Home Blog Page 1451

लॉकडाउन की वजह से कांसखेत में रुकी हुई हैं लेह लद्दाख की 2 छात्रायें  

0
2 students of Leh Ladakh trapped in Kanskhet due to lockdown

कल्जीखाल : कोरोना वायरस COVID-19 के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में चल रहे लॉकडाउन का तीसरा चरण शरू होने वाला है। लॉकडाउन की वजह से विभिन्न राज्यों के लोग अपने घरों से दूर अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं। ऐसे ही एक मामला देश के दूरस्थ सीमावर्ती केंद्र शासित प्रदेश लेह लद्दाख का है। जहाँ की दो छात्रायें हेमवतीनंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्व विद्यालय के पौडी परिसर में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। लॉकडाउन से पहले ये दोनों छात्राएं अपनी सहेली शिवनी भट्ट के साथ उनके निवास कांसखेत घूमने आयी थी। परन्तु अचानक लॉकडॉउन हो जाने से इस दोनों छात्राओं को कांसखेत में ही रुकना पड़ गया। तब से एक महीने से भी अधिक समय बीत गया है, और तभी से भट्ट परिवार ने इन्हें अपने बच्चों की तरह अपने घर पर रखा हुआ है और अतिथियों की तरह इनकी सेवा मे लगे हुए हैं। 2 students of Leh Ladakh trapped in Kanskhet due to lockdownआज कल्जीखाल ब्लॉक प्रमुख बीना राणा ने दोनो छात्राओं से कांसखेत जाकर मुलाकात की। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से अपनों से दूर रह रही इन छात्राओं के चेहरे पर कोई चिंता या भय के भाव नहीं हैं। वे यहाँ पर खुश दिखाई दे रही हैं। ब्लॉक प्रमुख बीना राणा ने लॉकडाउन की वजह से कांसखेत में फंसे करीब दो दर्जन से ज्यादा कश्मीरी आराक्ससियों से भी सम्पर्क किया जो क्षेत्र में लकड़ी चिरांन का कार्य करते थे औऱ लॉकडॉउन की वजह से यहीं फंसे हुए है। यहाँ के स्थानीय लोग इन बाहरी मजदूरों की पूरी मदद कर मानवता की मिसाल पेश कर रहे है।

जगमोहन डांगी की रिपोर्ट

उत्तराखंड: अब तक 87 हजार प्रवासियों ने किया है वापस आने का पंजीकरण, मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

0
87 thousand migrants have registered to return Uttarakhand

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोगों को वापस राज्य में लाने की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित राज्यों से समन्वय बनाते हुए सुनियोजित तरीके से सारी व्यवस्था की जाए। इसमें पूरी सावधानी के साथ व्यक्तिगत दूरी, मास्क, सेनेटाइजेशन आदि मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिन लोगों को वापस लाया जाना है, कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत उनकी समुचित स्क्रीनिंग की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप ही सारी कार्यवाही हो। राज्य में आने पर यदि होम क्वारेंटाईन किया जाता है तो यह भी सुनिश्चित किया जाए कि होम क्वारेंटाईन का सख्ती से पालन हो। इसके लिये आवश्यक होने पर ग्राम प्रधानों को कुछ अधिकार दिये जा सकते हैं। सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि अभी तक 87 हजार लोगों ने वापस आने के लिए अपना पंजीकरण कराया है। इनमें अधिकांश लोग पर्वतीय जिलों के हैं। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, श्रीमती राधिका झा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से 12 स्पेशल ट्रेन चलाने का अनुरोध किया

उत्तराखण्ड से बाहर फंसे राज्य के लोगों को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से विभिन्न मार्गो पर 12 स्पेशल ट्रेन चलाने का अनुरोध किया है। इनमें दिल्ली से देहरादून, दिल्ली से हल्द्वानी, चंडीगढ़ से देहरादून, लखनऊ से देहरादून, लखनऊ से हल्द्वानी, जयपुर से देहरादून, जयपुर से हल्द्वानी, मुम्बई से देहरादून, मुम्बई से हल्द्वानी, भोपाल से देहरादून, बैंगलोर से देहरादून और अहमदाबाद से देहरादून के लिए अनुरोध किया गया है। राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोगों को वापस राज्य में लाये जाने के संबंध में बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से बात कर यह अनुरोध किया है।

