Home Blog Page 1452

उत्तराखंड में ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के कामकाज को संचालित करने हेतु केन्द्र ने 20 हजार करोड़ किये जारी

0
manrega

देहरादून: कृषि एवं बागवानी मंत्री उत्तराखण्ड सुबोध उनियाल ने बुधवार को सचिवालय में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा देश के सभी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के विभागीय मंत्रियों एवं सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में प्रतिभाग किया।

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि कोविड – 19 महामारी के दृष्टिगत देश में हर प्रकार की आर्थिक गतिविधियां बंद हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां शुरू हो सकें, लोगों को रोजगार प्राप्त हो इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन्स के अनुसार आर्थिक गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। इससे ग्रामीण आर्थिकी को बल मिलेगा, एवं रोजगार के अवसर बनेंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा के कामकाज को संचालित करने हेतु केन्द्र द्वारा 20 हजार करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के कार्य में जल संरक्षण को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए। इसके साथ ही कोविड – 19 के संक्रमण को रोकने हेतु केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं पीएम आवास योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने में सक्षम हैं।

कृषि मंत्री उत्तराखण्ड सुबोध उनियाल ने कोविड – 19 के दृष्टिगत महात्मा गांधी नरेगा के तहत प्रत्येक परिवार को 100 दिनों के अधिकतम कार्यदिवस को बढ़ाकर 150 अथवा 200 कार्यदिवस किया जाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा के तहत पर्वतीय दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, बिखरी एवं छोटी जोत तथा कोरोना -19 के वर्तमान संकट के दृष्टिगत पर्वतीय राज्यों को व्यक्तिगत कार्य के तहत सब्जी उत्पादन कृषि कार्य को अनुमन्य कार्य की श्रेणी में स्वीकृति प्रदान की जाए। ग्रामीण गरीब परिवारों तथा रिवर्स माइग्रेंट्स हेतु स्वरोजगार स्थापना के लिये रिलीफ पैकेज अथवा नई योजना लायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि 670 न्याय पंचायतों में ग्रामीण हाट/बाजार की स्थापना हेतु स्वीकृति प्रदान की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती मनीषा पंवार एवं अपर सचिव ग्राम्य विकास एवं कृषि उद्यान राम विलास यादव भी उपस्थित थे।

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में भी होगी कोरोना सैंपल की जांच, मुख्यमंत्री ने किया COVID-19 PCR टेस्टिंग लैब का ऑनलाइन लोकार्पण

0
Online inauguration of Kovid-19 PCR Testing Lab at Medical College Srinagar

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कोविड-19 पी.सी.आर टेस्टिंग लैब का ऑनलाईन लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्टिंग लैब से पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं टिहरी जनपद जनपदों के लोगों के सैंपल लेने में आसानी होगी। अल्मोड़ा एवं हरिद्वार में भी जल्द टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी। अब प्रदेश में कोरोना के सैंपल लेने में और तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि आज से श्रीनगर में सैंपल टेस्ट होने शुरू हो गए हैं। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 से अधिक सैंपलों की टेस्टिंग होगी। अभी तक प्रदेश में 5602 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें 55 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, इनमें से 36 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना से अभी तक कोई मृत्यु नहीं हुई है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत,  विधायक मुकेश कोहली, स्वास्थ्य सचिव नितेश झा, निदेशक एन.एच.एम युगल किशोर पंत आदि उपस्थित थे।

लॉकडाउन में फंसे मजदूर, पैदल न चलें, सभी की सुरक्षित वापसी की बन रही है कार्ययोजना: CM योगी

0
lockdown-me-fanse-majdur

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लॉकडाउन के फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों से कहा कि सभी प्रवासी कामगार व श्रमिक बहनों-भाइयों से अपील है कि जिस धैर्य का परिचय आप सभी ने अभी तक दिया है उस धैर्य को बनाए रखें, पैदल न चलें, जिस राज्य में है वहां की सरकार से संपर्क में रहें। आप सभी की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित राज्य सरकार से वार्ता कर कार्ययोजना बनाई जा रही है. बतादें कि बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के अलग-अलग जगहों पर फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, विद्यार्थियों आदि की आवाजाही की शर्तो के अनुमति दे दी थी।

केंद्र सरकार ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकारें बसों से अपने नागरिकों को ला सकती है या फिर दूसरे प्रदेश के नागरिकों को वहां बसों में भेज सकती है। आवागमन के लिए ट्रेनों का संचालन नहीं होगा। प्रदेश सरकारों की तरफ से बसों का इंतजाम किया जायेगा।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन में कहा कि हम राज्यों के साथ संपर्क में हैं। MHAकी गाइडलाइंस बिल्कुल साफ हैं जिस राज्य में प्रवासी मजदूर हैं उस राज्य को मजदूरों के जाने से पहले उनकी मेडिकल स्कैनिंग करनी है। ले जाने का प्रबंध उस राज्य को करना है जिस राज्य के वो लोग हैं

