“उत्तराखंड की बहादुर बेटी राखी रावत को दिल्ली में अलग-अलग संस्थाओं ने किया सम्मानित”

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नई दिल्ली : गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किये गये देश के विभिन्न स्थानों से आये बहादुर बच्चों में से उत्तराखंड की 10 वर्षीया राखी रावत को उत्तराखंड की अलग अलग सामाजिक संस्थाओं व संस्थानों द्वारा सम्मानित किया गया है. बुधवार को ड़ीपीएमआई सभाघर न्यू अशोक नगर में समर्पित वरिष्ठ समाजसेवी एवं निदेशक डॉ. विनोद बछेती द्वारा आर्थिक धनराशि 11000/- रुपये के साथ अन्य प्रोत्साहन, गढ़वाल भ्रांत एवं सांस्कृतिक समिति मयूर विहार फ़ेस-3 दिल्ली 5100/- रुपये, महाकौथिक इंदिरा पुरम के संस्थापक राजेंद्र चौहान के साथ समस्त टीम द्वारा प्रोत्साहन व बैठक में मौजूद समाजसेवीयो द्वारा अलग अलग प्रोत्साहन दे कर राखी रावत व माता पिता को बेटी की बहादुरी पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी.

28 जनवरी को “नई पहल नई सोच” संस्था के संस्थापक व सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय दरमोड़ा (शर्मा) द्वारा भी बहादुर बेटी राखी रावत एवं उनके पूरे परिवार को दिल्ली में सम्मानित किया।

कौन है राखी जानिये विस्तार में

पहाड़ की इस बहादुर बेटी ने अपनी बहादुरी से न केवल अपने छोटे भाई की जान बचाई बल्कि विश्व पटल पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया। इस बच्ची को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

आपको बता दें कि पौड़ी गढ़वाल के बीरोंखाल ब्लॉक के देवकुंडई गाँव निवासी राखी रावत पुत्री दलवीर सिंह रावत चार अक्टूबर 2019 को अपने चार साल के भाई राघव और मां के साथ खेत में गई थी। खेत से घर लौटते समय गुलदार ने राखी के भाई पर हमला किया, भाई को बचाने के लिए राखी उससे लिपट गई थी। आदमखोर गुलदार के लगातार हमले से लहूलुहान होने के बाद भी राखी ने भाई को नहीं छोड़ा। जिस पर राखी की मां के चिल्लाने की आवाज से गुलदार भाग गया था। राखी की इस बहादुरी के लिए राखी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के तहत मार्कंडेय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारतीय बाल कल्याण परिषद (आईसीसीडब्ल्यू) की ओर से दिल्ली में आयोजित भव्य कार्यक्रम समारोह में राखी को यह पुरस्कार असम राइफल्स के ले. कर्नल रामेश्वर राय के करकमलों से दिया गया।

आज राखी रावत को सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह निश्चित तौर हमारे लिए यह गर्व की बात है। अलग अलग संस्थाओं व वरिष्ठ समाजसेवी निदेशक डॉ. विनोद बछेती, वरिष्ठ समाजसेवी संजय दरमोड़ा (शर्मा) ने कहा कि हमें अपने बहादुर बच्चों पर गर्व है। हम ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का शुभारंभ इस वीर बालिका को सम्मानित कर किया जाएगा।

इस मौके पर मौजूद राखी के माता जी ने कहा कि राखी ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई है। हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारी बेटी को एक दिन इतना सम्मान मिलेगा यह सब मुख्य संपादक उत्तराखंड जागरण सतेन्द्र रावत की अथक प्रयास से मिला और राखी के माता पिता ने समस्त उत्तराखंड की सामाजिक संस्थाओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार प्रकट करते है कि आप सब ने हमें इतना सम्मान दिया.

 

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