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पूरे प्रदेश में नारी शक्ति उत्सव के रूप में मनाए जाएंगे चैत्र नवरात्र

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  • नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र के दौरान प्रत्येक जिले में देवी उपासना के कार्यक्रम आयोजित होंगे
  • संस्कृति विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को एक-एक लाख रुपये अवमुक्त किए

देहरादून : 22 मार्च से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्र को इस बार राज्य भर में नारी शक्ति उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक जिले में देवी उपासना के कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस हेतु संस्कृति विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को एक-एक लाख रुपये अवमुक्त कर दिए हैं।

संस्कृति विभाग के सचिव हरिचन्द्र सेमवाल ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान के साथ पूजा की जाएगी। वैदिक तथा पुराणों में चैत्र नवरात्रि को विशेष महत्व दिया गया है। इसे आत्मशुद्धि तथा मुक्ति का आधार माना गया है। चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का पूजन करने से नकरात्मक ऊर्जा खत्म होती है और चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अतः चैत्र नवरात्रों की उत्तराखण्ड राज्य में व्यापक धार्मिक महत्ता के दृष्टिगत इस दौरान प्रदेश में सभी प्रमुख देवी मंदिरों एवं शक्तिपीठों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जाएगा।

चैत्र नवरात्रि की इन शुभ तिथियों में सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाते हुए उपरोक्त उद्देश्यों एवं जनभावनाओं को संजोये रखने के दृष्टिगत प्रदेश के समस्त जनपदो के प्रमुख देवी मन्दिरों / शक्ति पीठों में मातृशक्ति के सामर्थ्य एवं शक्ति का प्रतीक नवरात्रों के अवसर पर 22 मार्च से 30 मार्च तक नवरात्रि नारी शक्ति उत्सव के रूप में मनाया जाएगा तथा इस अवसर पर दुर्गा सप्तमी / रामचरितमानस / देवी गायन / देवी जागरण आदि पाठ आयोजित कराये जाने का निर्णय लिया गया है। महिलाओं एवं बालिकाओं की इन कार्यक्रमों में विशेष रूप से सहभागिता की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में आयोजित होने वाले इस उत्सव के आयोजन हेतु जिलाधिकारियों द्वारा जनपद / विकास खण्ड स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा जिसमें सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जनसहभागिता से जुड़े संगठनों एवं कार्यक्रम से आम जनमानस को जोड़ने हेतु जिला सूचना अधिकारी का सहयोग लिया जाएगा। उक्त समिति द्वारा यह निर्णय लिया जायेगा कि जनपद / विकास खण्ड स्तर पर किन देवी मन्दिरों / शक्ति पीठों में आयोजन किया जाये।  प्रदेशभर में आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों के सफलतापूर्वक आयोजन हेतु संस्कृति विभाग, द्वारा प्रत्येक जिलाधिकारी को रू. 1.00 लाख की धनराशि प्रदान की जायेगी एवं अन्य व्यवस्थायें जिला प्रशासन द्वारा अपने स्तर से सुनिश्चित की जायेंगी।

फिर अशांत होता पंजाब : अमृतपाल के समर्थकों ने ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग पर तिरंगा उतारकर भारत सरकार को दी चुनौती, पंजाब में बढ़ रहा खालिस्तान का उग्रवाद 80 के दशक की दिलाने लगा याद

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Amritpal supportersunfurled the tricolor at the Indian High Commission in Britai

आज बात करेंगे पंजाब की। 4 दशक के बाद पंजाब एक बार फिर अशांत है। ‘खालिस्तान’ का भस्मासुर फिर से पंजाब से लेकर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन तक भारत के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। दो दशक से जहां पंजाब शांति की राह पर आगे बढ़ रहा था। लेकिन अब पिछले कुछ महीनों से पंजाब में जैसे हालात बनते जा रहे हैं वह एक भयावह संदेश भी दे रहे हैं। इसके साथ 80 के दशक के जलते पंजाब की यादें भी ताजा हो रही हैं। यही वह समय था जब इस राज्य में खालिस्तान बनाने की मांग ने पूरे देश अस्थिर करने का प्रयास किया था। उस दौर में खालिस्तानी समर्थकों (उग्रवादियों) ने हिंसा का सहारा लिया। इसके बाद पूरा पंजाब जल उठा था। हजारों बेकसूर लोगों के साथ कई बड़ी सियासी हस्तियों की भी हत्या हुई थी।

बता दें कि जरनैल सिंह भिंडरावाले ने 1980 के दशक में सिखों के लिए अलग देश खालिस्तान की मांग उठाई थी और पूरे पंजाब में कोहराम मचा दिया था। इसके बाद सड़कों पर कत्लेआम मच गया था। ‌करीब एक दशक तक पंजाब जलता रहा। अब फिर से पंजाब में उथल-पुथल मची हुई है। इसकी शुरुआत खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह ने की है। अमृतपाल कई दिनों से देशभर में चर्चा में बना हुआ है। अमृतपाल सिंह के खिलाफ 3 केस दर्ज हैं, इनमें 2 हेट स्पीच के संबंधित हैं। लेकिन रविवार को ब्रिटेन स्थित लंदन भारतीय उच्चायोग में भी खालिस्तानी समर्थकों ने भारत सरकार के लिए चुनौती खड़ी करने की कोशिश की।

खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में लंदन में भारतीय हाई कमीशन में तोड़फोड़ की गई। रविवार शाम को सैकड़ों की संख्या में खालिस्तान समर्थक हाई कमीशन के बाहर जमा हुए। बिल्डिंग में घुसे और तिरंगा उतार दिया। हाई कमीशन पहुंचे खालिस्तान समर्थकों के हाथ में खालिस्तानी झंडा और अमृतपाल सिंह के पोस्टर थे। पोस्टर्स पर लिखा, ‘फ्री अमृतपाल सिंह’ (अमृतपाल सिंह को आजाद करो), ‘वी वॉन्ट जस्टिस’ (हमें न्याय चाहिए) और ‘वी स्टैंड विथ अमृतपाल सिंह’ (हम अमृतपाल के साथ हैं)। एक शख्स को ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ कहते हुए भी सुना गया। वहीं दूसरी ओरलंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने खालिस्तानियों को कड़ा जवाब देते हुए एक विशाल तिरंगा उच्चायोग पर लहरा दिया है।

बता दें कि रविवार को कुछ खालिस्तान समर्थकों ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग से भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को उतारने की कोशिश की और खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की। हालांकि भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने हिम्मत दिखाते हुए खालिस्तानियों का विरोध किया और खालिस्तानी झंडे को फहराने की कोशिश कर रहे युवक से खालिस्तानी झंडा लेकर फेंक दिया। विदेश मंत्रालय ने एक कड़े बयान में कहा कि भारत को ब्रिटेन में भारतीय राजनयिक परिसरों और कर्मियों की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन सरकार की बेरुखी देखने को मिली है, जो अस्वीकार्य है। सूत्रों ने कहा है कि ब्रिटिश उप उच्चायुक्त क्रिस्टीना स्कॉट को घटना के मद्देनजर विदेश मंत्रालय में तलब किया गया क्योंकि उच्चायुक्त एलेक्स एलिस दिल्ली से बाहर हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ‘‘लंदन में भारतीय उच्चायोग के खिलाफ अलगाववादी और चरमपंथी तत्वों द्वारा की गई कार्रवाई पर भारत का कड़ा विरोध जताने के लिए नई दिल्ली में ब्रिटेन की वरिष्ठ राजनयिक को आज देर शाम तलब किया गया।’’ मंत्रालय ने कहा, ‘‘ब्रिटेन से सुरक्षा व्यवस्था की गैरमौजूदगी के लिए स्पष्टीकरण की मांग की गई, जिससे ये तत्व उच्चायोग परिसर में दाखिल हुए।’’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजनयिक को वियना संधि के तहत ब्रिटेन सरकार के बुनियादी दायित्वों की याद दिलाई गई। इस घटना के बाद देश में भी गुस्सा व्याप्त है। अब आइए जान लेते हैं कौन है अमृतपाल सिंह जो जरनैल भिंडरावाला की राह पर चल पड़ा है।

दीप सिंह सिद्धू की मौत के बाद दुबई से लौट अमृतपाल ने संभाली कमान, बन गया ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख

‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया अमृतपाल सिंह फरार है। 2 दिन पहले पंजाब पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया था और पहले खबर भी आई थी कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन बाद में पुलिस ने स्वयं कहा था कि अभी वह पकड़ा नहीं गया है। उसे पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है और पूरे राज्य में उसे तलाश रही है। पंजाब पुलिस का दावा है कि अमृतपाल अभी भी उसकी गिरफ्त से दूर है। वहीं, इस पूरे मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 112 पहुंच गई है। पुलिस ने रविवार को बताया कि पूरे मामले में कई हथियार भी बदामद किए गए हैं, जिनकी वैधता की जांच की जा रही है। इस बीच रविवार रात अमृतपाल सिंह के ड्राइवर और उसके चाचा ने पुलिस के आगे समर्पण कर दिया। पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका अमृतपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई पर देश से लेकर विदेश तक बवाल मचा हुआ है।

अमृतपाल सिंह का जन्म साल 1993 में अमृतसर के जल्लूपुर गांव में हुआ। अमृतपाल ने 12वीं तक पढ़ाई की है और अपने चाचा के ट्रांसपोर्ट के कारोबार में हाथ बंटाने के लिए 2012 में भारत से दुबई चला गया। वह छह महीने पहले सबकी नजरों में आया। पिछले साल एक्टर-एक्टिविस्ट दीप सिंह सिद्धू की सड़क हादसे में मौत के बाद उसने ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन की कमान संभाली और दुबई से लौटकर भारत आया। सिद्धू से अमृतपाल की कभी मुलाकात नहीं हुई लेकिन उसका कहना है कि वह सिद्धू के ऑनलाइन वीडियो से काफी प्रभावित है। साल 2021 में किसान आंदोलन के दौरान लाल किले पर प्रदर्शन के दौरान अमृतपाल ने सिद्धू का समर्थन किया था। एक सप्ताह पहले सिद्धू की पहली पुण्यतिथि पर अमृतपाल ने कहा कि उसने अपने बाल काटने बंद कर दिए हैं। नवंबर 2021 में दिवंगत अभिनेता ने इस तरह की सलाह दी थी।

