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पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम ने ली करवट: कहीं बर्फबारी, कहीं ओले तो कहीं झमाझम बारिश, बेमौसम बारिश से यूपी-उत्तराखंड में फसलों को भी नुकसान, हवाएं चलने से बढ़ी सर्दी

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दो दिनों से पूरा उत्तर भारत बारिश में भीगा हुआ है। मैदान से लेकर पहाड़ तक बारिश, तेज हवाएं और ओले गिरने से ठंड भी अचानक फिर बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के साथ दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश होने से जनजीवन पर भी फर्क पड़ा है। ‌उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश शनिवार सुबह तक लगातार जारी रही। उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में कहीं-कहीं बारिश और घने काले बादल छाए हुए हैं।

उत्तराखंड में 22 मार्च तक बारिश और बर्फबारी को लेकर येलो अलर्ट जारी

उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में शुक्रवार शाम से बारिश हो रही है, जिसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने राज्य में 22 मार्च तक बारिश और बर्फबारी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया हैं। ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली की आशंका भी जाहिर की हैं। लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नैनीताल जिले में सबसे ज्यादा 62 एमएम बारिश हुई हैं। देहरादून में 25 एमएम बारिश 24 घंटे के भीतर हो चुकी है। कई इलाकों में बारिश जारी है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथोरागढ जैसे जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया हैं। हरिद्वार में भी बारिश हो रही हैं।

पर्यटन नगरी मसूरी में शुक्रवार देर रात्रि से हो रही भारी बारिश से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया बारिश के चलते सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी। वहीं तापमान में भारी गिरावट के चलते ठंड का प्रकोप बढ़ गया ठंड से बचने के लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। बारिश के कारण देश विदेश से मसूरी घूमने आए पर्यटक भी होटलों में कैद रहे जिससे माल रोड सहित पर्यटक स्थलों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ नजर आया, इस दौरान दुकानदार भी दुकानों में खाली बैठे हुए नजर आए।

उत्तराखंड में बर्फबारी के येलो अलर्ट के बीच मौसम बिगड़ा और बदरी-केदार, हेमकुंड साहिब समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। मौसम में आए बदलाव से फिर ठंड लौट आई है। वहीं केदारनाथ में रुक-रुककर बर्फबारी होने से यहां चार इंच  बर्फ जम गई है। मौसम विभाग ने बताया कि अभी उत्तराखंड में अगले तीन-चार दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। ‌उत्तर प्रदेश में बादलों ने डेरा जमा रखा है। बारिश होने की वजह से कई राज्यों में किसानों की फसलें भी खराब  हुई है।‌ बेमौसम की बारिश होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं।

दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश, कुछ जगहों पर ओलावृष्टि

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में शनिवार दोपहर को तेज हवाओं और गरज के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इस दौरान कुछ जगहों पर भारी ओलावृष्टि भी देखने को मिली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। इस बीच आसमान में घने बादल छाए रहने से चारों ओर अंधेरा भी छा गया।

शनिवार को कानपुर, सहारनपुर, लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद, नोएडा में बारिश हुई हैं। वहीं, अयोध्या, प्रयागराज में बादल छाए हुए है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 4 दिन यानी 22 मार्च तक यूपी का मौसम ऐसा ही उलटफेर भरा रहेगा। ललितपुर और झांसी में ओले गिरे थे। ललितपुर में ओले गिरने से खेत में काम कर रहे 5 किसान घायल हो गए। वहीं, फसलों का भी नुकसान हुआ। यहां शनिवार को किसान ओले से खराब हुई फसलों को लेकर एसडीएम के यहां पहुंच गए। सीएम योगी ने आपदा से हुई जनहानि में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 4 लाख रुपए देने का निर्देश दिया है। वहीं, बारिश-ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्र में तेजी से राहत कार्य करने की कहा है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के 33 शहरों के लिए बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया है। इनमें सीतापुर‚ शाहजहांपुर‚ बाराबंकी‚ कौशांबी, प्रयागराज‚ सोनभद्र‚ मिर्जापुर‚ भदोही‚ बस्ती‚ सिद्धार्थनगर‚ गोंड़ा‚ बलरामपुर‚ श्रावस्ती‚ बहराइच‚ शामली‚ मुजफ्फरनगर‚ बागपत‚ मेरठ हैं। शुक्रवार को 36.2°C के साथ वाराणसी सबसे गर्म जिला रहा है। वहीं, 16.3°C के साथ बरेली सबसे ठंडा शहर रिकॉर्ड किया गया।

