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उत्तराखंड के लोकपर्व फूलदेई पर भराड़ीसैंण स्थित विधान सभा भवन में जीवंत हुई लोक संस्कृति, बच्चों ने पारम्परिक मांगल गीतों के साथ बरसाये रंग-बिरंगे प्राकृतिक पुष्प

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चैत्र मास की संक्रांति को आयोजित होने वाले उत्तराखण्ड के लोक पर्व फूलदेई के अवसर पर भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में बड़ी संख्या में क्षेत्र के बच्चों ने पारम्परिक मांगल गीतों के साथ रंग-बिरंगे प्राकृतिक पुष्पों की वर्षा की। बच्चों के साथ विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धनसिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, डॉ. प्रेम चन्द अग्रवाल, विधायक अनिल नौटियाल आदि ने बच्चों से भेंट कर अपनी लोक संस्कृति एवं लोक परम्पराओं से जुड़ने के लिए उनका उत्साह वर्धन किया।

विधान सभा अध्यक्ष के साथ सभी ने इस पावन पर्व की बधाई देते हुए कहा कि हमारे पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने तथा उसके संरक्षण का संदेश देते हैं। अपनी लोक परम्पराओं एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोये रखने की भी जरूरत बतायी।

उत्तराखंड सरकार आज खोलेगी बजट का पिटारा, लोगों को बेसब्री से इंतजार, दिल्ली से लौटे सीएम धामी

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Uttarakhand government budget

आज उत्तराखंड की धामी सरकार अपना बजट का पिटारा खोलने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बैठक में शामिल होने के बाद भराड़ीसैंण लौट आए हैं। भराड़ीसैंण में सोमवार से विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मंगलवार को विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की गई। ‌ आज यानी बुधवार को भराड़ीसैंण विधानसभा में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल दोपहर दो बजे बजट पेश करेंगे। धामी सरकार के बजट को लेकर राज्य के लोगों को बेसब्री से इंतजार है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 79 हजार करोड़ रुपये के बजट का अनुमान है। प्रदेश मंत्रिमंडल बजट प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे चुका है। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में अगले दिन का एजेंडा तय किया गया। बुधवार को बजट पर चर्चा के बाद विनियोग विधेयक पारित होगा और इसके साथ सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाएगी। यानी सत्र 16 मार्च तक ही चलेगा। वित्त मंत्री के मुताबिक बजट समावेशी होगा और इसमें युवाओं, महिलाओं, किसानों और व्यापारी, श्रमिक और नौकरी-पेशा लोगों के लिए खास प्रावधान होंगे। संवाद के जरिये जो सुझाव जनता से प्राप्त हुए हैं, उनमें से जो महत्वपूर्ण हैं, उन्हें बजट की घोषणाओं में शामिल करने का प्रयास किया गया है।

बजट को लेकर प्रदेश भर के लोगों को इंतजार भी है। वहीं दूसरी ओर राजधानी दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तरी सीमा पर विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को वायु सेना की ओर से विकसित किया जाएगा। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे का सुचारू रूप से संचालन होने पर विभिन्न राज्यों से पर्यटक आसानी से पिथौरागढ़ पहुंच सकेंगे। जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन सृजित हो सके। इससे एयर कनेक्टिविटी भी आसान होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि उत्तराखंड के सीमांत जिलों में अवस्थापना विकास यथा रोड, रेल, दूरसंचार, वायु सेवा के कार्य तेजी किए जा रहे हैं। लंबित कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता पर निस्तारित करने के लिए सीमांत जिलों के जिलाधिकारियों को प्रतिमाह बैठक आयोजित करने को कहा गया है। इसके अलावा न्यूनतम समय में कार्यों को निस्तारित किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार सीमांत जिलों में लंबित सभी कार्यों को प्राथमिकता पर संपादित कर रही है।

उत्तराखंड में आज फूलदेई की धूम, एक ऐसा लोकपर्व जो प्रकृति से जुड़े होने के साथ मन को सुकून देता है, जानिए इसका पौराणिक महत्व

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Phooldei

उत्तराखंड देवभूमि के लोगों के लिए बहुत ही खास दिन है। खास दिन इसलिए है कि आज देवभूमि का लोक पर्व फूलदेई धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। उत्तराखंड का यह एक ऐसा त्योहार है जो प्रकृति पर समर्पित है। वहीं दूसरी ओर आज धामी सरकार अपना बजट भी पेश करने जा रही है। बजट को लेकर प्रदेश के लोगों खासतौर पर युवाओं और महिलाओं को भी बेसब्री से इंतजार है। बजट पेश करने को लेकर धामी सरकार उत्साहित है। वहीं फूलदेई के मौके पर सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

