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माँ शैलपुत्री की आराधना के साथ कल से शुरू हो रही है चैत्र नवरात्रि, जानिए शुभ मुहूर्त एवं कलश स्थापना, पूजा विधि

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Chaitra Navratri 2023

Chaitra Navratri 2023 : हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को चैत्र नवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। इस बार चैत्र नवरात्रि का त्योहार 22 मार्च, बुधवार से शुरू होगा और इसका समापन 30 मार्च को होगा। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि में माता का पाठ करने से देवी भगवती की खास कृपा होती है। मां दुर्गा को सुख, समृद्धि और धन की देवी माना जाता है। जो भक्त पूरी श्रद्धा से मां दुर्गा की पूजा करता है उसे माता का खास आशीर्वाद प्राप्त होता है।

चैत्र नवरात्रि 2023 की तिथि और शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि के पूरे 9 दिन मां देवी को समर्पित है। इस साल चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 22 मार्च से हो रहा है और 30 मार्च तक चलेगा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्रि का पहला दिन बेहद खास होता है। घटस्थापना यानी कलश का खास महत्व होता है। अगर शुभ मुहूर्त की बात करें तो चैत्र नवरात्रि शुभ मुहूर्त 22 मार्च 2023 दिन बुधवार से सुबह 6 बजकर 30 मिनट से शुरू है और उसी दिन सुबह 7 बजकर 32 तक है। 30 मार्च तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना होगी।

चैत्र नवरात्रि बुधवार, 22 मार्च 2023 को

  • चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 32 मिनट तक (अवधि 01 घंटा 09 मिनट)
  • प्रतिपदा तिथि प्रारंभ – मार्च 21, 2023 को रात 10 बजकर 52 मिनट से शुरू
  • प्रतिपदा तिथि समाप्त – मार्च 22, 2023 को रात 08 बजकर 20 मिनट पर समाप्त

चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना विधि

हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि मां देवी को पूरी तरह से समर्पित होते हैं। नवरात्रि के पहले ही दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना की जाती है। कलश स्थापना के लिए सबसे पहले सुबह उठकर स्नान आदि करके साफ कपड़े पहनें। मंदिर की साफ-सफाई कर सफेद या लाल कपड़ा बिछाएं। इस कपड़े पर थोड़े चावल रखें। एक मिट्टी के पात्र में जौ बो दें। इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें। कलश पर स्वास्तिक बनाकर इसपर कलावा बांधें। कलश में साबुत सुपारी, सिक्का और अक्षत डालकर अशोक के पत्ते रखें। एक नारियल लें और उस पर चुनरी लपेटकर कलावा से बांधें। इस नारियल को कलश के ऊपर पर रखते हुए देवी दुर्गा का आवाहन करें। इसके बाद दीप आदि जलाकर कलश की पूजा करें। नवरात्रि में देवी की पूजा के लिए सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश स्थापित किया जाता है।

मां दुर्गा के 9 स्वरूप की पूजा

  1. नवरात्रि पहला दिन 22 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां शैलपुत्री पूजा (घटस्थापना)
  2. नवरात्रि दूसरा दिन 23 मार्च 2023 दिन गुरुवार: मां ब्रह्मचारिणी पूजा
  3. नवरात्रि तीसरा दिन 24 मार्च 2023 दिन शुक्रवार: मां चंद्रघंटा पूजा
  4. नवरात्रि चौथा दिन 25 मार्च 2023 दिन शनिवार: मां कुष्मांडा पूजा
  5. नवरात्रि पांचवां दिन 26 मार्च 2023 दिन रविवार: मां स्कंदमाता पूजा
  6. नवरात्रि छठवां दिन 27 मार्च 2023 दिन सोमवार: मां कात्यायनी पूजा
  7. नवरात्रि सातवं दिन 28 मार्च 2023 दिन मंगलवार: मां कालरात्रि पूजा
  8. नवरात्रि आठवां दिन 29 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां महागौरी
  9. नवरात्रि 9वां दिन 30 मार्च 2023 दिन गुरुवार: मां सिद्धिदात्री

