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लॉकडाउन जरुरी, लेकिन व्यवसायों व उद्योगों को अधिक समय तक नहीं किया जा सकता नजरअंदाज, जानिए विशेषज्ञों की राय

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वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए लॉकडाउन लागू करने का भारतीय अर्थव्यवस्था, रोजगार व मार्केट पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। स्थिति सामान्य होने के बाद भी क्या पहले जैसा माहौल रहेगा। भविष्य में कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए हमें क्या एहतियात बरतनी होगी। इन सब पर विशेषज्ञों ने चर्चा करनी शुरु कर दी है। प्रत्येक बिंदु पर गहन चिंतन किया जा रहा है। खुदरा बिक्री पर कोरोना का क्या प्रभाव पड़ा है,  इस पर चर्चा करने के लिए ऑनलाइन सेमिनार (वेबिनार) का आयोजन किया गया। इस दौरान यह बात भी सामने आयी कि कोरोना से निपटने के लिए लॉकडाउन जरूरी था, लेकिन व्यवसायों और उद्योगों को अधिक समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ग्रेटर नोएडा के जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च कॉलेज द्वारा आयोजित ऑनलाइन सेमिनार (वेबिनार) में जीएल बजाज इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस लोगों, अर्थव्यवस्था और व्यापार पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। जिम्मेदार कॉपरेरेट्स के रूप में सभी खुदरा व्यापारी अपने कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। अंतिम उद्देश्य सस्ती कीमतों पर आवश्यक खाद्य और किराना उत्पादों की आसान और निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि लोग घबराएं नहीं। संकट की इस घड़ी में सभी को एक साथ आने की जरुरत है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण से हर क्षेत्र में व्यापक गिरावट देखी जा रही है, जो अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। मॉल और दुकानों के बंद होने से सभी खुदरा विक्रेताओं के कारोबार को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे बड़ी संख्या में नौकरियों की हानि हो सकती है, क्योंकि कंपनियां इसे बहुत लंबे समय तक बनाए नहीं रख सकती हैं। वहीं मार्केट के जानकार डॉ. अरविंद भट्ट ने कहा कि सरकार की आगामी योजना सुरक्षा स्टोर के विकास पर केंद्रित थी। कंज्यूमर अफेयर मिनिस्ट्री और रिटेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से देशभर में 20 लाख रिटेल स्टोर (सुरक्षा स्टोर) लांच किए जाएंगे। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को सुनिश्चित करने के लिए आरोग्य सेतु के स्टोर संलग्न किए जाएंगे। सरकार की पहल के दूसरे चरण में सुरक्षा सर्किल पूरी आपूर्ति श्रृंखला को कवर करेगी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा नए दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे, जिसमें सामाजिक गड़बड़ी, बिलिंग काउंटर, पड़ोस की दुकानों में प्रवेश करने वाले ग्राहकों की प्रक्रिया और संख्या शामिल होगी। सैलून, ब्यूटी पार्लर, कपड़े आदि की दुकानों पर भी यह नियम लागू होंगे। ऑनलाइन सेमिनार में शामिल विशेषज्ञों ने कोविड-19 से निपटने के लिए सरकार द्वारा तुरंत लॉकडाउन लागू करने के प्रयास की सराहना की है। दूसरी ओर विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि व्यवसायों और उद्योगों को अधिक समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। सरकार से नीतियां, छूट और समर्थन की तत्काल आवश्यकता है। पूरी अर्थव्यवस्था एक बड़े पतन के किनारे पर खड़ी है।

सीएल मौर्य

जुलाई में होंगी CBSE board की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं

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CBSE board 10th and 12th examinations to be held in July

नई दिल्ली : लंबे समय से CBSE की 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाओं की तिथि का इंतज़ार कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं बोर्ड की बाकी बची परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच कराने का ऐलान किया है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरिया निशंक ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी देते हुए छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सीबीएसई कि बची हुई परीक्षाएं जुलाई एक से 15 जुलाई के बीच होंगी।

उत्तराखंड : शहर छोड़कर पहाड़ लौटे शख्स ने 7 फ़ीट ऊंचा धनिया का पौधा उगाकर गिनीज बुक में दर्ज कराया नाम

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Gopal Upreti of Uttarakhand grows 7 feet high coriander plant

