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कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हंस फाउंडेशन की बड़ी मदद, पीएम केयर्स फंड में दी 4 करोड़ की घनराशि

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Hans Foundation gave 4 crores to PM Cares Fund

कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के मामले पूरे देश के लिए समस्या का सबब बने हुए हैं। जिसके चलते देश में लॉकडाउन घोषित है। इस जानलेवा महामारी ने देश की रफ्तार थाम दी है। देश को इस महामारी से जल्द से जल्द उभारा जा सके। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे कोरोना के खिलाफ जंग में सामने आए और स्वेच्छा से मदद करें। प्रधानमंत्री की अपील के बाद कई सामाजिक संगठन कोरोना के खिलाफ जंग में शामिल होकर खुल कर मदद कर रहे है। जिससे देश को जल्द से जल्द इस महारमारी से उभारा जा सकें।

इस कड़ी में हंस फाउंडेशन ने बड़ी पहल करते हुए महामारी कोविड-19 से निपटने के लिए पीएम केयर्स फंड में चार करोड़ रूपये का सहयोग किया है। ताकि देश को चिकित्सा व सेवा के काम में अगली कतार में लगे लोगों को और खासतौर से सबसे कमजोर तबके के लोगों पर कोरोना वायरस के असर को दूर करने में मदद पहुंचाई जा सकें। हंस फाउंडेशन की प्रेणास्रोत माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी के सानिद्धय में प्रधानमंत्री राहत कोष में सहयोग की जाने वाली राशि का पत्र हंस फाउंडेशन ने देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत को सौंपा।

Hans Foundation gave 4 crores to PM Cares Fund

कोविड-19 से लड़ने के लिए पीएम केयर्स फंड में सहयोग करने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस समय देश को मदद की बहुत आवश्यकता है। ऐसे समय में माता मंगला जी ने पीएम केयर्स फंड में चार करोड़ रूपये का सहयोग किया है। यह निश्चित तो देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सहयोग है।

माता मंगला जी ने अपने संदेश में कहां कि आज जब देश महामारी कोविड-19 से लड़ रहा है। देश के कमोजर तबके के लोगों को इस संक्रमण के चलते कई दिक्कतों से जुझना पड़ रहा है। लॉकडानउ के चलते आम लोगों का जीवन स्तर ठहर सा गया है। देश की रफ्तार रूक गई है। इस संकट के समय में देश को बहुत मदद की आवश्यकता है। ऐसे समय में हम एक छोटी सी मदद के माध्यम से देश की सेवा में भागीदारी निभा पा रहे है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है।

आपको बता दें कि हंस फाउंडेशन कोविड-19 संक्रमण के चलते देश भर में लॉकडाउन में फंसे कमोजर और जरूरमंद तबके के लोगों के लिए ऑपरेशन नमस्ते के जरिए निरंतर मदद पहुंचा रहा है। उत्तराखंड,उत्तर प्रदेश,हिमाचल,मध्य प्रदेश,दिल्ली,राजस्थान और देश के तमाम दूसरे राज्यों में हंस फाउंडेशन सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन करते हुए डिजिटल इंडिया के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों तक राशन,मास्क और तमाम दूसरी सेवाएं प्रदान कर रहा है।

उत्तराखंड की बात करें तो उत्तराखंड को कोविड-19 से लड़ने के लिए हंस फाउंडेशन के 1 करोड़ 51 लाख रूपये की राशि तो प्रदान की ही है। साथ ही उत्तराखंड के दूरगामी क्षेत्रों में बसे ग्रामीणों तक निरंतर खाद्य सामग्री भी प्रदान की जा रही है।

राशन कार्ड नहीं होने पर भी उत्तराखंड लौटे प्रवासियों को “आत्मनिर्भर भारत योजना” के तहत राशन देगी त्रिवेंद्र सरकार

