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उत्तराखंड का एक सरकारी प्राइमरी स्कूल ऐसा भी, जहाँ के 22 बच्चों का एक साथ सैनिक स्कूल के लिए हुआ चयन, प्राइवेट स्कूलों को दे रहा हैं मात

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Kapkot Primary School of Bageshwar

उत्तराखंड का एक प्राइमरी स्कूल इन दिनों खूब चर्चा में है। जिस स्कूल में ऐसे अध्यापक हों, जो मुफ्त में कोचिंग संस्थानों से बढ़िया पढ़ाई करवाते हों, जहां के शिक्षक बच्चों की पढ़ाई को मिशन मानकर चलते हों, जहां बच्चों को सुलेख में यही लिखाया जाता हो कि उन्हें सैनिक स्कूल में चयनित होना है, वह स्कूल भला पीछे कैसे रह सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों सैनिक स्कूल में कक्षा 6 एवं कक्षा 9 में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) हुई थी। जब इस परीक्षा के नतीजे आए तो, उत्तराखंड के इस सरकारी स्कूल का परचम लहरा रहा था। इस स्कूल के एक-दो नहीं बल्कि  22 बच्चे एक साथ सैनिक स्कूल के लिए चयनित हुए हैं। आज देश भर में पहाड़ के इस सरकारी स्कूल की चर्चा हो रही है।

आइये हम आपको बताते हैं कि उत्तराखंड में कहाँ है यह स्कूल और इस स्कूल में कैसे संभव हुआ यह करिश्मा। हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड में बागेश्वर जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कपकोट की। जहां के 22 बच्चे एक साथ सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के लिए चयनित हुए हैं। यह सब संभव हुआ स्कूल के प्रधानाध्यापक केडी शर्मा की मेहनत और जज्बे की वजह से। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में छठवीं और 9वीं कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे थे। कुछ दिन पहले इस प्रवेश परीक्षा के नतीजे आए। एक ही स्कूल से एक साथ इतने बच्चों के चयनित होने की पूरे देश में वाहवाही हो रही है। इन बच्चों की उपलब्धि पर पूरे स्कूल और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। लोगों का मानना है कि अगर सरकारी स्कूल के शिक्षक इसी तरह लगन से बच्चों को पढ़ाएं तो सभी सरकारी स्कूल इस तरह की उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक केडी शर्मा ने बताया सैनिक स्कूल के परीक्षा परिणामों ने अध्यापकों के साथ-साथ बच्चों के अभिभावकों को भी खुश होने का मौका दिया है। प्रधानाध्यापक केडी शर्मा ने बताया कि यह सबके मिले-जुले प्रयासों से संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि हमारी स्कूल में कक्षा एक में एडमिशन के लिए सामान्यता हमारे पास 40 बच्चे आते थे। लेकिन इस बार 150 से 200 तक बच्चे पहली कक्षा में एडमिशन के लिए पहुंच गए। ऐसी स्थिति में हमारे पास एक ही विकल्प था कि उनको एंट्रेंस के द्वारा हम अपने स्कूल में दाखिला दे सकें।

अगर हम अध्यापकों की बात करें तो इस स्कूल के प्रधानाध्यापक केडी शर्मा, शिक्षक मंजू गढ़िया, हरीश ऐठाणी व अजय तिवारी सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक अध्यापन के लिए उपलब्ध रहते हैं। शिक्षक 6 घंटे की ड्यूटी के बाद 7 से 8 घंटे तक स्कूल में रहकर बच्चों की एक्स्ट्रा क्लास लेते हैं। वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बच्चों की निशुल्क तैयारी कराते हैं। बच्चों में हमेशा आगे रहने का जज्बा भरा जाता है। सुलेख में भी उन्हें यही लिखाया जाता है कि मुझे सैनिक स्कूल के लिए चयनित होना है, मुझे सैनिक स्कूल के लिए चयनित होना है। जब लगन ही ऐसी हो तो कामयाबी तो मिलनी है।

जहां एक तरफ बच्चे सरकारी स्कूलों से मुंह मोड़ रहे हैं, वहीं पहाड़ का यह सरकारी स्कूल नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आलम यह है कि इस सरकारी स्कूल में कक्षा एक में एडमिशन के लिए बच्चों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। जब सबको एडमिशन मिलना संभव नहीं हो पाता तो स्कूल के शिक्षकों ने इसके लिए एडमिशन टेस्ट का रास्ता चुना है। गौतरलब है कि शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही एंट्रेंस टेस्ट के फार्म हाथोंहाथ भर लिए जाते हैं। लोग प्राइवेट स्कूल से अपने बच्चों को निकाल कर यहां भर्ती करवाना चाहते हैं। यही वजह है कि स्कूल में तैनात शिक्षकों के अतिरिक्त कई सरकारी अधिकारियों के बच्चे भी इस सरकारी स्कूल में पढ़ना चाहते हैं।