पिछले साल 25 सितंबर को अमृतपाल आनंदपुर साहिब गया और ‘अमृतधारी सिख’ बनने के लिए औपचारिक रूप से सिख धर्म अपनाया। एक इंटरव्यू में अमृतपाल ने बताया कि उनका जन्म और पालन-पोषण अमृतसर के जादू खेड़ा गांव में हुआ है। उसकी शादी 10 फरवरी 2023 को बाबा बकाला में हुई। अमृतपाल सिंह के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। दो केस नफरती भाषण और एक केस अपहरण से जुड़ा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अमृतपाल सिंह की शादी ब्रिटेन की एनआरआई किरणदीप कौर से हुई है। अमृतपाल अपना पहनावा भिंडरवाला की तरह रखता है। वह उसी अंदाज में पगड़ी पहनता है जैसा कि भिंडरवाला पहनता था। अमृतपाल को लेकर खुफिया विभाग ने जारी किया अलर्ट। दिल्ली और आसपास के इलाकों को सतर्क रहने का आदेश जारी हुआ है। खुफिया विभाग की तरफ से दिल्ली और आसपास के इलाकों में अलर्ट रहने को कहा गया है। खास तौर पर उन इलाकों में जंहा पंजाब के लोग रहते है।

80 के दशक में खालिस्तान की मांग बनाने वाला जरनैल सिंह भिंडरावाला ने देश को किया था डिस्टर्ब

पंजाब में 80 के दशक में जरनैल सिंह भिंडरावाला ने पूरे देश को डिस्टर्ब कर दिया था। जरनैल सिंह धर्म और ग्रंथों की शिक्षा देने वाली संस्था ‘दमदमी टकसाल’ का अध्यक्ष चुना गया, उसके बाद उसके नाम के साथ भिंडरावाले जुड़ गया, तब उसकी उम्र करीब 30 साल थी। कुछ ही महीनों बाद भिंडरावाले ने पंजाब में उथल-पुथल पैदा कर दी। 13 अप्रैल 1978 को अकाली कार्यकर्ताओं और निरंकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसमें 13 अकाली कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। इसके बाद रोष दिवस मनाया गया। इसमें जरनैल सिंह भिंडरावाले ने हिस्सा लिया। भिंडरावाले ने पंजाब और सिखों की मांग को लेकर कड़ा रवैया अपनाया। वो जगह-जगह भड़काऊ भाषण देने लगा।

80 के दशक की शुरुआत में पंजाब में हिंसक घटनाएं बढ़ने लगीं। 1981 में पंजाब केसरी के संस्थापक और संपादक लाला जगत नारायण की हत्या हो गई। पंजाब में बढ़ती हिंसक घटनाओं के लिए भिंडरावाले को जिम्मेदार ठहराया गया, लेकिन उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण गिरफ्तार नहीं किया जा सका।

अप्रैल 1983 में पंजाब पुलिस के डीआईजी एएस अटवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कुछ दिन बाद पंजाब रोडवेज की बस में घुसे बंदूकधारियों ने कई हिंदुओं को मार दिया। बढ़ती हिंसक घटनाओं के बीच इंदिरा गांधी ने पंजाब की कांग्रेस सरकार को बर्खास्त कर दिया और राष्ट्रपति शासन लगा दिया। पंजाब में बढ़ती हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए भिंडरावाले को पकड़ना बहुत जरूरी था। इसके लिए इंदिरा गांधी की सरकार ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ लॉन्च किया। 1984 में ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ शुरू किया गया। एक जून से ही सेना ने स्वर्ण मंदिर की घेराबंदी शुरू कर दी थी।

पंजाब से आने-जाने वाली रेलगाड़ियों को रोक दिया गया. बस सेवाएं रोक दी गईं। 3 जून 1984 को पंजाब में कर्फ्यू लगा दिया गया। 4 जून की शाम से सेना ने गोलीबारी शुरू कर दी। अगले दिन सेना की बख्तरबंद गाड़ियां और टैंक भी स्वर्ण मंदिर पर पहुंच गए। भीषण खून-खराबा हुआ। 6 जून को भिंडरावाले को मार दिया गया। उसके बाद उसी साल खालिस्तानी समर्थकों ने तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या अक्टूबर 1984 को राजधानी दिल्ली स्थित आवास पर ही गोली मारकर हत्या कर दी थी।