कोरोना संकट : दो हफ्ते के लिए और बढ़ाया लॉकडाउन, 17 मई तक रहेगा जारी

0
lockdown-3.0

नई दिल्ली : वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। इतना समय बीत जाने के बावजूद भी इस बीमारी का कोई इलाज न मिल पाने के कारण देशभर में कोरोना मरीजों के बढ़ते हुए आंकड़ों को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बार फिर लॉकडाउन को 2 हफ्ते और आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार देशभर में अभी 17 मई तक लॉकडाउन जारी रहेगा। लॉकडाउन 2।0 की मियाद तीन मई को खत्म होने वाली थी। हालांकि इससे पहले ही मोदी सरकार के जरिए देशव्यापी लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ाए जाने का फैसला किया गया है। अब 4 मई से 17 मई तक ये लॉकडाउन 3.0 जारी रहेगा। गृह मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत आदेश जारी कर लॉकडाउन को 4 मई के बाद दो सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। कुछ गतिविधियाँ पूरे भारत में सभी जोन में बंद रहेंगी जिसमें हवाई मार्ग, रेल, मेट्रो और सड़क मार्ग द्वारा अंतर्राज्यीय आवागमन सहित स्कूलों, कॉलेजों, और अन्य शैक्षिक और प्रशिक्षण / कोचिंग संस्थानों का संचालन शामिल है।

लॉकडाउन 3.0 में जोनवाइज मिलेगी छूट

पूरे देश को 733 जोनों में बांटा गया है। इनमें 130 रेड जोन, 284 ऑरेंज जोन जबकि 319 ग्रीन जोन घोषित किए गए हैं। ग्रीन जोन के जिलों में नाई की दुकानें, सैलून समेत अन्य जरूरी सेवाओं और वस्तुएं मुहैया कराने वाले संस्थान भी 4 मई से खुल जाएंगे। सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि बंद रहेंगे। ऑरेंज जोन में बसों के परिचालन की छूट नहीं होगी, लेकिन कैब की अनुमति होगी। ऑरेंज जोन में टैक्सियों और कैब एग्रीगेटरों को केवल 1 ड्राइवर और 2 यात्रियों के साथ अनुमति दी जाएगी। ऑरेंज जोन में इंडस्ट्रियल ऐक्टिविटीज शुरू होगी और कॉम्प्लेक्स भी खुलेंगे। जबकि रेड जोन में पहले की ही तरह आवश्यक सेवाओं को छोड़कर नाई की दुकानें, सैलून आदि बंद रहेंगे।

पिछले 24 घंटों में देशभर में 1,755 नए COVID19 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं और 77 मौतें हुई हैं। अब तक देश में कोरोना COVID19 मामलों की कुल संख्या बढ़कर 35,365 हो गई, जिसमें से 9,064 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं और 1,152 लोगों की मौत हो चुकी है।

नोएडा में एक ही दिन में कोरोना के 17 नए मामले, जिले में 155 पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा

0
17-corona-positive-in-noida

नोएडा : गौतमबुद्ध नगर जनपद में कोरोना को लेकर बुरी खबर है। शुक्रवार को जिले के नोएडा/ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से कोरोना वायरस (COVID-19) के 17 नए मामले सामने आए। इनमे से अकेले 15 मामले नोएडा के विभिन्न सेक्टरों के, एक बिसरख गाँव का तथा एक ग्रेटर नोएडा के पाई-1 सेक्टर का है। जिसके बाद अब जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 155 हो गई है। जिला सर्विलांस अधिकारी सुनील दोहरे ने बताया कि शुक्रवार को कोरोना वायरस के 333 संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिनमें 316 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है जबकि 17 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है।

वहीँ आज कोरोना वायरस के दो मरीजों (एक 9 साल की बच्ची और एक 39 साल के शख्स) को ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल से छुट्टी दी मिल गई। अब तक जिले के विभिन्न अस्पतालों से 90 मरीज उपचार के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं। जबकि 65 मरीज अभी भी जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।

शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव आये मरीजों की डिटेल:

शुक्रवार को नोएडा के सेक्टर-8 से 2 बच्चों एवं 6 महिलाओं सहित कुल 10 लोग, सेक्टर-10 जेजे कॉलोनी से एक 25 वर्षीय युवक, सेक्टर-9 से एक शख्स, सेक्टर 150 ऐस गोल्फ शायर सोसाइटी से एक व्यक्ति, सेक्टर 55 से एक व्यक्ति, बिसरख गाँव से एक 27 वर्षीय महिला, एडवोकेट कॉलोनी पाई-1, ग्रेटर नोएडा से एक 55 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

 

 

 

अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस” पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने श्रमिक भाइयों को दी शुभकामनाएं