कपकोट स्कूल की नीव सन1872 में पड़ी थी। पिछले साल तक यहां से हर साल औसतन 5 से 6 बच्चे सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में प्रवेश पा रहे थे। परंतु इस बार सारे रिकॉर्ड टूट गए। इस बार इस स्कूल के 22 बच्चे सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के लिए चयनित हुए हैं। यहाँ के बच्चों का सैनिक स्कूल के अलावा जवाहर नवोदय विद्यालय और राजीव नवोदय विद्यालय के लिए हर साल 8 से 10 बच्चों का चयन होता है। अब तक इस स्कूल के 30 बच्चे जवाहर नवोदय विद्यालय में तथा 20 बच्चे राजीव नवोदय विद्यालय पढ़ रहे हैं। वहीँ हिमज्योति देहरादून के लिए 17 बच्चों का चयन हुआ है। इसके अलावा जिला व राज्यस्तरीय परीक्षाओं में भी यहाँ के बच्चे अव्वल रहेते हैं।

वर्ष 2016 में यह आदर्श विद्यालय बना। और ख्याली दत्त शर्मा ने इस स्कूल के प्रधानाध्यापक का पदभार संभाला। उससे पहले तक इस स्कूल में मात्र 30 बच्चे पढ़ते थे। उन्होंने न सिर्फ इस विद्यालय का इन्फ्रास्ट्रक्चर और वातावरण सुधारा, बल्कि बच्चों को बारीकी से पढ़ाई पर फोकस करना सिखाया। बच्चों के हर कांसेप्ट को क्लियर किया। प्रधानाध्यापक ख्याली दत्त शर्मा एवं उनकी टीचर टीम स्कूल अवधि के अलावा भी बच्चों की शैक्षिक योग्यता निखारने एवं समस्या निस्तारण के लिए हमेशा तैयार रहती है।

इस स्कूल का क्रेज इतना है कि वर्तमान में इस स्कूल में बच्चों की संख्या 284 के पार चली गयी है। और तीन शिफ्ट में स्कूल चलता है। अगर ऐसे ही लगन और मेहनत से हर सरकारी स्कूल में पढ़ाया जाये तो उत्तराखंड में शिक्षा का स्तर काफी बढ़ सकता है।

साभार: चन्द्रमोहन ज्योति, जुन्याली उत्तराखंड यूटूब चैनल

सिनेमा का सफर: 92 साल पहले भारतीय सिनेमा ने रचा था इतिहास, देश में पहली बोलती फिल्म ‘आलमआरा’ हुई थी रिलीज

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आज 14 मार्च है। यह ऐसी तारीख है जिसे भारतीय सिनेमा कभी भुला नहीं सकता है। यह वह दौर था जब भारत गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। आज से 92 साल पहले भारतीय सिनेमा ने इतिहास रचा था। डायरेक्टर अर्देशिर ईरानी देश में पहली बोलती हुई फिल्म ‘आलमआरा’ बनाई थी। फिल्म चार माह में बनी और इसकी लागत 40 हजार रुपये थी।

इस फिल्म का पहला शो 14 मार्च 1931 को मुंबई के गिरगांव स्थित मैजेस्टिक सिनेमा में हुआ था। ये फिल्म एक राजकुमार और एक बंजारन लड़की की प्रेम कथा थी। जो जोसफ डेविड के लिखे एक पारसी नाटक पर आधारित थी। इस फिल्म में मास्टर विट्ठल, जुबैदा, जिल्लो, सुशीला और पृथ्वीराज कपूर ने किरदार अदा किए थे। इस फिल्म में 7 गाने थे। भारतीय सिनेमा के इतिहास में ‘आलम आरा’ का रिलीज होना बड़ी घटना थी। उस उस समय मूक फिल्मों का दौर था और तकनीकी उन्नति के साथ निर्माताओं ने बोलती फिल्मों के असर की आहट को महसूस कर लिया था।

