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उत्तराखंड में कोरोना का एक और मामला, एम्‍स ऋषिकेश में भर्ती महिला की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

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ऋषिकेश : उत्तराखंड में मंगलवार को एक और कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थांन (AIIMS) ऋषिकेश के न्यूरो वार्ड में भर्ती 56 वर्षीय महिला में कोरोना की पुष्टि हुई है। संक्रमित महिला नैनीताल की रहने वाली है। बताया गया कि उक्त महिला 22 अप्रैल से एम्स में भर्ती है। एम्स ऋषिकेश में कोरोना संक्रमण का यह दूसरा मामला है। इससे पहले एक नर्सिंग ऑफिसर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद राज्य में संक्रमित मामलों की कुल संख्या 52 हो गई है। वहीँ राज्य में कोरोना मरीजों के ठीक होने की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। अब तक 34 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं।

 

CII द्वारा आयोजित उत्तर भारत वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में सीएम त्रिवेन्द्र ने किया प्रतिभाग

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सी.आई.आई. द्वारा आयोजित उत्तर भारत वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि कोरोना महामारी से भारत ही नहीं बल्कि विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। देश में औद्योगिक गतिरोध उत्पन्न हुआ है, इस कान्फ्रेंस से नई आशा एवं विश्वास का संचार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 मार्च से प्रदेश में लॉक डाउन हो गया था। प्रदेशवासियों एवं उद्योग जगत ने संयम से लॉक डाउन का पालन किया है। उत्तराखंड में अभी तक कोरोना के 51 पाजिटिव मामले आए हैं, जिसमें से 33 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। उत्तराखंड के पर्वतीय जिले कोरोना के प्रभाव से मुक्त हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि सी.आई.आई. समाज के सक्षम वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है और ऐसे समय में सी.आई.आई अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सरकार के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सी.आई.आई. की राज्य ईकाई निरन्तर राज्य सरकार के सम्पर्क में रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष में भी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अहम योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि भारत सरकार के आदेश के बाद राज्य में उद्यमियों की सुविधा के लिए उद्योग के संचालन की अनुमति हेतु एकल खिड़की की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के माध्यम से 20 अप्रैल से अभी तक 1171 उद्योगों को संचालन की अनुमति दी गई है। लॉक डाउन की अवधि में कोविड-19 से सुरक्षा हेतु आवश्यक उपायों के दृष्टिगत आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन करने वाली ईकाइयों को बंदी से मुक्त रखा गया है। राज्य में फार्मा तथा खाद्य पदार्थ उत्पादन की 1884 ईकाइयों के संचालन की अनुमति दी गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आई.टी.सी, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले, ब्रिटानिया व डाबर जैसे बड़े उद्योग अपना उत्पादन प्रारम्भ कर चुके हैं। ऑटो सेक्टर की टाटा मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प, अशोका ली लैंड व महिन्द्रा ने भी उत्पादन प्रारम्भ कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कोविड-19 आपदा से राज्य की आर्थिकी पर पड़ रहे दुष्प्रभावों के निराकरण के लिए प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के विभिन्न उपायों एवं विकल्पों का त्वरित अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए सेवानिवृत्त आई.ए.एस अधिकारी इन्दु कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में लीज, रेंट के भुगतान की अन्तिम तिथि 30 अप्रैल 2020 से बढ़ाकर 30 जून 2020 तक विस्तारित किया गया है। लम्बित जल संयोजन/उपयोग प्रभार, सीवर शुल्क आदि भुगतान करने की तिथि 31 मई 2020 तक, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत सहमति के स्वतः नवीनीकरण की तिथि 30 जून 2020 तक बढ़ाई गई है। इसके अलावा भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को 2-2 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी गई है।  मार्च से मई 2020 तक औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं से फिक्स्ड/डिमाण्ड चार्ज के भुगतान में आस्थगन की सुविधा तथा विलम्ब से बिलों के भुगतान में लेट सरचार्ज में छूट एवं लॉक डाउन के दौरान विद्युत बिल भुगतान करने में असमर्थ रहने पर विद्युत संयोजन काटने पर रोक लगाई है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्योग श्रीमती मनीषा पंवार एवं उद्योग निदेशक सुधीर नौटियाल भी उपस्थित थे।