90 के दशक में पंजाब में धीरे-धीरे स्थित आने लगी और सब कुछ शांत हो गया। लेकिन अब अमृतपाल सिंह ने एक बार फिर से पंजाब में उथल-पुथल मचा रखी है। ऐसा नहीं है कि अमृतपाल सिंह की गतिविधियों पर केंद्र चुपचाप बैठा है। केंद्र सरकार का एक्शन जल्द ही सामने दिखाई देगा।

रजनी जोशी सहित 15 महिलाओं को सुषमा स्वराज अवार्ड से किया गया सम्मानित

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Ghaziabad News: भारतीय जनता पार्टी इन दिनों देशभर में महिला सशक्तिकरण को लेकर महिला दिवस मना रही है। जिसके तहत अलग अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को स्व. सुषमा स्वराज अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है। इसीक्रम में गाजियाबाद क्षेत्र में भी महिला मोर्चा महानगर ग़ाज़ियाबाद उ.प्र. द्वारा वन्दना वर्मा MLC मुज्जफरनगर सहारनपुर एवं सामली क्षेत्र एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, महिला मोर्चा अध्यक्ष महानगर ग़ाज़ियाबाद पूनम कौशिक द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 15 महिलाओं को सुषमा स्वराज अवार्ड के द्वारा सम्मानित किया गया।

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा गाजियाबाद महानगर के तत्वाधान मे महानगर महिला मोर्चा अध्यक्ष पूनम कौशिक के दिशा निर्देशन में रविवार को आईएमई कॉलेज गाजियाबाद में “स्वर्गीय सुषमा स्वराज अवॉर्ड “ सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तराखंड मूल की समाजसेविका एवं शिक्षा से शिखर तक” एनजीओ की अध्यक्ष रजनी जोशी ढौंडियाल सहित समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 15 महिलाओं को सुषमा स्वराज अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुजफ्फरनगर सहारनपुर शामली क्षेत्र एमएलसी एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य वंदना वर्मा रही। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाएं आज प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ चढ़कर कार्य कर रही है। भारतीय जनता पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है जो हमेशा महिलाओं को मातृ शक्ति के रूप में सम्मान देती है। साथ ही गाजियाबाद महिला मोर्चा प्रभारी कल्पना चौहान क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पश्चिम क्षेत्र भी उपस्थिति रही। उन्होंने भी सुषमा स्वराज को याद करते हुए नारी सशक्तिकरण पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा महिला मोर्चा महानगर अध्यक्ष पूनम कौशिक के द्वारा की गई।

इस मौके पर रजनी जोशी ने इस अवार्ड के लिए अपना नाम चयनित होने पर अपनी कर्मभूमि गाजियाबाद व महिला मोर्चा अध्यक्ष महानगर ग़ाज़ियाबाद पूनम कौशिक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज मै अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ। क्योंकि यह मात्र एक अवार्ड नहीं अपितु यह याद दिलाता है कि कर्म सदा महान होते हैं। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज एक ऐसी आदर्श महिला थी जिन्हें युगों युगों तक याद रखा जाएगा।

सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में  ‘जन सेवा’ कार्यक्रमों का किया जाएगा आयोजन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ‘जन सेवा’ कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी द्वारा कार्यक्रमों की रूपरेखा और  इनकी समुचित तैयारी के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दिनांक 23 मार्च, 2023 को राज्य के जनपद मुख्यालयों में ‘एक साल नई मिसाल’ कार्यक्रम के अन्तर्गत ‘जन सेवा’ थीम पर बहुद्देशीय शिविरों एवं चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जायेगा।

मुख्य कार्यकम जनपद देहरादून में आयोजित किया जायेगा समस्त जनपदों के जनपद मुख्यालयों में भी दिनांक 23 मार्च, 2023 को कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है, जिसमें विकास पुस्तिका का विमोचन, बहुद्देशीय शिविर तथा चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जायेगा । जनपद मुख्यालयों में कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्बन्धित जनपद के  प्रभारी मंत्री के द्वारा की जायेगी। जिन जनपदों में कतिपय कारणों से प्रभारी मंत्री जी की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, वहां कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसदगण द्वारा की जायेगी। ।

बहुद्देशीय शिविर में आम जन को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की उपलब्धता, विभिन्न विभागों द्वारा प्रदान की जाने वाली जनोपयोगी योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं दवाओं का वितरण आदि सुनिश्चित किया जायेगा जनपद स्तर पर कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 11:00 बजे किया जाना है। प्रभारी मंत्री /  सांसद द्वारा पहले जनता को सम्बोधित किया जायेगा । जनपद देहरादून में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को मुख्यमंत्री द्वारा अपराह्न लगभग 12:30 बजे सम्बोधित किया जायेगा। जिसको सजीव प्रसारण के द्वारा समस्त जनपद मुख्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भी प्रसारित किया जायेगा ।