जरुरी नहीं है कि शहरों में रह कर ही कुछ बड़ा किया जा सकता है। अपनी मेहनत और लगन से इंसान दुनिया के किसी भी कोने में शोहरत हासिल कर सकता है। इंसान अगर ठान ले तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है। कोरोना संकट के निराशा भरे माहौल में एक अच्छी खबर है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत (ताड़ीखेत) के ग्राम बिल्लेख निवासी किसान गोपाल उप्रेती शहरों को छोड़कर पहाड़ लौटे और जैविक खेती को अपनाया। गोपाल उप्रेती ने अपने गाँव में सेब के बाग लगाए, फल सब्जियों का उत्पादन शुरू किया। उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। हाल ही उन्होंने जैविक धनिया का 7 फ़ीट ऊंचा पौधा उगाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया। इससे पहले सबसे ऊँचा धनिया का पौधा 5 फीट 11 इंच का बताया गया है।

गोपाल आसपास के युवाओं को भी बागवानी के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे उत्तराखंड को गर्व है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रानीखेत निवासी गोपाल उप्रेती को उनकी इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है। भारत सरकार में कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा गोपाल उप्रेती को खेती किसानी के लिए सम्मान पत्र दिया जा चुका है।

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शिक्षक अखिलेश चमोला ने “भारतीय संस्कृति तथा नैतिक ऊर्जा के आयाम” नामक पुस्तक की पाण्डुलिपि तैयार की

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akhilesh-chamola

श्रीनगर गढ़वाल: बहुधा सरकारी शिक्षकों के सन्दर्भ में समाज में तरह तरह की बातें सुनने को मिलती हैं ‘कि ये पढ़ाते नहीं हैं’ अपने कार्य से जी चुराते हैं। यह बात अपने आप में पूर्ण तया सच नहीं है। शिक्षा विभाग में कई इस तरह के कर्मठ और ऊर्जावान शिक्षक हैं ‘जो मेहनत और सच्चे समर्पण के साथ भावी पीढ़ी का मार्ग दर्शन कर रहें हैं। इसी श्रंखला में जनपद पौडी के राइका सुमाडी के हिन्दी अध्यापक अखिलेश चन्द्र चमोला का नाम आता है। उत्तराखंड में भी कोरोना महामारी के चलते हुए अप्रैल माह से लॉकडाउन चल रहा है। जिसमें बच्चों को ऑनलाइन शिक्षण दिया जा रहा है। लॉकडाउन मे अपने शिक्षण कार्य के बाद जो अतिरिक्त समय मिल रहा है, उसमें भावी पीढ़ी तथा युवा शक्ति व आम जनमानस में जन जागरूकता लाने के लिए रचनात्मक कार्य कर रहें हैं। जिसमें अखिलेश चन्द्र चमोला ने भारतीय संस्कृति तथा नैतिक ऊर्जा के आयाम नामक पुस्तक की पाण्डुलिपि तैयार की है। जिसमें चमोला ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में मनुष्य किंकर्तव्य बिमूढ की स्थिति के दौर से गुजर रहा है। क्या उचित है? क्या अनुचित है, इसका सही निर्णय नहीं ले पा रहा है। फलस्वरूप निराशा, कुंठा, तनाव व नकारात्मक का शिकार बनता जा रहा है। अज्ञानता की पट्टी के कारण अपनी मूल भूत नैतिक मान्यताओं को खोता जा रहा है। हमारी भारतीय संस्कृति हमें यह सीख देती है कि परम तत्व का साक्षात्कार करना ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। परम तत्व का बोध हम तभी कर सकते हैं कि जब हम नैतिक नियमों के अनुसार जीवन यापन कर रहें हो। पहले की तुलना में नैतिक मूल्यों में बहुत ज्यादा गिरावट आई है। प्रत्येक दिन चोरी, डकैती, हिंसा, बलात्कार, भ्रष्टाचार, आत्म हत्या आदि की घटनाएं हमें देखने को मिलती हैं। यह चिंतन का विषय है कि नैतिकता के मूल्यों के आधार पर जिस देश ने सम्पूर्ण विश्व में जगत गुरु की प्रतिष्ठा प्राप्त की है। आज हम उन्हीं नैतिक मूल्यों को भूलते जा रहे हैं। इन सभी विषयों को ध्यान में रखते हुए मैंने पुस्तक लिखने का प्रयास किया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढवाल में दर्शन शास्त्र की वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. विभा मुकेश डिमरी ने कहा है कि मुझे अखिलेश चन्द्र चमोला द्वारा लिखी गई पुस्तक भारतीय संस्कृति तथा नैतिक ऊर्जा के आयाम नामक पुस्तक की पाण्डुलिपि का अध्ययन करने का मौक़ा मिला है। इसमें चमोला ने भारतीय संस्कृति तथा नैतिकऊर्जा के विभिन्न सोपानों का समन्वय करना का अतुलनीय प्रयास किया है। वर्तमान समय में इस तरह के साहित्य की नितांत आवश्यकता है। भावी पीढ़ी और आम जनमानस में भारतीय संस्कृति के बीज रोपित करने की मुहिम की सोच रखना अपने आप में उत्कृष्ट तथा उच्चादर्श के भाव को उजागर करता है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह पुस्तक प्रकाशित होने पर समाज में नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। इसमें लेखक चमोला ने बेटी, मित्रता, गुरु, अनुशासन, विद्यार्थी, देश प्रेम, मेरा गाँव जैसे समसामयिक विषयों पर चिंतन करने के साथ ही शब्दों का महत्व, माला का महत्व, आसन, मन्त्र, बन देवी का महत्व आदि शीर्षकों को जोड़कर सुंदर गुलदस्ता तैयार किया है। मुझे विश्वास है कि इस पुस्तक की सुगंध युग-युगों तक फैलती रहेगी। ज्ञात हो कि नशा उन्मूलन जैसी गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देने पर शिक्षा विभाग जनपद पौडी गढवाल ने शिक्षक चमोला को नशा उन्मूलन प्रभारी का दायित्व भी दिया गया है। जनपद पौडी ही शिक्षा के क्षेत्र में पहला जनपद है, जहाँ प्रार्थना सभा में सप्ताह में एक दिन नशा उन्मूलन प्रतिज्ञा का सस्वर वाचन किया जाता है। यह प्रतिज्ञा चमोला द्वारा ही लिखी गई है। चमोला कई छात्रों को  कभी नशा न करने की प्रतिज्ञा दिलाने के साथ ही संकल्प पत्र भी भरवा चुके हैं। इसके साथ ही  उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को अपने निजी खर्चे में सम्मानित भी करते रहते हैं। इनके कार्यों की श्रेष्ठता को देखकर शिक्षा विभाग ने इन्हें राज्यपाल पुरस्कार, मुख्यमंत्री सम्मान, आदर्श उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से भी सम्मानित किया है। वे राष्ट्रीय स्तर पर भी दर्जनों सम्मनोपाधियो से सम्मानित हो चुके हैं।