वहीं दूसरी ओर दिल्ली में आज अचानक मौसम परिवर्तन के चलते कई इलाकों में हल्की बारिश देखने को मिली। गर्मी के बीच देशभर के मौसम का हाल बदल गया है। दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों समेत कई राज्यों में शनिवार सुबह हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ में 18 से 20 तक बारिश की संभावना है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत आसपास के कई इलाकों में आज सुबह की शुरुआत बारिश के साथ हुई।

मंदी की आहट : अमेरिका में दो बड़े बैंकों के डूबने से दुनिया भर के बैंकिंग सेक्टर सहमें, यूरोप और भारत में भी हलचलें

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Two big banks drowned in America

“अमेरिका में पिछले एक हफ्ते में दो बड़े बैंक दिवालिया हो गए। ‌कैलिफोर्निया में स्थित सिलिकॉन वैली बैंक दिवालिया हुआ। इसके बाद न्यूयॉर्क के सिग्नेचर बैंक पर भी ताला लग गया। इस वजह से अब अमेरिका के बैंकिंग सेक्टर में बड़ा असर देखने को मिल सकता है। सिलिकॉन वैली बैंक के डूबने से 21 भारतीय कंपनियां भी प्रभावित हुई हैं। स्विट्जरलैंड का क्रेडिट सुइस बैंक भी मुसीबत में है। अमेरिका बैंकिंग संकट का असर दुनिया भर में दिखने लगा है।“

दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका इन दिनों आर्थिक संकट में घिरा हुआ है। अमेरिका में पिछले एक हफ्ते में दो बड़े बैंक दिवालिया हो गए। ‌10 मार्च को अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित 16वां सबसे बड़ा सिलिकॉन वैली बैंक डूब गया। इसके ठीक 2 दिन बाद 12 मार्च को न्यूयॉर्क के सिग्नेचर बैंक में भी ताला लग गया। इस वजह से अब अमेरिका के बैंकिंग सेक्टर में बड़ा असर देखने को मिल सकता है। सिलिकॉन वैली बैंक के डूबने से 21 भारतीय कंपनियां भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

अमेरिका के बैंकिंग सेक्टर में आई सुनामी अब यूरोपीय बैंकों को भी अपनी जद में लेती जा रही है। इससे दुनियाभर के बैंकों पर प्रभाव देखने को मिल रहा है। यूएस में पहले सिलिकॉन वैली और फिर तुरंत बाद सिग्नेचर बैंक पर ताला लगा गया। जबकि करीब आधा दर्जन अन्य अमेरिकी बैंकों के बंद होने का खतरा बढ़ गया है। भारत में भी इसकी आहट देखी जा सकती है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी फर्स्ट रिपब्लिक बैंक समेत कई वित्तीय संस्थानों को अंडर रिव्यू में रखा है। पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बैंक दिवालिया होने का कारण पूछा गया तो वह बीच में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चले गए। ‌

हालांकि अमेरिकी सरकार ने लोगों को आश्वासन दिया है कि डिपॉजिटर्स का पैसा सुरक्षित है और वो अपना पैसा निकाल पाएंगे। लेकिन सिलिकॉन वैली बैंक और सिग्नेचर बैंक के साथ ऐसा क्या हुआ और ये दोनों बैंक कैसे बंद हुए। दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी के दो बड़े बैंकों के दिवालिया होने के बाद लोगों को साल 2008 की आर्थिक मंदी याद आ गई है। इसके बैंकिंग संकट का असर दुनिया भर में दिखने लगा है। स्विट्जरलैंड का क्रेडिट सुइस बैंक भी मुसीबत में फंसता नजर आ रहा है। ऐसे में भारत में भी इसका असर दिख रहा है। बैंकों के शेयरों में भारी दबाव देखने को मिल रहा है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दो प्रमुख अमेरिकी बैंकों के डूबने से ग्लोबाल बाजार में भारी गिरावट आई है। इसमें विशेष रूप से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में किए गए फैसले का बाजार में बिकवाली पर अहम असर पड़ेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को यह कहते हुए रिपोर्ट किया गया था कि इसका प्रभाव भारत में सीमित होगा। देश में केवल कुछ तकनीकी स्टार्टअप और आईटी फर्मों को ही ये प्रभावित करेगा। हालांकि, क्रेडिट सुइस बैंक की ओर से अभी भी ये कहा जा रहा है कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में जमा राशि मौजूद है और बैंक के डूबने को कोई खतरा नहीं है। यहां बता दें कि साल 2008 में कियोस्की ने ही सबसे पहले लेहमन ब्रदर्स के डूबने की भविष्यवाणी की थी और इसके धराशायी होने के बाद दुनिया भर ने आर्थिक मंदी का सामना किया था।