बहुद्देशीय शिविर / चिकित्सा शिविर एवं कार्यक्रम के आयोजन की व्यवस्था सम्बन्धित जिले के जिलाधिकारी द्वारा की जायेगी।कार्यक्रम स्थल पर उत्तराखण्ड की लोक परम्पराओं, लोक नृत्य, लोक गायन, लोक कला जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाय। कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही साथ जनसामान्य हेतु सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं से सम्बन्धित पठनीय सामग्री भी उपलब्ध कराई जायेगी। जनपद मुख्यालय पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधयों के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी आमंत्रित किया जायेगा।

दिनांक 23 मार्च, 2023 को आयोजित होने वाले कार्यक्रम के अतिरिक्त दिनांक 24 मार्च से दिनांक 30 मार्च तक ‘जन सेवा’ थीम पर प्रत्येक विधानसभा / ब्लॉक स्तर पर भी बहुद्देशीय शिविर एवं चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जायेगा।  विधानसभा क्षेत्र / ब्लॉक मुख्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तिथि निश्चित कर बहुद्देशीय शिविर के आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जायेगा, ताकि अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित हो सके तथा आमजन को अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके। विधानसभा / ब्लॉक मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में  सांसदगण /विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किये जाएंगे।

 

उत्तराखंड के परमजीत बिष्ट ने किया कमाल, एशियन रेस वॉक चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई

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Paramjit Bisht qualifies for Olympics in race walk

Uttarakhand News: उत्तराखंड के चमोली जिले प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी परमजीत बिष्ट ने एशियन रेस वॉक चैंपियनशिप में 9वां स्थान हासिल कर ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर लिया है। परमजीत भारतीय नौ सेना में कार्यरत हैं। चमोली पुलिस ने परमजीत को शुभकामनाएं दी हैं। चमोली पुलिस ने परमजीत को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि जनपद व देश का नाम रोशन करने पर चमोली पुलिस को आप पर गर्व है।

जापान में हुई थी प्रतियोगिता

उत्तराखंड के चमोली जिले के खल्ला गांव के रहने वाले परमजीत बिष्ट ने जापान में आयोजित एशियन रेस वॉक चैंपियनशिप में 9वां स्थान हासिल किया। उन्होंने यह वॉक रेस 1।20।06 मिनट में पूरी की। इसके साथ ही परमजीत बिष्ट अब ओलंपिक के लिए खेलेंगे। उन्होंने इस प्रतियोगिता में 9वां स्थान लाकर ओलंपिक क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले भी परमजीत बिष्ट कई मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने दिल्ली में आयोजित पहले खेलो इंडिया गेम्स में 5 किमी वॉक रेस में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, परमजीत बिष्ट के इस उपलब्धि पर चमोली जिले में खुशी की लहर है।

परमजीत बिष्ट को स्कूल के शिक्षकों ने दी बधाई

रेस वॉक में चमोली जिले के राजकीय इंटर कॉलेज बैरागना के छात्र परमजीत बिष्ट को ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई करने के लिए बहुत बहुत बधाई और आगे के सुनहरे सफर के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं ।  इस होनहार छात्र के मार्गदर्शक शिक्षक भाई गोपाल बिष्ट, परमजीत के माता- पिता, विद्यालय परिवार और पूरे क्षेत्रवासियों को भी हार्दिक बधाई।

CRPF Recruitment 2023: सीआरपीएफ कांस्टेबल के 9 हजार से ज्यादा पदों पर निकली भर्ती, 10वीं पास युवा कर सकते हैं आवेदन

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CRPF Recruitment 2023

CRPF Recruitment 2023 : डायरेक्टरेट जनरल, सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स ने कांस्टेबल (तकनीकी और ट्रेड्समैन) के पद बंपर वैकेंसी निकाली है। इस वैकेंसी के माध्यम से 9212 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 27 मार्च 2023 से सीआरपीएफ कांस्टेबल भर्ती 2023 के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, इन पदों पर आवेदन की प्रक्रिया 25 अप्रैल 2023 तक चलेगी। अंतिम तिथि के बाद कोई फॉर्म स्वीकार नहीं होंगे। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को सीआरपीएफ की आधिकारिक वेबसाइट https://crpf.gov.in/ पर जाकर लॉगइन करना होगा।

जारी अधिसूचना के मुताबिक, कांस्टेबल के पदों पर उम्मीदवारों का चयन करने के लिए कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। यह एग्जाम 1 से 13 जुलाई, 2023 के बीच होगा। वहीं परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 20 जून से 25 जून, 2023 के बीच जारी किए जाएंगे। लिखित परीक्षा के अलावा, भर्ती प्रक्रिया में PST, और PET, टेस्ट, दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल टेस्ट शामिल है।

आधिकारिक सूचना के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • ऑनलाइन आवेदन शुरुआत होने की तारीख- 27 मार्च, 2023
  • ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि-25 अप्रैल, 2023
  • कांस्टेबल भर्ती के लिए लिखित परीक्षा- 1 जुलाई, से 13 जुलाई, 2023
  • कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र- 20 से 25 जून 2023

