीय अधिकारियों ने चार धाम यात्रा के अंतर्गत चारों धामों सहित यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण संबंधी योजना का प्रस्तुतिकरण दिया। डॉ. रावत ने बताया कि प्रत्येक वर्ष चार धाम यात्रा पर पूरे भारतवर्ष से लाखों यात्री पहुंचते हैं, लेकिन इन स्थानों पर समिति स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते यात्रियों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना संभव नहीं हो पाता है।

जिसको देखते हुये पिछले दिनों केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित बैठक में चार धाम यात्रा में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तारीकरण के लिये पृथक पैकेज की मांग रखी गई थी। जिसकी विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार कर भारत सरकार को भेजी जा रही है। जिसमें स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तारीकरण के लिय लगभग 500 करोड़ की मांग की गई है।

जिसके अंतर्गत जोशीमठ, गुप्तकाशी, भटवाडी, पुरोला व बड़कोट चिकित्सा इकाईयों के उच्चीकरण के लिये 150 करोड़, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कैथ लैब सहित कार्डिक यूनिट, ट्रामा सेंटर व मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर की स्थापना के लिये 27 करोड़, विभिन्न स्थानों पर ट्रंजिट हास्टल एवं स्वास्थ्य कुटिर की स्थापना हेतु 37 करोड़, मानव संसाधन के वेतन भत्तों एवं प्रोत्साहन राशि के लिय 270 करोड़, कार्डिक मोबइल वैन/एम्बुलेंस हेतु 1.5 करोड़, जनजागरूकता एवं चिकित्सकों व कार्मिकों के विशेष प्रशिक्षण हेतु 2 करोड़ तथा विभिन्न मेडिकल उपकरणों हेतु 6.5 करोड़ शामिल है।

विभागीय मंत्री ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर देश के अन्य राज्यों से भी मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रों को यात्रा काल के लिये चार धाम यात्रा में तैनात करने की मांग केन्द्र सरकार से की जायेगी ताकि देशभर से उत्तराखंड आने वाले तीर्थ यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।

बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य अमनदीप कौर, महानिदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, डा. सुजाता सहित उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डेवलपमेंट की टीम व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 22 संस्थागत भूखंडों की योजना की लांच

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Greater Noida plot scheme

Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने संस्थागत भूखंडों की योजना (स्कीम कोड-INS-01/2023) मंगलवार को लांच कर दी है। इसमें कुल 22 भूखंड शामिल किए गए हैं। इस योजना में ऑनलाइन पंजीकरण 21 मार्च से ही शुरू हो गए हैं। पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल है, जबकि पंजीकरण की फीस जमा कराने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल है और डॉक्यूमेंट जमा करने की आखिरी तारीख 17 अप्रैल है। इन भूखंडों का ऑक्शन के जरिए आवंटन किया जाएगा।  इन भूखंडों के आवंटन से  ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को लगभग 1200 करोड़ रुपए की आमदनी होने का अनुमान है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में निवेश को बढ़ावा देने और प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सीईओ रितु माहेश्वरी ने सभी तरह की संपत्तियों की स्कीमें लाने के निर्देश दिए हैं। सीईओ के निर्देश पर अमल करते हुए अब संस्थागत विभाग ने भी 22 भूखंडों की योजना लांच कर दी है। प्राधिकरण के ओएसडी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि इस स्कीम में नर्सरी स्कूल, हायर सेकेंड्री, हॉस्पिटल, यूनिवर्सिटी और वोकेशनल इंस्टीट्यूट के भूखंड शामिल किए गए हैं।

ये भूखंड ओमीक्रॉन 3, पाई-टू, म्यू, सेक्टर-3, सेक्टर-12, नॉलेज पार्क-5, टेकजोन-टू, नॉलेज पार्क-3, टेकजोन 4, नॉलेज पार्क -1 और सेक्टर-1 में स्थित हैं। ये भूखंड 1200 वर्ग मीटर से लेकर 3.32 लाख वर्ग मीटर एरिया तक हैं। इस स्कीम की समस्त जानकारी सहित ब्रोशर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट http://www.greaternoidaauthority.in/ और भारतीय स्टेट बैंक के वेब पोर्टल https://etender.sbi/ पर अपलोड कर दिया गया है। इस स्कीम में पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