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Self-reliant-India-Scheme

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर उत्तराखंड लौटे प्रवासियों के लिए राशन की व्यवस्था हेतु कार्ययोजना तैयार की गई है। ऐसे लोग जिनके पास किसी भी राज्य का राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का कार्ड है, उनको वन नेशन वन कार्ड योजना के अंतर्गत ‘सफेद’ व ‘गुलाबी’ कार्ड की भांति लाभ दिया जाएगा।

ऐसे लोग जिनके पास कोई कार्ड नही है, उन्हें भी “आत्मनिर्भर भारत योजना” के अंतर्गत प्रति यूनिट 5 किग्रा चावल और 1 किग्रा दाल निशुल्क लाभ दिया जाएगा। जिलाधिकारियों और जिला पूर्ति अधिकारियों को वापस आए प्रवासियों और उनके कार्ड संबंधी विवरण संकलित करने के निर्देश दिये हैं।

उत्तराखंड : 80 वर्षीय दर्शनी देवी रौथाण ने पीएम केयर्स फंड में दी 2 लाख की धनराशि, 1965 की लड़ाई में शहीद हो हुए थे पति

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80-year-old Darshani Devi Rauthan gave Rs 2 lakh in PM Cares Fund

देहरादून : कोरोना महामारी को हराने के लिए उत्तराखंड में लोग खुलकर दान कर रहे हैं। इसीक्रम में शुक्रवार को रुद्रप्रयाग जिले के ग्राम पंचायत डोभा की रहने वाली 80 वर्षीय वृद्ध माता श्रीमती दर्शनी देवी पत्नी स्व० कबोत्र सिंह रौथाण ने 2 लाख रुपये की धनराशि पीएम केयर फंड में दान दी। श्रीमती दर्शनी देवी के पति भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे। और 1965 के युद्ध मे शहीद हो गए थे। जिससे वह छोटी उम्र में विधवा हो गई थी। दर्शनी देवी ने उनको मिलने वाली पेंशन से यह धनराशि दान की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पीएम केयर्स फंड व मुख्यमंत्री राहत कोष में सभी प्रदेश वासियों द्वारा किए जा रहे सहयोग के लिए आभार प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ने इस महामारी के विरूद्ध संघर्ष करने के लिए बढ-चढकर हिस्सा लिया है, जिसमें कुछ लोगों ने तो अपने जीवन की जमा पूंजी ही इस बीमारी की रोकथाम के लिए समर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध माता श्रीमती दर्शनी देवी रौथाण, जिनके पति स्व० कबोत्र सिंह रौथाण भारतीय सेना में देश के सेवा करते हुए 1965 में शहीद हो गए थे, उन्होंने आज देश के सेवा हेतू पीएम केयर्स फंड में 2 लाख रुपये दान किये। पूर्व में भी गौचर निवासी श्रीमती देवकी भंडारी ने अपने नाम को चरितार्थ करते हुए पीएम केयर्स फंड में 10 लाख रुपये का सहयोग दिया जो स्वयं किराये के मकान में रहकर पेंशन की धनराशि से जीवन यापन कर रही हैं। इसी तरह बुजुर्ग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी साधु सिंह बिष्ट भी इसमें सहयोगी बने हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी लोग हमारे प्ररेणा स्रोत है, जो हमे आज मानवता के उपर आये हुए इस संकट का डटकर सामना करने का साहस देते है। उन्होने कहा कि इस त्याग और दानशीलता की सद्भावना के लिए मैं सभी प्रदेशवासियों का आभार प्रकट करते हुए आपको शत-शत नमन करता हूँ।

नोएडा में आज फिर सामने आए कोरोना के 4 नए मामले, जिले में 242 हुई संक्रमितों की संख्या, 4 की हो चुकी है मौत

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4 new corona cases reported in Noida