ट्रैक्सन डेटा के मुताबिक सिलिकॉन वैली बैंक ने 21 भारतीय स्टार्टअप कंपनियों में इन्वेस्टमेंट किया है। हालांकि ये आंकड़ा ज्यादा भी हो सकता है। इनमें ब्लूस्टोन, कार्वेल, लॉयल्टी रिवॉर्ड, पेटीएम, पेटीएम मॉल और वन97 जैसी कंपनियों के नाम हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2011 के बाद इस बैंक ने भारतीय कंपनियों में इन्वेस्ट नहीं किया है। सिलिकॉन वैली बैंक ने इन 10 भारतीय कंपनियों में सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट किए हैं।

अमेरिका में दोनों बैंकों के डूबने की वजह इंटरेस्ट रेट रिस्क और लिक्विडिटी रिस्क मानी जा रही

आमतौर पर किसी बैंक के डूबने की बड़ी वजह लोन डिफॉल्ट मामलों में उछाल होता है, लेकिन इन दोनों केस में ऐसा नहीं हुआ है। बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि सिलिकॉन वैली और सिग्नेचर बैंक के डूबने की दो बड़ी वजहें रही। पहली इंटरेस्ट रेट रिस्क दूसरी है लिक्विडिटी रिस्क । इंटरेस्ट रेट रिस्क एक बैंक इस जोखिम का सामना तब करता है, जब काफी कम समय में कई बार इंटरेस्ट रेट बढ़ाए जाते हैं।

अमेरिका में महंगाई 40 साल के उच्च स्तर पर है। यही वजह है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए फेडरल रिजर्व ने मार्च 2022 के बाद कई बार इंटरेस्ट रेट बढ़ाए हैं, जो अब 4.5% के करीब पहुंच गई है। ये पिछले 15 साल में सबसे ज्यादा है। इसका असर ये हुआ कि फेडरल बैंक के खजाने में आमदनी यानी यील्ड अचानक से 2% बढ़ गया। इस वजह से बैंक और बाकी दूसरे इन्वेस्टर्स कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और सरकारी ट्रेजरी बिल्स को खरीदने के बजाय पैसा फेडरल बैंक में इन्वेस्ट करने लगे। फिर देखते ही देखते कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और ट्रेजरी की कीमत घटने लगीं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक यील्ड 2% बढ़ने से बॉन्ड्स की कीमत 32% तक गिर सकती है। सिलिकॉन वैली बैंक ने अपनी कुल संपत्ति का 55% हिस्सा अमेरिकी सरकार के बॉन्ड में निवेश किया था। ऐसे में कीमत कम होते ही सिलिकॉन वैली बैंक को भारी नुकसान हुआ। इस बैंक ने नकदी की कमी को दूर करने के लिए मेच्योरिटी से पहले ही ट्रेजरी से पैसा निकालना शुरू कर दिया। इस वजह से बैंक दिवालिया होने के करीब पहुंच गया। लिक्विडिटी रिस्क में जब किसी बैंक को अपना नुकसान करके ग्राहकों को फायदा पहुंचाना होता है तो इसे लिक्विडिटी रिस्क कहते हैं। इसे ऐसे समझिए कि आपने 2019 की शुरुआत में अपनी सारी पूंजी लगाकर और बैंक से कर्ज लेकर एक फ्लैट खरीदा। इसके बाद अचानक से कोरोना महामारी आ गई। ऐसे में अब कर्ज और उसका इंटरेस्ट देने के लिए आपके पास पैसा नहीं है।

एक तरफ बैंक की आमदनी घटती है तो वहीं दूसरी तरफ बैंक में जिन लोगों का पैसा जमा होता है, वह निकालने लगते हैं। इससे पैसा कम पड़ने की वजह से बैंक दिवालिया हो जाते हैं। बता दें कि पिछले 5 साल से ये बैंक बेस्ट बैंक का अवॉर्ड जीत रहा था। लेकिन पिछले 1 साल में ऐसा क्या हुआ कि ये बैंक दिवालिया घोषित हो गया। दरअसल, ये बैंक स्टार्टअप्स से डिपॉजिट लेता है और उन्हें या तो जरूरतमंद स्टार्टअप को लोन के तौर पर देता है या फिर उसे निवेश करता है। सिलिकॉन वैली वैली बैंक ने ये पैसा अमेरिका के बॉन्ड में निवेश किया। अब फेडरल बैंक की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने के बाद बॉन्ड में गिरावट देखने को मिली।

