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पीएमओ का बड़ा अधिकारी बताने वाला ठग पुलिस की गिरफ्त में, चेहरे पर हाव-भाव और सूट-बूट देखकर पुलिस अधिकारी भी खा गए धोखा, वीडियो

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आज एक ऐसी ठग की कहानी बताने जा रहे हैं जो अपने शौक और रील बनाने के लिए माहिर है। चेहरे पर हाव-भाव और सूट-बूट से अच्छे-अच्छे पुलिस अधिकारी भी धोखा खा गए। आखिरकार यह ठग पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया। जम्मू कश्मीर का दौरा कर सुर्खियों में आने वाले इस ठग ने खुद को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताया। किरण पटेल ने जम्मू कश्मीर दौरे पर पहुंचने के बाद खुद को पीएमओ का अतिरिक्त निदेशक, रणनीति और अभियान बताया।

गुजराती व्यक्ति किरण पटेल पर फर्जीवाड़े का शक होने पर श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया। गुरुवार को एक स्थानीय अदालत ने किरण पटेल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी गड़बड़ी और समय पर ढोंगी का पता लगाने में विफलता के लिए कार्रवाई शुरू की गई है।

बता दें कि खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय में रणनीति और अभियानों का जिम्मा संभालने वाला एडिशनल डायरेक्टर बताने वाले पटेल को करीब 10 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी को पुलिस ने गोपनीय रखा। गुरुवार को मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद यह मामला सामने आया। यह स्पष्ट नहीं है कि उसकी गिरफ्तारी के दिन ही एफआईआर दर्ज की गई थी या वह दर्ज करने में कुछ देरी हुई थी। इस ठग ने घाटी में पहली यात्रा फरवरी में की थी। तब उसने हेल्थ रिसॉर्ट्स का दौरा किया था।

अर्धसैनिक बल और पुलिस की सुरक्षा के साथ उसके विभिन्न स्थानों की यात्राओं के कई वीडियो हैं। वह पैरामिलिट्री गार्डों के साथ बडगाम के दूधपथरी में बर्फ के बीच से गुजरता हुआ नजर आ रहा है। वह श्रीनगर में क्लॉक टॉवर लाल चौक के सामने फोटो खिंचवाते हुए भी नजर आ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात पुलिस की एक टीम भी जांच में शामिल हो रही है।

बता दें कि किरण पटेल नाम के शख्स की ट्विटर बायो में इन्हें पीएचडी डिग्री धारक बताया गया है। ट्विटर की टाइमलाइन देखने पर पता लगता है कि इसने जम्मू कश्मीर दौरे के बारे में कई फोटो-वीडियो पोस्ट की हैं। इसमें एक वीडियो में उन्हें सुरक्षाबलों के साथ जम्मू कश्मीर की सड़कों पर घूमते देखा जा सकता है।

उत्तराखंड : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार, किस जिले से किसको मिली जिम्मेदारी, देखें सूची

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देहरादून : उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए प्रदेश प्रवक्ता और कार्यकारिणी सदस्यों की नियुक्ति की। इसकी जानकारी प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी ने दी।

नैनीताल के विकास भगत को प्रदेश प्रवक्ता और प्रदेश के लगभग सभी जनपदों से पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी को मजबूत करने व 2024 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए ही सभी वर्गों को स्थान दिया गया है।

देखें किस जिले से किसको मिली ये जिम्मेदारी

  1. समीर मिश्रा चमोली
  2. कृष्णमणि थपलियाल चमोली
  3. जयवीर चौहान उत्तरकाशी
  4. विक्रम कंडारी रुद्रप्रयाग
  5. रघुवीर सिंह सजवान टिहरी
  6. मदन सिंह रावत टिहरी
  7. राजवीर सिंह राठौर देहरादून ग्रामीण
  8. हरीश डोरा देहरादून महानगर
  9. दिलीप कंडारी         देहरादून महानगर
  10. सुदेश कंडवाल ऋषिकेष
  11. सुशील चौहान हरिद्वार
  12. अजय सिंघल रुड़की
  13. जगत किशोर बर्थवाल पौड़ी
  14. महेश खुल्वे नैनीताल
  15. मनीष अग्रवाल नैनीताल
  16. विरेंद्र शाह पिथौरागढ़
  17. महिमन कन्याल पिथौरागढ़