बिहार बोर्ड ने इस बार भी पूरे देश में बनाया रिकॉर्ड, 12वीं का परीक्षा परिणाम किया जारी, तीनों संकायों में लड़कियों ने मारी बाजी

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Bihar School Examination Board

Bihar School Examination Board: इस बार भी बिहार बोर्ड ने पूरे देश में लगातार पांचवीं बार रिकॉर्ड बनाया है। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे बिहार बोर्ड ने 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इसके साथ ही टॉपर्स को दिए जाने वाले इनाम की भी घोषणा की गई है। टॉपर्स को एक लाख रुपये की इनाम राशि के साथ एक लैपटॉप और एक किंडल बुक रीडर दिया जाएगा। इस बार बिहार बोर्ड इंटर 2023 का कुल रिजल्ट 83.07 फीसदी रहा है। बिहार में 10 लाख 91 हजार 948 छात्र पास हुए हैं। कुल 10 लाख 91 हजार 948 छात्र पास हुए हैं।

कला संकाय का रिजल्ट 82.74 फीसदी, वाणिज्य संकाय का परिणाम 93.85 फीसदी तथा विज्ञान संकाय का रिजल्ट 83.92 फीसदी रहा है। बिहार बोर्ड 12वीं की परीक्षा के तीनों संकायों में लड़कियों ने ही बाजी मारी है। 12वीं बोर्ड परीक्षा में विज्ञान में आयुषी नंदन, कॉमर्स में सौम्या ओर रजनीश, कला संकाय में मोहद्दिसा ने परीक्षा को टॉप किया है। साइंस स्‍ट्रीम में आयुषि नंदन ने टॉप किया है। उन्‍होंने 474 नंबर के साथ 94.8 प्रतिशत स्‍कोर किए हैं। 472 नंबर के साथ हिमांशु कुमार दूसरे नंबर पर रहे हैं।

नंबर 2 पर उनके साथ शुभम चौरसिया भी रहे हैं। नंबर 3 पर अदिति कुमारी रही हैं, उन्‍हें 471 नंबर मिले हैं। बिहार शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चन्द्रशेखर ने 12वीं क्लास के नतीजे घोषित किए हैं। दोपहर 2.30 बजे इंटर के नतीजे घोषित किए इस मौके पर शिक्षा मंत्री के अलावा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर, अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग दीपक कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। बीएसईबी कक्षा 12वीं का परिणाम प्रेस फॉन्फ्रेंस के माध्यम से बताया गया।

इस बार भी नतीजों में लड़कियों ने बाजी मारी है और तीनों स्ट्रीम में लड़कियां ही टॉपर रही हैं। बीएसईबी कक्षा 12वीं रिजल्ट जारी होने के बाद आप बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in से BSEB Inter Result देख पाएंगे। इस बार बिहार बोर्ड दसवीं की परीक्षाएं 14 से 22 फरवरी 2023 के बीच आयोजित की गई थी। वहीं बारहवीं के एग्जाम 1 से 11 फरवरी, 2023 तक हुए थे।

इसी के साथ बिहार बोर्ड ने पांचवी बार सबसे पहले रिजल्ट जारी करके रिकॉर्ड बनाने का दावा भी किया है। बता दें कि बिहार बोर्ड देश का ऐसा बोर्ड है जो सबसे पहले बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है और नतीजे घोषित करता है। इस साल भी बिहार बोर्ड अन्य राज्यों से पहले रिजल्ट जारी किया है।

सदन में हंगामा : अडानी के मुद्दे पर जेपीसी की मांग को लेकर विपक्षी सांसद संसद की पहली मंजिल पर चढ़ गए, भाजपा राहुल गांधी से माफी मांगने पर अड़ी

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मंगलवार को भी संसद में भाजपा और विपक्ष के बीच कार्यवाही के दौरान सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ। विपक्ष जहां अडानी के मुद्दे पर जेपीसी की मांग कर रहा है वहीं भाजपा लंदन में राहुल गांधी के भारत के लोकतंत्र पर दिए गए बयान पर माफी मांगने पर अड़ी हुई है। सदन की कार्यवाही के दौरान आज भी केंद्र सरकार की ओर से राहुल से माफी की मांग की गई। दूसरी तरफ विपक्ष ने भी अदानी मुद्दे पर जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने में सरकार की विफलता के मुद्दे पर हुए हंगामा किया।

