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ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी : आरआरआर के गाने नाटू-नाटू ने रचा इतिहास, बेस्ट ऑरिजिनल सॉन्ग का खिताब जीता, भारत की शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म द एलिफेंट व्हिस्परर्स को मिला अवॉर्ड

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Naatu Naatu won Oscar Award

oscar award ceremony : अमेरिका के लॉस एंजिलिस से भारतीय सिनेमा के लिए सुखद खबर रही। 95वें ऑस्कर अवॉर्ड अकैडमी में फिल्म आरआरआर के गाने नाटू-नाटू इतिहास रच दिया। इस फिल्म के गाने नाटू-नाटू को बेस्ट ऑरिजिनल सॉन्ग का खिताब मिला है। इसके साथ ही भारत की शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म द एलिफेंट व्हिस्परर्स ने भी अवॉर्ड जीत लिया है। प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा की इस फिल्म को खूब प्यार दिया जा रहा है। बता दें कि लॉस एंजलिस में ये फंक्शन रविवार रात 8 बजे शुरू हुआ। इस बार भारत की तरफ से 3 नॉमिनेशन हैं।

बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग के लिए फिल्म RRR का गाना नाटू-नाटू, डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म की कैटेगरी में फिल्म ऑल दैट ब्रीथ्स और ओरिजिनल शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में दी एलिफेंट व्हिस्परर्स को फाइनल नॉमिनेशन मिला था। अवॉर्ड ऑस्कर की सेरेमनी भारतीय समय के अनुसार सोमवार सुबह 5.30 बजे से हुई। हालांकि, डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म ऑल दैट ब्रीथ्स रेस से बाहर हो गई है। बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का ऑस्कर अवॉर्ड आरआरआर के नाटू नाटू को मिला। इस कैटेगरी में आरआरआर के नाटू नाटू का मुकाबला अप्लॉज, होल्ड माय हैंड, लिफ्ट मी अप, और दिस इज अ लाइफ के बीच था।

आरआरआर के नाटू नाटू के लिए बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का ऑस्कर अवॉर्ड एमएम कीरावनी और चंद्रबोस को मिला। ऑस्कर सेरेमनी में RRR के नाटू-नाटू गाना लिखने वाले चंद्रबोस और कंपोजर एमएम कीरवानी ने ट्रॉफी ली। द एलिफेंट व्हिस्परर्स ने बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म का अवॉर्ड जीत लिया है। इसे कार्तिकी गोंजाल्विस ने डायरेक्ट और गुनीत मोंगा ने प्रोड्यूस किया है। गुनीत ने कहा- भारत के लिए 2 महिलाओं ने कर दिखाया। मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है।

डैनियल क्वान और डैनियल शेइनर्ट ने मूविंग मल्टीवर्स मैश-अप, “एवरीथिंग एवरीवेयर ऑल एट वंस” के लिए बेस्ट डायरेक्टर का ऑस्कर जीत लिया है। जेम्स कैमरून की ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ ने बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स के लिए ऑस्कर अपने नाम कर लिया है।

उत्तराखंड के लोकप्रिय पर्व ‘फूलदेई’ के आगमन पर डोटलगांव सेवा समिति द्वारा दिल्ली के बाल भवन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम

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नई दिल्ली: उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ा पारंपरिक लोक पर्व फूलदेई इस बार आगामी 15 मार्च से शुरू हो रहा है। बसंत ऋतु के स्वागत का प्रतीक फूलदेई त्यौहार उत्तराखंड में कुमाऊ से लेकर गढ़वाल तक अलग-अलग रूप में मनाया जाता है।

पहाड़ के लोकप्रिय पर्व ‘फूलदेई’ के शुभ आगमन पर रविवार 12 मार्च को उत्तराखंड के डोटल गांव की सामाजिक संस्था “डोटलगांव सेवा समिति”, दिल्ली (पंजीकृत) द्वारा दिल्ली के राष्ट्रीय बाल भवन में सांस्कृतिक एवं जन मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ कार्यक्रम देर शाम 6 बजे तक चला। संस्था के संस्थापक लक्ष्मण शाही ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली/एनसीआर में रह रहे अपने गाँव एवं आसपास के गांवों के प्रवासियों को एक साथ जोड़ना है। संस्था का यह प्रयास विगत कुछ वर्षों से जारी है।

लोकपर्व फूलदेई की थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ गांव के वरिष्ठों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान होनहार युवा नीरज शाही द्वारा सरस्वती वंदना व अन्य बच्चों द्वारा प्रस्तुत किये गये सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी दर्शकों का मन मोह लिया।