इस बार अमृत योग में खुल रहे हैं भगवान बदरी विशाल के कपाट, इससे पहले भी 5 बार मई माह में खुल चुके हैं कपाट

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बोलांदा बदरीश टिहरी महाराज करते हैं कपाट खोलने की तिथियों का निर्धारण

देश के चार धामों में एक उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध धाम श्री बदरी विशाल के द्वार शीतकाल में बंद किये जाने और ग्रीष्म काल में एक नियत तिथि को खोले जाने की सदियों पुरानी सनातन परम्परा है। पूर्व की भांति इस वर्ष भी मंदिर के कपाट नियत तिथि को बंद किये जा चुके थे। लेकिन इस बार जब मंदिर के कपाट खोलने का समय निकट आया तो वैश्विक महामारी कोरोना का वायरस पूरे देश में अपने पैर पसार चुका है।  हालात यह हैं कि देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से भगवान बदरी विशाल के कपाट खुलने की तिथि में आंशिक बदलाव करना पड़ा। लेकिन कपाटोउद्घाटन की तिथि में हुआ परिवर्तन कुछ लोगों के गले नहीं उतर पा रहा है।

chandi ghildiyalउत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल का इस संदर्भ में कहना है कि भगवान बदरी विशाल के द्वार खोलने की 15 मई की तिथि महाराजा टिहरी द्वारा तय की गई सर्वोत्तम तिथि है। हमारी सनातन परम्परा और संस्कृति के अनुसार महाराज टिहरी द्वारा तय तिथि 15 मई में किसी प्रकार का कोई भी दोष नहीं है। इस तिथि में शुभ ही शुभ संकेत मिल रहे हैं। भगवान बदरीनाथ धाम की परम्पराएं, बदरीनाथ जी की पूजा के संदर्भ में एक श्लोक है।

भगवान बदरीनाथ धाम की परम्पराएं, बदरीनाथ जी की पूजा के संदर्भ में एक श्लोक है।
वैशाखे मासि ते देवाः गच्छन्ति निज मंदिरम्।
कार्तिके तु समागत्य पुनरर्चां चरन्ति च।।
ततो वैसाखमारभ्य मानवा: हिम-संक्षयात्।
लभन्ते दर्शनं पुण्यं पाप कर्म विवर्जिता:।
षण्मास दैवतैः पूज्या षण्मासं मानवैस्तथा।

अर्थात वैशाख मास से कार्तिक मास तक भगवान मनुष्यों के द्वारा पूजित होते हैं तथा तत्पश्चात नारद जी द्वारा बदरीनाथ जी देवताओं की ओर से पूजित होते हैं। श्लोक में ध्यान दिया जाए तो वैशाखे शब्द में सप्तमी विभक्ति एकवचन है जिस के दो अर्थ होते हैं यानी वैशाख में या वैशाख बीतने पर और पुनः मासि शब्द में भी सप्तमी एकवचन का प्रयोग किया गया है जिससे स्पष्ट होता है कि प्रथम “वैशाख मास में” के लिए प्रयोग किया गया है और पुनः वैशाख मास बीतने पर” अर्थात जेष्ठ मास के लिए प्रयोग किया गया है और यही अर्थ “कार्तिके” यानी कार्तिक बीतने पर अर्थात मार्गशीर्ष मास में देव पूजन प्रारंभ होता है और प्रत्यक्ष तह देखा जाता है कि कभी भी कार्तिक मास में आज तक कपाट बंद नहीं हुए हैं मार्गशीर्ष मास में कपाट संक्रांति से लेकर 15 दिन तक (15 नवंबर से 30 नवंबर पर्यन्त) कपाट बंद करने की परंपरा है।