विश्व हिन्दी रचनाकार मंच के संयोजक मण्डल के सदस्य बने अखिलेश चन्द्र चमोला

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विश्व हिन्दी रचनाकार मंच पंजीकृत न्यास ने राजकीय इन्टर कालेज सुमाडी विकास खंड खिर्सू में कार्यरत हिन्दी अध्यापक अखिलेश चन्द्र चमोला को विश्व हिन्दी रचनाकार मंच के संयोजक मण्डल का सदस्य मनोनीत किया है।

विदित हो विश्व हिन्दी रचनाकार मंच ऐसा मंच है जो कि विश्व स्तर पर हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए संकल्प बद्ध होकर कार्य करता है।इस मंच का उद्देश्य बेहतर साहित्य सृजन करने वालों प्रोत्साहित  करते हुए  मंच  देकर उन्हें निशुल्क सम्मानित करना है। राघवेंद्र ठाकुर इस संस्था के संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।

इस तरह के प्रतिष्ठित मंच से संयोजक मण्डल में शामिल होना बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाता है। इस खबर से साहित्य प्रेमियों व समाज सेवियों  में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। सबका मानना है कि शिक्षक चमोला के चयन से हिन्दी साहित्य के प्रचार प्रसार को बल मिलेगा। इस उपलब्धि पर शिक्षक चमोला से सम्पर्क करने पर उन्होंने बताया कि हिन्दी अध्यापक होने के नाते हिन्दी रचनाकार मंच की जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए गौरव का विषय है।मै अपने दायित्व का निर्वहन समुचित रुप से करुंगा।

अरुणाचल प्रदेश में चीता हेलीकॉप्टर क्रैश में दोनों पायलट की मौत, शव बरामद

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Cheetah helicopter crash in Arunachal Pradesh

अरुणाचल प्रदेश में गुरुवार को भारतीय सेना के चीता हेलीकॉप्टर क्रैश में दोनों पायलट की मौत हो गई है। इनके नाम लेफ्टिनेंट कर्नल वीवीबी रेड्डी और मेजर जयंत ए. हैं। आर्मी के अधिकारियों की तरफ से इसकी पुष्टि कर दी गई है।

आज सुबह लगभग 9:15 बजे इस हेलिकॉप्टर ने अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला के पास से ऑपरेशनल उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ देर बाद ही हेलीकॉप्टर का एटीसी से संपर्क टूट गया और बाद में ये बोमडिला के पश्चिम में मंडला के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर पायलटों के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसके कुछ घंटों बाद दोनों पायलटों के शव बरामद हुए हैं।

हेलीकॉप्टर का मलबा दोपहर 12.30 बजे बरामद किया गया। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन सेल के सुप्रिटेंडेंट ऑफ पुलिस रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि जहां पर हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था वहां पर मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं है, मौसम भी काफी खराब है, कोहरा की वजह से विजिबिलिटी सिर्फ 5 मीटर ही है।

उत्तराखंड में उच्च शिक्षा में इन तीन नई योजनाओं की होगी शुरुआत : डॉ. धन सिंह रावत

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higher education in Uttarakhand

देहरादून : राज्य सरकार ने नये शैक्षिक सत्र से उच्च शिक्षा विभाग में तीन नई योजनाएं शुरू करने का निर्णय लिया है। जिसके लिये वित्तीय वर्ष 2023-24 में बजट का प्रावधान कर दिया गया है। नई योजनाओं के तहत राजकीय महाविद्यालयों में शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अनुसंधान एव विकास प्रकोष्ठ की स्थापना, छात्र-छात्राओं को उद्यमिता एवं कौशल विकास का प्रशिक्षण तथा स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जायेगी।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुये उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। जिनकी झलक वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में देखने को मिल रही है। राज्य सरकार ने नवीन वित्तीय वर्ष हेतु बजट में उच्च शिक्षा विभाग के लिये कुल रू0 817 करोड़ की धनराशि का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि शोध, उद्यमिता, कौशल विकास तथा नवाचार उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण घटक हैं जिन्हें इस बजट में सम्मिलित करते हुये राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

इसी क्रम में नये शैक्षणिक सत्र से उच्च शिक्षा विभाग तीन नई योजनाएं शुरू करने जा रहा है। जिसके अंतर्गत राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिये राज्य अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ की स्थापना हेतु बजट में 2 करोड़ रूपए की धनराशि का प्रावधान किया गया है। जबकि महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं में उद्यमिता, कौशल विकास तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिये 7 करोड़ 11 लाख 95 हजार का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार  स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं में प्रतिस्पर्धा तथा गुणवत्ता संवर्धन हेतु प्रत्येक संकाय के तीन श्रेष्ठ छात्र-छात्राओं को न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर छात्रवृत्ति देने का भी निर्णय लिया गया है, जिस हेतु वर्तमान बजट में 10 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है।