भर्ती की डिटेल

जारी अधिसूचना के मुताबिक, रिक्तियों की कुल संख्या (राज्यवार विभाजित) 9,212 है। इनमें से 9,105 पुरुष और 107 महिला उम्मीदवारों के लिए हैं।

शैक्षिक योग्यता

सीआरपीएफ कांस्टेबल पदों के लिए आवेदन करने के इच्छुक कैंडिडेट्स को10वीं कक्षा की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करनी चाहिए।

आवेदन शुल्क

इन पदों पर आवेदन करने वाले सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये है। वहीं, महिला उम्मीदवारों और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई है।

टेक्सटाइल हब बनेगा यूपी : 5 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर दिलाएगी योगी सरकार

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textile sector in UP

लखनऊ: उत्तर प्रदेश टेक्सटाइलका सबसे बड़ा हब बनने जा रहा है. आने वाले समय में टेक्सटाइल्स सेक्टर भी यूपी के युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसर तैयार करेगा। योगी सरकार इस सेक्टर के जरिए यहां के प्रतिभाशाली व ऊर्जावान युवाओं को घर-गांव में ही रोजगार दिलाएगी। इस क्षेत्र में व्यापक संभावनाओं को देखते हुए योगी सरकार ने निवेशकों को आमंत्रित किया है।

करीब 25 करो़ड़ की आबादी वाले यूपी का बाजार निवेशकों के लिए काफी समृद्ध है और बदली कानून व्यवस्था ने यहां निवेशकों को खुला आसमां दे दिया। लिहाजा उत्तर प्रदेश में 54710 करोड़ के निवेश को लेकर एमओयू किया गया। टेक्सटाइल्स सेक्टर में 1092 प्रस्ताव यूपी सरकार को मिले। धरातल पर योजना अंगीकृत होते ही दो लाख से अधिक युवाओं की अपने घर-गांव में ही प्रतिभा का लाभ मिलेगा।

इस क्षेत्र में आदित्य बिरला ग्रुप भी निवेश को आगे आया है। इससे यहां के कपड़े न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि देश के कई कोनों के साथ ही विदेशों में भी अपनी छाप छोड़ेंगे। वहीं महज एक दिन पहले यूपी की समृद्धि के रास्ते को बढ़ाते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने लखनऊ में टेक्सटाइल्स पार्क की मंजूरी भी दे दी है।

इससे तकरीबन 3 लाख रोजगार के नये अवसर सृजित होने की उम्मीद है। ऐसे में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में केंद्र और प्रदेश सरकार के सम्मिलित प्रयास से यूपी में 5 लाख नये रोजगार सृजित होने की प्रबल उम्मीद है।

यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से युवा टेक्सटाइल्स सेक्टर से पाएंगे रोजगार

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में टेक्सटाइल्स सेक्टर में 1092 प्रस्ताव आए। इनके जरिए 54710 करोड़ के निवेश का रास्ता खुला। इस सेक्टर से 2 लाख 46 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। पूर्वांचल, पश्चिमांचल, बुंदेलखंड व मध्यांचल समेत सभी क्षेत्रों और 75 जनपदों में युवाओं ने निवेश का रास्ता खोल दिया। इससे कताई, बुनाई से लेकर परिधान बनाने और पैकेजिंग कर आमजन तक पहुंचाने के जरिए भी रोजगार के कई अवसर मुहैया कराए जाएंगे।

निवेश के दृष्टिगत टॉप-10 में शामिल है यह सेक्टर

निवेश के दृष्टिगत टॉप-20 लिस्ट जारी की गई। उच्च शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग, औद्योगिक पार्क, उच्च शिक्षा, लॉजिस्टिक्स, रीयल स्टेट, पर्यटन के साथ ही टेक्सटाइल्स भी टॉप-10 में शामिल है। इस सेक्टर में आदित्य बिरला ग्रुप जैसी दिग्गज टेक्सटाइल्स कंपनियां भी यूपी में निवेश को उत्सुक हैं। एयरपोर्ट, सड़क व कानून व्यवस्था जैसी सुविधाएं पूरी दुनिया को यूपी में आने को उत्साहित कर रही हैं।

यूपी 25 करोड़ आबादी वाला सबसे बड़ा बाजार

भारत के कई राज्यों में उतनी संभावना नहीं है, जितनी सिर्फ यूपी में है। यूपी निवेशकों को एक ही राज्य में 25 करोड़ आबादी का बाजार दे रहा है। एक ही जगह इतना बड़ा बाजार जहां उद्यमियों के व्यापार को बढ़ा रहा है, वहीं ट्रांसपोर्टेशन और मैनपॉवर का खर्च भी बचा रहा है। निवेशकों के लिए यह काफी कारगर होगा। सबसे अधिक युवा वाले यूपी में निवेशक आने को बेताब हैं।