अब आइए जानते हैं उत्तराखंड के लोक पर्व फूलदेई के बारे में। यह त्योहार मन को हर्षोल्लास से भर देता है। इस त्योहार में प्रफुल्लित मन से बच्चे हिस्सा लेते हैं और बड़ों को भी अत्यधिक संतोष मिलता है। यह त्योहार लोकगीतों, मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ने का भी एक अच्छा अवसर प्रदान करता है और संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा भी देता है।हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने से ही नववर्ष होता है। नववर्ष के स्वागत के लिए कई तरह के फूल खिलते हैं। उत्तराखंड में चैत्र मास की संक्रांति अर्थात पहले दिन से ही बसंत आगमन की खुशी में फूलों का त्योहार फूलदेई मनाया जाता है।

बच्चे फ्यूंली, बुरांश और बासिंग के पीले, लाल, सफेद रंगों के मनभावन फूलों से घर-आंगन सजाते हैं। और फूल देई, छम्मा देई लोकगीत गाते हैं। पूरे उत्तराखंड में चैत्र महीने के शुरू होते ही कई तरह के फूल खिल जाते हैं। इनमें फ्यूंली, लाई, ग्वीर्याल, किनगोड़, हिसर, बुरांस आदि प्रमुख हैं. चैत्र संक्रांति से छोटे-छोटे बच्चे हाथों में कैंणी (बारीक बांस की डलिया) में फूल रखकर लोगों के घरों के दरवाजे-मंदिरों के बाहर रखते है। फूलों को घरों के बाहर रखने के पीछे शुभ की कामना है। घरों में कुशलता रहे और लोग स्वस्थ रहे, इस भावना से ऐसा किया जाता है।

फूलदेई का त्योहार उत्तराखंडी समाज के लिए विशेष पारंपरिक महत्व रखता है। चैत्र की संक्रांति यानि फूल संक्रांति से शुरू होकर इस पूरे महीने घरों की देहरी पर फूल डाले जाते हैं। इसी को गढ़वाल में फूल संग्राद और कुमाऊं में फूलदेई पर्व कहा जाता है। जबकि, फूल डालने वाले बच्चों को फुलारी कहते हैं। बसंत ऋतु के स्वागत के तौर पर भी फूलदेई पर्व मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति से जुड़ा हुआ है। इन दिनों पहाड़ों में जंगली फूलों की भी बहार रहती है। चारों ओर छाई हरियाली और कई प्रकार के खिले फूल प्रकृति की खूबसूरती में चार-चांद लगाते हैं। पर्व के अवसर पर छोटे-छोटे बच्चे सूर्योदय के साथ ही घर-घर की देहली पर रंग-बिरंगे फूल को बिखेरते घर की खुशहाली, सुख-शांति की कामना के गीत गाते हैं। जिसके बाद घर के लोग बच्चों की डलिया में गुड़, चावल और पैसे डालते हैं।

यह पर्व पर्वतीय परंपरा में बेटियों की पूजा, समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। फूलदेई त्योहार मनाने के पीछे की मान्यता पुराणों में है। मान्यता के अनुसार, शिवजी शीतकाल में तपस्या में लीन थे और इस दौरान कई साल बीत गए। बहुत से मौसम आकर गुजर गए लेकिन भगवान शिव की तपस्या नहीं टूटी। कई साल शिव के तपस्या में लीन होने की वजह से बेमौसमी हो गए थे। आखिर मां पार्वती ने युक्ति निकाली थी। कैंणी में फ्योली के पीले फूल खिलने के कारण सभी शिव गणों को पीताम्बरी जामा पहनाकर उन्हें अबोध बच्चों का स्वरुप दे दिया था फिर सभी से कहा कि वह देवक्यारियों से ऐसे पुष्प चुन लाएं जिनकी खुशबू पूरे कैलाश को महकाए।

पौराणिक मान्यता के अनुसार, शिवजी की तपस्या भंग करने के लिए सब गणों ने पीले वस्त्र पहनकर सुंगधित फूलों की डाल सजाई और कैलाश पहुंच गए। शिवजी के तंद्रालीन मुद्रा को फूल चढ़ाए गए थे। साथ में सभी एक सुर में आदिदेव महादेव से उनकी तपस्या में बाधा डालने के लिए क्षमा मांगते हुए कहने लगे- फुलदेई क्षमा देई, भर भंकार तेरे द्वार आए महाराज। शिव की तपस्या टूटी और बच्चों को देखकर उनका गुस्सा शांत हुआ और वे प्रसन्न मन से इस त्यौहार में शामिल हुए थे।

