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कश्मीर की वादियों को मात दे रही है उत्तराखंड की यह खुबसूरत जगह

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उत्तराखंड: प्रकृति की खूबसूरती का जब भी जिक्र होता है तो सबसे पहले कश्मीर की वादियाँ जेहन में आती हैं। हालाँकि प्राकृतिक खूबसूरती के लिहाज से अपना उत्तराखंड भी किसी से कम नहीं है। बस जरुरत है तो यहाँ के खूबसूरत स्थानों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की। ताकि देश दुनिया के पर्यटक यहाँ की खूबसूरती का नजारा देख सकें। आज हम बात कर रहे हैं उत्तराखण्ड के सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ जिले के अंतर्गत खूबसूरत पर्वतीय स्थल मुनस्यारी की जो चारो ओर से पर्वतों से घिरा हुआ है और जिसके सामने विशाल हिमालय पर्वत श्रंखला का विश्व प्रसिद्ध पंचचूली पर्वत (हिमालय की पांच चोटियां) है। यहाँ कश्मीर की तर्ज पर विशालतम ट्यूलिप गार्डन बनाया गया है। जहाँ इन दिनों देसी और विदेशी किस्म के हजारों फूल इस क्षेत्र की खूबसूरती पर चार चाँद लगा रहे हैं।

आपको याद होगा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक पिथौरागढ़ के मोस्टमानू में देश का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन बनाया जा रहा है। 50 हेक्टेयर जमीन पर बनने वाले इस ट्यूलिप गार्डन के लगभग एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में बीते 04 फरवरी को 25 हजार ट्यूलिप बल्ब लगाए गए।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विस्तार से इसके बारे में जानकारी भी साझा की है। उन्होंने बताया कि 30 हेक्टेयर में फैले मुनस्यारी नेचर एजुकेशन और ईको पार्क सेंटर “Munsyari Nature Education and Eco Park Center” का एक हिस्सा ट्यूलिप गार्डन के रूप में विकसित किया जा रहा है और यह पिथौरागढ़ में बन रहे ट्यूलिप गार्डन से अलग है। इस पार्क में Huts  के साथ टेन्ट में रहने की सुविधा भी उप्लब्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में प्रदेश का कार्यभार संभालने के बाद से मेरी सरकार की हर सम्भव कोशिश इस बात पर रही है कि हम हर क्षेत्र में ढांचागत सुधार के साथ साथ प्रदेश की भौगोलिक परिस्थिति का उपयोग जीविकोपार्जन के लिये भी करें और इसी क्रम में मुन्स्यारी ईकोपार्क की स्थापना की गई है। यहाँ देखें मुन्स्यारी ट्यूलिप गार्डन के कुछ नज़ारे 

ये कश्मीर नहीं उत्तराखंड है जनाब

Posted by Devbhoomisamvad on Sunday, 10 May 2020

 

पिथौरागढ़ जिले में पड़ने वाला मुनस्यारी उत्तराखंड के प्रसिद्ध टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में जाना जाता है। यह काठगोदाम, हल्‍द्वानी रेलवे स्‍टेशन से मुनस्‍यारी की दूरी लगभग 295 किलोमीटर है और नैनीताल से 265 किलोमीटर है।

 

 

बड़ी खबर: उत्तरकाशी में मिला पहला कोरोना पॉजिटिव, प्रदेश में अब तक कोरोना के 68 मामले

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उत्तरकाशी : लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों से उत्तराखंड पहुँचने वाले प्रवासियों के साथ कोरोना भी उतराखंड पहुँचने लगा है। शनिवार को प्रदेश के उधमसिंह नगर जनपद में चार कोरोना के केस सामने आने के बाद, आज प्रदेश के एक पहाड़ी जिले से कोरोना की एक बड़ी खबर मिली है प्राप्त सूचना के मुताबिक उत्तरकाशी जिले में एक 32 वर्षीय युवक में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। युवक उत्तरकाशी जनपद के डुंडा विकासखंड का रहने वाला है। कोरोना पॉजीटिव युवक कुछ दिन पहले अपने चार साथियों के साथ गुजरात के सूरत से अपने गाँव लौटा था। बताया गया है कि चारों युवक गुजरात से बाइक से पहुंचे थे। इनको प्रशासन ने संस्थागत क्वारंटाइन किया था। अभी तीन युवकों के सैंपल लेने बाद जांच को भेज दिए हैं। पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद युवक को जिला अस्पताल के आईशोलेशन वॉर्ड में भर्ती किया गया है।