इसके बाद उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोक गायक गोपाल मठपाल के निर्देशन में एवं भगवत मनराल के नृत्य निर्देशन में रामगंगा सांस्कृतिक कला केंद्र दिल्ली के कलाकारों ने पहाड़ी लोकगीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां पेश कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। खासकर “हम उत्तराखंडी छौ” की खुबसूरत प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। इसके अलावा गांव से आये मेहमान लोक गायक विनोद आर्या व सुरूचि आर्या ने भी दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर सभी प्रतिभावन होनहार बच्चों को संस्था द्वारा अंगवस्त्र, फूलमाला व सार्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ जनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, लेखक व पत्रकारों को भी समिति द्वारा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। लेखक व पत्रकार चारू तिवारी जी ने अपने संबोधन में डोटलगांव सेवा समिति के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने डोटलगांव के साथियों के साथ अपने स्कूल के दिनों की यादों को ताजा करते हुए कई किस्से सुनाये।

वहीँ संस्था के संस्थापक लक्ष्मण शाही ने संस्था को इस मुकाम पर पहुंचाने के लिए सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। इसके अलावा संस्था के संरक्षक सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप शाही ने भी अपने शुरुआती संघर्ष को जन मानस के सामने प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में डोटलगांव एवं आसपास के करीब 500 से ज्यादा प्रवासी ग्रामवासियों ने प्रतिभाग किया। जिनके खान-पान की व्यवस्था भी संस्था ने कार्यक्रम में ही की थी।

संस्था के महासचिव प्रभाकर शाही ने अपने उद्घोषण में कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अपनी सदियों पुरानी महान व ऐतिहासिक उत्तराखंडी संस्कृति का उत्तरोत्तर संवर्द्धन करने एवं विरासत को आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए किया गया है, ताकि वे भी इस विरासत को संजोये रखे और निरंतर एक दूसरे को जोड़ने का प्रयास करें।

 डोटलगांव सेवा समिति- एक नजर  

डोटलगांव सेवा समिति दिल्ली में रहते हुए अपने गांव व आसपास के विकास के लिए हमेशा प्रयासरत रहती है। समय समय पर जन जागरूक अभियान चलाना, कमजोर लोगों की सहायता, गरीब बच्चों की पढ़ाई व गांव के युवाओं व बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहन करने तथा खेल सामग्रियों के वितरण का कार्य भी समिति द्वारा किया जाता रहता है। समिति का प्रयास अपने सांस्कृतिक विरासत, अपने तीज त्योहारों को संजोये रखने के लिए हमेशा प्रयासरत रहता है।

‌कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति के कई कार्यकर्ताओं की दिन रात की मेहनत लगी हुई थी। समिति प्रवक्ता मोहन सिंह शाही, अध्यक्ष राजबीर बिष्ट, उपाध्यक्ष गोपाल शाही, महासचिव प्रभाकर शाही, सचिव गोविन्द कुमैया, सांस्कृतिक सचिव हरीश कुवार्बी, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण शाही, प्रचार सचिव भुवन शाही तथा  वरिष्ठ सलाहकार धनसिंह शाही, भुपेंद्र शाही, रामसिंह शाही, हीरा सिंह शाही आदि सभी संस्था के सभी कार्यकर्ता कार्यक्रम के दौरान कलाकारों का हौसला अफजाई के लिए उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन मोहन सिंह शाही द्वारा किया गया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होनहार यूट्यूब ब्लॉगर सीए मनोज शाही ने अपने यूट्यूब चैनल यूके पहाड़ी कल्चर के माध्यम किया।

श्रीनगर में राजकीय शिक्षकों से शिक्षा मंत्री का शिक्षण संवाद, हर बाधा दूर कर शीघ्र होगी पदोन्नति: डॉ धन सिंह रावत

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teachers interacted with Education Minister Dr. Dhan Singh Rawat

Srinagar News: लक्ष्य कोचिंग इंस्टिट्यूट श्रीनगर में शनिवार को राजकीय शिक्षकों ने शिक्षण संवाद कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री से सीधे संवाद कर पदोन्नति सहित विभिन्न समस्याओं के निराकरण का अनुरोध किया। राजकीय शिक्षक संघ पौड़ी के जिला अध्यक्ष बलराज गुसाईं ने शिक्षकों की प्रमुख मांग पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों की ओर शिक्षा मंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि मंत्री जी की कार्यशैली को देखते हुए उन्हें पूर्ण विश्वास है कि अतिशीघ्र पदोन्नति सूची जारी होगी।

शिक्षक राकेश कंडारी ने पदोन्नति के साथ ही यात्रा अवकाश का मुद्दा रखा और कहा कि जब उच्च शिक्षा में यात्रा अवकाश देय है तो विद्यालयी शिक्षकों को क्यों नहीं? कीर्ति नगर ब्लॉक अध्यक्ष सतीश बलूनी ने एलटी प्रमोशन प्रोन्नत वेतनमान विसंगति पर अपने विचार रखें। शिक्षक महेंद्र बंगवाल ने कहा कि संस्कृत हमारी द्वितीय राजभाषा है, उन्होंने एलटी संस्कृत का पद प्रत्येक विद्यालय में सृजित करने की मांग की। शिक्षक बीपी वेदवाल ने धारा 27 में कर्मचारी के माता-पिता की बीमारी पर भी स्थानांतरण और प्रावधान करने की मांग की। राजकीय शिक्षक संघ टिहरी के जिलाध्यक्ष दिलवर रावत ने कहा कि शिक्षक 30 से 35 वर्ष की सेवा के बाद भी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे उनकी कार्य दक्षता प्रभावित हो रही है साथ ही 80% विद्यालय मुखिया विहीन होने से शिक्षण व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