वृश्चिकार्धे गतेसूर्ये बैखानस समाह्वया।

तीर्थांदुपरिनवस्तव्यं समस्ते: विष्णुवल्लभै:।

वैशाख एवं कार्तिक सौरमान का अभिप्राय सूर्य संक्रांति से है, आज भी कपाट बंद की प्रक्रिया में कार्तिक मास पूर्ण होने पर मार्गशीर्ष माह में संक्रांति के दिन या इससे ऊपर कुछ दिनों तक मनुष्यों द्वारा भगवान बद्रीनाथजी पूजित होते हैं।

जिस प्रकार कार्तिक बीतने पर मार्गशीर्ष में भगवान की पूजा होती है उसी प्रकार वैशाख मास बीतने पर जेष्ठ में भी भगवान की पूजा कई बार प्रारंभ हुई है।

उपरोक्त श्लोक में हिम-संक्षयात्  का भाव यह है कि बहुत अधिक बर्फ होने पर या कोई कठिन परिस्थिति होने पर श्रीधाम के कपाट वैशाख बीतने पर खोले जाएं।  राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज आईडीपीएल में संस्कृत के प्रवक्ता  डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल  कहते हैं  कि अब जो लोग कह रहे हैं कि जेष्ठ मास में कपाट कभी नहीं खुले हैं और यह परंपरा तोड़ी जा रही है उनकी जानकारी के लिए कुछ आंकड़े इस प्रकार हैं।

1983 – 15 मई कपाट खुले
1991 – 18 मई कपाट खुले
1994 – 15 मई कपाट खुले
2002 – 17 मई कपाट खुले
2010 – 19 मई कपाट खुले

उपरोक्त तिथियों पर इतिहास में जब भी कपाट खुले हैं तब जेष्ठ संक्रांति के बाद ही खुले हैं। ज्योतिष में बड़े हस्ताक्षर  डॉक्टर घिल्डियाल  बताते हैं कि वर्ष 1996 में 25 अप्रैल को और वर्ष 1992 में 30 अप्रैल को कृष्ण पक्ष में भी कपाट खोले गए हैं। अतः सर्वाथा गलत है कि कृष्ण पक्ष में कपाट कभी नहीं खोले गये। श्री बद्रीनाथ जी की परंपरा सौरमान से बद्ध है। वृश्चिक का सूर्य होने पर कपाट बंद की परंपरा लिखी गई है।

वस्तुतः आज भी जोशीमठ श्री नरसिंह मंदिर में संक्रांति पर्व पर ही विशेष हवन पूजन होता है एवं बद्रीनाथ में लक्ष्मी जी की कढ़ाई (विशेष पूजन) संक्रांति में ही परंपरा अनुसार संपूर्ण उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में व नेपाल में सौरमान ही प्रचलित था जिसे गते या प्रविष्टा कहते थे। इसी से माह के दिनों की गणना होती थी आज भी दूरस्थ गांव में परंपरा यथावत है। जैसा कि आज की गणना अंग्रेजी माह एवं तारीखों में होती है अतः संक्रांति से संक्रांति तक माह गिनती रही है और सौरमान से ही दिनों का निर्धारण गते के रूप में होता था। इसी परंपरा में श्री बद्रीनाथ जी के कपाट खोले जाते हैं और बंद किए जाते हैं। बद्रीनाथ जी की परंपरा निश्चित रूप से सौरमान की है।।

चंद्रमास की स्थिति दो प्रकार से देखी जाती है पूर्णिमांत कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तक पूर्णिमांत चांद्रमास प्रचलित है जिसके अनुसार वैशाख कृष्ण पक्ष इस वर्ष 9 अप्रैल से प्रारंभ होकर पूर्णिमा तक यानी 7 मई तक चंद्रमास है।