इसीलिए तमाम प्रमुख निर्माता कंपनियों में इस बात की होड़ लगी थी कि पहली बोलती फिल्म बनाने का श्रेय किसे मिलेगा। इम्पीरियल मूवीटोन कंपनी ने ये रेस जीती और ‘आलम आरा’ दर्शकों के बीच सबसे पहले पहुंच गयी। ‘शिरीन फरहाद’ मामूली अंतर से दूसरे स्थान पर रही। ‘आलम आरा’ को लेकर दर्शकों में इतना क्रेज था कि प्रदर्शन के वक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी थी। आलम आरा के निर्देशक ईरानी को भारत की पहली बोलती फिल्म बनाने की प्रेरणा एक अमेरिकन फिल्म ‘शो बोट’ से मिली थी, जो 1929 में रिलीज हुई थी।

हालांकि ये भी पूरी तरह साउंड फिल्म नहीं थी। भारतीय सिनेमा उस वक्त तकनीकी रूप से ज़्यादा विकसित नहीं था। फिल्म तकनीशियनों को ये नहीं पता था कि साउंड वाली  फिल्मोंं के निर्माण कैसे किया जाता है। ईरानी ने आलम आरा बनाने के लिए टैनर सिंगल-सिस्टम कैमरा से शूट किया गया था, जो फिल्म पर ध्वनि को भी रिकॉर्ड कर सकता था। स्टूडियो के पास रेलवे ट्रैक था, लिहाजा वातावरण और आस-पास के शोर से बचने के लिए ‘आलम आरा’ का अधिकांश हिस्सा रात में 1 से 4 बजे के बीच शूट किया गया था। एक्टर्स के संवाद रिकॉर्ड करने के लिए उनके पास गुप्त माइक्रोफोन लगाए गए थे। लेकिन भारतीय सिनेमा के आलम आरा फिल्म का एक भी प्रिंट मौजूदा समय में मौजूद नहीं है।

इस फिल्म का एकमात्र प्रिंट, जो कि पुणे के नेशनल फिल्म आर्काइव्ज में रखा, वह भी 2003 में लगी एक आग में स्वाहा हो गया था, इस तरह आज इस फिल्म के कुछ चित्र, पोस्टर्स और दस्तावेज ही उपलब्ध हैं। सवाक युग आरंभ होने के कारण पहले वर्ष में ही 27 बोलती फिल्मों का निर्माण हुआ, इनमें से 22 हिन्दी में, 3 बांग्ला में और एक–एक तमिल व तेलगु भाषा में निर्मित हुई। देश में बोलती फिल्मों के आने के बाद भारतीय सिनेमा के विषयवस्तु में भी खूब परिवर्तन हुआ फिल्मों में संवाद आने से सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित खूब फिल्में बनी और आपने समय के लोगों और आज तक के दर्शक वर्ग को प्रभावित करती हैं और प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं।

शंभू नाथ गौतम

 

 

 

 

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर संयुक्त मोर्चा के सैकड़ों कर्मचारियों ने किया गैरसैंण कूच, विधानसभा घेराव को लेकर पुलिस से हुई तीखी नोक-झोंक

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Gairsain news: राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा द्वारा आज पुरानी पेंशन बहाली के लिए गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में विधानसभा का घेराव किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश से बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी सम्मिलित हुए। प्रशासन द्वारा संख्या को देखते हुए कर्मचारियों को भराड़ीसैण से 15 किलोमीटर पूर्व जंगल चट्टी में रोक दिया गया। जहां बैरिकेटस पर कर्मचारियों एवं पुलिस के बीच तीखी नोक-झोंक एवं झड़प हुई।

पुलिस ने कर्मचारियों को बैरिकेट्स से आगे जाने नहीं दिया और उन्हें रोकने का प्रयास किया। काफी जोर आजमाइश  के बाद पुलिस को मजबूरन कर्मचारियों को हिरासत में लेना पड़ा। इसबीच सरकार की ओर से मुख्यमंत्री से वार्ता का प्रस्ताव आया। जिसके बाद मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए मोर्चा का एक शिष्टमंडल विधानसभा भराड़ीसैण में पहुंचा।

मोर्चा के महासचिव महासचिव सीताराम पोखरियाल ने बताया कि विधानसभा भवन के पास कांग्रेस का घेराव कार्यक्रम होने के कारण प्रतिनिधिमंडल को पहुंचने में समय लगा तब तक मुख्यमंत्री को किसी कार्य हेतु देहरादून जाना पड़ा। जिससे कर्मचारी प्रतिनिधियों की वार्ता मुख्यमंत्री से नहीं हो पाई। मुख्यमंत्री से वार्ता न होने पर सरकार के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव वित्त राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, वित्त सचिव मुरुगेसन से प्रतिनिधियों की वार्ता हुई।