नोएडा : गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा क्षेत्र में शुक्रवार को कोरोना के चार नए मामले सामने आए हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी सुनील दोहरे द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को नोएडा में चार लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। आज जिन चार लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है, उनमे से एक 78 वर्षीय महिला सेक्टर-12 की रहने वाली है, एक 21 वर्षीय युवक नांगल (नोएडा फेज-2) तथा दो मरीज सेक्टर 5 नोएडा के रहने वाले हैं। जिसके बाद अब जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 242 हो गयी है। इनमें 169 मरीज ठीक हो चुके और 69 का उपचार जारी है। जबकि 4 लोगों की कोरोना बीमारी से मौत हो चुकी है। आज भी एक कोरोना मरीज की मौत हुई है। 71 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज नोएडा के सेक्टर-150 स्थित ऐस गोल्फशायर सोसायटी का रहने वाला था।

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देहरादून : गुड़गाँव से उत्तराखंड लौट रहे कई प्रवासियों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है। शुक्रवार को उत्तराखंड में चार नए लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमे से तीन लोग गुडगांव से उत्तराखंड लौटे थे, जबकि एक युवक दिल्ली से अपनी माँ का इलाज करवाकर लौटा था। अभी अभी प्राप्त सूचना के मुताबिक नैनीताल जिले में 2 नए कोरोना मरीज सामने आये हैं। जिसके बाद अब राज्य में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है। देश शाम आई सैम्पल रिपोर्ट में 11 वर्षीय बच्ची तथा एक 24 वर्षीय युवक में कोरोना की पुष्टि हुई है। दोनों ही गुड़गांव से लौटे थे।

शुक्रवार को ग्रीन जोन में शामिल पौड़ी गढ़वाल में एक कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक 13 मई को गुड़गाँव से लौटे पौड़ी गढ़वाल के बीरोंखाल ब्लॉक निवासी एक 25 वर्षीय युवक में कोरोना की पुष्टि हुई है। गांव पहुंचने से पहले ही युवक को क्वारंटीन किया गया था। कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर युवक को कोटद्वार में बेस हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। बेस हास्पिटल कोटद्वार से युवक का सैंपल जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया था। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शुक्रवार सुबह भी एक  कोरोना का मामला सामने आया था। दिल्ली से देहरादून लौटी कोरोना संक्रमित महिला के बेटे में भी कोरोना संक्रमण मिला है। दून मेडिकल कॉलेज में रिंग रोड स्थित आदर्श कॉलोनी निवासी 29 वर्षीय युवक की जांच रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हुई है। युवक की मां भी कोरोना से संक्रमित है। दिल्ली में पथरी का इलाज कराने के बाद 12 मार्च को 52 वर्षीय महिला अपने बेटे साथ देहरादून लौटी थी। इसके साथ ही राज्य में कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की सख्या 82 पहुँच गई है। वहीँ 50 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि 31 मरीजो को इलाज जारी है। एक मरीज की मौत हो चुकी है।

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देहरादून : बाहरी राज्यों से उत्तराखंड लौट रहे प्रवासियों ने राज्य सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लॉकडाउन के दौरान बाहरी राज्यों से उत्तराखंड पहुँच रहे प्रवासियों में से कुछ कोरोना संक्रमित मरीज भी उत्तराखंड पहुँच रहे हैं। ऐसे में शासन/ प्रशासन के साथ-साथ राज्य के आम नागरिकों को भी अत्यधिक सतर्कता बरतने के जरुररत है। शुक्रवार को ग्रीन जोन में शामिल पौड़ी  जिले में कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक 13 मई को गुड़गाँव से लौटे पौड़ी गढ़वाल के बीरोंखाल ब्लॉक निवासी एक 25 वर्षीय युवक में कोरोना की पुष्टि हुई है। गांव पहुंचने से पहले ही युवक को क्वारंटीन किया गया था। कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर युवक को कोटद्वार में बेस हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। बेस हास्पिटल कोटद्वार से युवक का सैंपल जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया था। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही राज्य में कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की सख्या 80 पहुँच गई है। वहीँ 50 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि 29 मरीजो को इलाज जारी है। एक मरीज की मौत हो चुकी है।