विभागीय मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से पूर्व में ही देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौता पत्र हस्ताक्षरित किये हैं, जिनमें भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद भी शामिल है जो कि राज्य में अपना एक केन्द्र स्थापित कर उद्यमिता, कौशल विकास व स्टार्टअप संस्कृति  को विकसित करने की दिशा में कार्य करेगा।

महबूबा मुफ्ती के मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने पर भाजपा ने नौटंकी कहा, तो मौलाना ने निशाना साधा, मामला बढ़ने पर पीडीपी सुप्रीमो ने दी सफाई

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Mehbooba Mufti performed Jalabhishek on Shivling in the temple

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुक्ति अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहती हैं। अब वह मंदिर जाने पर भाजपा और मौलाना के निशाने पर आ गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पिछले दिनों पुंछ जिले की अपनी यात्रा के दौरान नवग्रह मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने पूरे मंदिर का चक्कर लगाया और शिवलिंग का जलाभिषेक भी किया। उन्होंने मंदिर परिसर में बनी यशपाल शर्मा की प्रतिमा पर भी पुष्पवर्षा की परन्तु, बीजेपी ने मुफ्ती की मंदिर यात्रा को ‘नौटंकी’ बताते हुए निशाना साधा है।

जम्मू-कश्मीर के भाजपा प्रवक्ता रनबीर सिंह पठानिया ने कहा कि 2008 में महबूबा और उनकी पार्टी ने अमरनाथ धाम के लिए जमीन के अलॉटमेंट का विरोध किया था। श्रद्धालुओं के लिए इस जमीन पर निवास स्थान बनाए जाने थे। अब उनका मंदिर जाना केवल एक ड्रामा है। इससे उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा। अगर राजनीतिक ड्रामों से कुछ हासिल होता तो जम्मू-कश्मीर आज समृद्धि का बाग बन गया होता।

राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता कविंद्र गुप्ता ने कहा, मैं भी मंदिर का दर्शन करके आया हूं लेकिन खबर महबूबा बनीं क्योंकि वह कुछ अलग कर रही हैं। जाहिर है कि चुनाव नजदीक आने पर वे लोग इस तरह का ड्रामा और दिखावा करने लगते हैं। अगर ये लोग वास्तव में राज्य का भला करना चाहते हैं तो इन्हें देश एवं जम्म-कश्मीर के हित में काम करना चाहिए।

वहीँ देवबंद के मौलाना असद कासमी ने महबूबा के मंदिर जाने और वहां शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विरोध किया है। कासमी ने कहा- महबूबा ने जो किया, वह गलत है। यह इस्लाम के खिलाफ है। इससे पहले पुंछ जिले में महबूबा मुफ्ती ने जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि बीजेपी का मकसद देश को हिंदू राष्ट्र बनाने का नहीं, बल्कि ‘भाजपा राष्ट्र’ बनाने का है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी भारत को ‘बीजेपी राष्ट्र’ बनाने के लिए विपक्षी दलों पर कथित हमले कर रही है, जिस पर उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी।

वहीं दूसरी ओर महबूबा मुफ्ती ने पूजा के बाद कहा था, ‘यह मंदिर यशपाल शर्मा और उनके बेटे ने बनवाया था। महबूबा मुफ्ती ने पुंछ के नवग्रह मंदिर में पूजा करने को लेकर सफाई पेश की है। मामला बढ़ने पर मुफ्ती ने कहा कि, यह मंदिर यशपाल शर्मा ने बनवाया था और उनका बेटा चाहता था कि मैं मंदिर के अंदर जाऊं। इसके बाद किसी ने मुझे पानी से भरा बर्तन दिया। तो मना करना गलत होता इसलिए मैंने पूजा की। मुफ्ती ने कहा कि अगर इतनी श्रद्धा से आपके हाथ में पूजा के लिए कोई चीज देता है तो आप कैसे किसी को मना कर सकते हैं? साथ ही साथ महबूबा ने कहा कि हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष देश है। यहां की तहजीब गंगा जमुनी है।

मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी महबूबा मुफ्ती ने साल 1996 में शुरू की सियासी पारी

बता दें कि साल 1996 में कांग्रेस में शामिल हो अपना सियासी सफर शुरू करने वाली महबूबा ने राजनीति का ककहरा पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद से सीखा। उन्होंने पहला चुनाव बिजबेहरा विधानसभा सीट से जीता। कांग्रेस नेताओं से पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के अच्छे संबंधों के चलते महबूबा राज्य विधानसभा में नेता की विपक्ष बन गईं। 1999 में महबूबा ने कांग्रेस छोड़ दी। नवगठित जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक पार्टी की वो उपाध्यक्ष बनीं। 1999 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया, लेकिन उमर अबदुल्ला से चुनाव हार गईं। 2002 में राज्य विधानसभा चुनाव में वे पहलगाम से चुनाव जीतीं। 2004 में महबूबा मुफ्ती कांग्रेस गठबंधन सरकार का हिस्सा बनीं और लोकसभा चुनाव में भी जीत गईं।

कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती ‘डैडी गर्ल’ के नाम से मशहूर है, उन्हें राजनीति पिता से विरासत के रूप में मिली है। उनके पिता मुफ़्ती मोहम्मद सईद 2002 से 2005 के दरमियान जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री थे। सन 1989 में वीपी सिंह सरकार में वे भारत के गृहमंत्री बनाए गए थे। गौरतलब है कि महबूबा की बहन रुबिया सईद को आतंकियों ने किडनैप किया था। आतंकियों ने इस किडनैपिंग को तब अंजाम दिया था, जब उनके पिता मुफ़्ती मोहम्मद सईद गृहमंत्री थे। यह घटना 1989 की है। तब रुबिया मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही थी। रुबिया जब कॉलेज की बस से घर लौट रही थी, तब उन्हें बीच रास्ते में आतंकियों ने नोवगाम से बंदूक की नोंक पर किडनैप कर लिया था।

किडनैपिंग के लिए आतंकियों ने एक सफेद मारुति 800 कार का इस्तेमाल किया था। रुबिया को अगवा करने के बाद भारत सरकार से आतंकियों ने उनके पांच साथियों को रिहा करने की मांग की थी। इन पांच आतंकियों में जेकेएलएफ के कमांडर शेख अब्दुल हमीद, गुलाम नबी बट, नूर मोहम्मद कलवल, मोहम्मद अल्ताफ, जावेद अहमद जरगर शामिल थे। महबूबा मुफ्ती ने 1996 में विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 2004 में अनंतनाग निर्वाचन क्षेत्र से संसद के निचले सदन के लिए चुने जाने से पहले लगातार दो बार कश्मीर के विधायक के रूप में कार्य किया। 2014 में फिर से वो सांसद बनीं। इसके बाद 2016 में अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद वो जम्मू-कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। उन्होंने दो साल तक सरकार चलाई, लेकिन 2018 में जब भाजपा ने समर्थन वापस लिया तो उनको इस्तीफा देना पड़ा।

उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में धामी सरकार ने 7 प्रस्तावों पर लगाई मुहर, विधवा पुत्रवधू को भी मृतक आश्रित में जोड़ा गया, जानिए अन्य फैसले

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उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में गुरुवार को आयोजित हुई कैबिनेट की बैठक में धामी सरकार ने 7 प्रस्ताव को मंजूरी दी। बता दें कि 1 दिन पहले बुधवार को उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल ने 77 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट पेश किया था।

वहीं गुरुवार को सीएम धामी में मत्रिमंडल की बैठक आयोजित की। यह भराड़ीसैंण में धामी कैबिनेट की दूसरी बैठक थी। इस बैठक में सात महत्वपूर्ण पुस्तकों पर मुहर लगी। ‌ जिसमें पर्यटन नीति 2023 प्रख्यापित। फारेस्ट में पेड़ काटने पर जुर्माना डबल किया गया, जेल नहीं होगी।

वन संरक्षण अधिनियम में संशोधन। उत्तर प्रदेश निजी वन अधिनियम में सजा का प्राविधान हटाकर वित्तीय दण्ड बढ़ाए जाने का निर्णय। पर्यटन ऑपरेशनल गाइडलाइन नीति 2018 में संशोधन। पीएमजीएसवाई के 38 कनिष्ठ अभियंताओं को ग्राम्य विकास विभाग में लिया गया।