बता दें कि के ग्रीन जोन में चल रहे उत्तरकाशी जनपद में अभी तक एक भी कोरोना का मामला सामने नहीं आया था। अभी तक प्रदेश में कोरोना के 68 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमे से 46 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं, 21 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि एक की मौत हो चुकी है।

भारत में पिछले 6 दिन में 20 हजार से ज्यादा कोरोना के मामले, 63 हजार के करीब पहुंचा आंकड़ा, देखें कहाँ कितने केस

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 नई दिल्ली : देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा अब तेजी से बढ़ रहा है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक लॉकडाउन 3.0 के दौरान कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। शनिवार को कोरोना वायरस के 3,171 नए मामले सामने आने के बाद देश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 60 हजार के पार कर चुका है। जबकि 6 दिन पहले 3 मई को यह आंकड़ा 40 हजार के करीब था। यानी पिछले 6 दिनों में देश में कोरोना के 20 हजार मामले बढ़ गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब तक देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 62,939 हो गई है। वहीँ अब तक 19,358 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 2109 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 20,228 लोग कोरोना की चपेट में चुके हैं।

केंद्र सरकार द्वारा लॉकडाउन 3.0 के दौरान शर्तो के साथ ऑफिस/कंपनी/फैक्ट्रियों को खोलने की इजाजत दी गई है। अब अगर लोग, सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग तथा अन्य नियमों का ठीक से पालन नहीं करेंगे तो देश में कोरोना की स्थिति भयावह हो सकती है।

देखें किस राज्य में कोरोना के कितने मरीज।

S. No.  States  ConfirmedCuredDeath
1Maharashtra202283800779
2Gujarat77962091472
3Delhi6542202073
4Tamil Nadu6535182444
5Rajasthan37082026106
6MP36141676215
7UP3373149974
8Andhra193088744
9West Bengal1786372171
10Punjab176215731
11Telengana116375030
12J&K8363689
13Karnataka79438630
14Haryana6752909
15Bihar5913225
16Kerala5054854
17Odisha294632
18Chandigarh169242
19Jharkhand156783
20Tripura13420
21Uttarakhand67461
22Assam63342
23Chhattisgarh59430
24Himachal50382
25Ladakh42170
26Andaman33330
27Meghalaya13101
28Puducherry960
29Goa770
30Manipur220
31Arunachal110
32Dadar Nagar Haveli100
33Mizoram110
Total confirmed cases62939*193582109

हिल-मेल द्वारा आयोजित ई-रैबार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा लॉकडाउन में फंसे सभी प्रवासियों वापस लाएंगे

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E-Rabar-Program--by-Hill-Mail