लॉकडाउन में फंसे उत्तराखंड वासियों को वापस लाने की तैयारी शुरू, यहां कराना होगा पंजीकरण

0
lockdown-epaas-uttarakhand

देहरादून : लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासियों को अपने-अपने राज्यों में ले जाने के लिए बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइढलाइन के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी अपने प्रदेश के प्रवासियों को वापस बुलाने को लेकर कवायद शुरु कर दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गृह मंत्रालय की गाइडलाइन पर कहा कि बाहरी प्रदेशों में फंसे उत्तराखंड वासियों की जल्द वापसी की तैयारी के निर्देश मुख्य सचिव को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं, बाहर फंसा जो भी उत्तराखंडी अपने राज्य लौटना चाहता है, उसकी वापसी के लिए सभी मानकों के अनुसार उचित प्रबंध किए जाएंगे। इसके लिए उत्तराखंड सरकार ने एक पंजीकरण लिंक जारी किया है।

http://dsclservices.in/uttarakhand-migrant-registration.php

उपरोक्त लिंक पर क्लिक कर लॉकडाउन में फंसे हुए लोग वापस लौटने के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं।

इसके अलावा भी सरकार ने एसडीआरएफ के नंबर जारी किए गए हैं। लॉकडाउन में फंसे लोग इन नंबरों पर संपर्क कर मदद मांग सकते हैं और अपने घर वापस आ सकते हैं।

9557194828, 8476824218, 7017082637, 7983129119, 8279577133, 7906434586, 8979376382, 9045394752, 9045184752, 9045134752, 9389930624, 9389939866, 9410103292, 9045014752, 9389919096

यह भी पढ़ें:

लॉकडाउन में फंसे मजदूर, पैदल न चलें, सभी की सुरक्षित वापसी की बन रही है कार्ययोजना: CM योगी

बॉलिवुड के मशहूर अभिनेता ऋषि कपूर का मुंबई के अस्पताल में निधन

0
Bollywood actor Rishi Kapoor died

बॉलिवुड के मशहूर अभिनेता ऋषि कपूर का आज सुबह मुंबई के एनएच. रिलायंस हॉस्पिटल में निधन हो गया. उनकी पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी. ऋषि कपूर को बुधवार उनके परिवार ने एच एन रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया था.उनको सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। 67 साल के ऋषि लंबे वक्त से कैंसर से जूझ रहे थे। इससे पहले उनका इलाज यूएस में चल रहा था. इससे पहले कल बुधवार को बॉलीवुड़ के एक और अभिनेता इरफ़ान खान का भी कैंसर की बीमारी के चलते निघन हो गया था.

उत्तराखंड में देर शाम आया कोरोना का एक और मामला, 55 हुई संक्रमितों की संख्या

0
coronavirus-covid-19

देहरादून : उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार रात को जारी की गई दूसरी जाँच रिपोर्ट में एक शख्स में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पहली जांच रिपोर्ट में आज कोई भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया था। वहीँ रात 8 बजे आई दूसरी जाँच रिपोर्ट में में एक 55 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव निकला है। कोरोना संक्रमित शख्स उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर का रहने वाला है। वह कुछ दिन पहले ही पंजाब से लौटा था। 26 दिन बाद ऊधमसिंह नगर में सामने आया कोरोना पॉजिटिव केस, इसके साथ ही अब राज्य में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 55 पहुंच गई है। जबकि इनमें से 36 मरीज ठीक हो चुके हैं।

उत्तराखंड में टेलीमेडिसिन सेवा व दून मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल सेवा का शुभारंभ