अतः शीघ्र अति शीघ्र सभी प्रकार की पदोन्नतियों के साथ ही धारा 27 के अंतर्गत स्थानांतरण किए जाएं। शिक्षक राकेश नैथानी ने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर पदोन्नति की बाधाएं दूर करवाकर पदोन्नति सूची जारी की जाए। कार्यक्रम हेतु जगह उपलब्ध कराने एवं कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए सभी शिक्षकों ने जितेंद्र धिरवाण का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2023 तक विभाग में हाई स्कूल प्रधानाध्यापक के 830 पद रिक्त होंगे। अतः न्यूनतम 700 पदों पर पदोन्नति जारी की जाए। राजकीय शिक्षक संघ पौड़ी के पूर्व जिला अध्यक्ष जयदीप रावत ने पुरानी पेंशन बहाली एवं पदोन्नति की सूची जारी करने की मांग करते हुए आश्वस्त किया कि सभी शिशक शैक्षिक उन्नयन हेतु शतप्रतिशत कार्य करेंगे। शिक्षक संवाद आयोजित करने के सूत्रधार पूर्व मंडल मंत्री शिव सिंह नेगी ने मांग पत्र पढ़ते हुए मंत्री का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने श्रीनगर में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी, खेल स्टेडियम, बस अड्डे का निर्माण, नगर निगम सहित कई अभूतपूर्व कार्य किए हैं, उन्हें पूर्ण विश्वास है कि मंत्री शीघ्र अति शीघ्र पदोन्नति सूची जारी करवाएंगे।

शिक्षकों से संवाद में शिक्षा मंत्री ने कहा कि वे हर समय शिक्षकों से संवाद करने को तैयार हैं। जल्दी ही वे 13 जिलों के जिलाध्यक्षों एवं जिला मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि एक साथ अधिक मांग ना रखकर एक-एक मांग का निस्तारण करवाएं। सर्वप्रथम पदोन्नति की मांग पर विचार करते हुए सभी बाधाएं दूर करवाकर पदोन्नति सूची जारी की जाएगी। यदि किसी कारणवश न्यायालय से बाधा दूर नहीं हो पाती है तो अध्यादेश लाकर पदोन्नति की जाएगी। अंतर मंडलीय स्थानांतरण के लिए एक बार अंतिम विकल्प मांगते हुए जल्दी ही अंतर मंडलीय स्थानांतरण किये जाएंगे। अप्रैल माह में धारा 27 के अंतर्गत स्थानांतरण सूची जारी कर दी जाएगी। साथ ही एक पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाकर स्थानांतरण किए जाएंगे। 27 मार्च से राज्य में विद्या समीक्षा केंद्र शुरू हो जाएंगे। जिससे शिक्षकों की अधिकांश समस्याएं दूर हो जाएंगी।

इस अवसर पर राजकीय शिक्षक संघ खिर्सू के ब्लॉक अध्यक्ष जयकृत भंडारी, ब्लॉक मंत्री अब्बल पुंडीर, पौड़ी ब्लॉक अध्यक्ष भारत बुटोला, पूर्व मंडल प्रवक्ता महेंद्र सिंह नेगी, जसपाल गुसाईं, जगमोहन कठैत, शशि शेखर मंगाई, भगत चौहान, विक्रम नेगी, जगपाल चौहान, कुंज बिहारी सकलानी, संतोष पोखरियाल, मोहन देवरी, राजेंद्र रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश पैन्यूली, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र धिरवाण, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष नरेंद्र रावत, डॉक्टर सुधीर जोशी सौरभ पांडे, जिला उपाध्यक्ष जितेन्द्र रावत, व्यापार संघ के अध्यक्ष वासुदेव कंडारी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व मंडलीय प्रवक्ता चन्द्र मोहन रावत ने किया।

 

ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग के दौरान बड़ा हादसा, राफ्ट पलटने से एक महिला की गंगा में डूबने से मौत

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raft overturned during river rafting in Rishikesh
symbolic image