इस प्रदर्शन के बाद ही दोनों सदनों को  2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने इसके बाद संसद के बाहर बवाल किया। उसके बाद कांग्रेस समेत विपक्षी सांसद संसद की पहली मंजिल पर चढ़ गए। अडानी मामने पर जेपीसी मांग को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद की पहली मंजिल पर विरोध प्रदर्शन किया और पोस्टर लहराए। सभी सांसदों के हाथ में बैनर-पोस्टर था। वे अडानी-हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर संसद की जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

संसद में चल रहे हंगामे के बीच एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टॉप मिनिस्टर्स के साथ बैठक की। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष के नेताओं के साथ सरकार को घेरने की रणनीति पर मीटिंग की। विपक्ष की बैठक में कांग्रेस, द्रमुक, राजद, माकपा, भाकपा, राकांपा, शिवसेना (यूबीटी), जदयू, झामुमो, आईयूएमएल, आप, एमडीएमके शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को एक बार फिर दोहराया कि लंदन के केंब्रिज यूनिवर्सिटी में दिए बयान पर राहुल गांधी संसद में माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम अडानी मामले पर जेपीसी से जांच की मांग बार-बार करेंगे जब तक हमें कोई जवाब नहीं मिलता। यह सिर्फ मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए है।

वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए जमकर हमला बोला है। संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राहुल गांधी ने माफी मांगने पर जोर डाला। पात्रा ने कहा, राहुल गांधी को मांफी तो मांगनी पड़ेगी, हम मंगवा कर ही रहेंगे। संबित पात्रा ने बताया बीजेपी रोज राहुल गांधी को मांफी मांगने को क्यों कहती है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ब्रिटेन और अमेरिका से इस तरह की मांग लंदन में बैठकर करेंगे तो ठीक नहीं है।

हमारा मानना है कि यह विषय है नहीं, बल्कि साजिश है। राहुल गांधी को मांफी तो मांगनी पड़ेगी, हम मंगवा कर ही रहेंगे। ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी बिना माफी मांगे निकल जाएंगे। राफेल केस में भी उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी और आज उन्हें संसद के पटल पर भी माफी मांगनी पड़ेगी। संबित पात्रा ने कहा, मीर जाफर को मांफी मांगनी ही पड़ेगी। आज की राजनीति के मीर जाफर हैं राहुल गांधी। मीर जाफर ने जो किया था नवाब बनने के लिए और जो राहुल गांधी ने लंदन में किया है। वो ठीक वही है। शहजादा नवाब बनना चाहता है। आज के मीर जाफर को माफी मांगनी ही पड़ेगी। शहजादे ये नहीं चलेगा।

देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न अवार्ड, द्रोणाचार्य अवार्ड और लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए नाम तय, सीएम धामी करेंगे सम्मानित

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CM Dhami gave Diwali bonus gift to 1.5 lakh government employees of the state

उत्तराखंड के खिलाड़ी हॉकी, क्रिकेट के मैदान से लेकर बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों में देश और दुनियाभर में अपना लोहा मनवा चुके हैं, लेकिन पिछले चार साल से कई वजहों से राज्य के खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को पुरस्कार नहीं मिल पाए थे। हालांकि विभाग की ओर से समय-समय पर इसके लिए आवेदन मांगे गए, लेकिन इसके लिए खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों के नाम फाइनल नहीं हो पाए।

परन्तु इस बार उत्तराखंड के तीन खेल प्रशिक्षकों को देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड और तीन खिलाड़ियों को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार तथा कुछ खिलाडियों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। खेल निदेशालय की समिति ने पुरस्कारों के लिए नामों की सिफारिश कर सोमवार को अनुमोदन के लिए इसे शासन को भेज दिया है।