अमेरिका और भारत में बैंकों के डूबने पर ग्राहकों के लिए इंश्योरेंस के यह हैं नियम

बता दें कि अमेरिका और भारत में कोई बैंक दिवालिया होता है तो ग्राहकों के लिए नियम भी बनाए गए हैं। ‌अमेरिका के एफडीआईसी के नियम के अनुसार अगर देश में कोई भी बैंक डूबता है तो निवेशकों को 2.5 लाख डॉलर यानी लगभग 2 करोड़ रुपये तक इंश्योरेंस का लाभ मिलता है। वहीं इससे ज्यादा की राशि मिलना सरकार के दखल पर ही निर्भर करती है।

गौरतलब है कि भारत में भी बैंक ग्राहकों को अमेरिका की तरह इंश्योरेंस कवर का लाभ मिलता है। इस इंश्योरेंस कवर के जरिए ग्राहकों को बैंक डूबने या पैसे न निकल पाने की स्थिति में एक निश्चित राशि मिलना संभव होता है। अमेरिका के एफडीआईसी की तरह यह काम भारत में डीआईसीजीसी करता है। इसके के नियमों के अनुसार बैंक डूबने की स्थिति में ग्राहकों को 5 लाख रुपये की अधिकतम रकम मिल सकती है। भारत में हर कमर्शियल बैंक और कोऑपरेटिव बैंकों के ग्राहकों को डीआईसीजीसी के इंश्योरेंस कवर का लाभ मिलता है। अगर आप अपने बैंक के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो बैंक में जाकर इसके बारे में अधिकारियों से पूछ सकते हैं।

बता दें कि भारत में भी यस बैंक के साथ कुछ ऐसा हुआ था। मैनेजमेंट लेवल पर और कुछ अन्य मामलों में निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद से यस बैंक के शेयरों में भारी गिरावट आई थी तब यस बैंक को बचाने के लिए भी कुछ इसी तरह से 8 बैंक सामने आए थे। रिकंस्ट्रक्शन स्कीम के शुरू किए जाने के बाद से यस बैंक के वित्तीय प्रदर्शन में धीरे-धीरे सुधार हुआ है। प्राइवेट बैंक में निवेश करने वाले निवेशकों के सामने यह शर्त रखी गई है कि उन्हें बैंक में अपने कुल निवेश की 75 फीसदी राशि को लॉक-इन पीरियड में रखना होगा। हालांकि किसी भी देश के लिए बैंक का दिवालिया सीधे ही आर्थिक मंदी की ओर संकेत भी देता है। हालांकि भारत में अभी स्थित नियंत्रण में ही कही जा रही है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने विधानसभा चुनाव से पहले चला बड़ा सियासी दांव, 19 नए जिले और 3 संभाग बनाने का किया एलान

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rajasthan CM ashok Gehlot

Rajasthan News: राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को बड़ा चुनावी दांव चला। ‌मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रदेश में 19 नए जिले और 3 नए संभाग बनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री गहलोत ने शुक्रवार को विधानसभा में इसकी घोषणा की। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त दुरुस्त बनाने के लिए बांसवाड़ा, सीकर और पाली नए संभाग होंगे।

राजस्थान में अब 50 जिले होंगे। इस घोषणा से पहले 31 जिले थे। वहीं राजस्थान में अब 10 संभाग होंगे। जानकारी के मुताबिक, 19 जिलों में अनूपगढ़ (श्रीगंगानगर), बालोतरा (बाड़मेर), ब्यावर (अजमेर), डीग (भरतपुर), डीडवाना-कुचामनसिटी (नागौर), दूदू (जयपुर), गंगापुर सिटी (सवाईमाधोपुर), जयपुर-उत्तर, जयपुर-दक्षिण, जोधपुर पूर्व, जोधपुर पश्चिम, केकड़ी (अजमेर), कोटपूतली-बहरोड़ (जयपुर), खैरथल (अलवर) नीम का थाना (सीकर), फलोदी (जोधपुर), सलूंबर (उदयपुर), सांचोर (जालोर) और शाहपुरा (भीलवाड़ा) को नया जिला बनाया गया है।