Rishikesh River Rafting : उत्तराखंड के ऋषिकेश में मुनिकी रेती थाना क्षेत्र के अंतर्गत गंगा नदी में रिवर राफ्टिंग के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ गोल्फ कोर्स रैपिड के पास राफ्ट पलटने से हुए हादसे में एक 28 वर्षीय महिला की मौत हो गई है। हादसे का शिकार हुई महिला हरियाणा के अंबाला की रहने वाली थी। राफ्ट पलटने के बाद राफ्टिंग गाइड और हेल्पर ने युवती को गंगा से बाहर निकाला। जिसके बाद युवती को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना आज दोपहर डेढ़ बजे के आसपास की है पुलिस के मुताबिक हरियाणा के अंबाला के लक्ष्मीनगर कॉलोनी निवासी रूपा कुमारी (28) पुत्री  दिनेश्वर सिंह ऋषिकेश घूमने आई थी। रविवार सुबह दोस्तों के साथ राफ्टिंग के लिए निकल गई। इसी दौरान फूलचट्टी की ओर आ रही राफ्ट लेवल थ्री प्लस के गोल्फ कोर्स रैपिड के पास अचानक पलट गई। इस हादसे में रूपा कुमारी गंगा में डूब गई। राफ्टिंग गाइड और हेल्पर ने उसको गंगा से बाहर निकाल कर सीपीआर दिया। इसके बाद आनन-फानन रूपा को 108 इमरजेंसी एंबुलेंस से उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया। जहाँ चिकित्सकों ने रूपा कुमारी को मृत घोषित कर दिया। पंचनामा भरने के बाद मृतका के शव को एम्स की मोर्चरी में रखा गया है। बताया कि युवती के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक महिला एक मेडिसिन कंपनी में मार्केटिंग का काम काम करती थी। उन्होंने बताया कि राफ्ट में 8 लोग सवार थे। राफ्टिंग करने वाले 5 सदस्य शनिवार को मोहन चट्टी कैंप में रूके थे और आज रविवार सुबह उन्होंने राफ्टिंग बुक की थी। मृत महिला का भाई भी राफ्टिंग करते समय राफ्ट में मौजूद था।

 

एसिड अटैक सर्वाइवर कविता बिष्ट समेत उत्तराखंड की इन 11 महिलाओं को मिला कल्याणी सम्मान 2023, एसिड अटैक से आंखों की रोशनी खोने वाली कविता के जज्बे एवं हौसले को सलाम, जानिए कविता बिष्ट की कहानी

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acid attack survivor kavita bisht

acid attack survivor kavita bisht : कल्याणी सामाजिक संस्था द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आज (12 मार्च 2023 को) नई दिल्ली गढ़वाल भवन में कल्याणी सम्मान समारोह 2023 का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड मूल की उन महिलाओं के सम्मान में रखा गया था जिन्होंने विकट परिस्थितियों से लड़़कर समाज में एक इतिहास रचा, जो लगातार अपने कार्यो से प्रेरणा बनी। देश व समाज के लिए, उसी मातृशक्ति में नई ऊर्जा प्रवाहित करने के लिए लगातार चौथी बार महिलाओं द्वारा इस सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

कल्याणी सम्मान समारोह में सुप्रसिद्ध उत्तराखंडी लोक गायिका मीना राणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी। इस मौके पर उत्तराखंड की 11 महिलाओं को कल्याणी सम्मान समारोह 2023 से सम्मानित किया गया।

कल्याणी सम्मान से सम्मानित होने वाली हस्तियों में उत्तराखंड की एक ऐसी बेटी भी थी जिसके जीवन की मार्मिक कहानी सुनकर समारोह में उपस्थित सभी लोगों के आखों से आंसू टपक रहे थे। साथ ही उसके जज्बे एवं हौसले को देखकर सभी दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर थे। जी हां हम बात कर रहे हैं एसिड अटैक सर्वाइवर कविता बिष्ट की, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा और समाज के लिए मिसाल बनी हैं। कविता बिष्ट मूलरूप से रामनगर, नैनीताल की रहने वाली हैं। जो कि वर्ष 2008 में खोड़ा में एसिड अटैक का शिकार हो गयी थी। इस एसिड अटैक में कविता अपनी आंखों की रोशनी खो चुकी हैं, इसके बावजूद उन्होंने अपनी हिम्मत से शारीरिक कमजोरियों को कभी हावी नहीं होने दिया। इसी का नतीजा है कि खुद दृष्टि बाधित होकर भी कविता दूसरी महिलाओं की जीवन में रोशनी भरने का काम कर रही है। कविता बिष्ट ने कई महिलाओं को उम्मीद की किरण दिखाई है। जानिए कविता की कहानी कविता की जुबानी।

एसिड अटैक सर्वाइवर कविता बिष्ट की कहानी:

कल्याणी सम्मान समारोह के दौरान जब कविता को मंच पर अपने बारे में दो शब्द बोलने के लिए कहा गया तो कविता ने अपनी जिन्दगी की सबसे दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए, उससे उभर कर स्वावलंबी बनने तक की पूरी कहानी बयां कर दी। कविता ने अपने दर्द को खुलकर बयां करते हुए बताया कि वह मुख्य रूप से नैनीताल की रहने वाली हैं। उसके माता पिता गगास नदी के किनारे रेत के बोरे भरकर (मजदूरी) अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। परिवार आर्थिक तंगी को देखते हुए कविता ने 10वीं पास कर नौकरी करने का फैसला लिया और साल 2008 में नोएडा की एक कम्पन्नी में नौकरी करने लगी। वह अपनी एक सहेली (रूम पार्टनर) के साथ खोड़ा में एक किराये के मकान में रहती थी।