खेल विभाग के निदेशक जितेंद्र कुमार सोनकर के मुताबिक विभाग ने सोमवार को वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 के लिए अवार्ड के लिए नामों की सिफारिश कर शासन की हाईपावर कमेटी को भेज दी है। शासन की हाईपावर कमेटी और खेल मंत्री के अनुमोदन के बाद पुरस्कारों के लिए नाम घोषित कर दिए जाएंगे। खेल निदेशक जितेंद्र कुमार सोनकर के मुताबिक 24 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन सभी खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को पुरस्कृत करेंगे।

द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए आठ और खेल रत्न के लिए मिले 11 आवेदन

खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए विभाग को आठ और खेल रत्न पुरस्कार के लिए 11 आवेदन मिले, जबकि लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए छह आवेदन मिले हैं। निदेशालय की समिति ने इन नामों पर विचार कर इसे शासन को भेज दिया है।

फिर टकराव : दिल्ली सरकार का आज पेश नहीं होगा बजट, सीएम केजरीवाल ने कहा- केंद्र ने रोक लगाई

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दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार का आज बजट पेश नहीं होगा। सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि बजट पेश होने से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने बजट पर रोक लगा दी। वहीं, उपराज्यपाल कार्यालय का कहना है कि दिल्ली सरकार ने गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर बजट पर राष्ट्रपति की मंजूरी मांगी थी। केंद्र ने टिप्पणी के साथ इसे दिल्ली सरकार को भेज दिया था। एलजी कार्यालय को मुख्यमंत्री की तरफ से टिप्पणी पर जवाब का इंतजार है।

आम आदमी पार्टी ने सोमवार शाम एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र ने विधानसभा में पेश होने वाले दिल्ली सरकार के बजट पर रोक लगा दी है। केजरीवाल ने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब दिल्ली में बजट पेश होने से एक दिन पहले केंद्र ने इस पर रोक लगा दी है। केजरीवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कल से दिल्ली सरकार के कर्मचारियों को, डॉक्टरों को, टीचर्स को तनख्वाह नहीं मिलने वाली है। ये सीधी-सीधी गुंडागर्दी चल रही है।

कानूनन दिल्ली सरकार विधानसभा में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही वार्षिक बजट पेश करती है। उपराज्यपाल के माध्यम से इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार और राष्ट्रपति को भेजा जाता है। इस साल दिल्ली सरकार को विधानसभा में 21 मार्च का बजट पेश करना था। इसकी फाइल महीने की शुरुआत में उपराज्यपाल को भेजी थी।

अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बाद लेफ्टिनेंट गवर्नर के ऑफिस से एक स्टेटमेंट जारी किया गया, जिसमें बताया गया एलजी वीके सक्सेना ने बजट का पास कर दिया था और इसमें कुछ टिप्पणियां जोड़कर उन्हें 9 मार्च को अरविंद केजरीवाल के पास भेज दिया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने राष्ट्रपति की तरफ से बजट को अप्रूवल दिलाने के लिए होम मिनिस्ट्री को संदेश भेजा था। इसके बाद होम मिनिस्ट्री ने 17 मार्च को अपने ऑब्जर्वेशन दिल्ली सरकार को बताए थे। अब तक दिल्ली सरकार की तरफ से होम मिनिस्ट्री को यह फाइल नहीं भेजी गई है। एलजी ऑफिस अभी तक इस फाइल के भेजे जाने का इंतजार कर रहा है।

उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में आबकारी नीति पर लगी मुहर, सस्ती हुई शराब, जानिए कैबिनेट के अन्य फैसले

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Dhami government passed 20 important proposals in cabinet meeting

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश की आबकारी नीति 2023-24 को मंजूरी मिल गई। जिसके बाद अब प्रदेश में देशी-विदेशी शराब सस्ती हो जाएगी। उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड में शराब तस्करी को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। देश में नई आबकारी नीति एक अप्रैल से लागू हो जाएगी। बैठक में तीन प्रस्ताव आए। इसमें पहला प्रस्ताव कोसी और गोला नदी में चलने वाले वाहनों के फिटनेस शुल्क को लेकर था। दूसरा प्रस्ताव एकल आवास के नक्शों के पास करने का था। जबकि तीसरा आबकारी नीति का था। तीनों प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।

कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय

आबकारी नीति को मंजूरी

सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए चार हजार करोड़ रुपए के राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा है, जिसके मद्देनजर आबकारी नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दी है, ताकि तय राजस्व के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। शराब में उत्तर प्रदेश से होने वाली तस्करी की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की शराब की कीमतों के 150 से 200 रुपए के अंतर को कम कर ₹ 20 किया गया है। ताकि शराब तस्करी पर पाबंदी लगाई जा सके एवं राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके। हालाँकि अब भी यूपी से करीब 20 रुपये महंगी ही रहेगी शराब की बोतल। वर्ष 2023-24 के लिए आबकारी राजस्व लक्ष्य को 4000 करोड़ रखा गया है। सरकार ने शराब पर गोवंश संरक्षण, महिला कल्याण और खेलकूद के प्रोत्साहन को प्रत्येक विषय के लिए एक रुपये के हिसाब से प्रति बोतल तीन रुपये सेस लगाने का भी निर्णय लिया है। कैबिनेट ने नई दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। शराब को सस्ती करने के लिए मिनिमम गारंटी ड्यूटी (एमजीडी) में कमी का निर्णय लिया गया है। वहीं, नीति के तहत सरकार ने आबकारी विभाग को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए चार हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया है।

नक्शे पास कराने की प्रक्रिया आसान

उत्तराखंड में एकल आवास के नक्शे पास कराने की प्रक्रिया आसान हुई। नक्शे के लिए एफिडेविट के साथ कर सकते हैं आवेदन। सात दिन के भीतर अगर प्राधिकरण ने आपत्ति ना लगाई तो शुरू कर सकते हैं भवन निर्माण। राज्य सरकार द्वारा सरलीकारण की दिशा में उठाए गए कदम के अंतर्गत आवास विभाग के तहत यदि किसी को अप्रूव्ड लेआउट एरिया में एकल घर बनाना हो तो वह सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर घर का नक्शा विकास प्राधिकरण में जमा कराएगा। 7 दिन में नक्शे में आपत्ति नहीं जताए जाने की स्थिति में नक्शे को पास माना जाएगा और वह अपना घर बनाना शुरु कर सकेगा।

वाहनों का फिटनेस शुल्क

इसके तहत एक साल तक वाहनों की फिटनेस के लिए पुराना शुल्क लिया जाएगा। एक साल बाद वाहनों की फिटनेस के लिए नया शुल्क लागू होगा। गौला, नंधौर और कोसी में ट्रांसपोर्टर की मांग पर बढ़ाए गए फिटनेस चार्जेस को अगले 1 साल के लिए स्थगित किया गया है। एक साल के बाद बढ़े हुए चार्जेज लगेंगे। इस संबध में पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदन दिए गए थे जिसे आज कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई।

चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों के बीच मोदी लोकप्रिय

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Modi popular among internet users in China

(के जे एम वर्मा)

बीजिंग: 19 मार्च (भाषा) अमेरिका की पत्रिका ‘‘डिप्लोमैट’’ में प्रकाशित एक लेख के अनुसार चीन में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों (नेटिजेन) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काफी लोकप्रिय हैं और उन्हें सम्मान से ‘मोदी लाओक्सियन’ कहा जाता है, जिसका अर्थ ‘‘मोदी अमर’’ हैं। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के बावजूद, किसी अंतरराष्ट्रीय नेता के लिए यह एक दुर्लभ सम्मानजनक संदर्भ है।

रणनीतिक मामलों पर केंद्रित पत्रिका ‘‘डिप्लोमैट’’ के लेख ‘‘चीन में भारत को कैसे देखा जाता है?’’में पत्रकार म्यू चुनशान ने यह भी लिखा कि ज्यादातर चीनी मानते हैं कि मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व के प्रमुख देशों के बीच संतुलन बना कर रख सकता है।

चुनशान चीनी सोशल मीडिया विशेष रूप से सिना वेइबो का विश्लेषण करने के लिए मशहूर हैं। सिना वेइबो चीन में ट्विटर जैसा सोशल मीडिया मंच है और इसके 58.2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं।