0
Telemedicine service in Uttarakhand

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बुधवार को प्रदेश में बहु प्रतीक्षित टेलीमेडिसिन सेवा व दून मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कोविड-19 जैसी विश्वव्यापी महामारी में संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए अस्पतालों में भीड़ को कम करने जैसे उपायों के लिए यह सेवा एक सटीक उपकरण साबित होगी साथ ही सुदूर क्षेत्रों जहां चिकित्सा सेवाओं हेतु विशेषज्ञ राय की आवश्यकता होती है वह भी पहुंच पाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में ई-हॉस्पिटल सेवा के शुभारम्भ के अवसर पर कहा कि ई-हॉस्पिटल सुविधा के प्रारंभ होने से मरीजों को दी जाने वाली सेवाओं के ऑनलाइन प्रबंधन से कार्य की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायता होगी। उन्होंने कहा कि ई-हॉस्पिटल सेवा दीन दयाल चिकित्सालय (कोरोनेशन) देहरादून व जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में पहले से ही चलाई जा रही है।
टेलीमेडिसिन के अंतर्गत एनआईसी, भारत सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए टेलीमेडिसिन सॉफ्टवेयर को प्रदेश के जिला चिकित्सालय व अन्य चिकित्सालयों में प्रयोग में लाया जाएगा। यह सेवा https://ors.gov.in व https://ehospital.gov.in के माध्यम से उपलब्ध होगी। वहीं CDAC द्वारा उपलब्ध करवाए गए संजीवनी टेलीमेडिसिन सॉफ्टवेयर का उपयोग प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में किया जायेगा। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा https://esanjeevaniopd.in के माध्यम से उपलब्ध होगी। इस सेवा हेतु कोई भी रोगी मोबाइल फोन से भी चिकित्सकीय राय ले पाएंगे। वर्तमान में यह सेवा जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा, दीन दयाल चिकित्सालय (कोरोनेशन) देहरादून, बेस चिकित्सालय हल्द्वानी, संयुक्त चिकित्सालय प्रेमनगर देहरादून, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी व दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में प्रारंभ की गई है। भविष्य में सभी जिला चिकित्सालयों एवं मेडिकल कॉलेजों में विस्तारित की जाएगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, डॉ हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, अरविन्द पाण्डेय, सुबोध उनियाल, राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, स्वास्थ्य सचिव नीतीश कुमार झा, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ अमिता उप्रेती, उप महानिदेशक एनआईसी के नारायणन, स्वास्थ्य महानिदेशालय एवं एनआईसी के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

बाबा केदार के कपाट खुलने के साथ कटकेश्वर महादेव (घस्या महादेव) में की गई शिव अराधना

0
Katkeshwar Mahadev (Ghashya Mahadev

श्रीनगर : बुधवार को ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ भगवान के कपाट बुधवार प्रातः 6 बजकर 10 मिनट पर विधि-विधान पूर्वक ग्रीष्मकालीन यात्रा के लिए खुल गये हैं। बाबा केदार के कपाट खुलने और सर्वे भवन्तु सुखिना की मंगलकामना के साथ कटकेश्वर महादेव (घस्या महादेव) में शिव अराधना की गई। जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान से शिव पूजा अर्चना की गयी। विशेष पूजा रुद्राभिषेक रही, हिंदू धर्म के अनुसार ऐसा माना जाता है कि रुद्राभिषेक से प्रसन्न होते हैं भगवान भोलेनाथ  हर मनोकामना कर देते हैं. भगवान शिव अपने भक्‍तों की पूजा से बहुत जल्‍दी ही प्रसन्‍न हो जाते हैं, लेकिन इस कठिन दौर में तो शिव का रुद्राभिषेक करना सबसे शुभ उपाय हो सकता था, जिसके लिए आज कटकेश्वर महादेव (घस्या महादेव) में मंहत महेश गिरि, पण्डित जय प्रकाश डिमरी और पण्डित देवेन्द्र उनियाल शास्त्री द्वारा इस पूजा को किया गया.

शिव का रुद्राभिषेक

महादेव को प्रसन्न करने का रामबाण उपाय है रुद्राभिषेक, ज्योतिष के जानकारों की मानें तो सही समय पर रुद्राभिषेक करके आप शिव से मनचाहा वरदान पा सकते हैं. क्योंकि शिव के रुद्र रूप को बहुत प्रिय है.

रुद्राभिषेक की महिमा

भोलेनाथ सबसे सरल उपासना से भी प्रसन्न होते हैं लेकिन रुद्राभिषेक उन्हें सबसे ज्यादा प्रिय है. कहते हैं कि रुद्राभिषेक से शिव जी को प्रसन्न करके आप असंभव को भी संभव करने की शक्ति पा सकते हैं.

रुद्र भगवान शिव का ही प्रचंड रूप हैं.

शिव जी की कृपा से सारे ग्रह बाधाओं और सारी समस्याओं का नाश होता है.
शिवलिंग पर मंत्रों के साथ विशेष चीजें अर्पित करना ही रुद्राभिषेक कहा जाता है.
रुद्राभिषेक में शुक्ल यजुर्वेद के रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों का पाठ करते हैं.
सावन में रुद्राभिषेक करना ज्यादा शुभ होता है.
रुद्राभिषेक करने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं.
रुद्राभिषेक कोई भी कष्ट या ग्रहों की पीड़ा दूर करने का सबसे उत्तम उपाय है.