0
Chief Minister Trivendra greets laborers on International Labor Day

“अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस” पर सभी श्रमिक भाइयों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। किसी भी राष्ट्र की तरक्की, उस राष्ट्र के कामगारों पर निर्भर होती है। राज्य में श्रम कानूनों का सही प्रवर्तन करने के लिये सरकार प्रतिबद्ध है तथा श्रमिकों के कल्याण हेतु नित नवीन योजनाओं पर अमल प्रभावी ढ़ंग से लागू किए जाने को सतत् प्रयत्नशील है। वर्तमान में कोरोना वायरस (COVID-19) के इस वैश्विक संकट में श्रमिक भाइयों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है लेकिन केन्द्र व राज्य सरकार ने ऐसे संकट के समय श्रमिक भाइयों को अधिकाधिक राहत पहुंचाने की कोशिश की है। हमारा प्रयास है कि सभी सावधानियां बरतते हुए यथासंभव आर्थिक गतिविधियों को शुरू किया जाए ताकि श्रमिकों को पुनः रोजगार मिल सके।

मिशन शिक्षण संवाद से शिक्षक कर रहे हैं ऑनलाइन शिक्षण कार्य

0
shikashan-sansthan

श्रीनगर गढ़वाल: लॉक डाउन के समय का पूर्ण सदुपयोग करते हुए शिक्षकों ने मिशन शिक्षण संवाद के अंतर्गत ऑनलाइन शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया है। जिला पौड़ी के अधिकांश शिक्षक/शिक्षिकाएं बच्चों को ऑन लाइन पढ़ा रहे हैं। राज्य संयोजक लक्ष्मण सिंह मेहता (जू.हाईस्कूल फोर्ती, लोहाघाट जिला चंपावत) की अगुवाई में छात्र-छात्राओं को व्हाट्सएप पर अध्ययन कार्य और गृह कार्य दिया जाता है। और ऑनलाइन ही छात्रों का कार्य चैक किया जाता है और विषयवस्तु से संबंधित समस्या का निराकरण भी ऑनलाइन किया जाता है। इस कार्य को रुचिकर बनाने के लिए वीडियो एवं नोट्स भी छात्रों को भेजे जाते हैं। छात्र-छात्राएं इस मिशन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। कई बच्चे आने वाले कंपीटिशन, एग्जाम की तैयारी भी ऑन लाइन कर रहे हैं। लॉक डाउन के दौरान ऑन लाइन कक्षाओं से शिक्षकों को काफी मेहनत करनी पढ़ रही है। इस कार्य को सफल बनाने में जिला संयोजक रीता सेमवाल (रा. प्रा. वि नीलकंठ यमकेश्वर) जिला शिक्षण संवाद के जिला सह संयोजक सुनील गौड़, (रा.प्रा वि. मूलण्ड पौड़ी) संगीता फरासी (रा.प्रा.वि. गहड़ खिर्सू पौड़ी), मोनिका रावत (रा. प्रा. वि.,पैठाणी पौड़ी) इंदू पंवार (रा. प्रा. वि. गिरिगाउँ पौड़ी) लक्ष्मी रावत (रा. प्रा. वि. पैठाणी पौड़ी.) शकुन्तला बहुगुणा (रा.प्रा.वि. फल्दिया कोट यमकेश्वर) सुनीता बहुगुणा (रा पू. मा. वि. बिजली बड़ी यमकेश्वर) एवं नरेश उनियाल (रा. उ. प्रा. वि थैलीसैंण) लक्ष्मी (रा० प्रा० वि० बीना) आदि अध्यापक/अध्यापिकायें निरंतर अपने स्तर पर प्रयासरत हैं।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस से पहली मौत!, एम्स ऋषिकेश में भर्ती थी 56 वर्षीय महिला

0
corona virus death case

देहरादून : उत्तराखंड में के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती लाल कुआं नैनीताल निवासी 56 वर्षीय महिला की शुक्रवार को मौत हो गई है। मृतक महिला 22 अप्रैल से एम्स ऋषिकेश के न्यूरो वार्ड में भर्ती थी। तीन दिन पहले ही महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। राज्य में कोरोना संक्रमण से मौत का यह पहला मामला है। हालाँकि अभी यह कह पाना मुश्किल है कि महिला की मौत कोविड-19 के कारण हुई है या ब्रेन अटैक से। महिला एम्स ऋषिकेश में भर्ती थी। महिला की मौत के बाद एम्स प्रशासन के साथ ही उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया है। शव का चिकित्सकों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।

 

उत्तराखंड: शनिवार से शुरू होगी प्रवासियों की घर वापसी, पहले चरण में इन राज्यों में फंसे लोगों को लाया जायेगा  