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या पर्यन्त अमांत चांद्रमास होता है इसी से वर्ष प्रारंभ व समाप्त होता है जैसे इस वर्ष संवत्सरारंभ वर्ष प्रतिपदा 25 मार्च 2020 को थी। वर्ष का राजा भी बुध इसी प्रतिपदा का वार होता है और इस प्रकार अमांत चैत्र मास 23 अप्रैल को समाप्त हुआ। अमांत वैशाख 24 अप्रैल से 22 मई तक है। महीनों के नाम भी इसी अमांत के मध्य जो पूर्णिमा होती है उसी नक्षत्र से बनते हैं जैसे पूर्णिमा चित्रा नक्षत्र में होने से चैत्रमास, पूर्णिमा विशाखा नक्षत्र में होने से वैशाख मास पूर्णिमा जेष्ठा नक्षत्र में होने जेष्ठ मास…।

यदि तिथियां देखें तो पूर्णिमा की संख्या 15 अर्थात आधा माह एवं अमावस्या की संख्या 30 लिखी जाती है यही पंचांग की परंपरा है।।

इस दृष्टि से 15 मई को अमांत वैशाख अष्टमी तिथि है अतः इस तिथि को वैशाख नहीं मानने का कोई कारण नहीं रह जाता है। 14 मई को सूर्य वृष राशि में सायं 5:16 पर प्रवेश कर रहे हैं यही संक्रांति काल है। सूर्य उदय के समय जो दिन हो वही तिथि, वार और नक्षत्र का होता है।

क्योंकि संक्रांति के बाद सूर्य उदय 15 तारीख को होंगे। सूर्योदय संक्रांति काल तक संक्रांति पर्व ही होगा। सूर्य उदय के बाद ही दो गते कही जाएगी। जबकि कपाट प्रातः काल 4:30 बजे उषाकाल में अर्थात सूर्योदय से पूर्व खोले जा रहे हैं। गुरुवार एवं अष्टमी तिथि के संयोग से विष योग कहा गया है किंतु प्रथम दृष्टया उदयकालिक सप्तमी तिथि का प्रभाव अग्रिम सूर्योदय तक होगा सूर्योदय के पश्चात अष्टमी तिथि कहलाई गई है। विष योग का प्रभाव 14 तारीख मध्यान्ह के बाद समाप्त हो जाता है।

यमघण्टे त्यजेदष्टौ मृत्यौ द्वादशनाडिका: अन्येषां पापयोगानां मध्याह्नात् परत: शुभम्। दोषास्तवेते न रात्रिषु।।

अतः 14 मई 2020 को मध्यान्ह के बाद कोई भी दोष नहीं रह जाता है। लग्न शुद्धि पर पूर्ण ध्यान दिया गया है अतः विष योग का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है। अपितु यहां अमृतयोग कि प्राप्ति दिखाई देती हैं।

गुरुवार को जया तिथि का प्राप्त हो जाना अमृत योग होता है अतः कपाट अमृत योग में खोले जा रहे हैं। कपाट उद्घाटन के समय धनिष्ठा और गुरुवार के संयोग से श्रीवत्स योग भी बन रहा है जो अतिशुभ योग है।।

प्रथम गवर्नर सम्मान से सम्मानित आचार्य घिल्डियाल आगे बताते हैं कि कपाट खोलते समय चंद्रमा कुंभ राशि का है और द्वार पूजन के समय सन्मुख चंद्रमा सारे दोषों का निवारण करने वाला होता है बद्रीनाथ जी मुख्य द्वार पूर्वाभिमुख  होकर है और पूजन करते समय पूजार्थी पश्चिमाभिमुख द्वार पूजन करते हैं अतः पश्चिम का चंद्रमा सन्मुख हो जा रहा है जो सारे दोषों को नाश कर दे रहा है। संक्रांति पर्व 1000 दोषों को नष्ट करने वाला बताया गया है।

कोरोना: देश में पिछले 24 घंटों में 1543 नए मामले, 62 की मौत, कहाँ कितने मरीज, देखें पूरी लिस्ट

