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Valley Of Flowers: आज से पर्यटकों के लिए खुल जाएगी विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी, 500 से ज्यादा किस्म के फूलों का कर सकते हैं दीदार, जानिए प्रवेश शुल्क

Valley Of Flowers

Valley Of Flowers: उत्तराखंड के चमोली जनपद स्थित हिमालय की गोद में बसी फूलों की घाटी आपका इंतजार कर रही है। विश्व धरोहर में शुमार फूलों की घाटी आज यानी बुधवार 01 जून से पर्यटकों के लिए खुलने जा रही है। पर्यटन विभाग ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। पर्यटकों की सभी जरूरतों का ख्याल रखा जाएगा।

दुर्लभ वनस्पतियों से समृद्ध फूलों की घाटी अपनी सुंदरता के लिए पूरे विश्व में विख्यात है। 1982 में घाटी को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था और अब यह एक विश्व धरोहर स्थल है। फूलों की घाटी की खोज की 1931 में एक ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक स्मिथ और उनके साथी होल्डसवर्थ ने थी। इसके बाद से यह एक मशहूर पर्यटन स्थल बन गया। फूलों की घाटी को लेकर स्मिथ ने एक किताब भी लिखी है। जिस का नाम है “वैली ऑफ फ्लॉवर्स”।

87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली फूलों की घाटी में 500 से अधिक फूलों की प्रजातियां देखने को मिलती हैं। यहाँ हर 15 दिनों में अलग-अलग प्रजाति के फूल खिलते हैं,जिससे हर बार घाटी का रंग बदल जाता है। शीतकाल में बर्फ से ढंकी घाटी में इन दिनों बर्फ पिघलने के साथ ही सीजनल फूल खिलने लगे हैं। फूलों की घाटी में फूलों का खिलना मई से ही शुरू हो जाता है और जुलाई तक विभिन्न प्रजातियों के फूलों का खिलना बना रहता है। गंगरिया(जो घाटी से लगभग 3 किमी दूर है), से ही फूलों की सुगंध आने लगती है, जो पर्यटकों को दूर से मंत्रमुग्ध कर देती है। स्थानीय लोगों के अनुसार फूलों की घाटी में परियां निवास करती हैं। परियों का निवास स्थान होने की वजह से लंबे समय तक यहां लोग जाने से कतराते थे। इस घाटी में उगने वाले फूलों से दवाई भी बनाई जाती है।

प्रवेश शुल्क

  • भारतीय पर्यटक: 150 रुपये
  • प्रति व्यक्ति बच्चे: 75 रुपये
  • विदेशी पर्यटक: 600 रुपये प्रति व्यक्ति
  • डंडी-कंडी मजदूर की दर निर्धारित

कैसे पहुंचे फूलों की घाटी

फूलों की घाटी के लिए कोई सीधी फ्लाइट कनेक्टिविटी या ट्रेन या सड़क मार्ग नहीं है। फूलों की घाटी का निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है। यहाँ से फूलों की घाटी तक पहुँचने के लिए गोविंदघाट(जोशीमठ के पास) सबसे नजदीकी क्षेत्र है, जो घाटी से लगभग 17 किमी दूर है। गोविंदघाट से तीन किमी पुलना गांव तक सड़क मार्ग से और फिर यहां से 13 किमी पैदल (ट्रेकिंग)चलकर फूलों की घाटी के बेस कैंप घांघरिया पहुंचा जाता है। यहां से तीन किमी पैदल चलकर फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क पहुंच सकते हैं। वैसे गोविंद घाट से घांघरिया के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी है। घांघरिया के हेलीपैड मैदान में हेलीकॉप्टर आपको छोड़ेगा।

गोविंदघाट के लिए उत्तराखंड के प्रमुख स्थलों जैसे ऋषिकेश, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, ऊखीमठ, श्रीनगर, चमोली आदि से गोविंदघाट के लिए बसें और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।