नवीन कुमार सिंह ने बताया कि पंजीकरण व ब्रोशर डाउनलोड करने की सुविधा मंगलवार से ही शुरू हो गई है। पंजीकरण कराने की अंतिम तिथि 11 अप्रैल है, जबकि पंजीकरण की फीस जमा कराने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल है और डॉक्यूमेंट जमा करने की आखिरी तारीख 17 अप्रैल है। भूखंडों का आवंटन ई-ऑक्शन के जरिए होगा। अगर ये सभी 22 भूखंड आवंटित हो जाते हैं, तो ग्रेटर नोएडा में दो विश्वविद्यालय सहित नर्सरी स्कूल, हायर सेकेंड्री व  वोकेशनल इंस्टीट्यूट और हॉस्पिटल और खुल सकेंगे।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का अनुमान है कि इन भूखंडों के आवंटन से रिजर्व प्राइस पर भी प्राधिकरण को लगभग 1200 करोड़ रुपए की आमदनी हो जाएगी। इन सभी भूखंडों पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने और 05 हजार युवाओं को रोजगार मिलने का भी अनुमान है। इस बारे में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि शिक्षा व चिकित्सा के क्षे़त्र में ग्रेटर नोएडा की खास पहचान है। इन भूखंडों पर हॉस्पिटल और शिक्षण संस्थान खुलने से नागरिकों को और सुविधा हो जाएगी। उनको बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

पौड़ी गढ़वाल: बारिश के चलते जर्जर मकान ढहा, मलबे में दबने से 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला घायल, अस्पताल में भर्ती

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dilapidated house collapse in Pauri Garhwal

Pauri News: पौड़ी गढ़वाल के बणेलस्यूं पट्टी के अंतर्गत ग्राम नौगांव में एक 82 वर्षीय वृद्धा जो अपने जर्जर आवास में अकेली में रहती थी, कल सायं करीब 4 बजे बरसात के कारण अचानक उसका आवास नीचे गिर गया। इस हादसा में वृद्धा मकान के मलबे में दब गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के दो युवकों ने बड़ी मशक्कत से वृद्ध महिला को बाहर निकाला।

इस हादसा में बुजुर्ग महिला का एक पैर टूट गया, उन्हें ग्रामीणों की मदद से सतपुली के चमोल्यूंसैण स्थित हंस फाउंडेशन हॉस्पिटल भर्ती करवाया गया। ग्रामीण संजय कुमार ने बताया कि बुजुर्ग महिला जर्जर मकान में अकेले ही जीवन यापन करती है। ग्राम प्रधान अमिता देवी ने बताया की वर्ष  2018 के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्वे नही हुआ। जिस कारण वृद्धा को पीएम आवास का लाभ नही मिल सका। क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक ताराचंद ने बताया कि कल ही देर सांय घटनास्थल पर जाकर घटना की जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रेषित कर दी है। उन्होंने बताया की वृद्धा के मकान की हालत काफी जर्जर थी। ग्रामीणों ने बताया कि वृद्धा को विधवा पेंशन मिलती थी, लेकिन आधार कार्ड नही बनने से उसकी पेंशन भी बन्द हो गई हैं।

जगमोहन डांगी

पौड़ी गढ़वाल : नयार नदी में गिरा बोलेरो वाहन, एक युवक की मौत, दूसरा की हालत गंभीर

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Bolero vehicle fell in Nayar river, one youth died, condition of other serious

Pauri News: पौड़ी गढ़वाल के सतपुली तहसील क्षेत्र में आज देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। देर शाम सतपुली से उखलेत चमासूधार को जाने वाली सड़क पर एक तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 300 मीटर नीचे खाई में गिरकर नयार नदी में समा गई। इस हादसे में बोलेरो सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