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नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना के 1,543 नए मामले सामने आये हैं। जबकि 62 लोगों की जान गई है। जिसके बाद अब देश में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 29  हजार के पार पहुँच चुका है। भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट के अनुसार अब तक देश में 29,435 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जबकि 934 लोगों की इस बीमारी से अब तक मौत हो चुकी है। वहीँ करीब 6,869 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 8,590 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। वहीँ दूसरे नंबर पर गुजरात है, जहाँ अब तक 3,548 कोरोना के केस सामने आ चुके हैं। तीसरे नंबर पर दिल्ली है जहाँ अबतक 3108 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। यहाँ देखें किस राज्यन में COVID-19 के कितने मामले सामने आए हैं।

S. No.  States  ConfirmedCuredDeath
1Maharashtra85901282369
2Gujarat3548394162
3Delhi310887754
4Rajasthan226266946
5MP2168302110
6UP195533531
7Tamil Nadu1937110124
8Andhra118323531
9Telengana100432126
10West Bengal69710920
11J&K5461647
12Karnataka51219320
13Kerala4813554
14Bihar345572
15Punjab3137118
16Haryana2961833
17Odisha118371
18Jharkhand82133
19Uttarakhand51330
20Chandigarh40170
21Himachal40221
22Chhattisgarh37320
23Assam36271
24Andaman33110
25Ladakh20140
26Meghalaya1201
27Puducherry830
28Goa770
29Manipur220
30Tripura220
31Arunach110
32Mizoram100
Total confirmed cases294356869934

कोरोना वैश्विक महामारी के बाद क्या होगा भविष्य? जीबीयू ने कराया ऑनलाइन सर्वे

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ग्रेटर नोएडा : कोरोना वैश्विक महामारी के चलते भारत सहित विश्व के तमाम अन्य देशों में पैदा हुए हालात का भविष्य में क्या प्रभाव पड़ेगा, इसको लेकर बुद्धिजीवियों ने अपने-अपने हिसाब से आंकलन करना शुरु कर दिया है। कोरोना से उत्पन्न वर्तमान हालात ने लोगों को यह सोचने के लिए विवश कर दिया है कि क्या आर्थिक, औद्योगिक, सामाजिक एवं राजनीतिक स्थितियां पहले की ही तरह पुन: बहाल होंगी? इन सवालों का जवाब जानने के लिए ग्रेटर नोएडा के गौतमबुद्ध विश्व विद्यालय (जीबीयू) के प्रबंधन विभाग द्वारा ऑनलाइन सर्वे कराया गया। ऑनलाइन सर्वे में विभिन्न कॉलेजों एवं विविद्यालय के छात्र, शिक्षक, व्यापारी तथा सरकारी एवं निजी सेक्टरों के कर्मचारियों ने भाग लिया। सर्वे के नतीजों के बारे में विश्व विद्यालय के डॉ. शुभोजित बनर्जी एवं डॉ. मनमोहन सिंह शिशोदिया ने बताया कि अधिकांश लोगों का मत है कि वर्ष 2020 के अंत तक स्थितियां सामान्य हो जाएंगी। हालांकि 53 प्रतिशत व्यापारी वर्ग को लगता है कि स्थिति सामान्य होने में एक वर्ष या इससे भी अधिक समय लगेगा। आम लोगों की सोच के अनुसार सर्वे में यह बात भी सामने आयी है कि कोरोना वायरस के चलते बदलते हालात के बीच भविष्य में सिनेमा हॉल, पार्क, मॉल जाने की प्रवृत्ति में कमी आएगी तथा ऐसी जगहों पर मास्क एवं ग्लब्स पहनने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोगों द्वारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट के कम से कम उपयोग की मानसिकता के चलते निजी वाहनों की संख्या में वृद्धि होगी। जीबीयू द्वारा किया गया सर्वे इस ओर भी इंगिता करता है कि कोरोना से पैदा हुई परिस्थितियां कुछ हद तक शहरी चकाचौंध के कारण श्रमिकों एवं मजदूरों के गांव से शहर की ओर पलायन को कम करेंगी। लोग गांव में ही रहकर छोटा मोटा काम करना समझदारी समझेंगे। इससे कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण एवं कस्बाई अर्थतंत्र मजबूत होगा। सर्वे में शिक्षा क्षेत्र में बड़े परिवर्तनों के संकेत मिल रहे हैं। सामान्य कक्षा, सेमिनार,कॉन्फ्रेंस का स्थान डिजिटल क्लास, वेबिनार्स, ई-कॉन्फ्रेंस आदि ले सकते हैं। कॉलेज एवं विविद्यालय अधिकाधिक ऑनलाइन कोर्स प्रारंभ करेंगे। वहीं स्कूल स्तर के पाठ्यक्रम में स्वच्छता, हाउस कीपिंग, कुकिंग, सिलाई आदि विषयों पर जोर दिया जा सकता है। इंजीनियरिंग एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों की आपदा प्रबंधन, पुरातत्व विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, परजीवी विज्ञान आदि विषयों से कड़ी प्रतिस्पर्धा हो सकती है। जॉब की दृष्टि से हेल्थकेयर, आपदा प्रबंधन, ऑनलाइन सर्विसेज प्रमुखता से लोकप्रिय होंगे। सर्वे में एक महत्वपूर्ण बात सामने आयी है। वैश्विक महामारी से पैदा हुए हालातों में चीन के विश्व महाशक्ति बनने के कोई संकेत नहीं हैं। अधिकांश लोगों का मानना है कि जिस तरह से अमेरिका, ब्रिटेन, जापान एवं यूरोपियन देश प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कोरोना संकट के लिए चीन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, उससे यह संभावना है कि बड़ी संख्या में विकसित देश चीन के साथ अपने कारोबार को कम करेंगे, जिसका लाभ भारत के उत्पादन एवं सेवा क्षेत्र को मिल सकता है।