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को हिल-मेल द्वारा आयोजित ई-रैबार कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि लाकडाउन के दृष्टिगत उत्तराखंड के प्रवासी लोग काफी प्रभावित हुए हैं। प्रदेश के लोग देश के कोने-कोने में अच्छी नौकरी में है। सबसे ज्यादा प्रभावित होस्पीटेलिटी का क्षेत्र हुवा है। उस क्षेत्र में कई लोग ऐसे है जो होटलों में ही रहते हैं, होटलों द्वारा ही उनका खाना हो पाता है, राज्य सरकार उनको दो वक्त का खाना तो मुहैया करा रही है परन्तु वही काफी नही होता, उनमें डिप्रेशन बढ़ता जा रहा है, उन्हें घर आने की जल्दी हो रही है। अतः यह डर भी है कि कही कोई गलत कदम न उठाये। इसलिए हमने फैसला लिया है कि हम सबको सतर्कता के साथ एवं मेडिकल शर्तो को पूरा करते हुए उनके घर वापस लायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में पर्याप्त क्षमता है। हरिद्वार शहर में प्रतिदिन हम काफी लोगों को ठीक तरह से मेडिकल चेक करके उनको घर तक पहुंचा सकते हैं। रहने की कोई दिक्कत नही है, हमारे पास कई धर्मशालाए है। बड़े-बड़े होटल है जिनको राज्य सरकार ने कोविड के तहत एक्वायर किया हुवा है। अगर कोई अपने खर्चे से भी रहना चाहता है तो उसके लिए भी हमने अलग से व्यवस्था की हुवी है। इसकी तरह हल्द्वानी एवं उधम सिंह नगर है जहां हमारे पास पर्याप्त व्यवस्थाये हैं। हम यह पूर्ण कोशिश कर रहे हैं कि जितने लोग भी हम लाएं उनका ठीक तरीके से मेडिकल चेक अप करने के पश्चात ही उनको उनके घरों तक भेजें।
उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में आईसीयू एवं वैंटीलेटर की कमी थी परन्तु आज हमारे 11 जिलों में आईसीयू उपलब्ध हैं, वेंटिलेटर हो गए हैं और अगले सप्ताह तक जो हमारे दो जनपद रह गए हैं वहां वेंटिलेटर व आईसीयू भी उपलब्ध हो जाएंगे। कोविड-19 हेतु हमने अलग से अस्पताल चिन्हित किए हुए हैं। हम यह भी जानते हैं कि अभी लाखों प्रवासी लोगों ने उत्तराखंड आना है। उनमें से कई लोग इनफेक्टेड हो सकते हैं उनके लिए अभी से हम तैयारी कर रहे हैं। अभी तक हमारे राज्य में कहीं भी वेंटिलेटर व ऑक्सीजन की जरूरत नही पड़ी है, लेकिन हम यह कहना चाहते हैं कि अगर आवश्यकता पड़े तो हम पूरी व्यवस्था के साथ तैयार हैं। हमारे पास सारी व्यवस्थाएं हैं इसी वजह से हमने यह निर्णय लिया है कि हम अपने प्रवासी भाईयों एवं बहनो को वापस लायेंगे, क्योंकि हम अपने लोगों को सड़कों पर नहीं छोड़ सकते। हमने अपने ग्राम प्रधानों को विशेष अधिकार दिए है। गांव में अगर यदि कोई उनकी बात नहीं मानता है जिनको कोरेंटिन किया गया है तो आपदा प्रबंधन के तहत उसके विरुद्ध कार्यवाही की जा सकती है। गांव में अगर किसी के पास खाने की व्यवस्था नहीं है तो हमने प्रधान को यह अधिकार दिया है कि वह इसकी व्यवस्था करें जिसका खर्चा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। हमने सब का ख्याल रखा है। हम देवभूमि के लोग है हम यह चाहते हैं कि यहां कोई तकलीफ से ना रहे। राज्य सरकार से जो भी मदद होगी वह हम कर रहे हैं।
ई-रैबार कार्यक्रम में भूतपूर्व सीएमडी (एयर इंडिया) अश्विनी लोहानी, एयर मार्शल एम एस बुटोला, गीतकार एवं सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी, पूर्व प्रमुख, एनटीआरओ एवं रॉ आलोक जोशी, निदेशक, एफटीआईआई भूपेंद्र कैंथोला, वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा एवं वरिष्ठ पत्रकार मनजीत सिंह नेगी उपस्थित थे।

दिल्ली में फंसे उत्तराखण्ड के लोगों की ट्रेन से भी हो सकेगी घर वापसी, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दी सहमति

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People of Uttarakhand stranded in Delhi will return home by train

लॉकडाउन के चलते दिल्ली में फंसे उत्तराखंड के लोग ट्रेनों के माध्यम से अपने घर वापस आ सकेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के अनुरोध पर दिल्ली में रह रहे प्रवासी लोगों को उत्तराखण्ड वापस लाने के लिए रेल उपलब्ध कराने हेतु रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सहमति दी है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी रेल मंत्री पीयूष गोयल से इस संबंध में बात हुई है। उन्होंने रेल मंत्री से अनुरोध किया कि दिल्ली में 40 हजार के करीब उत्तराखण्ड के प्रवासी उत्तराखण्ड वापस आना चाहते हैं। रेल मंत्री ने विशेष अनुरोध को स्वीकर करते हुए कहा कि राज्य सरकार अपना प्लान बनाकर दे, तद्नुसार रेल उपलब्ध करवा दी जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा दो स्थान पर रेल रोके जाने के अनुरोध को भी रेल मंत्री ने स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकरण कराने वाले प्रवासियों को लाने के लिए राज्य सरकार मेडिकल नार्म का पालन सुनिश्चित करते हुए हर सम्भव प्रयास कर रही है। प्रवासियों को रेल व बस से लाने पर होने वाले व्यय का भार, राज्य सरकार वहन कर रही है।

बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने का ऑनलाइन पंजीकरण -1,79,615
उत्तराखंड में एक जिले से दूसरे जिले में जाने वालों की संख्या -34,886
उत्तराखंड से अन्य राज्यों को जाने वालों का पंजीकरण – 21717

कहां से कितने पंजीकरण
दिल्ली से उत्तराखंड आने के इच्छुक 40,000
यूपी से उत्तराखंड आने के इच्छुक    30,000
महाराष्ट्र से उत्तराखंड आने के इच्छुक 20,000
हरियाणा से उत्तराखंड आने के इच्छुक 20,000

अब तक उतराखंड वापस आये
हरियाणा से 11,482
चंडीगढ़ से 4,838
उत्तर प्रदेश से 3,526
राजस्थान से 2,409
दिल्ली से 482
पंजाब से 327
गुजरात से 319
अन्य राज्यों से 411
कुल वापस लाये गए 23,794

कुल राज्य से बाहर भेजे गए 6,378

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लॉकडाउन में फंसे सैकड़ों मजदूर घर वापसी की मांग को लेकर उतरे सड़कों पर

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Laborers hit the streets

ग्रेटर नोएडा : देशभर में लॉकडाउन के चलते कामधंधे बंद पड़े हुए हैं। ऐसे में बिना काम काज के बैठे दिहाड़ी मजदूरों पर अपना और अपने बच्चों का पेट भरने के लिए दो वक्त की रोटी का संकट पैदा हो गया है। और ये सभी किसी न किसी तरह अपने-अपने गांव जाने के लिए मजबूर हैं। शनिवार को ग्रेटर नोएडा में फंसे सैकड़ों मजदूर दोपहर में सड़कों पर उतर आये। मजदूर घर वापसी की मांग कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गयी और लोगों को समझाने का प्रयास किया। परेशान मजदूर अपने घर वापसी की मांग पर अड़े हुए थे। जब लोग नहीं माने तो पुलिस को मजबूरन हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। जिससे मजदूरों में भगदड़ मच गयी। उल्लेखनीय है कि ग्रेटर नोएडा व आसपास के क्षेत्रों में सभी निर्माण कार्य बंद हैं। ग्रेटर नोएडा में बाहर से सैकड़ों की तादाद में मजदूर काम करते थे। लॉक डाउन के चलते अब उनके सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। अब वे यहां से अपने घर जाने को परेशान हैं।

शनिवार की दोपहर ग्रेटर नोएडा के नवादा गोल चक्कर सेक्टर डेल्टा मेट्रो स्टेशन के पास सैकड़ों मजदूर घर वापस की मांग करते हुए एकत्र हो गये। धीरे-धीरे आसपास झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले मजदूरों तथा काम करने वालों को पता चला तो वे भी अपना सामान लेकर पहुंच गये। देखते-देखते काफी संख्या में मजदूर एकत्र हो गये। मजदूरों न तो मास्क लगाये थे और न ही लॉक डाउन के निमयों का पालन किया था। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गये। उन्होंने मजदूरों को समझाया कि लॉक डाउन लागू है। अभी किसी को घर वापस लौटने की व्यवस्था नहीं की गयी है। जनपद रेड जोन के चलते एक तरह भीड़ एकत्र नहीं की जा सकती है। धारा 144 भी लागू है। सोशल डिस्टेसिंग का पालन न करना जुर्म है। पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी कि वे सभी वापस अपने अपने घरों को चले जाएं लेकिन मजदूर सड़क पर ही डटे रहे। परेशान मजदूरों ने नारेबाजी करने का भी प्रयास किया। लिहाजा पुलिस ने हल्का बल प्रयोग सभी को खदेड़ दिया।

