ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 सेक्टर में इन दिनों से लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। पिछले कई दिनों से आई ब्लॉक में पानी की सप्लाई कम समय के लिए हो रही है और पानी का प्रेशर काफी कम है। यही नहीं बीच-बीच में गन्दा और बदबूदार पानी भी आता रहता है। लगातार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान न होने से लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पानी की सप्लाई कम समय के लिए दी जा रही है और उस दौरान भी पानी का प्रेशर इतना कम रहता है कि एक मंजिल तक भी पानी नहीं पहुंच पाता। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब सप्लाई के दौरान गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी आने लगता है। लोगों का आरोप है कि ऐसा पानी पीना तो दूर, अन्य घरेलू उपयोग के योग्य भी नहीं है।
गुरुवार दोपहर में हुयी पानी की सप्लाई ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी। सेक्टरवासियों के अनुसार सप्लाई का पानी अत्यधिक गंदा और बदबूदार था, जिससे लोगों में आक्रोश है। वहीं छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
निवासियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। हर बार अधिकारियों द्वारा यह कहा जाता है कि पानी की सप्लाई लाइन टूट गई थी, जिसके कारण गंदा पानी आ रहा था और प्रेशर कम हो गया था। अधिकारियों का दावा रहता है कि लाइन को ठीक कर दिया गया है और जल्द ही सप्लाई सामान्य हो जाएगी। लेकिन सेक्टरवासियों के अनुसार समस्या एक-दो दिन के भीतर फिर से शुरू हो जाती है।
इस संबंध में जब प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक (जल एवं सीवर विभाग) विनोद शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज सुबह विद्युत फॉल्ट होने के कारण पर्याप्त पानी की सप्लाई नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि इससे पहले पिछले दो-तीन दिनों से एक ट्यूबवेल की मोटर खराब थी, जिसे अब ठीक करा दिया गया है। उनके अनुसार अब पानी की सप्लाई सुचारू रूप से चलेगी। वहीं गंदे और बदबूदार पानी की शिकायत पर उन्होंने कहा कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत की तत्काल जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, सेक्टरवासियों का कहना है कि उन्हें पहले भी कई बार इसी तरह के आश्वासन दिए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण केवल अस्थायी समाधान कर रहा है, जबकि समस्या की जड़ तक पहुंचकर स्थायी सुधार नहीं किया जा रहा।
सेक्टरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो उन्हें प्राधिकरण कार्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
सेक्टर वासियों ने मांग की है कि प्राधिकरण तत्काल जलापूर्ति लाइनों की तकनीकी जांच कराए, दूषित पानी की गुणवत्ता की लैब जांच करवाए तथा सेक्टर में नियमित और साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करे। लोगों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में लगातार लापरवाही किसी बड़े स्वास्थ्य संकट को जन्म दे सकती है।
सेक्टरवासियों का कहना है कि अगर प्राधिकरण पीने के पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पाता है तो उन्हें इसकी शिकायत जिला प्रशासन से करने पड़ेगी।