मिली जानकारी के मुताबिक सतपुली से चमासूधार की ओर जा रहा बुलेरो वाहन (UK12 TA 0822) पुल के पास हुआ अचानक अनियंत्रित होकर मुख्य मार्ग से 300 मीटर नीचे नयार नदी में गिर कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। हादसे के वक्त वाहन में 02 लोग सवार थे जोकि सतपुली से चमासूधार की ओर जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलने पर SDRF टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुँचकर स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए रेस्क्यू अभियान आरम्भ किया। रेस्क्यू टीम द्वारा कड़ी मशक्कत करते हुए नदी में उतरकर दोनों घायलों को स्ट्रैचर के माध्यम से किनारे लाया तत्पश्चात बिना देरी किये एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु हंस अस्पताल सतपुली पहुँचाया गया।

जहां डॉक्टरों ने चमासूधार निवासी चेतन उर्फ प्रेम बल्लभ पुत्र भैरवदत्त को मृत घोषित कर दिया, जबकि घटना में चमासू गाड निवासी अरविंद नेगी पुत्र अर्जुन सिंह नेगी गंभीर रूप से घायल हो गया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद अरविंद नेगी को हायर सेंटर रेफर कर दिया। अभीतक हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

 

आज बराबर होंगे दिन और रात, कल से दिन होंगे बड़े, तो रातें होंगी छोटी, जानिए क्यों होता है ऐसा?

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Equator-day and night will be equal on March 21

नई दिल्ली: आज यानी मंगलवार 21 मार्च को दिन व रात का समय बराबर यानी 12-12 घंटे का होगा। और कल से दिन बढ़ने लगेंगे जबकि रातें छोटी होने लगेंगी. दिन बड़े होने का क्रम 21 जून तक जारी रहेगा। 21 जून को साल का सबसे बड़ा दिन, सबसे छोटी रात होगी। दिन 13 घंटे 44 मिनट और रात का 10 घंटे 15 मिनट की होगी। उसके बाद दिन छोटे होते जाते हैं और रात का समय बढ़ने लगता है। यह प्रक्रिया पूरे वर्ष चलती है और साल में दो बार ऐसा समय आता है जब दिन व रात बराबर होते हैं। एक बार मार्च में और दूसरी बार सितंबर में दिन व रात बराबर होंते हैं। 20-21 जून को वर्ष का सबसे बढ़ा दिन होगा और रात सबसे छोटी होगी। जबकि 21-22 दिसंबर को साल का सबसे छोटा दिन व रात सबसे अधिक लंबी होती होती है।

पृथ्वी को दो भागों में भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर विभाजित किया गया है। उत्तरी गोलार्द्ध एवं दक्षिणी गोलार्द्ध। यह विभाजन पृथ्वी की मध्य रेखा से किया है, जिसे भूमध्य रेखा या विषुवत रेखा कहते हैं। इसके उत्तरी भाग को उत्तरी गोलार्द्ध एवं दक्षिणी भाग को दक्षिणी गोलार्द्ध कहते हैं। पृथ्वी उत्तरी गोलार्द्ध के 23.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश रेखा को कर्क रेखा एवं दक्षिणी गोलार्द्ध के 23.5 डिग्री दक्षिणी अक्षांश रेखा को मकर रेखा कहा जाता है।

21 मार्च को सूर्य विषुवत रेखा पर लंबवत रहता है। इसे बसंत संपात कहा जाता है। सूर्य के विषुवत रेखा पर लंबवत होने के कारण दिन और रात बराबर अर्थात 12-12 घंटे के होते हैं। 21 मार्च के बाद सूर्य अपनी दिशा परिवर्तित करता है और दक्षिणी गोलार्द्ध से उत्तरी गोलार्द्ध में प्रवेश करता है। इस समय सूर्य के उत्तरी गोलार्द्ध में प्रवेश होने के कारण अब उत्तरी गोलार्द्ध वाले देश-शहरों में दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगेंगे और रात धीरे-धीरे छोटी होंगी। सूर्य के दिशा परिवर्तित करने से सूर्य की सीधी किरणें पृथ्वी पर पहुंचेंगी और इससे इन देशों और शहरों में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा और दक्षिणी गोलार्द्ध वाले देश, शहरों में रातें बड़ी होंगी दिन धीरे-धीरे छोटे होते जाएंगे, वहां सर्दी बढ़ने लगेगी।