लखनऊ में टेक्सटाइल्स पार्क को केंद्र से मिली मंजूरी

GIS के बाद मार्च में केंद्र सरकार ने लखनऊ में टेक्सटाइल्स पार्क को मंजूरी दी। योगी सरकार ने पीएम मित्र योजना के तहत पार्क का खाका केंद्र को भेजा था। जिसे मंजूरी देते हुए करीब एक हजार एकड़ में स्थापित होने वाला यह पार्क लखनऊ-हरदोई सीमा पर स्थापित होगा। हरदोई के कई तहसील के गांवों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। उम्मीद है कि इससे लगभग 3 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मुहैया होंगे। परियोजना पर 1200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में भयंकर भूकंप से भारी तबाही, 13 लोगों की मौत, बढ़ सकती है मृतकों की संख्या, रेस्क्यू जारी

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earthquake in Ecuador

earthquake in Ecuador : दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में भयंकर भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.8 रही। 13 लोगों की मौत हो गई। कई घायल हो गए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का सबसे ज्यादा असर गुयास में हुआ। ये कोस्टल इलाका है। भूकंप का केंद्र यहां से 80 किलोमीटर दूर ग्वायाक्विल शहर में था। भूकंप के तेज झटकों से शहर की कई घरों और इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

अधिकारियों की मानें तो कई घरों में दरार देखी गई है। भूकंप प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू टीम पहुंचकर लोगों के बचाव और राहत कार्य में जुट गई है। लेकिन बड़े इलाके में बिजली और संपर्क बाधित होने की वजह से रेस्क्यू करने में भी काफी परेशानी हो रही है।सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में लोग भागदौड़ करते हुए नजर आ रहे हैं। घरों से निकलकर लोग सड़कों पर जमा हो रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों ने भूकंप के बाद अपने घरों के अंदर सामान गिरने की भी जानकारी दी।

इक्वाडोर के राष्ट्रपति गुइलेर्मो लासो ने ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पिछले महीने 6 फरवरी को तुर्की में भी भयंकर भूकंप आया था। जिसकी तीव्रता 7.8 तीव्रता मापी गई थी। भूकंप का केंद्र दक्षिणी तुर्की का गजायांटेप में रहा। इस भूकंप से लोग संभल पाते कि एक और भूकंप के झटके ने तुर्कीवासियों को हिला दिया था। इसके चलते 45,000 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। इस दौरान तुर्की के लोगों की मदद करने के लिए भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन दोस्त’ चलाया था। तुर्की में 173,000 इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा।

अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में तीनों आरोपियों पर आरोप तय, जमानत याचिका खारिज

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Ankita Murder Case: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में शनिवार को तीनों आरोपितों को कोटद्वार एडीजे कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस तीनों आरोपितों पुलकित, अंकित और सौरभ को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लेकर पहुंची। इस दौरान कोटद्वार को छावनी में बदल दिया गया। कोर्ट में तीनों आरोपियों पर आरोप तय कर दिए गए हैं। वहीं, तीनों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं किया और कोर्ट ट्रायल की प्रार्थना की। जिसके बाद कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 28 मार्च की तिथि नियत की है। साथ ही अंकित और पुलकित की जमानत प्रार्थना पत्र की याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी। इससे पहले भास्कर की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई थी।

इन धाराओं में तय हुए आरोप

  1. मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए।
  2. दूसरे आरोपी सौरभ भास्कर पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए।
  3. तीसरे आरोपी अंकित गुप्ता पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए।

खारिज हुई जमानत याचिका

अपर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में शनिवार को पुलकित व अंकित की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र रावत ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

महिला कांग्रेस ने दिया कोर्ट के बाहर धरना

उत्तराखण्ड़ प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने प्रदेश सरकार पर अंकिता भण्डारी हत्याकांड के आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होने कहा कि सरकार हत्याकांड की सीबीआई जांच करने से भी पीछे हट रही है। अंकिता हत्याकांड के आरोपियों को पेशी पर कोटद्वार न्यायालय में पहुंचने की सूचना पर वे समर्थकों के साथ कोटद्वार पहुंची और सरकार पर हत्याकांड के आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए समर्थकों के साथ सिमलचैड़ स्थित कोर्ट के बाहर धरने पर बैठ गयी है। इस अवसर पर उन्होने कहा कि लंबे समय से पीडिता के माता पिता आरोपियों को फांसी की मांग कर रहे हैं। वहीं जनता से भी इस हत्याकांड के आरोपियों को फांसी देने व हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर अभी तक प्रदर्शन कर रही है, लेकिन सरकार इससे पीछे हट रही है। उन्होने कहा कि हत्याकांड के आरोपी के पिता पार्टी के प्रभावशाली नेता है, इसलिए सरकार उन्हें संरक्षण प्रदान कर रही है। धरना स्थल पर पूर्व ब्लाक प्रमुख व पार्षद गीता नेगी, राजा आर्य, मीना बछवाण, कृष्णा बहुगुणा, अमितराज सिंह, शकुंतला चैहान आदि थे।