पौड़ी : रेडक्रास सोसायटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में युवाओं ने बढ़चढ़ लिया भाग

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blood donation camp organized by Red Cross Society

पौड़ी गढ़वाल : विश्व रेडक्रास दिवस पर रेडक्रास सोसायटी द्वारा शुक्रवार को पौड़ी जिला चिकित्सालय में स्वैच्छिक स्क्तदान शिविर का आयोजन किया गया। पौड़ी जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल की अध्यक्षता आयोजित रक्तदान शिविर में शुक्रवार को 13 यूनिट स्क्तदान संकलित किया गया।

सोसायटी के चेयरमैन केशर सिंह असवाल ने बताया कि शुक्रवार को आयोजित शिविर में आस्कर रावत, सुमन नेगी, अशोक कुमार, सुदर्शन सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह नेगी, हिमानी, उपेंद्र रावत, शुभम रावत, मोहन रावत, अजय रौथाण, प्रवेंद्र सिंह, आशीष बिष्ट, सचिन ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। इस अवसर पर सीएमओ डा.मनोज बहुखंडी, डा.अजय सिंह, डा.गंभीर सिंह तालियान, डा.मदनमोहन नौड़ियाल, प्रदीप रावत, आशीष नेगी, त्रिलोक नेगी आदि शामिल थे। सभी रक्त दाताओं को सोसाइटी की ओर से प्रशस्तिपत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किये गए।

मुख्यमंत्री का अभियान “घर चलो” ला रहा है प्रवासी उत्तराखंडियों के चेहरे पर खुशी, अब तक 18156 प्रवासियों को वापस लाया गया

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ghar chalo abhiyan migrant Uttarakhandis

देहरादून : देहरादून-लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों में फंसे प्रवासियों के लिए शुरू किया अभियान “घर चलो” लाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। दूसरे राज्यों से उत्तराखण्ड आने के लिए 1,75,880 प्रवासियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 18156 लोगों को लाया जा चुका है। उत्तराखण्ड में फंस गए दूसरे राज्यों के 20 हजार लोगों ने वापस अपने राज्य जाने के लिए पंजीकरण कराया है, इनमें से 4780 को भेज दिया गया है। 03 दिनों में गुड़गांव से 8700 लोगों को लाने के प्लान पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में आज गुरूग्राम से हजारों फंसे प्रवासियों को वापस उत्तराखंड लाया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयासों से फंसे हुए लोगों की घर वापसी हो रही है। आज गुरूग्राम से कुमाऊं क्षेत्र के सैकड़ों प्रवासियों को लेकर बसें उत्तराखंड के लिए रवाना हो चुकी है।