कविता ने बताया कि इस दौरान एक लड़का उससे दोस्ती करने के लिए उसका पीछा करता था। उसने कबिता की सहेली से कहा कि मै उससे शादी करना चाहता हूँ। परन्तु कविता ने उसे मना कर दिया कि मै यहाँ शादी करने या दोस्ती करने के लिए नहीं आई हूँ बल्कि अपने परिवार की आर्थिक तंगी को दूर करने आई हूँ। इस बात से शायद वह लड़का नाराज हो गया और उसने कविता से बदला लेने की ठान ली।

कविता ने बताया कि 2 फरवरी 2008 को रोजाना की तरह वह सुबह 5 बजे ऑफिस जा रही थी। तभी अचानक से हेलमेट पहनकर आये दो बाइक सवार युवकों ने उसके चहरे पर तेज़ाब उड़ेल दिया। कविता ने बताया कि अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले ने उन्हे संभलने का मौका नहीं दिया। वह सड़क पर मदद की गुहार लगाती रहीं और लोग गुजरते रहे। वह दर्द के मारे चिल्लाती रही परन्तु एक घंटे तक न तो पुलिस ने और न ही आसपास खड़े लोगो ने उसकी मदद की। उसके बाद जब उसके मकान मालिक को पता चला तो वे उसको अस्पताल ले गए, परन्तु आसपास के सभी अस्पतालों ने उसको भर्ती करने से मना कर दिया।

जब दोपहर 3 बजे उनके ऑफिस के लोगों को पता चला तब उन्होंने अम्बुलेंस बुलाकर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। परन्तु तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस एसिड अटैक में कविता को न सिर्फ अपनी आंखों की रोशनी गवानी पड़ी, बल्कि उनकी नाक और कान भी क्षतिग्रस्त हो गए। उन्हें एक महीना आईसीयू में रहना पड़ा और यह बात उन्हें होश आने पर पता चली। पहले से ही उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। परिवार वालों के पास इलाज के पैसे भी नहीं थे। सरकार की ओर से उस समय कोई समुचित राशि का प्रावधान नहीं था। छोटी- छोटी समाज सेवी संस्थाओं की मदद से उनकी कई बार सर्जरी हुई। उनका खूबसूरत चेहरा तो बिगड़ ही गया पर जो घाव उनके मन पर लगे हैं, उनकी भरपाई आज भी मुश्किल है। कविता ने बताया कि उनकी किस्मत की मार यहीं नहीं रुकी, बल्कि इसी बीच उन्होंने पहले 21 साल की बड़ी बहन को खोया और फिर कुछ समय बाद उनकी छोटी बहन भी दुनिया को छोड़ चली गई। और 2015 में उनके पिता जी की भी हार्ट अटैक से मौत हो गयी। अब घर को चलाने की पूरी जिम्मेदारी कविता के ऊपर आ चुकी थी।

कविता कहती हैं, “इस दुर्घटना के बाद मैं करीब 2 साल तक डिप्रेशन में रहीं। मुझे उस समय अपने पिता और भाई से भी डर लगने लगा था।” मोटरसाइकिल की आवाज सुनते ही सहम जाती थी। लेकिन कविता ने हिम्मत नहीं हारी। अदम्य साहसी और कभी हार न मानने वाली कविता बिष्ट नें जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना किया है और अपने सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास के बलबूते आज हजारों लड़कियों का संबल बनी हुई हैं। आंखें जाने के बाद भी उन्होंने एक नए जीवन की शुरुआत की और कई तरह के प्रशिक्षण लिए। यहीं कारण है कि वे न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बनी, बल्कि कई और महिलाओं की प्रेरणा भी बनी। कविता बिष्ट के इसी हौसले को देखते हुए उनको महिला सशक्तिकरण का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया था।

कविता ने बताया कि इस दुर्घटना के बाद अपनी दृष्टि खोने की वजह से वे पूरी तरह से लाचार हो गईं थीं। तभी उन्हें दृष्टिहीन ट्रेनिंग स्कूल अल्मोड़ा में दाखिला लेने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होनें इसे एक अवसर के रूप में देखा और स्कूल गई। यहां उन्होनें सिलाई- कढ़ाई, खुद से सभी काम करना, कंप्यूटर चलाना, कैंडल और एनवेलप बनाना सीखा।

कविता बताती हैं कि उनकी मां ने हमेशा उनका साथ दिया और सुईं में धागा डालने जैसी छोटी चीज़ें उन्हें सिखाईं। कविता कभी हारने लगतीं तो उनकी मां उन्हें प्रेरित करती।”