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की एकमात्र मांग पुरानी पेंशन बहाली है। हम प्रदेश में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन चाहते हैं। इससे कम कुछ भी नहीं। वित्त मंत्री ने मोर्चा को अवगत कराया कि इस बात को सकारात्मक रूप से रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने मोर्चे को मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए 15 मार्च का समय भी दिया।

वार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी विक्रम सिंह रावत, प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जयदीप रावत, प्रदेश महिला उपाध्यक्ष बबीता रानी, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष पूरण फरस्वान, शंकर भट्ट, रश्मि गौड़ आदि उपस्थित थे।

जंगल चट्टी में प्रदर्शन करने वाले प्रमुख कर्मचारियों में गिरीश पनेरु, नरेश भट्ट, शशि चौधरी, प्रेमचंद ध्यानी, संतोष खंडूरी, जसपाल गुसाईं, लक्ष्मी नेगी, सीमा पुंडीर, मंजू पुरोहित, रेखा कोहली, मीनाक्षी सती, बबीता जगवाण, सरिता नेगी, माखनलाल शाह, सतीश कुमार, बृजमोहन रावत, जीवंती नेगी आदि थे।

उत्तराखंडियों का बनाया जाएगा राष्ट्रीय संगठन, देशभर के उत्तराखंडियों को एकजुट करेगा एकता मंच

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नई दिल्ली : देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे उत्तराखण्ड समाज के लोगों को एकजुट-एकमुठ करने के लिए उत्तराखंड एकता मंच ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी को लेकर एकता मंच द्वारा बीते रविवार (12 मार्च 2023) को नई दिल्ली के गांधी पीस फाउंडेशन, आईटीओ में एक बैठक आयोजित की गयी. बैठक में संगठन ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया कि जल्द ही देश के विभिन्न राज्यों में फैले उत्तराखण्डियों को एकजुट करने के लिए उत्तराखंडियों का एक राष्ट्रीय संगठन बनाया जाएगा, जो यह तय करेगा कि हर क्षेत्र में उत्तराखण्ड के लोगों का प्रतिनिधित्व हो।

इसके लिए सबसे पहले उत्तराखंड, दिल्ली- एनसीआर और चंडीगढ़ की 17 लोकसभा क्षेत्रों में विधानसभा स्तर पर संगठन तैयार किया जाएगा। साथ ही विभिन्न मुद्दों के लिए अलग- अलग समितियों का निर्माण किया जाएगा। अगले माह संगठन की वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। इस अवसर पर संगठन ने उत्तराखंड की बेटियों अंकिता भंडारी एवं किरण नेगी को न्याय दिलवाने का संकल्प भी दोहराया।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड एकता मंच विगत कई वर्षों से दिल्ली एनसीआर में उत्तराखंडियों के मुद्दों को अनेक मंचों से उठाता रहा है और सबको साथ लेकर चलने का लगातार प्रयास कर रहा है। इसी प्रयास में उन्होंने दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में एक विशाल रैली भी की थी जिसमें उन्हें उत्तरखंड की अनेक संस्थाओं ने सहयोग किया था।

देवप्रयाग महाविद्यालय की NSS इकाई द्वारा चलाया गया सफाई अभियान, चलाकर प्लास्टिक कूड़ा एकत्रित कर उसका निस्तारण किया गया।

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DEVPRAYAG: राजकीय महाविद्यालय देवप्रयाग की NSS इकाई के सात दिवसीय शिविर के दूसरे दिन शिविर स्थल में सफाई अभियान चलाकर प्लास्टिक कूड़ा एकत्रित कर उसका निस्तारण किया गया। बौद्धिक सत्र में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉक्टर जी पी थपलियाल द्वारा स्वयंसेवी को स्वयंसेवी यूको पर्यावरण संरक्षण के लिए पॉलिथीन के उन्मूलन को अवश्य क्रिया बताया तथा कहा कि राष्ट्रीय आपदाओं में रा. से. यो. के स्वयंसेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। डॉ पारुल ने राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व के बारे में स्वयंसेवियो को जानकारी दी।