अहमदाबाद, सूरत, पुणे के साथ ही केरल से भी प्रवासी लोगों को लाने के लिए ट्रेन के बारे में रेल मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों से बात हुई है। कंट्रोल रूम के कॉल सेंटर में 45 हजार से अधिक कॉल रिसीव की गई हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सभी फंसे हुए प्रवासियों को उनके घर तक पहुंचाया जायेगा। इस संकट की घड़ी में सभी धैर्य रखे। सरकार आपके साथ है। सरकार हर फंसे हुए प्रवासी को उनके परिजनों तक पहुंचायेगी। वही प्रदेश के परिवहन मंत्री यशपाल आर्य के प्रयासों की लोग सराहना कर रहे हैं। गुरूवार को भी सैकड़ों लोगों को लेकर बसें हल्द्वानी के गौलापार स्टेडियम पहुंची, जहां से युवाओं की स्कैनिंग और मेडिकल परीक्षण कर उन्हें कुमाऊं भर के जिलों के लिए रवाना कर दिया गया।

राज्य सरकार प्रवासियों को निशुल्क बसों में लाने के साथ-साथ उनके खाने-पीने की भी व्यवस्था कर रही है। आज बस में बैठने के बाद युवाओं ने कहा कि उनसे किसी तरह के टिकट और खाने का पैसा नहीं वसूला गया है। सरकार द्वारा उनकी घर वापसी को लगाई गई बसों की युवाओं को प्रशंसा की। बसों में बैठने के बाद युवाओं के चेहरे पर मुस्कान नजर आयी।

 

नोएडा/ग्रेटर नोएडा में फिर मिले 12 कोरोना पॉजिटिव, 214 पहुंचा जिले के संक्रमितों का आंकड़ा

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नोएडा : गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना संक्रमण के मामले अब तेजी से बढ़ने लगे हैं। आज शुक्रवार को जिले के नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 12 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिसके बाद अब जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 214 हो गई है। इससे पहले कल गुरुवार को भी जिले में 10 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा शुक्रवार की सुबह एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत भी हुई है।

गौतम बुद्ध नगर के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ सुनील दोहरे द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को 210 संदिग्ध मरीजों की कोरोना वायरस रिपोर्ट प्राप्त हुई। जिनमें से 12 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि 198 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। इसके साथ ही जिले में अब तक कुल 214 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। जिनमें से 118 लोग इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। जबकि 95 मरीजों का इलाज जारी है। वहीँ एक मरीज की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है। शुक्रवार को 10 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद उनके घर भेज दिया गया है। इनमें से 8 मरीज नोएडा के सुपर स्पेशलिटी चाइल्ड हॉस्पिटल से ठीक होकर अपने घर गए हैं। जबकि 2 मरीज ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल से स्वस्थ होने के बाद घर लौटे हैं।

आज सेक्टर 9 नोएडा से 4 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जिसमें 2 महिलाएं व दो पुरुष शामिल हैं। दो कोरोना मरीज नोएडा सेक्टर 19 से मिले हैं। नोएडा सेक्टर 10 से एक 40 वर्षीय महिला, सेक्टर 150 से 42 वर्षीय महिला पॉजिटिव हैं। गांव याकूबपुर से 25 वर्षीय व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया है। ग्रेटर नोएडा के चाई-II से 42 वर्षीय पुरुष, 20 वर्षीय युवक, जलवायु विहार से कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा नोएडा सेक्टर 22 से एक 60 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया था जिसकी आज तड़के मौत हो गई।

 

 

यमुना प्राधिकरण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया संस्थागत भूखंडों का आवंटन

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Yamuna Authority allocated institutional plots through video conferencing

ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संस्थागत भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। आज प्राधिकरण कार्यालय में मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरुण वीर सिंह सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 5 संस्थागत भूखंडों के आवेदकों का साक्षात्कार/परियोजना प्रस्तुतीकरण लिया गया। साक्षात्कार एवं परियोजना प्रस्तुतीकरण के दौरान अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया सहित समिति के सभी सदस्य भी उपस्थित रहे। आवेदकों द्वारा पूर्व में यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में संस्थागत भूखंड हेतु आवेदन किया गया था। प्राधिकरण द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दो सफल आवेदकों M/S. Shakuntalam Welfare Trust, New Delhi को OLD AGE HOME हेतु 1950 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन किया गया, परियोजना की कुल लागत 575 लाख होगी तथा 8 लोगों को रोजगार की प्राप्ति होगी। M/S. Shiv Shakti Automation, Noida को 2000 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन किया गया। परियोजना की कुल लागत 2914 लाख होगी तथा इससे 103 लोगों को रोजगार का सृजन होगा। प्राधिकरण द्वारा उपरोक्त भूखंड सेक्टर 22 E में आवंटित किए गए। आवंटियों को आवंटन पत्र ऑनलाइन प्रेषित किया जाएगा।