विकास खण्ड द्वारीखाल के ग्राम तोली में राज्य वित्त एवं केन्द्रीय वित्त की धनराशि से निर्मित टिन सेड का ब्लॉक प्रमुख महेन्द्र राणा ने किया उद्घाटन

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tin shed in village Toli

विकास खण्ड द्वारीखाल के ग्राम पंचायत तोली में राज्य वित्त एवं केन्द्रीय वित्त की 3.50 लाख रूपये की धनराशि से निर्मित टिन शेड़ का उद्घाटन प्रमुख महेन्द्र सिंह राणा ने किया। ग्राम तोली पहुचने पर ग्रामवासियों एंव जनप्रतिनिधियों ने प्रमुख का ढोल दमाऊ एवं फूल मालाओं से स्वागत किया।

पंचायत भवन तोली में मुख्य अतिथि महेन्द्र राणा ने टिन शेड का उद्घाटन किया। पंचायत भवन में प्रधान सीमा बिष्ट की अध्यक्षता एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य राजमोहन नेगी विशिष्ट अतिथि की उपस्थित में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। अपने सम्बोधन में क्षेत्र पंचायत सदस्य राजमोहन नेगी ने प्रमुख महेन्द्र राणा को विकास पुरूष की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्ही की छत्र छाया में इस टिन सेड का निर्माण कार्य सम्पन्न हो पाया है। मैं प्रमुख जी का अपने क्षेत्र में इस पुनीत कार्य के लिए हार्दिक आभार प्रकट करता हॅू। आगे भी आपसे कई अपेक्षाए है।

प्रधान सीमा बिष्ट ने अपने ग्राम पंचायत में प्रमुख के आगमन पर खुशी जाहिर की तथा अपने सम्बोधन में उन्हें महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया कि आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने महिलाओं को सम्मान नही दिया है लेकिन आपने महिलाओं के प्रति जो सम्मान और प्यार दिया है उसके लिए ग्राम पंचायत तोली आपका आभारी रहेगी।

अपने सम्बोधन में महेन्द्र राणा ने कहा कि मुझे आप लोगो के बीच में आने पर बहुत खुशी हुई है मैं यही चाहता हूॅ कि यहॉ पर विकास हो और इसका उदाहरण यह टिन सेड आपके सामने है इस टिन सेड़ निर्माण कार्य में राजमोहन सिंह नेगी क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं प्रधान सीमा देवी को भी धन्यवाद अर्पित करता हॅू कि उन्होने इतने कम समय में इतना सुन्दर सेड गांव वालो के लिए तैयार किया है। मैं आप लोगो के सुख दुख में हमेशा खड़ा हॅू। आप इसी प्रकार आगे भी मेरा सहयोग एवं मार्गदर्शन करते रहोगे।

ग्रामवासियों ने टिन सेड निर्माण के लिए प्रमुख महेन्द्र राणा का धन्यवाद किया। ग्राम पंचायत दिउसा, कलोड़ी एवं तोली की महिलाओं द्वारा प्रमुख का स्वागत किया। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी जयकृत बिष्ट, महिला मंगल दल अध्यक्षा तोली कुमारी सोनिका, क्षेत्र पंचायत सदस्य भारत सिंह, कीरत सिंह, प्रधान संगठन अध्यक्ष अर्जुन सिंह, प्रधान रिंगवाड़ गांव श्रीमती मुन्नी देवी, दिउसा यशपाल सिंह, भलगांव प्रभाकर डोबरियाल, लंगूरी कमलेश्वरी देवी, पाली चन्द्र प्रकाश नैथानी, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेन्द्र सिह, राजेश बिष्ट, सुभाष नेगी द्वारीखाल, राजेन्द्र सिंह बिष्ट तोली, धीरज सिंह तोली, छत्रपाल सिंह कीर्तिखाल, कोमल सिंह धारी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मनमोहन सिंह बिष्ट पूर्व एडीओ पंचायत ने किया।

उत्तराखंड : नंदा गौरा योजना में फर्जीवाड़ा मामले में 193 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज

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nanda gaura yojana

Haridwar News: उत्तराखंड में नंदा गौरा योजना के तहत बच्चे के जन्म पर मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए हरिद्वार जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने आय प्रमाण पत्र का ही फर्जीवाड़ा कर डाला। जाँच में 193 आवेदकों की आय प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। जिसके बाद फर्जीवाड़ा के आरोपी 193 लोगों के खिलाफ मंगलवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों पर 420 सहित विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं।

पुलिस ने ये कार्रवाई महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के निर्देश के बाद की। मंत्री रेखा आर्य ने हाल ही में मामले की जांच कर अपात्र लाभार्थियों और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा था कि योजना का लाभ लेने वाली सभी बालिकाओं के प्रमाण पत्रों की भी जांच की जाए, ताकि कोई अपात्र पात्र बालिका का हक छीनकर योजना का लाभ न ले सके। गौरतलब है कि फर्जीवाड़े के चलते महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं। लिहाजा मामले में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कड़ा एक्शन लिया है। हरिद्वार में 193 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाकर योजना का लाभ लेने का आरोप है।

क्या है पूरा मामला

हरिद्वार जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 में नंदा गौरा योजना का लाभ लेने के लिए आय प्रमाण पत्रों से छेड़छाड़ कर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया था। इसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 में जन्म के आधार पर योजना का लाभ प्राप्त करने वाले कुल 1328 आवेदनों में से 70 एवं 12वीं पास के आधार पर लाभ लेने के लिए कुल 4174 आवेदनों में से 123 कुल 193 आवेदनों में आय प्रमाण पत्रों से छेड़छाड़ की गई। प्रमाण पत्रों में की गई छेड़छाड़ पर मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार इन आवेदनों को रद्द कर चुके हैं।

प्रदेश सरकार की ओर से नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना के तहत बालिकाओं के जन्म के समय 11 हजार रुपये माता-पिता को दिए जाते हैं। इसके बाद बालिका के इंटर पास करने पर 51 हजार रुपये दिए जाते हैं। यह सहायता राशि पात्र बालिकाओं के अभिभावकों को दी जाती है।

फूलदेई छमा देइ भर भकार के साथ शुरू हुआ धाद का अभियान, लोक गायिका रेशमा शाह के सुरों के साथ बच्चों ने मनाया फूलदेई

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दस हजार बच्चों के साथ फूलदेई मनाने का धाद का अभियान 75 राजपुर रोड के छात्रों के साथ प्रारम्भ हुआ। इस अवसर पर बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सुप्रसिद्ध लोक गायिका रेशमा शाह ने ले भुजी जाला रे चूड़ा और अन्य गीतों प्रस्तुत कियेI जिसमें बच्चे और बड़े थिरकने लगे। इस स्कूल में फूलदेइ के सांस्कृतिक प्रतिभाग के साथ रचनातमक प्रतिभग का आयोजन भी हुआ, जिसमे बच्चों ने अपनी मन की कहानियों लिखी और रंग भरा। जिनमे से श्रेष्ठ प्रविष्टियों को पुरुस्कृत किया गया।

स्वागत संबोधन करते हुए स्कूल की प्रभारी प्रधनाचार्य विजय लक्ष्मी नौटियाल ने आज की चकाचौंध भरी दुनिया मे फूलदेई को समाज के हाशिये के बच्चों के बीच मनाया जाना एक बेहतरीन कदम बताया, जिसके लिए धाद बधाई की पात्र है।

आयोजन का परिचय देते हुए “कोना कक्षा का” की सचिव आशा डोभाल ने कहा कि आज 14 मार्च फूलदेई पर्व से प्रारंभ होने वाले इस मासिक आयोजन में प्रदेश के 10,000 बच्चों के लिए प्रतिभाग कार्यक्रम का लक्ष्य रखा गया है। जिसमे फूलदेई माह के निमित्त विभिन्न गतिविधियों बाल कवि सम्मेलन, बाल साहित्य पर चर्चा, फूलदेई ओपन ड्राइंग कंपीटिशन, मातृभाषा में बाल साहित्य का भी आयोजन किया जाएगा। अभियान 14 अप्रैल को समारोह पूर्वक सम्पन्न होगा।

अभियान का आयोजन धाद के कोना कक्षा का कार्यक्रम से जुड़े शिक्षक और सहयोगियों द्वारा किया जा रहा है। अभियान का परिचय देते हुए गणेश चन्द्र उनियाल ने कहा कि शिक्षा में समाज की रचनात्मक भूनिका का अभियान आज प्रदेश के 700 स्कूलों तक पहुंच चुका है। जहां के छात्र इस बार फूलदेई अभियान में हिस्सेदारी करेंगे।