आलेख के अनुसार “चीनी इंटरनेट पर प्रधानमंत्री मोदी का एक असामान्य उपनाम है: मोदी लाओक्सियन। लाओक्सियन का संदर्भ कुछ विशेष क्षमताओं वाले एक बुजुर्ग अमर व्यक्ति से है। उपनाम का अर्थ है कि चीन में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोग सोचते हैं कि मोदी कुछ भिन्न हैं – और आश्चर्यजनक भी- अन्य नेताओं की तुलना में।”

उन्होंने लिखा है कि चीनी लोग मोदी की पोशाक और शारीरिक हावभाव दोनों की ओर इशारा करते हैं तथा उनकी कुछ नीतियों को भारत की पिछली नीतियों से अलग मानते हैं।

कुछ चीनी नागरिकों का मानना है कि भारत रूस, अमेरिका सहित विभिन्न प्रमुख देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रख सकता है। उन्होंने कहा कि ‘लाओक्सियन’ शब्द मोदी के प्रति चीनी लोगों की जटिल धारणा को दर्शाता है, जिसमें जिज्ञासा, विस्मय आदि शामिल हैं।

म्यू ने कहा, “मैं करीब 20 साल से अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग कर रहा हूं और चीनी नेटिजेन (इंटरनेट उपयोगकर्ता) के लिए किसी विदेशी नेता को उपनाम देना दुर्लभ है। मोदी का उपनाम अन्य सभी से ऊपर है। निश्चित रूप से, उन्होंने चीनी जनमत पर एक छाप छोड़ी है।”

 

भारत में गुस्सा : लंदन में खालिस्तानी समर्थकों के तिरंगे के अपमान से गुस्साए सिखों ने दिल्ली में ब्रिटेन हाईकमीशन के बाहर किया विरोध-प्रदर्शन

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Sikhs protest outside UK High Commission in Delhi

ब्रिटेन में रविवार को खालिस्तानी समर्थकों ने भारतीय उच्चायोग में तिरंगे का अपमान किया और उसे उतारने की कोशिश की। जिसके बाद भारत में इस घटना का कड़ा विरोध जताया जा रहा है। ‌वहीं राजधानी दिल्ली में सिख समुदाय ने खाली स्थान में हुई घटना का विरोध जताया। सैकड़ों की संख्या में दिल्ली स्थित ब्रिटिश हाई कमीशन के बाहर जुटे सिखों ने खालिस्तानियों की हरकत का विरोध किया। दिल्ली में ब्रिटिश हाई कमीशन के बाहर सिखों ने खालिस्तानियों के खिलाफ बैनर-पोस्टर लहराए और नारेबाजी की। कहा- भारत हमारा स्वा‌भिमान है।

बता दें कि रविवार को कुछ कट्टरपंथी खालिस्तान समर्थकों ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग से तिरंगा को उतारने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद भारत सरकार ने दिल्ली में स्थित ब्रिटेन के राजनयिकों को तलब किया था। इसके साथ ही लंदन में भारतीय उच्चायोग की खिड़की तोड़ने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने कहा कि हमने कट्टरपंथियों के हमले को नाकाम कर दिया गया था। उच्चायोग पर तिरंगा शान से लहरा रहा है। विदेश मंत्रालय ने सख्त लहजे में कहा- ब्रिटेन में भारतीय राजनयिक परिसरों और कर्मियों की सुरक्षा के प्रति यूके सरकार की उदासीनता भारत स्वीकार नहीं करेगा।

शीर्ष ब्रिटिश अधिकारियों ने कहा कि ब्रिटेन सरकार ने यहां भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा को गंभीरता से लिया है और तोड़फोड़ को अपमानजनक और पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह पर कार्रवाई के बीच एक तथाकथित “रेफरेंडम 2020” आयोजित कर रहा है। ब्रिटेन में खालिस्तानी तत्वों ने तिरंगे का अपमान अमृतपाल के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद किया है। वारिस पंजाब दे संगठन के मुखिया अमृतपाल के कई समर्थकों को हिरासत में लिया जा चुका है, लेकिन अमृतपाल अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है। हालांकि, पुलिस दावा है कि उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