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी गिरफ्तार

पुलिस आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लेकर पहुंची। इस दौरान विभिन्न संगठन कोर्ट परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए। वहीं, जैसे ही पुलिस आरोपियों को लेकर पहुंची कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्हें रोका तो कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प शुरू हो गई। जिसके बाद पुलिस ने कोर्ट से सामने प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जबरन गिरफ्तार कर लिया।

क्या था पूरा मामला

बतादें कि पौड़ी जिले श्रीकोट की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के बैराज चीला मार्ग पर गंगा भोगपुर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करती थी। अंकिता की इस रिजॉर्ट में 28 अगस्त को नौकरी लगी थी। परन्तु 20 दिन बाद ही बीती 18 सितंबर को वह रिसोर्ट से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी। जिसके बाद रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने राजस्व पुलिस चौकी में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। परन्तु जब 22 सितंबर तक अंकिता का कुछ पता नहीं चला। जिसके बाद अंकिता के परिजनों द्वारा इस मामले को जोरशोर से उठाने और डीएम से इस मामले की शिकायत करने के बाद मामला लक्ष्मणझूला थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया।

जिसके बाद पुलिस जांच में इस मामले में वनंतरा रिजॉर्ट के संचालक और उसके मैनेजरों की भूमिका सामने आई। रिजॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि 18 सितंबर को शाम करीब आठ बजे अंकिता रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर अंकित और भास्कर के साथ रिजॉर्ट से निकली थी, लेकिन जब वो वापस लौटे तो उनके साथ अंकिता नहीं थी। इस आधार पर पुलिस ने तीनों को हिरासत लिया और पूछताछ की।

आरोपियों ने पुलिस के सामने सारा सच उगल दिया। आरोपियों ने अंकिता भंडारी को नहर में धकेल दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने पूर्व भाजपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री विनोद आर्य के बेटे रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो मैनेजरों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। यह भी खबर आई थी कि अंकिता भंडारी से अनैतिक कार्य के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इस बीच किसी वीआईपी के भी रिसोर्ट में आने की बात भी सामने आई थीं। आरोप है कि अंकिता के मना करने पर आरोपियों ने उसे नहर में धक्का देकर मार दिया था।

 

कट्टर खालिस्तानी नेता अमृतपाल को पंजाब पुलिस ने साथियों समेत किया गिरफ्तार, राज्य में इंटरनेट सेवा कल तक सस्पेंड

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Khalistan supporter Amritpal arrested

पंजाब में खालिस्तान का समर्थक और वारिस पंजाब डे का प्रमुख अमृतपाल को आज पुलिस ने उसके साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पिछले कई दिनों से अमृतपाल पंजाब से लेकर केंद्र सरकार को तनाव देने में लगा हुआ था। यह गिरफ्तारियां अजनाला थाने पर हमले से जुड़े केस में की गईं। पंजाब पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन चलाकर इन लोगों को पकड़ा। पंजाब पुलिस के घेरा डालते ही अमृतपाल खुद गाड़ी में बैठकर लिंक रोड से होते हुए भाग गया।

पुलिस की करीब 100 गाड़ियों ने लगभग डेढ़ घंटा पीछा करने के बाद उसे जालंधर के नकोदर एरिया से दबोच लिया। हालांकि अभी तक पंजाब पुलिस ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। इसी बीच पंजाब गृह विभाग ने बताया कि रविवार तक इंटरनेट सर्विस सस्पेंड कर दिया गया। भगवंत मान सरकार ने इसके पीछे कानून व्यवस्था का हवाला दिया है। पिछले महीने अमृतपाल और उसके समर्थक तलवारें और पिस्तौल लहराते हुए अमृतसर शहर के बाहरी इलाके में अजनाला थाने में घुस गए थे। इस दौरान, अमृतपाल के एक करीबी को छुड़ाने के लिए उनकी पुलिस के साथ झड़प हो गई थी।

अमृतपाल सिंह, खालिस्तानी मूवमेंट का सबसे बड़ा चेहरा बन गया है। उसके भाषण और स्पीच जमकर वायरल हो रहे हैं। लाखों समर्थकों के बीच अमृतपाल सिंह खुद को जरनैल सिंह भिंडरांवाले ही समझ रहा है। खालिस्तानी साजिश और पंजाब रेफरेंडम को लेकर चलाया जा रहा मूवमेंट तेज हो गया है। पंजाब दशकों तक अशांत रहा है। खालिस्तान मूवमेंट को सुलगाना पाकिस्तान के लिए आसान है। उसे अमृतपाल सिंह का चेहरा भी मल गया है।

खालिस्तान समर्थकों को अब अमृतपाल सिंह एकजुट कर रहा है। कश्मीर पर भारत के खिलाफ भी दुष्प्रचार किया जा रहा है। पंजाब को अशांत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। अमृतपाल सिंह पंजाब में खालिस्तानी मूवमेंट का चेहरा बन गया है। उसका एजेंडा भारत के खिलाफ है। फिर भी वह जेल से बाहर है, इसे लेकर पंजाब सरकार पर भी लोग सवाल खड़े कर रहे हैं।