वहीं, अब सीकर, पाली और बांसवाड़ा को नए संभाग होंगे। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण राजस्थान में हमारे कई जिले ऐसे हैं, जहां जिला मुख्यालय से कई इलाकों की दूरी 100 किलोमीटर से भी ज्यादा है। इस कारण आमलोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही कई जिलों की जनसंख्या भी अत्यधिक होने के कारण प्रशासन का हर परिवार तक पहुंचना कठिन हो जाता है।

सीएम धामी ने G20 बैठक के आयोजन को लेकर की समीक्षा, अधिकारियों को समय से पहले व्यवस्था करने के दिए निर्देश

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में जी 20 बैठक की आयोजन व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस माह के अंत में रामनगर में होने वाली जी 20 की पहली बैठक की सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये। आयोजन की व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की भी कोई कमी न रहे यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस सन्धु एवं शासन के उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त कुमाऊँ तथा जिला अधिकारी ऊधमसिंह नगर व नैनीताल भी बैठक से जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी 20 की राज्य में आयोजित होने वाली बैठकों से विश्व स्तर पर उत्तराखण्ड की पहचान बनने का अच्छा अवसर है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को इस आयोजन की व्यवस्थाओं की समय से सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर्यटन एवं जैव विविधता से पूरे विश्व को परिचित कराने का भी यह अवसर है इसके लिये सभी स्तरों पर बेहतर व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाये। जिलाधिकारी उधमसिंह नगर एवं नैनीताल को उन्होंने निर्देश दिये कि पंतनगर से रामनगर तक के सड़क मार्ग को सुव्यवस्थित किया जाय। सड़कों की मरम्मत के साथ मार्ग के आस पास के क्षेत्रों में सफाई, सुरक्षा एवं सौन्दर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाये।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी यह अच्छा अवसर है। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि जिन उत्पादों को हम व्यापक स्तर पर वैश्विक पहचान दिला सकते हैं, उनकी विशिष्टता की पहचान कर ली जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जी-20 की बैठकों में आयोजन स्थल पर उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टॉल लगाये जाएं। उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। आयोजन स्थल पर योग एवं पंचकर्म की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले जी-20 की बैठक के बेहतर आयोजन के लिए राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के सुझाव भी लिया जाये। इस संबंध में व्यापक जन जागरूकता के प्रचार पर भी उन्होंने बल दिया।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, डॉ. इकबाल अहमद, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी तथा वन, स्वास्थ्य एवं पुलिस के उच्चाधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी नैनीताल धिराज सिंह गार्बियाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

83 और किसानों को जल्द मिलेंगे छह फीसदी आवासीय भूखंड, ग्रेनो प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने दी सैद्धांतिक स्वीकृति

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ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी की पहल पर किसानों को छह फीसदी आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और तेज हो गई है। प्राधिकरण जल्द ही चार गांवों के 83 किसानों को 6 फीसदी आबादी भूखंड देने जा रहा है। सीईओ ने इन भूखंडों को दिए जाने पर सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। नियोजन विभाग ने इन किसानों की सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित कर दी है। इस पर किसानों से आपत्ति व सुझाव मांगे गए हैं। इनका निस्तारण कर किसानों को छह फीसदी आबादी भूखंड आवंटित कर दिए जाएंगे।

दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बीते साल 28 दिसंबर को संपन्न 128वीं बोर्ड बैठक में किसानों को देय 6 व 10 आबादी भूखण्डों के नियेाजन व आवंटन की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने से के लिए प्रस्ताव अनुमोदित किया गया था। इस प्रस्ताव के क्रम में 16 ग्रामों में एंड टू एंड सर्वे कराया गया। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर 04 ग्रामों (बिरौंडा, चुहड़पुर, मायचा व रोजा याकूबपुर) के पात्र किसानों के 83 भूखंडों के नियोजन प्रस्ताव पर सीईओ रितु माहेश्वरी ने  सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्राधिकरण बोर्ड से अनुमोदित नीति के अनुसार जन समान्य से आपत्ति/सुझाव आमंत्रित किये जाने के लिए सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की गई।

ग्राम बिरौंडा में आपत्ति/सुझाव प्राप्त हो चुके है। ग्राम चुहड़पुर की सार्वजनिक सूचना प्रकाशित की जा चुकी है। इसके अलावा रोजा याकूबपुर व मायचा की सार्वजनिक सूचना शीघ्र  प्रकाशित कराया जाने की प्रक्रिया चल रही है। प्राधिकरण के एसीईओ अमनदीप डुली ने बताया कि सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन के बाद प्राप्त आपत्ति/सुझाव पर शीघ्र सुनवाई कर निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद भूखंडों का आवंटन किया जाएगा।  दो अन्य ग्रामों (जैतपुर-वैशपुर व खोदना खुर्द) के भूखंडों के नियोजन के प्रस्ताव तैयार कराये गये है। इनकी सैद्धांतिक स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।