0
corona-me-fanse-log

देहरादून: केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के बाद लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे उत्तराखंड के प्रवासियों को वापस लाने की प्रकिया पर तेजी से काम शुरू हो गया है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए राज्य के दो बड़े अधिकारियों सचिव परिवहन शैलेश बगोली एवं आईजी संजय गुंज्याल को जिम्मेदारी सौंपते हुए नोडल अधिकारी बनाया है। गुरुवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने निर्देश जारी कर सचिव परिवहन शैलेश बगोली और आईजी संजय गुंज्याल के समन्वय में छह अधिकारियों  की टीम को यह जिम्मेदारी सौंप दी है। यह टीम लॉकडाउन में फंसे लोगों को पास जारी करने से लेकर मेडिकल और परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी। ऑपरेशन का पहला चरण शनिवार से शुरू होगा। पहले चरण में राहत शिविरों में रह रहे लोगों को उत्तराखंड लाया जाएगा।

उत्तराखंड लौटने के इच्छुक लोगों की सहायता के लिए एक लिंक पहले ही जारी किया चुका है। जिस पर आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन लिंक:-

http://dsclservices.in/uttarakhand-migrant-registration.php

इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने 15 नए हेल्पलाइन मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं, जिसमें प्रवासी अपना विवरण उपलब्ध करा सकते हैं।

इन नम्बरों पर करें संपर्क 9557194828, 8476824218, 7017082637, 7983129119, 8279577133, 7906434586, 8979376382, 9045394752, 9045184752, 9389930624, 9389939866, 9410103292, 9045014752, 9389919096. इसके अलावा पुलिस लाइन कोविड कंट्रोल रूम के नंबर- 0135-2722100 और एसडीआरएफ कंट्रोल रूम के नंबर-0135 2410197 और 9456596190 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

शनिवार से शुरू होगा घर वापसी का पहला चरण

नोडल अधिकारी शैलेश बगौली ने बताया कि लॉकडाउन में फंसे प्रवासी उत्तराखंडियों को वापस लाने के लिए चलाये जा रहे ऑपरेशन का पहला चरण शनिवार से शुरू होगा। पहले चरण में राहत शिविरों में रह रहे लोगों को उत्तराखंड लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक देश के अलग अलग राज्यों में फंसे करीब 33 हजार लोगों ने उत्तराखंड लौटने के लिए आवेदन किया है। वहीँ करीब 9830 लोगों द्वारा ऑनलाइन लिंक के माध्यम से घर वापसी का आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब आदि राज्यों के राहत शिविरों में रह रहे लोगों को लाया जाएगा। इसके लिए रोडवेज बसों का इंतजाम किया गया है। जो लोग लाये जाएंगे, उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। आरोग्य सेतु एप से भी परीक्षण होगा। घर वापसी के बाद उन्हें 14 दिन क्वारन्टाइन में रहना होगा। जबकि दिल्ली समेत अन्य राज्यों में फंसे लोगों को अगले चरण में लाया जाएगा।

यह भी पढ़ें:

उत्तराखंड में कोरोना वायरस से पहली मौत!, एम्स ऋषिकेश में भर्ती थी 56 वर्षीय महिला

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री राहत कोष में अब तक प्राप्त हो चुकी है इतने करोड़ धनराशि

0
cm-relief-fun-uttarakhand

देहरादून : गुरूवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड-19 के  संक्रमण की रोकथाम, बचाव व राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में अब तक प्राप्त धनराशि के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों पर व्यय हुई धनराशि की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में पूरे विश्व के साथ ही देश एवं प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के  कारण आम जनमानस के स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुरक्षा के लिये गम्भीर चुनौतियां पेश हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकट के समय देश एवं प्रदेश की जनता द्वारा उदारतापूर्वक मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दिया जा रहा है जिसमें देश एवं प्रदेश के प्रत्येक वर्ग जिसमें सफाई कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों, कर्मचारियों, अधिकारियों, महानुभावों, विभिन्न संगठनों, स्वंयसेवी संस्थाओं, विभिन्न निगमों, शैक्षणिक संस्थाओं, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं आम जनमानस आदि से अभी तक लगभग ₹ 55 करोड दान के रूप में प्राप्त हुये हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इसके लिए सभी दान-दाताओं का हार्दिक आभार प्रकट करते हुये धन्यवाद भी ज्ञापित किया है।