डॉ दिनेश नेगी ने सफल जीवन के लिए अनुशासन को आवश्यक बताया। डॉ प्रियंका ने मानसिक स्वास्थ्य को आरोग्य रखने के उपाय बताइए। बौद्धिक सत्र कार्यक्रम में शिविर स्थल के प्रधानाचार्य असवाल जी एवं समस्त अध्यापक गण तथा स्वयंसेवी उपस्थित थे। अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ दिनेश कुमार द्वारा इस शिविर में उपस्थित सभी अतिथियों का अपने स्वयंसेवकों के ज्ञानवर्धन के लिए धन्यवाद किया।

ऋषिकेश: कोड़ियाला के पास 200 मीटर गहरी खाई में गिरे दो भाईयों को SDRF ने किया रेस्क्यू,

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ऋषिकेश: आज सुबह चौकी ब्यासी द्वारा SDRF टीम को सूचित किया गया कि कोड़ियाला के पास खाई में दो व्यक्ति बुरी तरह घायल है। जिसमे रेस्क्यू हेतु SDRF टीम की आवश्यकता है। उक्त सूचना पर SDRF टीम मुख्य आरक्षी संतोष रावत के हमराह मय आवश्यक  रेस्क्यू उपकरणों के तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

SDRF टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुँचकर त्वरित कार्यवाही करते हुऐ लगभग 200 मीटर गहरी खायी में वेकल्पिक मार्ग द्वारा उतरकर दोनों घायल व्यक्तियों तक पहुँच बनायी। तत पश्चात् घटनास्थल से दोनों घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार देने के उपरान्त स्ट्रेचर बोर्ड के माध्यम से वेकल्पिक मार्ग द्वारा मुख्य मार्ग तक पहुँचाकर एम्बुलेंस के द्वारा उचित उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया गया।

घायलों के नाम :

  1. शिवम् दुबे पुत्र अजब सिंह
  2. अनुराग दुबे पुत्र अजब सिंह

निवासी : इटावा उत्तर प्रदेश।

रेस्क्यू टीम का विवरण :

  1. मुख्य आरक्षी संतोष रावत
  2. आरक्षी हिमांशु नेगी
  3. आरक्षी तरुण सिंह
  4. आरक्षी प्रवीन जोशी
  5. पैरामीडिक्स विनोद गैरोला
  6. चालक राहुल

गैरसैण में उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू : कैबिनेट बैठक में धामी सरकार ने राज्य आंदोनकारियों को नौकरी में आरक्षण देने और विधायक निधि बढ़ाने के प्रस्ताव को दी मंजूरी देखें कैबिनेट के अन्य फैसले

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Budget session of Uttarakhand Vidhansabha begins in Gairsain

Uttarakhand Cabinet: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण (भराड़ीसैंण) में आज से शुरू विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत हुई। बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। 18 मार्च तक चलने वाले बजट सत्र में 15 मार्च को वर्ष 2023-24 के लिए 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया जाएगा। विपक्ष कांग्रेस कई दिनों से सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दों पर घेरने के लिए रणनीति बनाए हुए था। विधानसभा पहुंचे और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

राज्य में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में धांधली, महंगाई और अंकिता हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा भवन के मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन किया। उसके बाद सदन में राज्यपाल गुरमीत सिंह के अभिभाषण के बीच कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान जब राज्यपाल अभिभाषण पढ़ रहे थे तो राज्यपाल ने वेल में हंगामा कर रहे विपक्ष से हाथ जोड़कर निवेदन किया।

राज्यपाल के निवेदन पर विपक्ष ने कुछ देर के लिए नारेबाजी बंद की। लेकिन वह हंगामा करते हुए वेल तक पहुंच गए थे। कांग्रेस ने अपने विरोध प्रदर्शन में अडानी पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट का मुद्दा भी उठाया है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ा और मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। बजट सबसे पहले कैबिनेट की बैठक में धामी सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। गैरसैंण में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य आंदोनकारियों को नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का प्रस्ताव आया। जिस पर मुहर लग गई।

कैबिनेट की बैठक में राज्‍य की नई सौर ऊर्जा नीति को मंजूरी मिली। बैठक में विधायक निधि बढ़ाने को भी मंजूरी मिली। विधायक निधि 3 करोड़ 75 लाख से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की गई। मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए अब एक साल में 25 लाख के बजाय 50 लाख रुपये मिलेंगे। महिला मंगल दलों को मिलने वाली राशि 25 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये की गई। बता दें कि वर्ष 2011 से राज्य आंदोलनकारियों को नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस विधेयक को मंजूरी के लिए राजभवन भेजा गया था, लेकिन राजभवन की ओर से कुछ आपत्ति के बाद इसे वापस लौटा दिया गया था।

