झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के लिए क्राफ्ट एवं पेन्टिंग प्रदर्शनी

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श्रीनगर गढ़वाल: शिक्षिका संगीता फरासी द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शिक्षा से वंचित झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों के लिए श्रीनगर में बाल कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। बीते 31 मई से 6 जून तक चलने वाले ग्रीष्मकालीन शिविर में राजकीय इंटर कॉलेज एकेश्वर के अध्यापक आशीष नेगी द्वारा क्राफ्ट एवं पेन्टिंग का प्रदर्शन किया गया। शिक्षिका संगीता फरासी के सहयोग से आयोजित कार्यशाला सड़क पर भीख मांगने वाले, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए रखी गयी है। कार्यशाला में बच्चों को क्राफ्ट पेन्टिंग के साथ-साथ थियेटर की बारीकियों से अवगत कराया जा रहा है। जिसमें राजकीय इंटर कॉलेज एकेश्वर के अध्यापक एवं नामचीन क्राफ्ट एवं पेन्टिंग हस्ती आशीष नेगी एवं राजकीय आर्दश प्राथमिक विद्यालय ल्वाली के अध्यापक सम्पूर्णानन्द जुयाल विषय विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शिविर में प्रतिभाग कर रहे अकुल निहाल, शनि सुमित ने कार्यशाला में प्रतिभाग करते हुए अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें इस शिविर में आकर बहुत अच्छा लगा। सीखने के साथ उन्होंने खुब मस्ती भी की तथा शिविर में आए दूसरे विद्यालय से आए छात्रों को दोस्त भी बनाया। आशीष सर से बहुत कुछ सीखने को मिला। हम भी बडे़ होकर उनके स्कूल में पढना चाहते हैं और बड़ा आदमी बनना चाहते हैं।sangeeta-farasi

आयोजन में उपस्थित श्रीमती सुमन लता पंवार प्रधानाचार्य, श्रीमती प्रभा खण्डूरी अध्यक्ष माँ फाउंडेशन, शिक्षक महेश गिरि, रीजनल रिपोर्टर की श्रीमती गंगा असनोड़ा थपलियाल, लेखिका श्रीमती उमा घिल्डियाल, श्रीमती अंजना घिल्डियाल, रंगकर्मी परवेज अहमद एवं प्राथमिक शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष आनन्द पंवार ने श्रीमती संगीता फरासी की इस कार्यशाला को बच्चों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास के साथ इन बच्चों को मुख्य धारा में जुडने में कारगर बताया। आयोजन का बेहतर पक्ष आशीष नेगी की पेन्टिंग क्राफ्ट का प्रदर्शन रहा जिसे उपस्थित समुदाय ने खुब सराहा।

कल से सम्पूर्णानन्द जुयाल द्वारा कार्यशाला में आकर बच्चों को क्राफ्ट एवं पेन्टिंग की जानकारी दी जाएगी। आज की प्रदर्शनी में उपस्थित अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए आयोजक संयोजक श्रीमती संगीता फरासी ने आगे भी इन बच्चों के साथ काम करते रहने का संकल्प लिया। कार्यशाला में झुग्गी झोपड़ी के 23 बच्चे प्रतिभाग कर रहे हैं।

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