बड़ी खबर: प्रवासी मजदूरों, छात्रों, पर्यटकों आदि सभी फंसे लोगों को मिली घर जाने की छूट, शर्ते लागू

0
people-in-lockdown
Symbolic image

नई दिल्ली : कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए पूरे देशभर में पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से लॉकडाउन चल रहा है। जिसकी वजह से विभिन्न राज्यों के प्रवासी मजदूर, छात्र, पर्यटक जगह जगह फंसे हुए हैं। जिनको भोजन, आवास सहित कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देश के नागरिकों की इन्ही परेशानियों को देखते हुए आज केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के अलग-अलग जगहों पर फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, विद्यार्थियों आदि की आवाजाही की अनुमति दे दी है। हालाँकि कि फंसे हुए लोग खुद से घर जाने की व्यवस्था नहीं कर सकते हैं उन्हें अपने राज्य की ओर से भेजी जाने वाली बसों का इंतजार करना होगा। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपने यहां फंसे लोगों को उनके गृह राज्यों में भेजने और दूसरी जगहों से अपने-अपने नागरिकों को लाने के लिए स्टैंडर्ड प्रॉटोकॉल तैयार करें। यानी, अब हर प्रदेश दूसरे प्रदेशों में फंसे अपने नागरिकों को वापस ला पाएगा और अपने यहां फंसे दूसरे प्रदेशों के नागरिकों को वहां भेज पाएगा। गृह मंत्रालय ने राज्यों को फंसे लोगों को लाने और ले जाने की व्यवस्था के लिए निम्न गाइडलाइंस भी जारी की हैं।

a. राज्य और केंद्रशासित प्रदेश इस काम के लिए नोडल अथॉरिटीज नामित करेंगे और फिर ये अथॉरिटीज अपने-अपने यहां फंसे लोगों का रजिस्ट्रेशन करेंगी। जिन राज्यों के बीच लोगों की आवाजाही होनी है, वहां की अथॉरिटीज एक दूसरे से संपर्क कर सड़क के जरिए लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करेंगी।
b. जो लोग जाना चाहेंगे, उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। अगर उनमें कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं दिखेंगे तो उन्हें जाने की अनुमति होगी।
c. लोगों की आवाजाही के लिए बसों का उपयोग किया जा सकेगा। बसों को सैनिटाइज करने के बाद उसमें सोशल डिस्टैंसिंग के नियम के मुताबिक ही लोगों को बिठाया जाएगा।
d. कोई भी राज्य इन बसों को अपनी सीमा में प्रवेश करने से नहीं रोकेगा और उन्हें गुजरने की अनुमति देगा।
e. डेस्टिनेशन पर पहुंचने के बाद लोगों की लोकल हेल्थ अथॉरिटीज की ओर से जांच की जाएगी। बाहर से आए लोगों को घूमने-फिरने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें होम क्वॉरेंटाइन में ही रहना होगा। जरूरत पड़ी तो उन्हें अस्पतालों/स्वास्थ्य केंद्रों में भी भर्ती किया जा सकता है। उनकी समय-समय पर जांच होती रहेगी।
f. ऐसे लोगों को आरोग्य सेतु का इस्तेमाल करना होगा ताकि उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सके।

कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट:

1. केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकारें बसों से अपने नागरिकों को ला सकती है या फिर दूसरे प्रदेश के नागरिकों को वहां बसों में भेज सकती है।
2. ध्यान रहे कि आपके आवागमन के लिए ट्रेनों का संचालन नहीं होगा। यानी, आप सिर्फ और सिर्फ बस और वो भी सिर्फ प्रदेश सरकारों की तरफ से इंतजाम किए गए बसों पर ही निर्भर होंगे।
3. अगर आप अपने राज्य से बाहर किसी दूसरे प्रदेश में फंसे हैं तो आपको अपने राज्य की ओर से भेजी जाने वाली बसों का इंतजार करना होगा। आप खुद से घर जाने की व्यवस्था नहीं कर सकते हैं।

नोएडा में आज फिर मिले 3 नए कोरोना पॉजिटिव, जिले में 137 पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा

0
3-corona-positive-in-noida

नोएडा : गौतमबुद्ध नगर जिले में लगातार कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं। बुधवार को जिले के नोएडा में कोरोना वायरस (COVID-19) के 3 नए मामले सामने आए। जिसके बाद अब जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 137 हो गई है। जिला सर्विलांस अधिकारी सुनील दोहरे ने बताया कि बुधवार को कोरोना वायरस के 91 संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिनमें 88 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव है और 3 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वहीँ आज कोरोना वायरस के दो मरीजों को ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल से छुट्टी दी मिल गई। अब तक जिले के विभिन्न अस्पतालों से 81 मरीज उपचार के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं। जबकि 56 मरीज अभी भी जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।

आज मिले 3 कोरोना मरीजों में से 2 महिलायें (52 वर्ष तथा 23 वर्ष) नोएडा सेक्टर-8 जेजे कॉलोनी की हैं. जबकि तीसरा पॉजिटिव शख्स नोएडा सेक्टर-122 का रहने वाला हैं.