महिला उन्नति संस्था द्वारा अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य मे इंदिरापुरम स्थित प्रदेश कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित

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Ghaziabad: सामाजिक संगठन महिला उन्नति संस्था द्वारा अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य मे 1मार्च से 17 मार्च तक चल रहे “जागरूकता सम्मान कार्यक्रमों” के तहत आज संगठन की उत्तर प्रदेश ईकाई द्वारा गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित प्रदेश कार्यालय पर सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम मे महिला सशक्तिकरण एवम समाज हित मे प्रशंसनीय कार्य कर रही महिलाओ को “नारी शक्ति सम्मान” देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने महिलाओ का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि महिलायें कमजोर नही सशक्त हैं। महिलाओ के लिए कोई कार्य असंभव नही है। आज हर क्षेत्र मे महिलाओ ने अपनी जगह बनाई है और अपनी असाधारण उपलब्धियों से समाज एवम राष्ट्र को गौरवान्वित कर रही है। इसमे सन्देह नही कि आने वाला कल महिलाओ का होगा।

महिला थाना प्रभारी गाजियाबाद किरण राज ने बताया कि पिछले कुछ सालो मे महिलाओ के अन्दर बहुत बदलाव देखने को मिल रहा है अब वो अपने साथ होने वाली हिंसा पर चुप नही रहती बल्कि उसके खिलाफ मुखर होकर अपनी बात रख रही है जो महिलाओ के जागरूक होने का प्रमाण है अब उनके अधिकारों का हनन कोई नही कर सकेगा। वहीं कार्यक्रम की आयोजक प्रदेश अध्यक्ष स्वीटी अग्रवाल ने कहा कि संगठन महिला सशक्तिकरण के लिये चार महत्वपूर्ण बिन्दुओं (शिक्षा-सुरक्षा-सम्मान और स्वावलंबन) पर कार्य कर रहा है और हर वर्ष इन्ही मे से एक अलग बिन्दू पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते है।

इस बार महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनी महिलाओ को”नारी शक्ति सम्मान” से सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा राहुल वर्मा और संचालन डा. ओमवीर बघेल ने किया। कार्यक्रम मे मुख्य रूप से महासचिव अनिल भाटी, उपाध्यक्ष रणवीर चौधरी, संजीव अग्रवाल, विजय तंवर, वन्दना झा, कविता सिंह, पूजा भागिया, पूनम, अर्चना, ललिता, हिमांशी शर्मा, रामेश्वरी नादान, अनिता प्रजापति, पूजा चौहान, साक्षी, विमला कुमारी, श्वेता त्यागी, सुषमा अवाना, अरूण कुमार, विजय चौहान और भरत सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

पहली बार दो ऑस्कर अवॉर्ड जीतने पर देश में जश्न का माहौल, पीएम मोदी सहित राजनीति और सिनेमा जगत की हस्तियों ने दी बधाई, सेरेमनी में दीपिका पादुकोण ने बिखेरा जलवा

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Oscars AWARD NAATU NAATU

Naatu Naatu oscar award: देश में आज जश्न का माहौल है। पहली बार भारत को दो ऑस्कर अवॉर्ड मिले हैं। समूचा भारतीय फिल्म उद्योग खुशी में झूम रहा है। ‘RRR’ फिल्म का ‘नाटू नाटू’ सॉन्ग ऑस्कर्स 2023 में ओरिजनल सॉन्ग कैटेगरी में मुकाबले में उतरा और पुरस्कार जीता। ‘ऑल द ब्रीद्स’ फिल्म बेस्ट डॉक्युमेंट्री फीचर फिल्म श्रेणी में नामित हुई लेकिन पुरस्कार नहीं जीत सकी।

‘द एलिफेंट व्हिस्पर्रर्स’ को बेस्ट डॉक्युमेंट्री शॉर्ट फिल्म में नामांकन मिला है और इसकी डायरेक्टर कार्तिक गॉन्जाल्वेज हैं और प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा है। इसने भी ऑस्कर अवॉर्ड में बाजी मारी। बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ऑस्कर समारोह में मंच पर आईं। उन्होंने आरआरआर के नाटू नाटू गाने से सारी दुनिया का परिचय करवाया। इस तरह इस बार तीन श्रेणियों में नामित में से दो ऑस्कर पुरस्कार भारत को मिले। वहीं मिशेल यो बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब पाने वाली पहली एशिया महिला एक्ट्रेस बन गई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी समेत तमाम बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सितारों ने ट्विटर के माध्यम से बधाई दी है। सोशल मीडिया पर भी बधाइयों का सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर RRR और द एलिफेंट व्हिस्परर्स के मेकर्स को बधाई दी है। उन्होंने कहा- ‘असाधारण! ‘नाटु नाटु’ की लोकप्रियता वैश्विक है। यह एक ऐसा गाना है, जिसे आने वाले सालों तक याद रखा जाएगा। इस सम्मान के लिए एमएम कीरवानी और चंद्रबोस समेत पूरी टीम को बधाई। भारत प्रफुल्लित और गौरवान्वित है’।