बच्चों की रंगारंग प्रस्तुति के साथ उपस्थित लोगों ने फूलदेई के साथ अपने संस्मरण साझा किए। प्रसिद्ध अस्थि रोग। विशेषज्ञ डॉ जयंत नवानि ने बताया कि पचास और साठ के दशक तक फूलदेई पहाड़ के जीवन मे शमिल थी। अब पलायन के चलते जब यह छूट रहा है तब ऐसे प्रयास उम्मीद जगाते है।

संस्था के सचिव तन्मय  ने बताया कि धाद ने उत्तराखण्ड के लोकपर्वो हरेला, फूलदेई, इगास को आधुनिक संदर्भो के साथ परम्परा को जोड़ते हुए अभिनव पहल की है। फूलदेई को बाल रचनात्मकता से जोड़ते हुए धाद की पहल को व्यापक समाजिक समर्थन हासिल हुआ है। आयोजन का संचालन अर्चना ग्वाड़ी ने किया। अध्यक्षता कर रहे लोकेश नवानि ने कहा  स्वस्थ और सुंदर दुनिया के लिए बच्चों का खुश रहना और हंसना जरूरी है। फूलदेई इसी त्योहार का नाम है।

इस अवसर पर प्रतिमा सिंह, मीनाक्षी देवी, साधना नेगी, संगीता गुलाटी, शालिनी शर्मा, संगीता, कृष्णा,  रेखा, सरिता, मनीषा रावत, दरिशा डॉ. जीपी नवानी, मीना रावत, मनीषा मंमगाई, ज्योति जोशी, राजीव पांथरी, मीना जोशी, विद्या सिंह, अर्चना डिमरी, रेखा शर्मा, शांति बिंजोला, सविता जोशी, दयानंद, बाल मनोहर लाल, विकास बहुगुणा, महावीर रावत, कल्पना बहुगुणा, मंजू काला, साकेत रावत, किशन सिंह, विजेंद्र रावत मौजूद रहे।

हंस फाउंडेशन के तत्वावधान में राजकीय आर्दश प्राथमिक विद्यालय ल्वाली में स्वच्छता अभियान के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित

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Cleanliness campaign

पौड़ी: राजकीय आर्दश प्राथमिक विद्यालय ल्वाली पौड़ी गढ़वाल में हंस फाउंडेशन के तत्वावधान में स्वच्छता अभियान को लेकर जहाँ स्वच्छता वहाँ स्वास्थ्य व स्वच्छ हो परिवेश हमारा चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के छात्र छात्राओं ने बड़ी उमंग व उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का परिणाम निम्न रहा।

प्रथम स्थान कुमारी अनुष्का कक्षा 4, द्वितीय स्थान कुमारी लक्ष्मी कक्षा 5, तथा तीसरा स्थान कुमारी पावनी कक्षा 5 ने प्राप्त किया। साथ ही वंश रावत, प्रियांशु, मंयक, कुमारी आंचल, कुमारी आरूषि, कुमारी अंकिता, कुमारी प्रियांशी, शिवा व आदित्य की पेन्टिंग को भी निर्णायक मंडल द्वारा सराहा गया। सभी छात्र छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही श्री भोले जी महाराज व माताश्री मंगला जी के संदेश हर हाथ में कलम हर हाथ में पुस्तक हो, यह हमारा संकल्प है, आइए ज्योति से ज्योति जलाते चलें, ज्ञान की गंगा बहाते चलें, हर हाथ कलम और किताब थमाते चले के संकल्प के साथ सभी नामांकित छात्र छात्राओं को कापियाँ वितरित की गई।

आयोजन में मुख्य निर्णायक की भूमिका पौड़ी जिले के नवाचारी व रचनाधर्मि शिक्षक प्रदीप रावत रहे। आयोजन की अध्यक्षता विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीना लिंगवाल ने की। तथा संचालन विद्यालय के शिक्षक सम्पूर्णानन्द जुयाल ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षाविद व सामाजिक कार्यकर्ता पदमेन्द्र सिंह नेगी ने हंस फाउंडेशन के कार्य को अविस्मरणीय बताते हुए विद्यालयों में इस प्रकार के आयोजन के लिए भोले जी महाराज व ममतामयी माता मंगला जी का आभार व्यक्त किया।

आयोजन में पौड़ी जनपद के नवाचारी शिक्षक प्रदीप रावत व सम्पूर्णानन्द जुयाल को शाल पहनाकर सम्मानित किया गया। सफल आयोजन में सत्यप्रकाश सुयाल, मीना लिंगवाल, बंसती देवी, मीना देवी व महेश गिरि ने सहयोग प्रदान किया।