धीरे-धीरे कविता अपने परिवार का आर्थिक संबल बनीं और अपने जैसी कई महिलाओं की मदद करना शुरू किया। सरकार ने इनके सामाजिक कार्यों को देखते हुये उन्हें उत्तराखंड में महिलाओं के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाया। वे पूरे राज्य में महिला सशक्तिकरण की आवाज़ बनी और 4 सितंबर 2021 को राजीव गांधी नेशनल एक्सीलेन्स अवार्ड फॉर कोरोना वॉरियर से उन्हें सम्मानित किया गया है। इतना ही नहीं आज कविता 34 से भी ज़्यादा सम्मान और पुरस्कार पा चुकी हैं।

रामनगर में इंदु समिति की मदद से ‘ Kavita’s Women Support Home’ चलाती हैं। जहां वे घर के आस-पास रहने वाली महिलाओं और लड़कियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर रही हैं। साथ ही एसिड अटैक, यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सहायता करती हैं।

कविता कहती हैं, ”समाज में मुझे आज भी लोग हतोत्साहित करने से पीछे नहीं रहते, पर मुझे आगे बढ़ना है। इसलिए मैं उनकी बातों पर ध्यान नहीं देती। मैं लोगों से कहना चाहती हूं कि अगर आप मदद नहीं कर सकते हैं, तो अपशब्द या उल्टा-सीधा न बोलें, मैं अपने पैरो पर खड़ी हूं, किसी पर आश्रित नहीं हूं, कृपया अपनी सोच बदलें।” कविता कहती हैं कि भले ही मेरी जिंदगी से सभी रंग चले गए हों लेकिन आज मैं कई लोगों की जिंदगी में रंग भर रही हूं।

कविता के अलावा आज सम्मानित हुई अन्य 10 महिलाओं ने भी अलग-अलग क्षेत्रों समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य किये हैं। जिनमे

  1. सुश्री कविता बिष्ट, रामनगर, जिला नैनीताल
  2. सुश्री भावना वर्मा, सदर बाजार, लैंसडाउन, जिला पौड़ी गढ़वाल
  3. सुश्री दीपा नगरकोटी (गायिका), गांव फरसाली, जिला बागेश्वर
  4. सुश्री सरिता नेगी, ग्राम- गांधीग्राम, घुड़दौड़ी, जिला-पौड़ी गढ़वाल
  5. सुश्री गीता गैरोला, न्यू लदाडी़ विकास भवन, ब्लॉक भटवाड़ी, जिला उत्तरकाशी
  6. सुश्री सुषमा बहुगुणा, ग्राम साबली, जिला टिहरी गढ़वाल
  7. सुश्री मधु खुगशाल, ग्राम बैगवाडी, जिला पौड़ी गढ़वाल
  8. सुश्री प्रियंका जोशी, ग्राम मल्ली बमोरी, जिला नैनीताल
  9. सुश्री पूनम कैंतुरा, ग्राम गिंवाली, पोखड़ा, जिला पौड़ी गड़वाल
  10. सुश्री महेश्वरी देवी, ग्राम थनूल, जिला पौड़ी गढ़वाल
  11. सुश्री ऋतु सिंह (कवियित्री), पौड़ी, जिला पौड़ी गढ़वाल

कार्यक्रम में कल्याणी संस्था ही संस्थापिका बबिता नेगी के अलावा मुख्य अतिथि लोक गायिका मीना राणा, लक्ष्मी रावत, पूनम सती, गीता उनियाल, रेशमा शाह, मंच संचालिका रिद्धी राही, हरपाल रावत, विनोद बछेती, डॉ. सतीश कालेश्वरी, अजय सिंह बिष्ट, नरेंद्र बिष्ट, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप वेदवाल, दीप सिलोड़ी, द्वारका चमोली, अनिल पंत, हरीश असवाल, प्रताप थलवाल, आजाद नेगी, उदय ममगाईं राठी,अनिल सती, मिथुन दा कुलदीप, दलीप नेगी, सुरेन्द्र शर्मा, कैलाश धष्माना कुसुम बिष्ट, लक्ष्मी पटेल, रेनू जखमोला उनियाल, नीलू सती, पूर्णिमा पोखरियाल, मीना कंडवाल, प्रभा बिष्ट, अंकिता चौहान, मनोरमा भट्ट, संतोष शर्मा बडोनी, रिया शर्मा, कुसुम चौहान, बबली ममगाईं सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

पौड़ी : अलग अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली इन महिलाओं को सुषमा स्वराज अवार्ड से किया गया सम्मानित

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Pauri news : भारतीय जनता पार्टी इन दिनों देशभर में आगामी 15 मार्च तक महिला दिवस मना रही है। जिसके तहत अलग अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को स्व. सुषमा स्वराज अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है। इसीक्रम में उत्तराखंड के अलग अलग 13 जनपदों में भी महिला मोर्चा के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसीक्रम में भाजपा द्वारा शनिवार को पौड़ी में सुषमा स्वराज पुरस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पौड़ी में अलग अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को भाजपा नेत्री स्व. सुषमा स्वराज अवॉर्ड से सम्मानित किया।