इससे पहले आज सुबह एक और कोरोना का मामला सामने आया। दिल्ली से देहरादून लौटी कोरोना संक्रमित महिला के बेटे में भी कोरोना संक्रमण मिला है। दून मेडिकल कॉलेज में रिंग रोड स्थित आदर्श कॉलोनी निवासी 29 वर्षीय युवक की जांच रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हुई है। युवक की मां भी कोरोना से संक्रमित है। दिल्ली में पथरी का इलाज कराने के बाद 12 मार्च को 52 वर्षीय महिला अपने बेटे साथ देहरादून लौटी थी। कुल मिलाकर शुक्रवार को प्रदेश में कोरोना के दो नए मामले मिले हैं। इस तरह प्रदेश में पिछले 4-5 दिनों में जितने भी कोरोना के मरीज मिले हैं वे सभी बाहरी राज्यों से उत्तराखंड पहुंचे हैं।

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कोरोना संकट में चैबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के जरूरतमंद ग्रामीणों की मदद कर रहे हैं कवीन्द्र इष्टवाल

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kavindra ishtwal chaubatta khal

कोरोना संक्रमण के बचाव एवं जागरूकता को लेकर प्रदेश कांग्रेस सचिव कविन्द्र इष्टवाल द्वारा पौडी जनपद की चैबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में लगातार जरूरतमंद ग्रामीणों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। कविन्द्र इष्टवाल द्वारा गरीब व मजदूरी कर रोजमर्रा के लिए जीवन यापन के साधन जुटाने वाले ग्रामीणों के साथ इस महामारी में कंधे से कंधा मिलाकर उनकी सहायता की जा रही है। इष्टवाल द्वारा अभी तक पूरे विधानसभा क्षेत्र में हजारों मास्क, सैनिटाईजर तथा खाद्यान्न के पैकेट वितरित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि वे चैबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा एक जिम्मेदार राजनैतिक दल के पदाधिकारी होने के नाते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के निर्देश पर इस संकट की घडी में गरीब जनता के साथ खड़े हैं।

कविन्द्र इष्टवाल ने कहा कि जहां राज्य सरकार पर्वतीय जनपद के लोगों के प्रति असंवेदनशील बनी हुई है, वहीं कोरोना महामारी में लगाये गये लॉक डाउन के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्वयं के संसाधनों पर गरीब व मजदूर वर्ग के लोगों के लिए खाद्यान्न, सैनिटाईजर, मास्क आदि की व्यवस्था के लिए भी उनका धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में पहाड से पलायन कर गये लोग आज अपने घर वापस आना चाहते हैं परन्तु राज्य सरकार के पास उनके लिए कोई रोड मैप नहीं है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो राज्य सरकार पलायन आयोग जैसी संस्था का गठन कर उस पर लाखों रूपये वेतन आदि के नाम पर खर्च करती है, परन्तु जब प्रवासी नागरिक अपने गांव वापस लौटना चाहते हैं, तब उनके लिए सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अभी तक न तो प्रवासियों को वापस लाने के ही पुख्ता इंतजाम कर पाई है और न ही उनके लिए आगे के रोजगार के लिए कोई नीति बना पाई है। उन्होंने कहा कि आज की तिथि में उत्तराखण्ड राज्य के हजारों प्रवासी नागरिक देशभर के विभिन्न शहरों में फंसे हुए है तथा उनके पास संसाधनों की भी कमी है परन्तु सरकार उन्हें वापस लाने के लिए बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी प्रकार अपने घर वापस आ भी चुके हैं उन्हें भी सरकार ने क्वारेंटाईन के नाम पर स्कूलों में ग्राम प्रधानों के भरोसे ठहराया हुआ है पर उनके खाने-पीने तथा स्वास्थ्य परीक्षण के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई है।