मुख्यमत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य स्तर पर इस आपदा कि स्थिति से निपटने हेतु जिन कार्यों में भारत सरकार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं किसी अन्य मद से वित्तीय स्वीकृति दिया जाना संभव नहीं था उनमें मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि आवंटित की जा रही है। मुख्यमंत्री राहतकोष से मुख्यतः बेसहारा, निर्धन, असंगठित क्षेत्र के मजदूरो और जरूरतमंद छात्र/छात्राओं, पर्यटकों आदि की भोजन व्यवस्था हेतु जिलाधिकारियों को ₹30 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार व सुदृढीकरण हेतु 10 करोड रूपये चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को, ₹10 करोड चिकित्सा शिक्षा विभाग को, कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत चिन्हित किये गये गढवाल एवं कुमॉंऊ मण्डल के पर्यटक गृहो में कोरनटाईन सुविधायें विकसित किये जाने हेतु ₹1.00 करोड़ पर्यटन विभाग को, लाकडाउन में राज्य के विभिन्न स्थानों मे फॅंसे पर्यटकों व तीर्थ यात्रियों को उनके गन्तव्य तक पहुचाने के दृष्टिगत ₹1 करोड परिवहन निगम को एवं नई दिल्ली मे फॅसे उत्तराखण्ड के जरूरतमंदो की भोजन व ठहरने आदि की व्यवस्था हेतु ₹50 लाख अपर स्थानिक आयुक्त को आवंटित किये गये हैं। साथ ही कोविड-19 के संक्रमण, बचाव व राहत कार्यों में तैनात कोरोना वारियर्स के जीवन को यदि दुर्भाग्यवश क्षति होती है तो उनके आश्रितों को सम्मान निधि के रूप में ₹10 लाख दिये जाने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री का मानना है कि किसी भी आपदा की स्थिति का बेहतर ढंग से सामना करने हेतु सार्वजनिक भागीदारी सबसे प्रभावी तरीका है जिसमें हम सब मिलकर COVID-19 को हराने में समर्थ होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा अवगत कराया कि मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तराखण्ड के पक्ष मे बैंक ड्राफ्ट/चैक के साथ ही भारतीय स्टेट बैंक, सचिवालय शाखा मे संचालित खाता संख्या-30395954328 IFSC Code-SBIN0010164 मे UPI ID: cmukrf@sbi, Debit Cards and Credit Cards, Internet Banking, Internet Banking, UPI (BHIM, PhonePe, Amazon Pay, Google Pay, PayTM, etc के साथ ही सीधे मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तराखण्ड की Website-www.cmrf.uk.gov.in के माध्यम से धनराशि दान की जा सकती है।

सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती राधिका झा ने बताया कि कतिपय उद्योग, कम्पनियां, व्यवसायिक प्रतिष्ठान CSR के तहत भी COVID-19 के दृष्टिगत राज्य को वित्तीय सहायता देने के इच्छुक हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित संस्थानों  से अपेक्षा की है कि वह उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster Management Authority)  के पक्ष मे भारतीय स्टेट बैंक, सचिवालय शाखा में संचालित खाता संख्या-39282041468 IFSC Code-SBIN0010164 मे अपना योगदान कर सकते हैं।

नोएडा में गर्भवती महिला कोरोना पॉजिटिव, जिम्स में भर्ती, 138 हुई मरीजों की संख्या

0
pregnant lady corona psitive in noida

नोएडा : गौतमबुद्ध नगर जनपद के अंतर्गत नोएडा के सेक्टर 121 की हाउसिंग सोसायटी में गुरूवार को एक 9 माह की गर्भवती महिला कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई हैं। जिला प्रशासन ने उक्त सोसाइटी को सील कर दिया है। इसके साथ ही जिले में अब तक कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 138 हो गई है। जबकि अब तक 88 मरीज ठीक हो कर अस्पतालों से घर जा चुके हैं।

जिला निगरानी अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस के 112 संदिग्ध मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट मिली जिसमें 111 लोगों की रिपोर्ट नेगटिव आई है, जबकि एक 27 वर्षीय गर्भवती महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि महिला सेक्टर 121 स्थित एक सोसायटी की रहने वाली हैं। महिला को बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। महिला का पति भी गलगोटिया यूनिवर्सिटी में बनाये गये क्वारंटान वार्ड में भर्ती है।

गुरुवार को गौतम जिले के 7 कोरोना मरीजों को ठीक होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दे दी गयी। इनमें एक 11 वर्षीय बच्ची तथा 41 वर्षीय महिला दिल्ली के अपोलो अस्पताल में थे। जबकि दो महिलाएं जिनकी उम्र 53 वर्ष और 45 वर्ष है, उन्हें ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान से छुट्टी दी गई है। अभी भी जनपद में कोविड-19 के 50 मरीज विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।