इस दौरान राज्य  आंदोलनकारी बीरा भंडारी, डा. छाया भट्ट, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बिनीता देवी, सुषमा रावत, बीना रावत, बबीता देवी, रंजीता गैरोला स्टाफ नर्स, दीपा बाला, राखी, ललिता आशा कार्यकर्ता, गुलशन वर्मा अध्यपिका, रुकमा देवी, उर्मिला आदि महिलाओं को सुषमा स्वराज पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस मौके पर जिला भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष मीना गैरोला, मुख्य अतिथि प्रदेश सोशल मीडिया एवं जिला महिला मोर्चा प्रभारी नेहा शर्मा, जिला अध्यक्ष सुषमा रावत, नगर पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम, विधायक राजकुमार पोरी, नगर मंडल अध्यक्ष क्रांति किशोर तथा जिला भाजपा मीडिया प्रभारी पिंकी रावत आदि शामिल रहे।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने अपने पिता पर लगाए यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप, दर्द किया बयां

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महिलाओं-लड़कियों के अधिकारों पर खुलकर बोलने वाली दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने शनिवार को अपने बयान से सभी को हैरान कर दिया। स्वाति मालीवाल ने अपने पिता पर ही यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ‌जिसके बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं और बहस का दौर शुरू हो गया है।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में मालीवाल ने कहा, जब मैं बच्ची थी तब मेरे पिता ने मेरा यौन शोषण किया था। वह मुझे मारते थे, मैं पलंग के नीचे छिप जाती थी। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बताया कि बचपन में मेरे पिता मेरा यौन शोषण करते थे। इसकी वजह से मैं अपने ही घर में डर कर रहती थी। वो बिना वजह मुझे पीटते थे, चोटी पकड़कर सर दीवार पर टकरा देते थे। डर की वजह से मैंने कई रातें तो बिस्तर के नीचे छिपकर बिताई हैं।

स्वाति ने शनिवार को दिल्ली में  डीसीडब्ल्यू अवॉर्ड्स कार्यक्रम में अपना दर्द बयां किया। दिल्ली महिला आयोग के अवार्ड्स कार्यक्रम को लेकर पूछे गए एक मीडियाकर्मी के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वाति मालीवाल ने कहा, जी काफी भवुक तो हुई, क्योंकि जो सारे के सारे अवार्डी हैं, वो सारे पॉवरफुल स्टोरीज तो है हीं और उन्होंने बहुत ही संघर्ष किया है। मेरे अपने फादर मेरा यौन शोषण करते थे, जब मैं छोटी थी। बहुत मारते थे, बहुत पीटते थे। जब वो घर में आते थे, तो बहुत डर लगता था। मैं कई बार बिस्तर के नीचे छिप जाती थी और पूरी रात प्लानिंग करती थी कि किस प्रकार महिलाओं को उनका हक दिलाऊंगी और इस तरीके के आदमी जो महिलाओं के साथ शोषण करते हैं, बच्चियों के साथ शोषण करते हैं, उनको सबक सिखाऊंगी।

स्वाति मालीवाल ने कहा कि मेरा मानना है कि जब एक इंसान बहुत अत्याचार सहता है तभी वो दूसरों का दर्द समझ पाता है और तभी उसके अन्दर एक ऐसी आग जागृत होती है, जिससे कि वो एक सिस्टम हिला देता है। शायद मेरे साथ भी यही हुआ।

अखिलेश चन्द्र चमोला हुए शिक्षा भूषण सम्मान-2023 से सम्मानित

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Shiksha Bhushan Samman-2023

जनपद पौड़ी गढ़वाल विकास खंड खिर्सू के राजकीय इन्टर कॉलेज सुमाडी में हिन्दी अध्यापक के पद पर कार्यरत अखिलेश चन्द्र चमोला शिक्षा भूषण सम्मान-2023 से सम्मानित हुए। उन्हें यह सम्मान चित्त पावन भारत पत्रिका सहारनपुर उत्तर प्रदेश की समिति ने एक भव्य आयोजित कार्यक्रम में दिया। यह कार्यक्रम पत्रिका के दस वर्ष पूर्ण होने के पुनीत सुअवसर पर आयोजित किया गया। जिसमें चयन समिति द्वारा विभिन्न राज्यों के साहित्य कारों, पर्यावरण विद, समाज सेवी, शिक्षक विदों का चयन अकादमिक परिषद द्वारा किया गया।

उत्तराखंड से शिक्षा भूषण सम्मान 2023 के लिए अखिलेश चन्द्र चमोला का चयन किया गया। चमोला को सम्मानित करते हुए सुरेंद्र कपिल निवर्तमान विधायक सहारनपुर तथा कार्यक्रम  संयोजक, मुख्य मन्त्री शिक्षक सम्मान से सम्मानित ब्रजेश शर्मा ने कहा कि अपने अध्यापन कार्य के साथ साथ प्रेरणा दायिनी साहित्य का सृजन करना, भावी पीड़ी को नशा मुक्त बनाने की मुहिम चलाना, ग्रामीण आन्चलिक में अध्ययन रत छात्र छात्राओं को शिक्षा की मुहिम से जोड़कर उन्हें अपने निजी खर्चे पर प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित करना महत्वपूर्ण उपलब्धि को उजागर करता है। हमारी समिति इस तरह के विशिष्ट लोगों की प्रोफाइल का अवलोकन करके उन्हें मन्च पर सम्मानित करके प्रोत्साहित करने का कार्य करते हैं।