इसी क्रम में अन्य ग्रामों के काश्तकारों को देय कृषक आबादी भूखंडों का भी शीघ्र नियोजन कर भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। समान आकार के भूखंडों का ड्रा के माध्यम से आवंटन किया जाएगा। वहीं, सीईओ के निर्देश पर आबादी के लीज बैक के प्रकरणों को निपटाने की दिशा में भी तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। लंबे अर्से बाद लीज बैक प्रकरणों के लिए एसीईओ की अध्यक्षता में बनी समिति किसानों की सुनवाई कर रही है। समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर सीईओ की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष रखेगी।

सीईओ का बयान

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी का कहना है कि प्राधिकरण किसानों के सभी मसले सुलझाने के लिए प्रयासरत है। ग्राम विकास हो, लीज बैक हो या फिर छह फीसदी आवासीय भूखंड के प्रकरण हो, सभी को हल करने की पूरी कोशिश की जा रही है। किसानों के ये सभी प्रकरण जल्द सुलझा लिए जाएंगे।

हॉट मिक्स से बनेंगी खिर्सू और थलीसैंण की सड़कें: डॉ. धन सिंह रावत

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 देहरादून : श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत खिर्सू एवं थलीसैंण ब्लॉक में हॉट मिक्स तकनीकी से सड़कें बनाई जायेगी। इसके लिये शासन स्तर से लगभग 20 करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई है। खिर्सू ब्लॉक में जहां दो सड़कों का निर्माण हॉट मिक्स तकनीकी से किया जायेगा, वहीं थलीसैंण ब्लॉक में इस तकनीकी से एक सड़क बनाई जायेगी। लगभग 29 किलोमीटर की इन तीनों सड़कों का निर्माण पीएमजीएसवाई द्वारा किया जायेगा। सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जायेगा, अगर गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही बरती गई तो संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने में जुटी है ताकि आम लोगों को आवागमन में आसानी हो सके। उन्होंने कहा कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में नवीन सड़कों के निर्माण के साथ-साथ पुरानी एवं क्षतिग्रस्त सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जायेगा। प्रथम चरण में खिर्सू ब्लॉक की दो जबकि थलीसैंण ब्लॉक की एक सड़क को हॉट मिक्स तकनीकी से तैयार किया जायेगा। इसके लिये शासन स्तर से लगभग 20 करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई है।

डॉ. रावत ने बताया कि खिर्सू ब्लॉक के अंतर्गत 9.76 किलोमीटर के खंडाह-ढ़ामकेश्वर-भेलगढ-कठुली मोटर मार्ग के निर्माण को 668 लाख तथा 7.69 किलोमीटर के चौबट्टाखाल-हुल्कीखाल से कठुली मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 548 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है। जबकि थलीसैंण ब्लॉक के अंतर्गत 11.35 किलोमीटर के चौखाल-जसपुरखाल-भंडेली मोटर मार्ग के निर्माण हेतु 759 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है।

डॉ. रावत ने बताया कि तीनों मोटर मार्गों का निर्माण शीघ्र ही पीएमजीएसवाई द्वारा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा लम्बे समय से इन सड़कों के डामरीकरण की मांग की जा रही थी। डा. रावत ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सड़कों के निर्माण एवं सुधारीकरण में किसी भी प्रकार की कोताही नही बरती जायेगी और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जायेगा। सड़कों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पायी गई तो संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण का किया औचक निरीक्षण, जाना मरीजों का हालचाल

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CM Dhami surprise inspection in chc Gairsain

Gairsain News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता एवं मरीजों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण के नवीन भवन की कार्य प्रगति का भी अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदाई संस्था को इसका निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहे हैं। आयुष्मान योजना के तहत इस बार बजट में वृद्धि की गई है। इस योजना का लाभ सभी कार्ड धारकों को मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।

इस अवसर पर विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, मुन्ना सिंह चौहान, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना, एसपी प्रमेन्द्र डोभाल, सीएमओ डॉ. राजीव शर्मा , अपर जिलाधिकारी अभिषेक त्रिपाठी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंड के किसान ने जैविक खेती कर हल्दी के एक पौधे से 25 किलोग्राम हल्दी पैदाकर वर्ल्ड ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड में किया नाम दर्ज