वही राजकीय इंटर कॉलेज क्यार्क पौड़ी गढ़वाल में स्वच्छता व नशा मुक्ति को लेकर नशा नहीं खुशी अपनाएं व नशा मुक्त भारत व स्वच्छता को लेकर पेन्टिंग प्रतियोगिता कराई गई। गृह परीक्षा होने के बाबजूद बच्चों ने इस प्रतियोगिता को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया। प्रतियोगिता में (परीक्षाओं के बाबजूद) 80 बालक बालिकाओं ने प्रतिभाग किया। जिसका अंतिम परिणाम निम्न रहा।

प्रथम स्थान कुमारी तुलसी कक्षा10, द्वितीय स्थान कुमारी खुशी तोमर कक्षा 7 व तृतीय स्थान कुमारी आयशा पवार कक्षा 11 ने प्राप्त किया। साथ ही कुमारी रिया चौहान कक्षा 11, कुमारी रितु चौहान कक्षा 9, कुमारी प्रियंका रावत कक्षा 11, कुमारी मानसी पंवार कक्षा 11 व हिमानी रावत कक्षा 11 ने भी बेहतरीन पेन्टिंग बनाकर सम्मान जनक स्थान प्राप्त किया।

सभी विजेता छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही इस अवसर पर विद्यालय के सभी छात्राओं को कापियाँ वितरित की गई। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य श्री कमलेश मिश्रा से हंस फाउंडेशन की इस पहल का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष पूनम रावत रही, संचालन शिक्षक  जयदीप रावत ने किया। आयोजन में अजय पंवार, कुलदीप कोठारी, गंगा गुसाईं, जितेंद्र नेगी, सुनीता नेगी, प्रीति शर्मा, अनिल, सतेन्द्र नेगी ने सहयोग प्रदान किया।

बड़ी उपलब्धि: सुरेखा यादव ने देश की सबसे हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत दौड़ाई, जानिए मालगाड़ी ड्राइवर के रूप में करियर की शुरुआत करने वाली एशिया की पहली महिला लोको पायलट के बारे में

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सुरेखा यादव पहली महिला लोको पायलट

आज बात करेंगे एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव के बारे में। सुरेखा यादव ने एक दिन पहले  बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हालांकि वह इस उपलब्धि की हकदार भी थीं। सुरेखा यादव ने शुरुआत मालगाड़ी के ड्राइवर के रूप में की अब उनका सफर अपनी मंजिल पर पहुंच चुका है। सोमवार को सुरेखा ने देश की सबसे हाईटेक और हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया। ‌

केंद्रीय रेल मंत्री ने खुद ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए उन्हें बधाई भी दी है। ‌ सुरेखा यादव ने सोमवार को सोलापुर स्टेशन और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के बीच इस सेमी-हाई स्पीड ट्रेन का संचालन किया। मध्य रेलवे की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रेन 13 मार्च को निर्धारित समय पर सोलापुर स्टेशन से रवाना हुई और आगमन के निर्धारित समय से पांच मिनट पहले सीएसएमटी स्टेशन पहुंची। विज्ञप्ति में कहा गया है कि 450 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने पर यादव को सीएसएमटी स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या आठ पर सम्मानित किया गया।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट किया, ‘वंदे भारत नारी शक्ति द्वारा संचालित पहली महिला लोको पायलट श्रीमती सुरेखा यादव ने ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ का संचालन किया। मध्य रेलवे ने कहा, “वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली महिला लोको पायलट बनकर यादव ने मध्य रेलवे के इतिहास में एक और उपलब्धि जोड़ दी है। पश्चिमी महाराष्ट्र क्षेत्र में सतारा निवासी यादव 1988 में भारत की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर बनी थीं। उन्होंने अपनी उपलब्धियों के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अब तक कई पुरस्कार जीते हैं।

बता दें कि मध्य रेलवे ने सीएसएमटी-सोलापुर और सीएसएमटी-साईनगर शिरडी मार्गों पर दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 फरवरी, 2023 को हरी झंडी दिखाई थी। एशिया की पहली महिला रेल पायलट सुरेखा यादव का जन्म महाराष्ट्र में 2 सितंबर 1965 को हुआ था। उन्होंने राज्य के सतारा में स्थित सेंट पॉल कॉन्वेंट हाई स्कूल से अपनी शुरुआती शिक्षा हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए सुरेखा ने वोकेशनल ट्रेनिंग कोर्स किया और बाद में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल किया। टेक्निकल बैकग्राउंड और ट्रेनों को लेकर सुरेखा को बचपन से लगाव था। उन्होंने पायलट के लिए फॉर्म भर दिया।