नोएडा : कोरोना संक्रमित शख्स ने तोड़ा दम, गौतमबुद्धनगर जिले में कोरोना से पहली मौत

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Corona-infected person dies in Noida

नोएडा : गौतमबुद्धनगर जनपद में कोरोना वायरस से एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक नोएडा के सेक्टर 22 में रहने वाले 60 साल के कोरोना संक्रमित मरीज ने ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS​) में शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे दम तोड़ दिया। गौतमबुद्ध नगर जिले में कोरोना वायरस से हुई यह पहली मौत है। हालाँकि इससे पहले 4 मई को नोएडा में इलाज करा रहे एक कोरोना (Covid-19) मरीज ने दम तोड़ दिया था लेकिन वह गाजियाबाद का रहने वाला था।

जिला सर्विलांस अधिकारी डॉक्टर सुनील दोहरे ने बताया कि नोएडा के सेक्टर-22 निवासी 60 वर्षीय व्यक्ति को बुखार तथा सांस लेने में तकलीफ होने के कारण बुधवार को नोएडा के सेक्टर-11 स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने उसका कोरोना टेस्ट करवाया, जिसमे वह कोरोना संक्रमित पाया गया। टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा शिफ्ट किया गया था। लेकिन GIMS पहुँचने के थोड़ी देर बाद ही उनकी मौत हो गई। जिला सर्विलांस अधिकारी सुनील दोहरे ने बताया कि शख्स की कोरोना से हुई मौत के बाद उसके परिजनों और नोएडा के मेट्रो अस्पताल के कर्मचारियों को आइसोलेशन वॉर्ड में रखा जा रहा है। गौतमबुद्धनगर जिले के रहने वाले किसी व्यक्ति की कोविड-19 से संक्रमित होने की वजह से हुई मौत का यह पहला मामला है।

उत्तराखंड लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में सरकार ने बढ़ाया बड़ा कदम, गांवों में शुरू कर सकते हैं छोटा मोटा व्यवसाय

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Chief Minister Self-Employment Scheme

पलायन की मार झेल रहे पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के लिए कोरोना महामारी परेशानी के साथ-साथ एक उत्साहवर्धक सौगात भी लेकर आई है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में किये गए लॉक डाउन से कामधंधे बंद होने के कारण देश/विदेश के विभिन्न हिस्सों से करीब 60 हजार प्रवासी पहले ही उत्तराखंड लौट चुके हैं। जबकि करीब 1 लाख 70 हजार से ज्यादा लोगों ने उत्तराखंड लौटने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। जिन्हें राज्य सरकार वापस लाने का प्रयास कर रही है। उत्तराखंड लौटे प्रवासियों को उनके गांवों/शहरों में रोकना उत्तराखंड सरकार के लिए एक उत्तम अवसर होने के साथ ही चुनौतीपूर्ण कार्य भी है। उत्तराखंड का रुख कर रहे प्रवासियों को रोकने के लिए राज्य सरकार व्यापक तैयारी में जुट गई है।

गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता हुई कैबिनेट बैठक में पलायन को रोकने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को मंजूरी दी है। सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए फिलहाल 15 करोड़ के बजट की व्यवस्था की है। जिससे प्रवासियों को तत्काल योजना का लाभ मिल सके। योजना में सभी तरह के कारोबार और उद्योग लगाने की अनुमति है। इसके तहत लोगों को सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्योग नीति के तहत स्वरोजगार के लिए ऋण मुहैया कराया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की खास बात यह है कि इसमें दुकान खोलने से लेकर मुर्गीपालन, पशुपालन, डेयरी और 25 लाख तक के मैन्युफैक्चरिंग और 10 लाख तक सर्विस सेक्टर के उद्योग लगा सकते हैं। प्रवासियों को निर्माण क्षेत्र में 25 लाख ऋण पर 3.75 लाख से लेकर 6.25 लाख और सेवा क्षेत्र में 10 लाख ऋण पर 1.50 लाख से लेकर 2.50 लाख तक अनुदान देने का निर्णय मंत्रिमंडल ने लिया है। इस योजना का 18 या उससे अधिक आयु का कोई भी उत्तराखंड लौटा व्यक्ति बिना किसी शैक्षिक योग्यता के लाभ ले सकेगा। राज्य सरकार की यह पहल पलायन रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

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