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25 kg of turmeric from one turmeric plant

Uttarakhand news : हमारे देश में यूँ तो हल्दी का उत्पादन सबसे ज्यादा महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्णाटक तथा तमिलनाडु आदि राज्यों में होता है। बावजूद इसके उत्तराखंड के एक किसान ने अपनी जैविक खेती की मेहनत के बल पर हल्दी के एक पौधे से 25 किलोग्राम हल्दी पैदा करने का एक रिकॉर्ड कायम किया है। नैनीताल जिले के गौलापार निवासी प्रगतिशील किसान नरेन्द्र मेहरा ने हल्दी के एक पौधे से जैविक तरीके से (बिना रसायन खाद के) 25 किलो हल्दी उत्पादित कर अपना नाम वर्ल्ड ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया है। गहन निरीक्षण के बाद वर्ल्ड ग्रेटेस्ट रिकॉर्ड ने उनकी इस उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड में शामिल करते हुए उन्हें गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र दिया है। नरेन्द्र मेहरा को तमिलनाडु कोयंबटूर में आयोजित कार्यक्रम में गन्ना आयुक्त एचडी पांडे तथा संस्थान की निदेशक डॉ. हेमा प्रभा ने उन्हें प्रमाण पत्र और मेडल दे कर सम्मानित किया। हालाँकि यह करिश्मा उन्होंने पिछले वर्ष ही दिखा दिया था, जिसका इनाम उन्हें अब मिला है।

मेहरा ने मीडिया को बताया कि दो वर्ष पहले उन्होंने घर के पास पानी का टैंक बनवाया। टैंक की खुदाई के दौरान निकली मिट्टी में कुछ दिनों बाद हल्दी का पौधा उग आया। पहले वर्ष इससे तीन-चार कोपल निकली। स्वत: निकली हल्दी की कोपलों के किनारे में उन्होंने वर्मी कंपोस्ट (गोबर की जैविक खाद) डाली। कीटनाशक रोकथाम के लिए तरल जैविक खाद का छिड़काव किया। पतझड़ में पत्तियां झड़ गईं, लेकिन अगले वर्ष फिर नई कोपल निकल आई। उसके बाद उन्होंने कंद के आसपास की मिट्टी निकालकर फिर से जैविक खाद दी। कुछ समय बाद उन्होंने हल्दी के पौधे का खुदान किया। पौधा उनकी उम्मीद से अधिक विस्तार लिए था। उन्होंने गैंती और दो मजदूरों की मदद से हल्दी की कंद को निकाला। जब उसे तराजू में तोला तो वह करीब 25 किलो निकली।

प्रयोगधर्मी किसान के रूप में पहचान बनाने वाले मेहरा ने कृषि क्षेत्र में अनेक अभिनव प्रयोग किए हैं। वे धान और गेहूं की फसलों का जैविक विधि से उत्पादन कर चुके हैं। इस के साथ ही वह विलुप्त हो रहे परम्परागत धान के बीजों के संरक्षण का काम भी कर रहे हैं। वे पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से जैविक खेती की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

संसद में भाजपा और कांग्रेस के बीच जमकर टकराव, विपक्ष ने केंद्र खिलाफ की नारेबाजी, सोनिया, खड़गे और राहुल भी हुए शामिल, कार्यवाही सोमवार तक स्थगित

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Fierce confrontation between BJP and Congress in Parliament

राजधानी दिल्ली में सोमवार से बजट के दूसरे सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई। बजट सत्र के प्रथम चरण में फरवरी महीने में कांग्रेस समेत विपक्ष अडानी मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरता रहा और जमकर हंगामा किया था। लेकिन अब भाजपा के सांसद और मंत्री कांग्रेस से राहुल गांधी के लंदन में दिए गए बयान पर माफी मांगने को लेकर हंगामा किए हुए हैं।

शुक्रवार को भी हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक स्थगित हो गई है। लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा। लोकसभा में 5वें दिन की कार्यवाही शुरू होने के 20 मिनट बाद ही खत्म हो गई। सदन में नारेबाजी के चलते अध्यक्ष ओम बिड़ला ने लोकसभा को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। कांग्रेसी सांसद राहुल गांधी को बोलने दो के नारे लगा रहे थे। जबकि जबकि भाजपा पिछले 4 दिन से राहुल गांधी के कैम्ब्रिज वाले बयान पर माफी की मांग कर रही है। राज्यसभा भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