साल 1986 में उनकी लिखित परीक्षा हुई, जिस में पास होने के बाद इंटरव्यू भी क्लियर कर लिया। बाद में सुरेखा कल्याण ट्रेनिंग स्कूल में सहायक चालक के तौर पर नियुक्त हुईं। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद 1988 में सुरेखा यादव नियमित सहायक ड्राइवर के पद पर प्रमोट हो गईं। सुरेखा ने सबसे पहले मालगाड़ी के ड्राइवर के तौर पर करियर की शुरुआत की। धीरे धीरे उनकी ड्राइविंग स्किल्स बेहतर होती गई। साल 2000 में मोटर महिला के पद पर उनका प्रमोशन हुआ। उसके बाद साल 2011 में सुरेखा एक्सप्रेस मेल की पायलट बनीं। इसी के साथ महिला दिवस के मौके पर सुरेखा यादव को एशिया की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर होने का खिताब हासिल हुआ। सोशल मीडिया पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन करने पर सुरेखा यादव को यूजर्स बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं। ‌

उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र में हंगामा कर रहे सभी कांग्रेस विधायकों को ऋतु खंडूड़ी ने किया निलंबित

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Uttarakhand Budget Session 2023 : उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। पहले दिन सोमवार को विपक्ष कांग्रेस के विधायकों ने सदन में विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरा और जबरदस्त हंगामा किया। दूसरे दिन मंगलवार को जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तब भी कांग्रेस के विधायक सदन में हंगामा करने लगे। सबसे पहले विपक्ष ने बेरोजगारी का मुद्दा उठाया।

इस दौरान आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 पेश किया गया। साथ ही विपक्ष के सदस्यों ने भर्ती घोटाला और गन्ना मूल्य बढ़ाए जाने की मांग सदन में खूब हंगामा किया। बताया जा रहा है कि कुछ सदस्यों ने टेबल भी तोड़ दी और रूल बुक भी फाड़ दी। विशेषाधिकार हनन के मामले में विपक्षी विधायक लगातार हंगामा करते रहे। जब कांग्रेस के विधायकों का हंगामा कम नहीं हुआ तब विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने एक्शन लेते हुए कांग्रेस के सभी विधायकों को एक दिन यानी आज के लिए निलंबित कर दिया है।

इसके साथ विधानसभा अध्यक्ष ने आज 3 बजे तक विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी। वहीं विधानसभा अध्यक्ष खंडूड़ी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए विधायकों के निलंबन जानकारी दी। उत्तराखंड की धामी सरकार ने आज सदन में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया। आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 में आर्थिक विकास दर 7.08 अनुमानित है। जो कि 2021-22 में थी 7.05 थी। जीएसडीपी बढ़कर पहुंची 3.02 लाख करोड़ पहुंची। जो गत वर्ष 2.65 लाख करोड़ अनुमानित थी। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.33 लाख पहुंचीं। जो कि गत वर्ष 2.05 लाख अनुमानित थी। प्रति व्यक्ति आय में 10.05 फीसदी की हुई बढ़ोतरी।

बजट सत्र के दौरान मंगलवार को नकलरोधी अध्यादेश व महिला आरक्षण विधेयक प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है। इस मसले पर विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। कल 15 मार्च को राज्य का वर्ष 2023-24 का बजट पेश करने समेत अन्य विषय निर्धारित किए जाएंगे।

बता दें कि आज विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद नहीं थे। सीएम धामी एक दिन के दौरे पर दिल्ली गए हुए हैं। दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आयोजित बैठक में भाग लेंगे। कल बजट सत्र के दौरान सीएम धामी विधानसभा में मौजूद रहेंगे।

देश के प्रख्यात पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक वेद प्रताप वैदिक का निधन, अपने मुखर अंदाज के लिए जाने जाते थे, कई मीडिया संस्थानों से भी जुड़े रहे

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Ved Pratap Vaidik passed away