सी.एल मौर्य

उत्तराखंड: कोविड-19 के दृष्टिगत आज दानीदाताओं ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा की इतनी धनराशि

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देहरादून: कोविड-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष, ब्रिडकुल, उत्तराखण्ड द्वारा रू 35,00,000/- (पैंतीस लाख) की धनराशि का चेक सौंपा, इससे पूर्व भी ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन एवं अध्यक्ष, ब्रिडकुल, उत्तराखण्ड द्वारा 15,00,000/- (पन्द्रह लाख) मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु प्रदान किए थे।
इसके साथ ही डोईवाला विधान सभा के बालावाला मण्डल के सम्मानित दानदाताओं द्वारा रू, 7,62,028/- (सात लाख बासठ हजार अठ्ठाईस), सुधीर विंडलास, विंडलास इंजीनियर्स एण्ड सर्विस प्राईवेट लि0, नकरौंदा देहरादून द्वारा रू 5,00,000/- (पाँच लाख), अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती, ढालवाला टिहरी गढवाल द्वारा रू 3,00,000/- (तीन लाख), ब्रि. सी.बी. थापा अध्यक्ष 11, किरांती समिति, देहरादून द्वारा रू 1,41,000/- (एक लाख इकतालीस हजार), एच. गोयल, टिहरी आयरन एण्ड स्टील इंडस्ट्री, ऋषिकेश द्वारा रू 1,00,000/- (एक लाख), सी०एम० नैथानी, नैथानी कालोनी वेलफेयर एसो, बड़ोवाला देहरादून (द्वारा सहदेव सिंह पुंडीर, विधायक) रू 1,00,000/- (एक लाख), बैंक ऑफ महाराष्ट्रा, देहरादून द्वारा रू 1,00,000/- (एक लाख), डॉ. बीएस भण्डारी, मेडिकल व्यवसायी वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथी देहरादून रू 1,00,000/- (एक लाख), राजपाल सिंह रावत निवासी ग्राम व पो. हर्रावाला, देहरादून द्वारा रू 51,000/-(इक्यावन हजार), शमशेर सिंह बिष्ट, अध्यक्ष (PBOR) पर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन, देव सुमन नगर, बल्लुपुर रोड देहरादून द्वारा रू 51,000 ( इक्यावन हजार), दरियाव सिंह तोमर, प्रदेश महासचिव, उत्तराखण्ड जाट महासभा, डालनवाला देहरादून द्वारा रू 51,000/- (इक्यावन हजार), श्रीमती सुनीता नेगी पत्नी दिग्पाल सिंह नेगी (द्वारा सहदेव सिंह पुंडीर मा० विधायक) ने रू 51,000/- (इक्यावन हजार), महेश शाही, ज्वाला देवी कीर्तन मण्डली, गढ़ी कैन्ट देहरादून द्वारा रू 31,000/- (ईकतीस हजार), टी0डी0 भूटिया अध्यक्ष गोरखा कल्याण परिषद, 950 संगम विहार डाकरा गढ़ी कैंट देहरादून द्वारा रू 25,000/- (पच्चीस हजार), राकेश कुमार डोभाल, 76 सरस्वती सोनी मार्ग, लक्ष्मण चौक, देहरादून द्वारा रू 21,000/- (इक्कीस हजार ) की धनराशि के चेक सौंपे एवं डोईवाला विधान सभा के बालावाला मण्डल के सम्मानित दानदाताओं द्वारा रू 50,000 /- (पचास हजार) की धनराशि का चेक पी.एम. केयर्स फंड हेतु सौंपा गया।