विपक्षी दलों ने सोनिया गांधी, राहुल और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ मिलकर महात्मा गांधी की मूर्ति के पास अडानी मामले पर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, वो खुद ही राष्ट्रविरोधी हैं और दूसरों को वो राष्ट्रविरोधी कह रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। वो अडानी मामले, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे को छुपाने के लिए वो ऐसी बातें कर रहे हैं। क्या राहुल गांधी कभी राष्ट्रविरोधी हो सकते हैं।

वहीं केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, जैसा कल कहा (राहुल गांधी ने) कि दुर्भाग्य है कि वो सांसद हैं। सही मायने में ये दुर्भाग्य है कि वो सांसद हैं क्योंकि जिस सदन का वो हिस्सा हैं। उसको ही बदनाम करने और उसके बारे में झूठ फैलाने का काम वो विदेशी धरती पर करते हैं। सदन में होंगे तो शायद कुछ कर पाएंगे। झूठ बोलना उनकी आदत बन गई है। उनको बिना शर्त के माफी मांगनी चाहिए।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने किया पलटवार

भाजपा राहुल गांधी से माफी मांगने की अपनी मांग पर अड़ी हुई है। आज भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की। नड्डा ने कहा, राहुल गांधी अपने पाप पर देश से माफी मांगे। पाकिस्तान और कांग्रेस की भाषा एक जैसी है। जेपी नड्डा ने कहा कि दुर्भाग्य की बात यह है कि देश विरोधी गतिविधियों में कांग्रेस पार्टी शामिल हो गई है। जनता की ओर से बार-बार नकार दिए जाने के बाद अब राहुल गांधी इस देशविरोधी टूलकिट का एक स्थायी हिस्सा बन गए हैं।

एक ओर आज भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा है। जी20 की बैठक हो रही है, लेकिन राहुल गांधी विदेशी धरती पर देश और संसद का अपमान कर रहे हैं। मैं राहुल गांधी से जानना चाहता हूं इसके पीछे उनकी मंशा क्या है। बीजेपी चीफ जेपी नड्डा के बाद अब कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, अगर बीजेपी के अध्यक्ष ने ऐसा बचकाना बयान दिया है तो मैं कहना चाहता हूं कि उन्हें अपनी भाषा पर संयम रखने की जरुरत है। नड्डा जी को मैं राय दूंगा कि उनको उनके पद की रेस्पेक्ट करनी चाहिए, ये सारे बयान उनके बचकाने और बे बुनियादी हैं।

वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को नोटिस देकर उनसे जवाब मांगा है। राहुल गांधी का श्रीनगर में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिया गया एक बयान सामने आया था जिमसें वो बता रहे है कि महिलाओं के साथ बलात्कार और शोषण हुआ है। नोटिस के जरिए दिल्ली पुलिस ने उनसे ये पूछा है कि हमें उन तमाम महिलाओं के बारे में जानकारी दे ताकि हम करवाई कर सके।

नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित आहार मेला में उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी

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नई दिल्ली : भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 10 हजार एफपीओ के गठन एवं संवर्धन योजना के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सीबीबीओ के मार्गदर्शन में गठित हिमचूली एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लि. बलुवाकोट, धारचूला, पिथौरागढ़ से जुड़े किसानों द्वारा सिनर्जी टेक्नोफीन प्रा. लि. नई दिल्ली के विशेष सहयोग से प्रगति मैदान नई दिल्ली में आयोजित आहार मेला में स्थानीय उत्पाद जैसे बद्री गाय का शुद्ध घी, प्राकृतिक शहद, लाल चावल, काला भट्ट, राजमा झूगर, मडुवा, गंधोरनी, भंगीरा, हरि उरद व  कुट्टू का आट्टा, प्राकृतिक चीज़े से बनी सजावट सामग्री आदि की प्रदर्शनी संस्था की सदस्य व समाजसेवी प्रियंका जोशी के नेतृत्व में लगाई गई है। उक्त प्रदर्शनी से न सिर्फ स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध हो रहा है बल्कि किसानों की आय दोगुनी एवं नाइ पीढ़ी भी परम्परागत अनाजों की जानकारी प्राप्त कर रही है।

सिनर्जी ग्रुप से जुड़े कमलेश्वर भंडारी, विवेक चौधरी व राहुल चहल का विशेष सहयोग रहा। हिमचूली एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लि. धारचूला में 200 से अधिक महिला किसान जुड़ी हुई है । इन महिलाओं के स्थानीय उत्पादों की बिक्री हेतू यह प्रदर्शनी मील का पत्थर साबित हो रही है ।