देश के वरिष्ठ और प्रख्यात पत्रकार, विचारक, राजनीतिक विश्लेषक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं वक्ता वेद प्रताप वैदिक का आज सुबह 78 साल की आयु में निधन हो गया है। वैदिक आज सुबह गुरुग्राम स्थित अपने घर पर बाथरूम में बेहोश हो गए थे। जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तब डॉक्टरों ने उन्हें मृत कर दिया। ‌डाक्टरों ने दिल का दौरा पड़ने को मृत्यु का संभावित कारण बताया है। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो गया था। वैदिक प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) की हिंदी समाचार एजेंसी ‘भाषा’ के संस्थापक-संपादक रहे थे।

वेद प्रताप पहले टाइम्स समूह के समाचारपत्र नवभारत टाइम्स में संपादक रहने के साथ ही भारतीय भाषा सम्मेलन के अंतिम अध्यक्ष थे। उन्होंने पाकिस्तान का मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद का इंटरव्यू किया था, जो काफी चर्चा में रहा था। वैदिक एक राजनीतिक विश्लेषक और स्वतंत्र स्तंभकार थे। वो नियमित रूप से देशभर में चल रहे मुद्दों पर अपने विचार लिखते थे। साल 2014 में वैदिक ने हाफिज सईद से मुलाकात की थी। उन्होंने सईद के इंटरव्यू को अपने वेबसाइट पर सार्वजनिक भी किया, जिस पर काफी विवाद छिड़ा था। भारत लौटने पर उन्होंने कहा था कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान जाते हैं, तो वहां उनका जोरदार स्वागत नहीं होगा।

इस मामले में उनके खिलाफ राजद्रोह का केस भी दर्ज हुआ था। वेदप्रताप वैदिक की गणना उन राष्ट्रीय अग्रदूतों में होती है, जिन्होंने हिंदी को मौलिक वातावरण की भाषा बनाई और भारतीय आकाश गंगा को उनके उचित स्थान के लिए सतत संघर्ष और त्याग किया। महर्षि दयानंद, महात्मा गांधी और डॉ. राममनोहर लोहिया की महान परंपरा को आगे बढ़ाने वाले योद्धाओं में वैदिक का नाम अग्रणी है। राष्ट्रीय राजनीति, अंतरराष्ट्रीय राजनीति, हिंदी के लिए अपूर्व संघर्ष, विश्व यायावरी, प्रभावशाली वक्तृत्व, संगठन-कौशल आदि कई क्षेत्रों में एक साथ मूर्धन्यता प्रदशित करने वाले अनोखे व्यक्ति के धनी डॉ. वेदप्रताप वैदिक का जन्म 30 दिसंबर 1944 को पौष की पूर्णिमा पर इंदौर में हुआ। वे सदा प्रथम श्रेणी के छात्र रहे हैं। वे रूसी, फारसी, जर्मन और संस्कृत के बारे में भी जानकारी देते हैं।

उन्होंने अपना पीएचडी न्यूयार्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय, मास्को के ‘इंस्टीट्यूते नरोदोव आजी’, लंदन के ‘स्कूल आफ ओरिनेटल एंड एफ्रीकन स्टडीज’ और अफगानिस्तान के काबुल विश्वविद्यालय में शोध कार्य के दौरान अध्ययन और शोध किया गया। वैदिक ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज’ से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। वे भारत के ऐसे पहले विद्वान हैं, जिन्होंने अपनी अंतरराष्ट्रीय राजनीति का शोध-ग्रंथ हिंदी में लिखा है। उनका शुद्धिकरण हो गया। वह राष्ट्रीय नहीं बना। 1965-67 में संसद हिल गई। डा. राममनोहर लोहिया, मधुर लिमये, आचार्य कृपालानी, इंशा गांधी, गुरु गोलवलकर, दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी पर्वती, चंद्रशेखर, हिरेन मुखर्जी, हेम बरूआ, भागवत झाड़ा, प्रकाशवीर शास्त्री, किशन पतायक, डॉ. जाकिर हुसैन, रामधारी सिंह दिनकर, डॉ. धर्मवीर भारती, डा. हरिवंशराय बच्चन, प्रो. सिद्धेश्वर प्रसाद जैसे लोगों ने वैदिक का डटकर समर्थन किया।

सभी पक्षों के समर्थन से वैदिक ने विजय प्राप्त की, नया इतिहास रचा। पहली बार उच्च खोज के लिए भारतीय आकाशगंगा के द्वार खुले। वेद प्रताप वैदिक ने अपनी पहली जेल-यात्रा सिर्फ 13 साल की उम्र में की थी। हिंदी सत्याग्रहियों के तौर पर वे 1957 में पटियाला जेल में रहे। बाद में छात्र नेता और भाषाई आंदोलनकारी के तौर पर कई जेल यात्राएं कीं।