पौड़ी गढ़वाल: लॉकडाउन में राज्य से बाहर फसें उत्तराखंड के लोगों की घर वापसी के लिए विधायकों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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सतपुली : कोरोना महामारी के चलते बीते 23 मार्च को सरकार द्वारा पूरे देश में लॉकडाउन कर दिया गया। देश में लॉकडाउन के चलते उत्तराखंड प्रदेश के कई लोग देश के विभिन्न हिस्सों में फंस गए हैं। उत्तराखंड से बाहर फसें लोग देश के विभिन्न स्थानों में काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं, और मानसिक तनाव में हैं जिससे कि उनके घर के लोग भी परेशान हैं।

आज लैंसडाउन विधायक महंत दिलीप रावत व पौडी विधायक मुकेश ने इन लोगो की सुध लेते हुए उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि लॉकडाउन होने पर उत्तराखंड प्रदेश के कई लोग देश के विभिन्न स्थानों में फसें हुए हैं। और दूरभाष के माध्यम से हमें सम्पर्क कर बता रहे है कि वो लोग वहाँ पर भोजन व आवास के आभाव में मानसिक रूप से टूट चुके हैं। दोनों विधायको ने मुख्यमंत्री से पत्र लिखकर अनुरोध किया कि ऐसी परिस्थिति में इन सभी लोगो को उत्तराखंड लाने का सार्थक प्रयास किया जायें।

नोएडा : कोरोना के 14 नए मामले, दो अस्पतालों के 7 स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना पॉजिटिव, 129 पहुंचा जिले में मरीजों का आंकड़ा

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नोएडा: गौतमबुद्ध नगर जनपद में कोरोना संक्रमण के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। यहाँ अब अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना वायरस की चपेट में आने लगे हैं। सोमवार को जिला सर्विलांस अधिकारी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार नोएडा के जिला अस्पताल में लेबर रूम में तैनात एक आया कोरोना पॉजिटिव पाई गई है, वहीँ सेक्टर 30 स्थित चाइल्ड PGI में 4 स्टाफ नर्स, एक वार्ड बॉय तथा एक कैंटीन कर्मचारी सहित कुल 6 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके आलावा ईएसआई, चौड़ा गाँव, निठारी, चोटपुर सेक्टर-63, कुलेसरा,जोंनचाना तथा ग्रेटर नोएडा के पाई-1 के मरीजों की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। सोमवार को मिले कुल 186 नमूनों में से 14 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि 172 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसके साथ अब जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 129 पर पहुंच गया है। जिले में एक साथ इतने मामले आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