श्री चमोला ने इस उपलब्धि पर संस्था का आभार प्रकट करते हुए कहा कि जिन मानकों के आधार पर संस्थान ने मेरा चयन किया है।मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि कि मैं उन मानकों पर खरा उतरु, बाल प्रतिभा सम्मान समारोह परिषद के पदाधिकारियों में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। विदित हो अखिलेश चन्द्र चमोला बाल प्रतिभा सम्मान समारोह परिषद के निदेशक के दायित्व का भी निर्वहन कर रहे हैं। 24 वर्षों से शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधियां बाल प्रतिभा सम्मान समारोह परिषद श्रीनगर गढवाल के तत्वावधान में ही आयोजित होती रहती है।

बताते चलें कि श्री चमोला उत्तराखण्ड से बिक्रम शिला हिन्दी बिद्या पीठ गांधीनगर के विद्वत परिषद के अकादमिक परिषद के मनोनीत सदस्य भी हैं। निरंतर प्रेरणा दायिनी साहित्य के सृजन पर इन्हें अभी हाल ही में प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा ने इन्हें राष्ट्रीय संयोजक के मानद पद से भी अलंकृत किया है। अपनी उपलब्धियों के आधार पर 500 से भी अधिक राष्ट्रीय सम्मानोपाधियों से सम्मानित हो चुके हैं। श्री चमोला मूल रुप से जनपद रुद्रप्रयाग के ग्राम कौशलपुर के निवासी हैं। राज के उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं।

इंफोसिस के प्रेसिडेंट मोहित जोशी ने दिया इस्तीफा, टेक महिंद्रा में मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ का पद संभालेंगे

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इंफोसिस के प्रेसिडेंट मोहित जोशी ने इस्तीफा दे दिया है। मोहित अब टेक महिंद्रा के मेनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ बनेंगे। वे जून तक इंफोसिस में काम करेंगे। मोहित पिछले 22 साल से इंफोसिस में काम कर रहे थे। इंफोसिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मोहित जोशी का इस्तीफा 11 मार्च 2023 से प्रभाव में आ गया है. कंपनी में उनका आखिरी दिन नौ जून 2023 को होगा।

बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने मोहित जोशी द्वारा कंपनी को दी गई सेवाओं और उनके योगदान की सरहाना की है। इंफोसिस की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक मोहित के पास कंपनी के सॉफ्टवेयर, फाइनेंशियल सर्विस, हेल्थ केयर, लाइफ साइंस बिजनेस की जिम्मेदारी थी।

टेक महिंद्रा ने बताया कि मोहित जोशी सी पी गुरनानी के इस साल 19 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद यह पदभार संभालेंगे। इससे पहले, उन्होंने इंफोसिस से इस्तीफे की घोषणा की थी। जोशी इंफोसिस में वैश्विक वित्तीय सेवाओं और स्वास्थ्य सेवा एवं सॉफ्टवेयर व्यवसायों के प्रमुख थे।

दिल्ली दौरे के दौरान सीएम धामी ने कई मंत्रियों और नेताओं से की मुलाकात

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली दौरे पर हैं। ‌शनिवार को सीएम धामी एनडीएमए की बैठक में शामिल हुए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी से भी मुलाकात की। हालांकि, यह मुलाकात कई मायने में बेहद खास बताई जा रही है। दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में सीएम धामी और अनिल बलूनी के बीच करीब 2 घंटे तक बातचीत हुई।

वहीं शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान सीएम धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से उत्तराखंड में ऊर्जा संकट को लेकर चर्चा की। ‌सीएम धामी ने मार्च-2023 के लिए उत्तराखंड को केन्द्रीय पूल से 300 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत प्रदान करने के लिए केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा पर्यावरणीय कारणों से राज्य में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में विलम्ब अथवा इनके माननीय न्यायालयों में विचाराधीन होने के फलस्वरूप विद्युत मांग के सापेक्ष विद्युत उपलब्धता में कमी है। प्रदेश में बेस लोड के लिए तापीय विद्युत गृह का उपलब्ध न होने, बीती शीत ऋतु में कम वर्षा एवं बर्फबारी के फलस्वरूव अभी से ही नदियों में कम जलस्तर के फलरूवरूव प्रदेश के जलविद्युत उत्पादन में कमी हुई है। सीएम धामी ने बताया उत्तराखण्ड में विद्युत मांग एवं उपलब्धता में वर्ष 2023-24 में औसतन 400 मेगावाट का अन्तर अनुमानित है। इससे पहले सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे और मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से भी मुलाकात की।