कविन्द्र इष्टवाल ने कहा कि पर्वतीय जनपदों में अधिकतर बुजुर्ग एवं असहाय लोग रह रहे थे जिन्हें कई’-कई किलो मीटर की दूरी तय कर खाने-पीने का सामान लाना पड़ता है परन्तु लॉक डाउन के कारण आवागमन के भी संसाधन बन्द हैं तथा उन लोगों के पास खाद्यान्न की भी कमी होने लगी है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि राज्य में बाहरी राज्यों से वापस आने वाले प्रवासी नागरिकों की समुचित व्यवस्था करे तथा उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराये।

82 हजार के करीब पहुंचा देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा, 2649 की जा चुकी है जान, देखें राज्यों की पूरी लिस्ट

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state wise coronavirus cases in india

नई दिल्ली : देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। देश में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 82 हजार के आसपास पहुँच गया है। पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना के 3967 मरीज सामने आये हैं। जबकि 100 लोगों की जान जा चुकी है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक देश में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 81,970 हो गई है। जबकि इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 2,649 पहुंच गई है। वहीँ 27,920 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। महाराष्ट्र में अब तक सबसे ज्यादा 27,524 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। वहीँ दूसरे नंबर पर तमिलनाडु (9674) है, जबकि तीसरे नंबर पर गुजरात है, जहाँ अब तक 9,591 कोरोना के केस सामने आ चुके हैं। दिल्ली में अब तक 8,470 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। यहाँ देखें किस राज्यन में COVID-19 के कितने मामले सामने आए हैं।

S. No.States ConfirmedCuredDeath
1Maharashtra2752460591019
2Tamil Nadu9674224066
3Gujarat95913753586
4Delhi84703045115
5Rajasthan45342580125
6MP44262171237
7Uttar Pradesh3902207288
8West Bengal2377768215
9Andhra2205119248
10Punjab193522332
11Telengana141495034
12Bihar9944117
13Karnataka98746035
14J&K98348511
15Haryana81843911
16Odisha6111583
17Kerala5604914
18Jharkhand197873
19Chandigarh191373
20Tripura156290
21Assam87392
22Uttarakhand78501
23Himachal74392
24Chhattisgarh60560
25Ladakh43220
26Andaman33330
27Goa1470
28Meghalaya13111
29Puducherry1391
30Manipur320
31Arunachal110
32Dadar Nagar Haveli100
33Mizoram110
Total confirmed cases81970279202649

उत्तराखंड के प्रवासियों को पुणे से लेकर आ रही बस दुर्घटनाग्रस्त

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देहरादून : कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन में फंसे उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र के प्रवासियों को पुणे से लेकर आ रही बस गुरुवार रात मध्य प्रदेश के गुना जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में पुणे के चालक समेत जिले के कुल 13 लोग घायल हो गए हैं। वहीँ चार लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुरुवार को महाराष्ट्र (पुणे) से उत्तराखंड के प्रवासी दो बसों में सवार होकर बागेश्वर आ रहे थे। रात करीब 8:30 बजे मध्य प्रदेश के गुना जिले के राघोगढ़ में बस की एक ट्रक से से जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बस में सवार 13 लोग घायल हो गए हैं। जिनमे से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सूचना मिलने पर मदद के लिए पहुंची पुलिस टीम ने सभी घायलों को गुना के अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को ग्वालियर रेफर किया गया है। हादसे में बागेश्वर जिले के गरुड़ के जवणा स्टेट निवासी नंदन सिंह, ग्राम पईयां निवासी दिनेश परिहार और उनकी पत्नी विमला देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि रोशनी, लक्ष्मण परिहार, महेश सिंह, खड़क सिंह और ग्राम मैगडी स्टेट निवासी गिरीश सिंह बोरा सहित तीन अन्य लोग  भी इस हादसे में घायल हुए हैं।