कर्मचारी मृत सेवा आश्रित नियमावली में विधवा पुत्रवधु को भी जोड़ा गया। अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में आयोजित हुए ड्रोन शो की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई।

दस हजार बच्चों के साथ धाद के फूलदेई अभियान में आज प्राइमरी स्कूल भितरली के बच्चों ने भाग लिया

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धाद के साथ फूलदेई अभियान में आज प्राइमरी स्कूल भितरली के बच्चों ने भाग लिया। बच्चों ने स्कूल के प्रांगण में खिले फूलों को तोड़ने के बाद सभी कक्षाओं की दहलीज पर डालते हुए फूलदेइ के गीतों का गायन किया। और सामूहिक नृत्य के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।

इसके पश्चात दस हजार फूलदेई रचनात्मक प्रतिभग के लिए धाद द्वारा उपलब्ध करवाई गई शीट पर बच्चों ने उत्तराखण्ड के लोकपर्वो पर ड्राइंग की। प्रतिभाग में श्रेष्ठ प्रविष्टि के लिए  शिवांश रावत, कृष रावत, सोनाक्षी प्रसाद का चयन किया गया।

स्कूल में फूलदेई आयोजन का परिचय देते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक मनीषा ममगाईं ने कहा कि स्कूल गत छह वर्षो से इस प्रतिभग का हिस्सा है जहां बच्चे स्कूल में संस्था द्वारा वर्ष भर भेजी गई पुस्तको से सीखते हुए अपनी कला प्रदर्शित करते है।

विद्यालय की शिक्षिका रेखा चौहान ने कहा कि बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के चलते उनका भी हौसला बढ़ता है और हर वर्ष इसके लिए पहल की जाती है।

इस अवसर पर शामिल हुई स्कूल के छात्र लेखराज पुंडीर की माता सरिता पुंडीर ने बताया कि इस क्षेत्र में फूलदेई का काफी प्रचलन रहा है जो हाल के वर्षों में धीमा हुआ था लेकिन इस बीच फिर जागृति आयी है। और अब बच्चों में इसका उत्साह दिखाई देता है।

मांगल गीतों के बीच मुख्यमंत्री ने लिया पहाड़ी व्यंजनों का आनंद, भराड़ीसैंण में आयोजित हुआ श्री अन्न भोज

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Shree Anna Bhoj

गैरसैंण : गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान आज कृषि विभाग की ओर से भराड़ीसैंण में श्री अन्न (मिलेट) भोज का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस दौरान मांगल गीत के बीच पहाड़ी व्यंजनों का आनंद लिया।

कृषि विभाग की ओर से आयोजित मिलेट भोज में तमाम पहाड़ी व्यंजन परोसे गए जिनमें कोदे की रोटी, अरसा, झंगोरे की खीर, गैत का फाणू, लाल चावल, आलू के गुटके बनाए गए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी, वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने एक ही टेबल पर इन तमाम व्यंजनों का आनंद लिया। विधायकगण, अधिकारी, कर्मचारियों, मीडिया सहित बडी संख्या में लोग श्री अन्न भोज में शामिल हुए।

गैरसैंण (भराड़ीसैण) क्षेत्र को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ा रहे आगेः मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को राजकीय इंटर कॉलेज भराड़ीसैंण में सुदृढ़ीकरण, आर्ट-क्राफ्ट कक्ष एवं पुस्तकालय कक्ष का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को फूलदेई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण में इस अवसर पर आने के लिए बच्चों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आपके विधानसभा परिसर में आने से वहां एक एक अलग प्रकार की ऊर्जा आ गईं इस दौरान मुख्यमंत्री ने बोर्ड की परीक्षाएं प्रारंभ होने पर भी बच्चों को शुभकामनाएं दी और कहा कि सभी छात्र अच्छे अंको से उत्तीर्ण हों ऐसी उनकी शुभकामनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम जो छात्र देखने से रह गए अगर वह अभी भी उसे देखेंगे तो उनका बहुत अच्छा मार्ग-दर्शन होगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ये बच्चे देश-प्रदेश का नाम रोशन करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी इतिहास बनाया वे सब सामान्य स्थिति में पले बढ़े हैं। नई शिक्षा नीति में आज बहुत सारे काम हो रहे हैं।

नई शिक्षा नीति लागू करने वाले उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल की निधि से विद्यालय के सामान हेतु 5 लाख रुपये दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर हम इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक अनिल नौटियाल आदि उपस्थित रहे।