दरअसल, अमृतपाल खालिस्तानी देश की मांग कर रहा है। पिछले दो सालों से अमृतपाल और उसके गुर्गों ने खालिस्तानी अभियान को तेज कर दिया है। यही नहीं, बीते दिनों अमृतपाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान यहां तक कह दिया था कि अगर हिंदू अपने लिए हिंदू राष्ट्र की मांग कर सकता है और मुस्लिम गजवा ए हिंद की मांग कर सकता है, तो भला सिख समुदाय खालिस्तानी की मांग क्यों नहीं कर सकता है। बता दें कि अमृतपाल ने मीडिया से बातचीत के दौरान सिख समुदाय द्वारा खालिस्तानी की मांग को जायज ठहराया था।

देवप्रयाग महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत चलाया गया स्वच्छता अभियान

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Cleanliness drive by the students of Devprayag College

देवप्रयाग: ओंकारानन्द सरस्वती राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग टिहरी गढ़वाल में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एवं राज्य परियोजना प्रबन्धन ग्रुप के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम नमामि गंगे के अंतर्गत गंगा स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय की नमामि गंगे इकाई एवं आई. क्यू. ए० सी० के संयुक्त तत्वाधान में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. प्रीति कुमारी की अध्यक्षता में 20/03/2023 को महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा महाविद्यालय एवं गंगा के संगम तट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया.

जिसमें छात्र-छत्राओं ने बढ़-चढ़ कर श्रमदान किया। तत्पश्चात् महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा गंगा स्वच्छता शपथ ली गई एवं महाविद्यालय की प्राचार्य ने हरी झंडी दिखाकर रैली को संगम तट के लिए रवाना किया। संगम तट पर महाविद्यालय की प्राचार्य, प्राध्यापको छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित जन समुदाय ने गंगा आरती की तथा जन जागरूकता के नारे लगाए।

इस कार्यक्रम में देवप्रयाग तहसील के कानूनगो एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन नमामि गंगे की नोडल अधिकारी डॉ. शीतल वालिया ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अर्चना धपवाल, डॉ. दिनेश सिंह नेगी, डॉ. सृजना राणा, डॉ. प्रतीक गोयल, डॉ. कृष्णचन्द्र मिश्रा, डॉ. प्रियंका, डा. यतिन  काला तथा महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों ने सहयोग किया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्रसंघ के पदाधिकारी अरविंद सिंह, नवीन, प्रियभरत, प्रियांशु प्रभात ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

वर्ल्ड हैप्पीनेस रैंकिंग जारी : विश्व के सबसे खुशहाल देशों में फिनलैंड रहा पहले स्थान पर, जानिए भारत कौन से नंबर पर है

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World Happiness Ranking

World Happiness Ranking : विश्व के सबसे खुशहाल (हैप्पीनेस) देशों की रैंकिंग जारी कर दी गई है। जारी की गई रैंकिंग के मुताबिक फिनलैंड एक बार फिर दुनिया में हैप्पीनेस देशों में पहले स्थान पर आया है। जबकि एशिया का कोई भी देश टॉप 20 में भी अपनी जगह नहीं बना सका। इस बार भी भारत की स्थिति खुशहाल देशों में संतोषजनक नहीं रही। भारत इस लिस्ट में पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी पीछे है। 150 देशों की इस लिस्ट में भारत 136वें नंबर पर है।हालांकि पिछले रैंकिंग के मुकाबले भारत की स्थिति कुछ ठीक हुई है।

किस आधार पर जारी की जाती है हैप्पीनेस रैंकिंग

आइए जानते हैं हैप्पीनेस रैंकिंग किस आधार पर जारी की जाती है। वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट ने दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की लिस्ट बनाते वक्त इन देशों के लोगों की लाइफस्टाइल, वहां की जीडीपी, सोशल सपोर्ट, बेहद कम भ्रष्टाचार और एक दूसरे के प्रति दिखाए गए प्रेम को आधार बनाया है। इसी आधार पर वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट ने अपनी रैंकिंग में फिनलैंड को इस बार भी सबसे ऊपर रखा है। हालांकि अगर हम इस रिपोर्ट में सबसे नीचे नजर डालें तो वहां हमें अफगानिस्तान 146वें पायदान पर मिलेगा।