चारधाम यात्रा 2020 : आज ब्रह्म मुहूर्त पर खुल गए श्री बदरीनाथ धाम के कपाट, 10 क्विंटल फूलों से सजाया गया भगवान बद्री विशाल का धाम

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उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2020 :  विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट निर्धारित तिथि पर  आज प्रात: 4 बजकर 30 मिनट ब्रह्म मुहूर्त में खुल गये है। शुक्रवार, जेष्ठ माह, कृष्ण अष्टमी तिथि, कुंभ राशि धनिष्ठा नक्षत्र, ऐंद्रधाता योग के शुभ मुहूर्त पर कपाट खुले। इस अवसर पर सीमित उपस्थिति रही। तथा शोसियल डिसटेंसिंग  का पालन हुआ, मास्क पहने गये। कल 14 मई दिन में आदि गुरू शंकराचार्य जी की पवित्र गद्दी सहित रावल जी, उद्धव जी, कुबेर जी एवं गाडूघड़ा(तेलकलश) योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंच गये थे।  इस बार सेना के बैंड की सुमधुर ध्वनि, भक्तों का हुजूम, भजन मंडलियों की स्वर लहरियां बदरीनाथ धाम में नहीं सुनायी दी। इस यात्रा वर्ष कोरोना महामारी के कहर का प्रभाव उत्तराखंड के चार धामों पर भी पड़ा है। बदरीपुरी में आश्रम, दुकाने, छोटे-बड़े होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे बंद है। कपाट खुलने के बाद वेद मंत्रों की ध्वनियों से बदरीशपुरी गुंजायमान जरूर हो गयी। तथा मंदिर फूलो की सजावट के साथ बिजली की रोशनी से जगमगा रहा था। इस यात्रा वर्ष कोरोना महामारी को देखते हुए चार धाम यात्रा शुरू नहीं हो सकी है‌। केवल कपाट खोले गये हैं। कपाट खुलने को लेकर देवस्थानम बोर्ड ने तैयारियां पूरी कर ली थी। इसी के तहत

प्रात: तीन बजे से श्री बदरीनाथ धाम में कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू होने लगी। देवस्थानम बोर्ड के अधिकारी/ सेवादार-हक हकूकधारी मंदिर परिसर के निकट पहुंच गये। कुबेर जी बामणी गांव से बदरीनाथ मंदिर परिसर में पहुंचे तो रावल जी एवं डिमरी हक हकूकधारी भगवान के सखा उद्धव जी एवं गाडू घड़ा तेल कलश लेकर द्वार पूजा हेतु पहुंचे। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ द्वार पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ तत्पश्चात प्रात: 4 बजकर 30 मिनट पर  रावल  ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी द्वारा श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिये गये। श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलते ही  माता लक्ष्मी जी को मंदिर के गर्भ गृह से रावल जी द्वारा  मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर में रखा गया। उद्धव जी एवं कुबेर जी बदरीश पंचायत के साथ विराजमान हो गये।

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कपाट खुलने के पश्चात मंदिर में शीतकाल में ओढे गये घृत कंबल को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया।  माणा गांव द्वारा तैयार  हाथ से बुने गये घृतकंबल  को कपाट बंद होने के अवसर पर भगवान बद्रीविशाल को ओढ़ाया जाता है। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मानवमात्र के रोग शोक की निवृत्ति, आरोग्यता एवं विश्व कल्याण की कामना की गयी‌। भगवान बदरीविशाल की  प्रथम  पूजा-अर्चना  देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की तरफ से  मानवता के कल्याण आरोग्यता  हेतु संपन्न की जा रही है। आन लाईन  बुक  हो चुकी पूजाओं को यात्रियों की ओर से उनके नाम  संपादित किया जायेगा। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिसर में स्थित माता लक्ष्मी मंदिर, श्री  गणेश मंदिर, हनुमान जी, भगवान बदरी विशाल के द्वारपाल घंटाकर्ण जी का मंदिर परिक्रमा स्थित छोटा मंदिर तथा आदि केदारेश्वर  मंदिर, आदि गुरू शंकराचार्य मंदिर के द्वार खुल गये।

