ग्रेटर नोएडा : कोरोना महामारी के दौरान जान जोखिम में डालकर कोरोना वायरस को भगाने में जुटे अधिकारियों व कर्मचारियों के उत्साहबर्धन के लिए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने एक अहम फैसला लिया है। प्राधिकरण द्वारा संकट की इस घड़ी में समाज व देश की सेवा करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को एम्प्लॉयी ऑफ दा मंथ घोषित किया है। इसमें प्राधिकरण के अधिकारी से लेकर कर्मचारी, ठेकेदार व संविदाकर्मी भी शामिल हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ केके गुप्त ने बताया कि कोरोना महामारी से निपटने में प्राधिकरण के अधिकारी व कर्मचारी जुटे हुए हैं। अतिमहत्वपूर्ण कार्य करने के साथ ही समाज सेवा का कार्य भी किया जा रहा है। पुलिस, प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करके प्राप्त आवश्यक दिशा निर्देशों का अनुपालन कर रहे हैं। जान की परवाह किए बिना देश व समाज सेवा में लगे हुए हैं। एसीईओ ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान जान जोखिम में डालकर काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों को एम्प्लायी ऑफ दा मंथ घोषित किया गया है। इसमें वे सभी अधिकारी, कर्मचारी, कोविड-19 यौद्धा, सुरक्षाकर्मी, ड्राइवर, सफाईकर्मी, माली,ठेकेदार तथा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारी शामिल हैं।
उत्तराखंड: एक दिन में ही वापस लिया 9 जिलों में शाम 6 बजे तक दुकानें खोलने का फैसला
देहरादून : रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाऊन को सख्ती से लागू रखना है। सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाए। पेशेन्ट केयर पर विशेष ध्यान दिया जाए। बैठक में तय किया गया कि राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाए। पूरे राज्य में दुकानों के खुलने का समय पहले की तरह सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही रहेगा।
इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तय किया गया था कि ग्रीन जोन वाले 9 पर्वतीय जिलों में दुकानें सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खोलने का फैसला लिया गया था। परन्तु आज शनिवार के फैसले को बदलते हुए फिर से पूरे राज्य में दुकानों के खुलने का समय पहले की तरह सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक कर दिया गया है।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, प्रमुख सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, श्रीमती राधिका झा उपस्थित थे।
शुभ मुहूर्त में खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट, पीएम मोदी के नाम पर पहली पूजा
कोरोना वायरस व लॉक डाउन के चलते समस्त नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट गंगा पूजन, गंगा सहस्त्रनाम पाठ एवं विशेष पूजा अर्चना के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ रोहिणी अमृत योग की शुभ बेला पर आज दोपहर 12:35 बजे कपाट खोल दिए गए है। कपाटोद्घाटन के दौरान सोशल डिस्टेंस का पूर्ण रूप से अनुपालन किया गया तथा सभी के द्वारा मास्क अनिवार्य रूप से पहने गये।
उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल को माँ गंगा जी की डोली उनके मायके व शीतकालीन प्रवास मुखबा से भैरोंघाटी के लिए रवाना हुई थी। भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद मां गंगा की डोली आज प्रातः 7 बजे गंगोत्री के लिए रवाना हुई। जहां गंगा पूजन,गंगा सहस्त्रनाम पाठ एवं विशेष पूजा अर्चना के बाद विधि विधान के साथ गंगा जी की भोग मूर्ति को मंदिर के भीतर विराजमान किया गया।
यमुनोत्री धाम के कपाट भी सादगीपूर्ण ढंग से खोले दिये गए है। मां यमुना की डोली आज प्रातः 8.15 बजे खरसाली से यमुनोत्री धाम के लिए विदा हुई। यमुनोत्री धाम पहुँचने के बाद विशेष पूजा-अर्चना व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ तय मुहूर्त 12 बजकर 41 मिनट पर मंदिर के कपाट सादगीपूर्ण ढंग से दर्शनार्थ के लिए खोले दिये गए है।
इस अवसर पर देश के माननीय यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी के द्वारा तृतीया महापर्व की शुभ बेला पर श्रीपाँच मंदिर समिति गंगोत्री को 1100 रुपये मात्र दान स्वरूप दिए।तथा पहली पूजा माननीय प्रधानमंत्री जी के नाम से हुई।
जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस व देशव्यापी लॉक डाउन के चलते भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुरूप समस्त नियमों को लागू करते हुए दोनों धाम श्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के कपाट आज (रविवार) सादगीपूर्ण ढंग से खोले गए है। कोविड 19 व लॉक डाउन के चलते दोनों धामों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.डीपी जोशी के नेतृत्व में मेडिकल टीम द्वारा कपाटोद्घाटन में शामिल सभी तीर्थ पुरोहितों का मेडिकल परीक्षण किया गया। साथ ही मौके पर सैनिटाइजर, मास्क आदि की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई । नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें यमुनोत्री एवं गंगोत्री में मौजूद रही। जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस प्रभावी रोकथाम के लिए जारी गाइड लाइन के अनुसार समस्त नियमों का अनुपालन कराया गया है तथा आगे भी यह समस्त नियम प्रभावी रहेंगे।
इस अवसर पर गंगोत्री में उप जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी,सीएमओ डॉ डीपी जोशी, सीओ कमल पंवार मन्दिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, व यमुनोत्री धाम में उप जिलाधिकारी सोहन सैनी,यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल, सचिव कृतेश्वर उनियाल सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी तीर्थ पुरोहित मौजूद थे।
कोरोना में डयूटी दे रहे पौड़ी अपर जिलाधिकारी ने सीएम राहत कोष में दी 25 हजार की धनराशि
पौड़ी गढ़वाल: कोरोना वायरस (COVID-19) के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में चल रहे लॉकडाउन की वजह से इस समय देश में आपदा की स्थिति है। ऐसे में कई सामाजिक संगठनों एवं दानवीर लोग आगे आकर कोरोना पीड़ितों एवं जरुरतमंदों के सहायतार्थ स्वेछिक रूप से प्रधानमंत्री राहत कोष/ मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं। वहीँ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कोरोना वारियर्स के रूप में दिन रात अपनी सेवाएं देने के साथ-साथ अपने वेतन में से जरुरतमंदों के सहायतार्थ मुख्यमंत्री राहत कोष में दान भी कर रहे हैं। ऐसे ही एक कोरोना वारियर्स हैं। पौड़ी अपर जिलाधिकारी डॉक्टर शिव कुमार बरनवाल। जो दिन रात कोरोना बचाव में सेवायें दे रहे हैं, साथ ही उन्होंने अपनी वेतन से 25,000 रुपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजकर अन्य अधिकारियों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित किया।
कोरोना संक्रमण: डोर-टू-डोर सर्विलेंस टीम को शहरी क्षेत्र के पढ़े लिखे लोगों का भी नहीं मिल रहा सहयोग
ग्रेटर नोएडा : कोरोना वैश्विक महामारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वे अभियान को शहर के पढ़े लिखे लोगों का भी सहयोग नहीं मिल पा रहा है। विषम परिस्थिति में अपनी जान जोखिम में डालकर काम रहे सर्विलेंस टीम के सदस्यों को कई इलाकों में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही घटनाओं में देशभर कई जगहों पर कोरोना वारियर्स के साथ अभद्रता करने की बात भी सामने आई हैं। कुछ लोग समझाने के बाद भी जानकारी देने से कतरा रहे हैं।
रविवार को सेक्टर बीटा-टू में पहुंची सर्विलेंस टीम को कुछ घरों के लोगों ने जानकारी देने में सहयोग नहीं किया, बाद में पुलिस के हस्तक्षेप करने पर ही उक्त घरों की जानकारी हासिल की जा सकी। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। इस काम में लगे स्वास्थ्यकर्मी हॉट स्पॉट वाले सेक्टरों, सोसायटी व गांवों के साथ आसपास की एरिया में भी घर-घर जाकर लोगों को कोरोना वायरस के लक्षण व बचाव के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इसमें में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एएनएम व डॉक्टरों का सहयोग लिया जा रहा है। परिवार के सदस्यों को बाहर बुलाकर देखते हैं। परिवार में सदस्यों की संख्या, 1 मार्च 2020 के बाद कोई बाहर से तो नहीं आया, किसी को खांसी, बुखार आदि की शिकायत तो नहीं है,आदि जानकारी इकट्ठा की जा रही है।