फिनलैंड के इस खुशहाली का राज क्या है

दरअसल, फिनलैंड जैसे देश उन चीजों में बेहतर हैं जिनकी वजह से ज्यादातर दुनियाभर के देश इस वक्त संघर्ष कर रहे हैं। इनमें जीडीपी, लाइफ़स्टाइल शिक्षा, स्वास्थ्य, सोशल सपोर्ट और भ्रष्टाचार बेहद अहम मुद्दे हैं। फिनलैंड में वहां के लोगों के लिए अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य, एक बेहतरीन लाइफस्टाइल जैसी कई चीजें सरकार की ओर से या तो एकदम फ्री हैं या फिर बिल्कुल ही कम कीमतों पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा सुरक्षा के बेहतर इंतजाम, अच्छी पुलिसिंग सिस्टम, मानवाधिकार की बेहतर निगरानी, उच्च इनकम लेवल, कम करप्शन जैसी चीजें कड़े कानून और मजबूत सिस्टम के साथ सुनिश्चित की जाती हैं। जिससे आम लोगों की जिंदगी काफी आसान हो जाती है। फिनलैंड की 90 फीसदी से अधिक आबादी की जिंदगी हर नजरिए से संतुलित मानी जाती है। यानी वहां के लोग जितनी कोशिश अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए करते हैं, उतनी ही कोशिश वहां की सरकार भी अपने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए करती है। यही वजह है कि पिछले 6 वर्षों से फिनलैंड वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में पहले नंबर पर बना हुआ है। इस देश की आबादी 55 लाख से अधिक है। हैप्पीनेस इंडेक्स में फिनलैंड को 7.842 अंक प्राप्त हुए हैं।

फिनलैंड के बाद डेनमार्क को दूसरा स्थान मिला है। तीसरे नंबर पर आइसलैंड, इजराइल चौथे, नीदरलैंड पांचवें नंबर पर है। हैप्पीनेस रैंकिंग में छठें स्थान पर स्वीडन, सातवें पर नॉर्वे, आठवें पर स्विट्जरलैंड, 9वें पर लक्जमबर्ग और 10वें पर न्यूजीलैंड है। इनमें से कोई भी एशियाई देश नहीं है। अमेरिका इस लिस्ट में 15वें नंबर पर है और ब्रिटेन 19वें स्थान पर है। 150 देशों की इस लिस्ट में भारत 136वें नंबर पर है। भारत की रैंकिंग में 3 स्थानों का उछाल आया है। पिछली बार भारत 139वें स्थान पर था।

कोरोना काल के दौरान साल 2020 से 2022 के बीच यह रैंकिंग जारी नहीं की गई थी। वहीं अफगानिस्तान को दुनिया में सबसे नाखुश देश माना जाता है। वह इस सूची में 146वें स्थान पर है। इस सूची में नेपाल (84), बांग्लादेश (94), पाकिस्तान (121) और श्रीलंका (127) स्थान पर है। इस साल की रैंकिंग में 150 से ज्यादा देशों के इन डेटा का अध्ययन करने के बाद लिस्ट तैयार की गई है। इस बार 2020 से 2022 तक देशों के औसत जीवन मूल्यांकन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र स्थायी विकास उपाय नेटवर्क द्वारा जारी की गई है और इसमें कहीं कहीं, सामाजिक सहयोग, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्रत्येक देश में भ्रष्टाचार के स्तरों जैसे कारकों पर ध्यान देते हुए खुशी के स्तरों का मूल्यांकन किया जाता है।

इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक वैश्विक रिपोर्ट का हवाला देते हुए शनिवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संभव है कि जल्द ही भारत ‘घृणा और यादाश्त’ में ऊपरी स्थान पर पहुंच जाए। उन्होंने ‘विश्व हिमायत रिपोर्ट’ का हवाला दिया, जिसमें भारत 136वें स्थान पर है।