माणा के निकट स्थित श्री माता मूर्ति मंदिर तथा श्री भविष्य बदरी मंदिर सुभाई तपोवन के कपाट भी श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही खुल गये है। प्राप्त जानकारी के अनुसार  बदरीनाथ स्थित खाक चौक में हनुमान मंदिर के द्वार भी आज  खुल गये है। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने आशा प्रकट की है कि शीघ्र कोरोना महामारी समाप्त हो जायेगी। यथा शीघ्र उत्तराखंड चारधाम यात्रा शुरू होगी तथा तीर्थ यात्री दर्शनों के लिए पहुंच सकेंगे।

प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल जी महाराज ने श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलते ही अब उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट खुल गये है। उचित समय पर चार धाम यात्रा भी शुरू हो जायेगी। इसके लिए वह केंद्र से भी लगातार संपर्क में हैं। चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ‌ममगाई‌ ने भी श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई है।

चारधाम यात्रा 2020 : आज ब्रह्म मुहूर्त पर खुल गए श्री बदरीनाथ धाम के कपाट

Posted by Devbhoomisamvad on Thursday, 14 May 2020

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने अनुसार बदरीनाथ धाम के कपाट खुलते ही उत्तराखंड चारधाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है आगे पर्यटन-,तीर्थाटन को गति दिये जाने हेतु  शासन स्तर पर निरंतर कार्य गतिमान है। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के सीईओ/ गढ़वाल आयुक्त रमन रविनाथ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान देवस्थानम बोर्ड द्वारा  उच्च स्तरीय दिशानिर्देशों  का पालन सुनिश्चित किया गया।

कपाट खुलने के अवसर पर रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी सहित देवस्थानम बोर्ड के प्रभारी अधिकारी बी.डी.सिंह,  नायब तहसीलदार प्रदीप नेगी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल,अपर धर्माधिकारी सत्यप्रसाद चमोला, थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, अभिसूचना निरीक्षक सूर्य प्रकाश शाह  आदि मौजूद रहे। इस बार श्री बदरीनाथ पुष्प सेवा समिति ऋषिकेश के दानी दाताओं के सहयोग से  बदरीनाथ धाम को  फूलों से सजाया गया। मंदिर से सटे पुराने पुल से लेकर मुख्य मंदिर परिसर तक विभिन्न पुष्पों एवं तोरण द्वार से सजाया गया।  श्री बदरीनाथ धाम में लाक डाउन का पूरी तरह लागू है दुकाने, होटल, ढाबे, आश्रम आदि बंद है। निकटवर्ती गांवों बामणी एवं  माणा में भी आवाजाही नहीं है। तप्त कुंड, ब्रह्म कपाल  तथा स्नान घाट भी शांत है अलकनंदा नदी का धीमा स्वर सुनाई दे रहा है।

उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि कोरोना  लाक डाउन के मद्देनजर शोसियल डिस्टेंसिंग सहित सरकारी एडवाइजरी का पालन किया गया। मास्क पहने गये एवं साफ सफाई का ध्यान रखा गया। यहां यह भी उल्लेखनीय है उत्तराखंड के चार धामों के कपाट खुल चुके हैं जबकि कोरोना महामारी संकट टलने के बाद शीघ्र चारधाम यात्रा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया कि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल तथा श्री गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट  अक्षय तृतीया पर 26 अप्रैल को खुल चुके हैं। द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट कपाट 11 मई को खुल चुके हैं जबकि तृतीय केदार तुंगनाथ जी के कपाट 20 मई को तथा चतुर्थ केदार रुद्रनाथ जी के कपाट 18 मई को प्रात: खुल रहे  है।