08 मई की रात तक 23,794 प्रवासी पहुंचे उत्तराखण्ड, राज्य सरकार ने ट्रेन के लिए 50 लाख रूपए एडवांस जमा कराया

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08 मई की सांय तक विभिन्न राज्यों से 23,794 प्रवासियों को उत्तराखण्ड लाया जा चुका है। इनमें हरियाणा से 11482, चण्डीगढ़ से 4838, उत्तर प्रदेश से 3526, राजस्थान से 2409, दिल्ली से 482, पंजाब से 327, गुजरात से 319 और अन्य राज्यों से 411 लोगों का लाया गया है। शनिवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में प्रेस ब्रीफिंग में सचिव शैलेश बगोली ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक अन्य राज्यों से उत्तराखण्ड आने के लिए 179615 लोगों ने आनलाईन पंजीकरण कराया है। उत्तराखण्ड के एक जनपद से दूसरे जनपद में जाने वालों की कुल संख्या 34886 है। उत्तराखण्ड से अन्य राज्यों को जाने के लिए 21717 लोगों ने आनलाईन पंजीकरण कराया है। इनमें से 6378 लोगों को भेजा जा चुका है। बगोली ने कहा कि बाहर से प्रवासियों को लाने की प्रक्रिया नियोजित तरीके से होती है। इसमें जिलों में एक दिन में कितने लोगों की व्यवस्था हो सकती है, उसके आधार पर टाईमटेबल बनाया जाता है। उसी के आधार पर लोगों को लाया जा सकता है। जिन लोगों ने भी आने के लिए पंजीकरण कराया है, उन सभी को लाने के लिए राज्य सरकार व्यवस्थाएं कर रही हैं। परंतु इसमें मेडिकल जांच, सोशल डिस्टेंसिंग, क्वारेंटाईन आदि तमाम तरह की सावधानियां भी बरतनी हैं।

शैलेश बगोली ने कहा कि सूरत, अहमदाबाद, पुणे, बैंगलोर आदि स्थानों से प्रवासियों को लाने के लिए ट्रेन के लिए भी बात हुई हैं। राजस्थान से भी टेªन की बात चल रही है। उत्तराखण्ड के प्रवासी लोगों को लाने के लिए टेªन, बस का व्यय उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। रेलवे के पास 50 लाख रूपए एडवांस के तौर पर जमा भी कर दिया गया है। अभी तक 8 ट्रेन का अनुरोध किया हुआ है। इसका प्लान किया जा रहा है। कतिपय मीडिया में एक निश्चित दिनांक को ट्रेन चलने की खबर के बारे में पूछे जाने पर बगोली ने बताया कि यह समाचार सही नहीं है। अभी कोई तिथि तय नहीं हुई है। जल्द ही रेल मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकार से समन्वय कर ट्रेन से प्रवासियों को लाने का भी टाईमटेबल बना दिया जाएगा। जैसे ही तिथि तय हो जाएगी, संबंधित प्रवासियों को एसएमएस के माघ्यम से सूचित कर दिया जाएगा।

निदेशक, एनएचएम युगल किशोर पंत ने बताया कि कोविड-19 के संबंध में आज 221 सेम्पल की रिपोर्ट आई है, इनमें से 04 पाॅजिटिव केस हैं। ये चारों लोग ऊधमसिंहनगर की सीमा पर पुलिस द्वारा पकड़े गए थे। पकड़ते ही उन्हें संस्थागत क्वारेंटाईन रखा गया था। इनमें 02 महाराष्ट्र, 01 गुजरात व 01 हरियाणा से आ रहे थे। पंत ने बताया कि राज्य में पाॅजिटिव केस की दर 0.76 प्रतिशत है। रिकवरी रेट 69 प्रतिशत है जो कि राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हमारे यहां औसत रिकवरी टाईम 16 दिन है। हमारी फेटैलिटी (मृत्यु) रेट 1.49 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय दर 3.32 है। आज 04 पाॅजिटीव केस आने से हमारी डबलिंग रेट 38 दिन है। देश की डबलिंग रेट 10.9 है।

उत्तराखंड में आज मिले 4 कोरोना पॉजिटिव केस, 67 पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा

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देहरादून : उत्तराखंड आज कोरोना वायरस (COVID 19) के 4 नए मामले सामने आए हैं। चारों कोरोना पॉजिटिव मामले ऊधमसिंह नगर जिले से हैं। इसके बाद अब राज्य में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है। जिनमे से 46 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं। वहीँ 20 लोगों का इलाज चल रहा है। जबकि एक मरीज की मौत हो चुकी है।

नोएडा में कोरोना से एक और शख्स की मौत, 24 घंटे में जा चुकी है 2 लोगों की जान

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नोएडा : गौतमबुद्ध नगर जनपद के नोएडा में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 24 घंटे के भीतर लगातार दूसरी मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक नोएडा में सेक्टर 66 के मामूरा गांव में रहने वाले 52 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति की शुक्रवार देर रात मौत हो गई। मूलरूप से अयोध्या निवासी मोहम्मद शमी (52) परिवार के साथ सेक्टर 66 ममूरा में रहता था। वह नोएडा की एक कंपनी में दर्जी के रूप में काम करता था। सात मई को उसे गलगोटिया कालेज स्थित क्वारंटीन केंद्र में भर्ती कराया गया था। केंद्र प्रभारी डा. अमित चौधरी ने बताया कि बीते शुक्रवार का दोपहर में वह खाना भी लेने आया था। वह केंद्र के एक कमरे में अके ले ही क्वारंटीन था। देर शाम को जब उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी तो वह कमरे में पहुंचे ही बेहोश हो गया। रात 10.30 बजे उसे जिम्स ले जाया गया। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। देर रात ही

नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के निदेशक ने बताया कि गौतमबुद्धनगर में रहने वाले कोविड-19 से संक्रमित यह दूसरे व्यक्ति की मौत है। गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना संक्रमण से मौत का दूसरा मामला है। इससे पहले शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे भी ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमित एक 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई थी। वह मरीज नोएडा के सेक्टर-22 का निवासी था।

 

दिल्ली में फंसे उत्तरकाशी के 129 प्रवासी आज प्रातः 4 बजे सरकारी बसों से सकुशल पहुंचे अपने घर

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Uttarkashi migrants trapped in Delhi reach their home safely

देहरादून : वैश्विक महामारी कोविड-19 एवं देशव्यापी तालाबंदी के चलते विभिन्न प्रांतों में फंसे उत्तराखंड प्रवासियों को अपने घरों तक पहुंचाने के लिए उत्तराखंड सरकार तेजी से कार्य कर रही है। अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण/ जिला मजिस्ट्रेट डॉ आशीष चौहान ने बताया कि दिल्ली में फंसे उत्तरकाशी के 129 प्रवासी आज प्रातः 4 बजे सरकारी बसों के द्वारा चिन्यालीसौड़ पहुंच गए है। जहाँ डॉक्टरों के द्वारा उनकी गहनता से स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रिनिंग की गई है। किसी भी प्रवासी में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गये। एतिहात के रूप में 9 व्यक्तियों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है जबकि तहसील भटवाड़ी, डुंडा व चिन्यालीसौड़ के 120 प्रवासियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। एहतियातन के रूप में सभी प्रवासी आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, ग्राम विकास अधिकारी की निगरानी में 14 दिन तक पंचायत/विद्यालय क्वारन्टीन में अनिवार्य रूप से रहेंगे। तथा क्वॉरेंटाइन एवं सामाजिक दूरी के नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। चेक पोस्ट चिन्यालीसौड़ में आगंतुकों को प्रशासन द्वारा जलपान इत्यादि की भी व्यवस्था की गई है।

दिल्ली से जनपद उत्तरकाशी सकुशल पहुंचे प्रवासी मानवी, सरोज कैंतुरा व सुबिन परमार ने प्रेदश सरकार का आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा हमे दिल्ली से बसों के द्वारा निःशुल्क लाया गया तथा खाने-पीने की उचित व्यवस्था की गई हमें कहीं पर भी कोई परेशानी नही हुई। इस दौरान उप जिलाधिकारी आकाश जोशी, ओसी/ डिप्टी कलेक्टर चतर सिंह चौहान, अधिशासी अभियंता लोनिवि सुरेश तोमर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

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