राहुल गांधी ने टीम आरआरआर को बधाई दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा- “जिस गाने पर पूरे भारत ने डांस किया, वह वास्तव में वैश्विक हो गया है! mmkeeravaani,boselyricist और पूरी RRR टीम को NaatuNaatu के लिए ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ मूल गीत जीतने के लिए बधाई। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने द एलिफेंट व्हिस्परर्स के लिए टीम को बधाई दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- आपने हम सभी को गौरवान्वित किया है।

वहीं कंगना रनोट ने दीपिका पादुकोण की ऑस्कर अपीयरेंस की तारीफ करने के लिए ट्विटर पर लिखा, कितनी सुंदर दीपिका पादुकोण नजर आईं, पूरे देश को गर्व महसूस कराना आसान नहीं है। अपनी छवि, प्रतिष्ठा को उन नाजुक कंधों पर ले जाना और इतने शालीनता और आत्मविश्वास से बोलना। इस तथ्य के प्रमाण के रूप में कि भारतीय महिलाएं सर्वश्रेष्ठ हैं। जूनियर एनटीआर और रामचरण ने ऑस्कर अवॉर्ड के साथ तस्वीर शेयर करते लिखा कि ऑस्कर अवॉर्ड घर आ रहा है’।

सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। प्रख्यात कवि- गीतकार और सीबीएफसी के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने नाटू- नाटू गाने के साथ एमएम कीरावनी और आरआरआर की ऑस्कर में जीत पर अपनी खुशी साझा की। उन्होंने कहा, मैं संगीत निर्देशक एमएम केरावनी और गीतकार चंद्रबोस के लिए बहुत ज्यादा खुश हूं। गीत और फिल्म ने भारतीयों के दिलों में अपनी जगह बना ली है।आरआरआर की पूरी टीम को बधाई।

द कश्मीर फाइल्स के डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ऑस्कर जीतने पर बधाई देते हुए लिखा-बधाई हो mmkeeravaani, ssrajamouli NaatuNatu के लिए ऑस्कर जीतने और भारत को गौरवान्वित करने के लिए। बहुत खूब! बधाई निर्देशक अर्थस्पेक्ट्रम कार्तिकी गोंजाल्विस guneetm, TheElephantWhisperers के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट जीतने के लिए। सुनील शेट्टी ने ट्वीट किया, “13-मार्च-2023, भारतीय सिनेमा के लिए एक सुनहरा दिन। तेलुगु फिल्म अभिनेता महेश बाबू ने ट्विटर पर शेयर किया, “और ये रहा नाटू नाटू!! सभी सीमाओं को पार करते हुए !! mmkeeravaani garu, boselyricist और RRR की पूरी टीम को ऑस्कर में उनकी शानदार जीत के लिए बधाई !!

एक खुशी का पल! भारतीय सिनेमा के लिए उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा किया, TheElephantWhisperers की पूरी टीम को सर्वश्रेष्ठ शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री का ऑस्कर जीतने पर बधाई… एक शानदार फिल्म और एक और अभूतपूर्व जीत।प्रभुदेवा ने आरआरआर की जीत पर कोरियोग्राफर प्रेम रक्षित को बधाई दी। उन्होंने ट्विटर पर शेयर किया।ऋतिक रोशन ने ट्विटर पर लिखा- Oscars 2023 में भारतीय सिनेमा के लिए ऐसा ऐतिहासिक, गर्व और खुशी का पल सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म TheElephantWhisperers की टीम को बहुत-बहुत बधाई और सर्वश्रेष्ठ मूल गीत NaatuNaatu के लिए टीम RRR को भी बधाई । आरआरआर के गाने नाटू-नाटू को ऑस…

H3N2 Influenza: उत्तराखंड में दो मरीजों में हुई इन्फ्लूएंजा वायरस की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जानें कोविड और इंफ्लूएंजा के बीच का अंतर