लॉकडाउन: पीएम मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग में सीएम त्रिवेन्द्र ने दिया यह सुझाव

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देहरादून : मुख्यमंत्रियों की वीडियो कांफ्रेंसिग में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  के समय पर लिए गए साहसिक निर्णय से देश आज खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है। हर भारतवासी प्रधानमंत्री मोदी को अपने अभिभावक के तौर पर देख रहा है। उत्तराखंड में कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हम प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये मंत्र ‘जान भी जहान भी’ पर काम कर रहे हैं। भारत सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करते हुए धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति को सुधारने पर काम कर रहे हैं। फार्मा, फूड प्रोसेसिंग की इकाइयां काम कर रही हैं। गाइडलाइन के तहत कई उद्योग शुरू हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अक्षय तृतीया पर शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खोले गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, पर्यटन विशेष तौर पर धार्मिक पर्यटन का केन्द्र रहा है। लाकडाऊन के कारण पर्यटन में नुकसान हुआ है परंतु पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में स्थितियां फिर सुधरेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मेडिकल मानकों का पालन करते हुए यह देखना चाहिए कि किन किन और आर्थिक गतिविधियों को शुरू किया जा सकता है। निर्धारित शारीरिक दूरी और मास्क की अनिवार्यता के साथ कृषि, वानिकी, स्वरोजगार के माध्यम से धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से स्थिति सामान्य हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 9 पर्वतीय जिले जो कि कोरोना के प्रभाव से मुक्त हैं, वहां एनएच, मनरेगा के काम, सभी बातों का ध्यान रखते हुए शुरू किए गए हैं। प्रदेश के इकोनोमिक रिवाइवल के लिए, मंत्रिमण्डलीय उपसमिति और विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई है, जिनकी रिपोर्ट जल्द ही मिल जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि मनरेगा में रोजगार की अवधि को 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन किया जाए।

28 हजार के करीब पहुंचा कोरोना मरीजों का आंकड़ा, देश में कहाँ कितने मरीज, देखें पूरी लिस्ट

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state wise coronavirus cases in india

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना के 1,396 नए मामले सामने आये हैं। जबकि 48 लोगों की जान गई है। जिसके बाद अब देश में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 28  हजार के करीब पहुँचने वाला है। भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट के अनुसार अब तक देश में 27,892 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जबकि 872 लोगों की इस बीमारी से अब तक मौत हो चुकी है। वहीँ करीब 6,185 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 8,068 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। वहीँ दूसरे नंबर पर गुजरात है, जहाँ अब तक 3,301 कोरोना के केस सामने आ चुके हैं। तीसरे नंबर पर दिल्ली है जहाँ अबतक 2918 लोग कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। यहाँ देखें किस राज्यन में COVID-19 के कितने मामले सामने आए हैं।

S. No.StatesConfirmedCuredDeath
1Maharashtra80681076342
2Gujarat3301313151
3Delhi291887754
4Rajasthan218551833
5MP2096302103
6Tamil Nadu1885102024
7UP186828929
8Andhra109723131
9Telengana100228026
10Bengal64910520
11J&K5231376
12Karnataka50318219
13Kerala4583384
14Punjab3137118
15Haryana2891763
16Bihar274562
17Odisha103351
18Jharkhand82133
19Uttarakhand50280
20Himachal40221
21Chhattisgarh37320
22Assam36271
23Andaman33110
24Chandigarh30170
25Ladakh20140
26Meghalaya1201
27Goa770
28Puducherry730
29Manipur220
30Tripura220
31Arunachal110
32Mizoram100
Total confirmed cases27892*6185872

*States wise distribution is subject to further verification and reconciliation