इस दौरान किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के संदिग्ध लक्षण प्रतीत होने पर उसे सैंपल के लिए भेजा जाता है। सर्विलेंस टीम की मानें तो उन्हें लोगों का अच्छी तरह से सहयोग नहीं मिल पा रहा है। बीते 22 मार्च से चल रहे डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान अब तक कई स्थानों पर विरोध का सामना करना पड़ चुका है। इस बीच प्रदेश के अन्य जिलों में स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हमले को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से सर्विलेंस टीम के साथ अब पुलिसकर्मियों को भी भेजा जा रहा है। सर्विलेंस टीम का नेतृत्व कर रहे एक डॉक्टर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मी इस समय विषम परिस्थिति में काम कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों का सहयोग नहीं मिल पा रहा है। लोग सही जानकारी देने से कतरा रहे हैं। कुछ लोग तो गेट भी नहीं खोलते। उनका कहना है कि डोर- टू- डोर सर्विलेंस टीम के घर पर पहुंचने पर उसे सही जानकारी दें,तभी कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण किया जा सकेगा। जानकारी छिपाने पर खुद की जान को जोखिम में डालेंगे ही,दूसरों को भी दिक्कत होगी। जिलाधिकारी सुहास एल.वाई. द्वारा लगातार अपील की जा रही है कि सर्विलेंस टीम का लोग सहयोग करें। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा जो भी जानकारी की जा रही है,उसके बारे में सही सही बताएं। तभी कोरोना संक्रमण से निपटा जा सकता है।
गौतमबुद्ध नगर में 3 लोगों में कोरोना की पुष्टि, 115 पहुंचा मरीजों का आंकड़ा
ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जनपद में रविवार को कोरोना संक्रमण के तीन नये मामले सामने आये हैं। जिसके बाद अब जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 115 पहुंच गयी है।
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा रविवार शाम 4:00 बजे जारी 92 संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट में तीन मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिनमे से एक 9 साल की बच्ची है, जो ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव की रहने वाली है। दूसरी बच्ची की उम्र 10 वर्ष है जो नोएडा में सेक्टर-8 जेजे कॉलोनी की रहने वाली है। दोनों बच्चियों के परिजन पहले से ही कोरोना वायरस से संक्रमित होने के कारण अस्पतालों में भर्ती हैं। इनके अलावा ग्रेटर नोएडा के तिलपता गांव का एक 25 वर्षीय युवक भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। कोरोना पॉजिटिव पाए गए मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में भर्ती करा दिया है। बता दें कि गौतमबुद्धनगर में अब तक 3053 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं।
उत्तराखंड में दो नए लोगों में कोरोना की पुष्टि, 50 पहुंची मरीजों की संख्या
देहरादून : उत्तराखंड में आज कोरोना संक्रमण के दो मामले सामने आये हैं। दोनों मामले देहरादून जनपद के हैं। हालाँकि ये दोनों मामले शनिवार देर रात के हैं परन्तु आज रविवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पहली जाँच रिपोर्ट में इन दोनों मामलों की पुष्टि हुई है। जिसके बाद अब राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों को संख्या 50 पहुंच गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पहले मामले में ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में काम करने वाले नर्सिंग स्टाफ में शामिल 30 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव पाया गया है जिसके बाद वहां हड़कंप मचा है। स्वास्थ्य कर्मी को एम्स में भर्ती कर दिया है। कर्मचारी के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिलते ही उसके परिजनों और उसके संपर्क में आए कर्मचारियों को क्वारंटीन किया जा रहा है।
वहीँ दूसरा मामला भी देहरादून जनपद का ही है। जानकारी के मुताबिक माजरा आजाद कॉलोनी निवासी प्रसूता महिला ने शनिवार को दून महिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। इस बीच महिला की तबियत खराब होने लगी। जिसके बाद महिला का सैम्पल कोरोना जांच के लिए भेजा गया, और महिला की जाँच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद महिला को कोरोना वॉर्ड में शिफ्ट किया गया है। महिला के परिजनों को क्वारंटाइन किया जा रहा है। राहत वाली बात यह कि बच्चा फिलहाल स्वास्थ है और रिपोर्ट भी नेगिटिव है। राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों को संख्या 50 पहुंच गई है। वहीं 25 मरीज सही हो चुके हैं। जिनमें 26 स्वस्थ्य होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज हो चुके हैं।
नोएडा/ग्रेटर नोएडा के कौन से सेक्टर ग्रीन जोन में हैं और कौन से रेड जोन में? यहाँ देखें।
ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित जिलों में से एक गौतमबुद्ध नगर जनपद अपने आप में एक कोरोना हॉटस्पॉट बना हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी से सटे इस जिले में अब तक कुल 112 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। इनमे से 59 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं, जबकि 53 मरीजों का इलाज चल रहा है। जिले के नोएडा/ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में पड़ने वाले करीब 40 सेक्टर/इलाकों को कोरोना संक्रमित मरीजों के आंकड़ों के हिसाब से रेड जोन, ऑरेंज जोन और ग्रीन जोन में बांटा गया है। ऐसे इलाके जहाँ पिछले 28 दिन से कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं है उन्हें ग्रीन जोन में रखा गया है। जबकि ऐसे इलाके जहाँ पिछले 14 से कोई नया मामला सामने नहीं आया है उसे ऑरेंज जोन में रखा गया है। वहीँ जिन इलाकों में 14 दिनों के अन्दर नए कोरोना मरीज मिल रहे हैं। ऐसे इलाकों को रेड जोन (हॉटस्पॉट) में रखा गया है। अब तक जनपद में 17 रेड जोन, 13 ऑरेंज जोन और 10 ग्रीन जोन हैं।

पौड़ी : बासा स्टे होम खिर्सू में काम करने वाले नेपाली मजदूरों से लूटपाट के आरोप में पटवारी व पीआरडी जवान गिरफ्तार
पौड़ी गढ़वाल : पौड़ी जनपद के खिर्सू स्थित बासा स्टे होम में काम करने वाले नेपाली मजदूरों के साथ लूट पाट करने वाले आरोपियों को श्रीनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहुंचान राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) सुनील रावत, पीआरडी कर्मी रविन्द्र कुमार, उमाकांत के के रूप में हुई है। 12 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने पर एसएसपी ने पुलिस टीम को सम्मनित करने की घोषणा की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दलीप सिंह कुंवर के मुताबिक बासा होम स्टे खिर्सू में काम करने वाले राम बहादुर बुढाक्षेत्री व उसके साथियों की ओर से लूट की शिकायत की गई थी। आरोप है कि कार संख्या 8792 में सवार दो वर्दीधारियों सहित कुल 03 व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट की। साथ ही दो मोबाइल फोन व 14,000 रूपये की नगदी लूट ली। पुलिस ने शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर नरेन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया। पूरी रात आरोपियों की तह छानने के बाद आखिरकार पुलिस इस घटना में लिप्त एक पटवारी तक पहुँची। और पूरी पड़ताल के बाद पुलिस ने कार स्वामी राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) गगवाडस्यूं सुनील रावत, निवासी निकट सैंट थॉमस स्कूल पौडी को गिरफ्तार किया। बाद में उसके साथी घटना में सम्मिलित पीआरडी रविन्द्र कुमार और उमाकान्त को भी पौडी क्षेत्रान्तर्गत बुआखाल से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि पटवारी व पीआरडी के जवानों ने खाकी वर्दी की आड़ में इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस द्वारा सख्ती दिखाने पर तीनो आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल लिया है। आरोपियों से लूट का सामान व नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस टीम में एसएचओ नरेन्द्र सिंह बिष्ट, एसएसआई विनय कुमार, एसआई पुष्पेन्द्र, एसआई प्रद्युमन सिंह, कास्टेबल सुमित जुयाल, कास्टेबल अनुज कुमार आदि शामिल हैं।
वहीँ राजस्व विभाग ने इस मामले में राजस्व उपनिरीक्षक की गिरफ्तारी को संदिग्ध करार दिया है। विभाग ने मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंपे जाने की बात की है। राजस्व विभाग मामले को निजी विवाद से जोड़ कर देख रहा है।
दबोचे गए आरोपी
राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी) गगवाडस्यूं सुनील रावत निवासी निकट सैंट थॉमस स्कूल पौडी जनपद पौडी गढवाल।
उमाकान्त पुत्र नत्थी राम निवासी ग्राम तमलाग पोओ. लोली तहसील व थाना पौडी जनपद पौडी गढवाल।
रविन्द्र कुमार पुत्र स्व. तोताराम निवासी नवनु मल्ला पो.ओ. कोट तहसील व थाना पौडी जनपद पौडी गढवाल।
जगमोहन डांगी की रिपोर्ट
जननायक एच एन बहुगुणा जन्म शताब्दी वर्ष का समापन, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया नमन