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H3N2-Influenza

H3N2 Virus: H3N2 इन्फ्लूएंजा वायरस ने उत्तराखंड में भी दस्तक दे दी है। हल्द्वानी की लैब में दो मरीजों में H3N2 वायरस की पुष्टि हुई है। इनकी जांच मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कराई गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। एसटीएच के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. परमजीत सिंह ने बताया कि लगभग रोज ही तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी, सर्दी-जुकाम के 30 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के बाद घर भेज दिया गया।

इस बीच माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जांच में आई रिपोर्ट में दो मरीजों में H3N2 वायरस की पुष्टि हुई है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में शहर व आसपास के अस्पतालों में आने वाले बुखार, सर्दी-जुकाम के मरीजों के सैंपलों की जांच की जा रही है।

प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में सबसे पहले कोविड संक्रमण की जांच की सुविधा शुरू हुई थी। बाद में जांच का दायरा बढ़ाया गया और मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू समेत अन्य इंफ्लुएंजा की जांच की सुविधा शुरू की गई। अगस्त-2021 से लैब में करीब 1700 से अधिक सैंपल की जांच हुई है। बीती सात मार्च को एच3 एन2 वायरस के दो मरीजों की पुष्टि हुई है। मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश ने एच3 एन2 वायरस मिलने की पुष्टि की है।

उनका कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। इंफ्लुएंजा फ्लू है। जिनकी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होगी, उन्हें H3N2 वायरस ज्यादा प्रभावित नहीं करेगा। इंफ्लुएंजा वाले मरीज और चिकित्सकों को मास्क पहनने की हिदायत दी जा रही है। सभी लोग आवश्यक सावधानी बरतें। बीमारी के मद्देनजर आइसोलेशन वार्ड बनाने समेत निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे।

स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को सीजनल इन्फ्लूएंजा (H1N1, H3N2 आदि) से बचाव के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके तहत सीएचसी ही नहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर तक पीपीई किट, एन-95 मास्क आदि उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक अस्पतालों के स्तर पर इन्फ्लूएंजा से संबंधित मामलों की सघन निगरानी की जाए।

इस पर प्रभावी रोकथाम के लिए रोगियों का वर्गीकरण करने, क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल, होम केयर, सैंपल एकत्र करने की प्रक्रिया अलग की जाएगी। सभी जिला, बेस, संयुक्त चिकित्सालयों में इलाज के लिए आइसोलेशन बेड, वार्ड, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि की व्यवस्था करने को कहा गया है।

इन्फ्लूएंजा के मामले में रोगी की पहचान, त्वरित उपचार व मरीज की गंभीर हालत में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। संदिग्ध मौत होने पर मरीज का डेथ ऑडिट होगा। जिसके लिए ऑडिट कमेटी गठित करनी होगी। यह रिपोर्ट तीन दिन के भीतर महानिदेशालय को उपलब्ध करानी होगी।

H3N2 के लक्षण

विशेषज्ञों के अनुसार, नाक बहना, तेज बुखार, खांसी (शुरुआत में गीली और बाद में लंबे समय तक सूखी), गले में खराश, छाती में जकड़न, मांसपेशी-जोड़ों में दर्द, सिरदर्द और थकावट जैसी समस्या मरीजों में देखी जा रही है।

इन बातों का रखें ध्यान

वरिष्ठ टीबी एंड चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव सिंघल कहते हैं कि इन दिनों लगातार बुखार, कफ, खांसी की शिकायत को लेकर रोगी पहुंच रहे हैं। मरीज को सही होने में काफी समय लग रहा है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • हाथों की नियमित सफाई करते रहें
  • भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें
  • मास्क लगाएं
  • पौष्टिक आहार लें
  • सामाजिक दूरी का पालन करें

कोविड और इंफ्लूएंजा के बीच अंतर

विशेषज्ञों के मुताबिक, कोविड लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को प्रभावित करता है, जबकि इंफ्लूएंजा वायरस अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट पर असर डालता है, जिसमें बुखार, सर्दी, गले में समस्या, खांसी जैसे लक्षण लंबे समय तक चलते हैं। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट और डॉ. प्रवीण पंवार के मुताबिक, गर्म कपड़े पहनना ना छोड़ें। अभी ठंडा पानी और कोल्ड ड्रिंक्स न पीएं। पंखा न चलाएं और गुनगुना पानी पीएं। डॉक्टर ने बताया कि सांस, दमा और दिल के मरीज अतिरिक्त सर्तकता बरतें।