जननायक हेमवती नंदन बहुगुणा जन्म शताब्दी समारोह समिति द्वारा आज समिति के राष्ट्रीय समन्वयक धीरेंद्र प्रताप के संयोजन में एक अखिल भारतीय वीडियो कांफ्रेंसिंग श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से आजादी के नायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के 101वें जन्म दिवस पर आयोजित की गई।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग श्रद्धांजलि सभा को अन्य लोगों के अलावा जननायक हिम्मती नंदन बहुगुणा जन्म शताब्दी समारोह समिति के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री व सांसद नील लोहित दास नाडर, उत्तराखंड में प्रतिपक्ष की नेता और स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की बहुत करीबी सहयोगी रही श्रीमति इंदिरा हृदयेश, उत्तराखंड कांग्रेस के भूतपूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, उत्तराखंड सरकार के पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, उत्तराखंड विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष अनुसूया प्रसाद मैखुरी, चिनिहित राज्य आन्दोलनकारी समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हरिकिशन भट्ट, वरिष्ठ पत्रकार और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी प्रदीप वेदवाल, रुड़की से स्वर्गीय: बहुगुणा के सहयोगी रहे सुभाष सरीन, उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष एसपी सिंह इंजीनियर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हरिपाल रावत अलीगढ़ विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और स्वर्गीय बहुगुणा के निकट सहयोगी जैड के फैजान और इदरीश कुरेशी और गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व मंत्री योगेंद्र खंडूरी ने संबोधित किया। स्वर्गीय बहुगुणा के पुत्र विजय बहुगुणा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी,भाजपा के सचिव कामरेड अतुल कुमार अंजान वीडियो कांफ्रेंस में जोड़ने में हाई परेशानियों का जिक्र करते हुए स्वर्गीय बहुगुणा को याद किया और कहा उनका देश की आजादी और देश के नव निर्माण में जबरदस्त योगदान था और वह सिद्धांतों के पक्के थे। उन्होंने हमेशा सिद्धांतों के लिए दलों को छोड़ा था और सत्ता से नाता तोड़ा था। श्री हरीश रावत ने कहा कि उन्हें एम्स अस्पताल में अपने इलाज के लिए जाना पड़ा इस वजह से 12:00 से 1:00 तक डॉक्टर से समय होने के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा ।इससे पूर्व श्रीमती इन्दिरा हृदयेश ने स्वर्गीय बहुगुणा को सिद्धांतों का धनी नेता बताया और प्रशासक के रूप में बहुत ही अच्छी पकड़ वाला प्रशासक बताया। श्री नील लोहित दास नाडर ने स्वर्गीय बहूगुणा जी के द्वारा उठाए गए कई ऐतिहासिक कदमों का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने अपने जीवन में देश की राजनीति को बहुत प्रभावित किया ।उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल श्री अजीज कुरैशी ने बहुत कोशिश की परंतु वीडियो से जुड़ नहीं जुड़ पाए परंतु बाद में एक संदेश में उन्होंने कहा की स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा सिद्धांतों के बहुत पक्की नेता थे और उन्हें हमेशा संघर्षों से जूझने और विजय हासिल करने का एक जज्बा था। धीरेंद्र प्रताप ने अपने संबोधन में कहां बहुगुणा जी कहां करते थे हिमालय टूट सकता है मगर झुक नहीं सकता ।बड़ा दुर्भाग्य रहा कि वह देश के प्रधानमंत्री नहीं बन सके।
योगेंद्र खंडूरी मंत्री प्रसाद नैथानी, वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार प्रदीप वेदवाल, पूर्व विधायक अनुसूया प्रसाद मैखुरी आदि ने भी स्वर्गीय बहुगुणा के साथ गुजारे हुए समय की यादो को साझा किया और कहा कि आज “जब देश के अंदर सांप्रदायिक एकता के बिखरने का खतरा दिखाई दे रहा है उन जैसे नेता की बड़ी भारी आवश्यकता थी।”
नील रोहिदास नाडर ने अंत में कहा कि केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम में बहुगुणा शताब्दी समारोह का समापन होना था व केरल के मुख्यमंत्री ने इस में आना स्वीकार किया था। परंतु को कोरोना की वजह से यह कार्यक्रम रोकना पड़ा ।उन्होंने कहा यह कार्यक्रम रद्द नहीं हुआ है स्थगित हुआ है और जैसे ही कोरोना का भूत भागेगा हम लोग केरल में स्वर्गीय बहुगुणा जी के जन्म शताब्दी समारोह का समापन करेंगे। और अपने दिवंगत महान नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे । उन्होंने श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित तमाम लोगों को इस कार्यक्रम में आने का न्योता दिया।
इस मौके पर धीरेंद्र प्रताप द्वारा रखे गए एक प्रस्ताव में स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के राष्ट्रीय कद और योगदान को देखते हुए उनकी एक आदम कद प्रतिमा दिल्ली में संसद भवन में और देहरादून और गैरसैण की विधानसभा में लगाए जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया गया।












