Home गढ़वाल मकान जर्जर हो जाने से बेघर रहने को मजबूर ग्रामीण

मकान जर्जर हो जाने से बेघर रहने को मजबूर ग्रामीण

पौड़ी: विकासखण्ड कल्जीखाल के ग्राम दिऊसा के ग्रामीण सूरज लाल पुत्र स्व जबरीलाल मकान जर्जर हो जाने से बेघर रहने को मजबूर हो गये हैं। ग्रामीण सूरज लाल को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी लाभ नहीं मिल पाया है। परिवार में पति पत्नी और उनका एक पुत्र ही शामिल हैं। सूरज लाल अनूसूचित जाति की श्रेणी में आते हैं। वो भी अपने दिनचर्या मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं।

ग्रामीण की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने पर भंयकर संकट उत्पन्न हो गया है। कल देर रात उसका जर्जर मकान अचानक ध्वस्त हो गया, गनीमत रही कि मकान सूरज लाल के पुत्र के ऊपर गिरने से बाल बाल बच पाया।

जब सुबह ग्रामीण द्वारा ग्राम प्रधान रमेश चंद्र शाह को सूचना दी गई, तो प्रधान दिऊसा ने क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक धजवीर सिंह को इसकी सूचना तत्काल दी। राजस्व उपनिरीक्षक ने स्वयं मौके पर स्थिति का जायजा लिया और जांच रिपोर्ट तैयार कर तहसील के उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई।

ग्रामीण सूरज लाल बताते है कि पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान का सर्वेक्षण नहीं किया गया और जरूरत मंद को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना से आवास विहीन लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए, लेकिन ऐसे होता नहीं है, जरूरत मंदो को इसका लाभ दिया जाना चाहिए। ग्राम प्रधान रमेश चंद्र शाह ने बताया कि ग्रामीण सूरज लाल की स्थिति दयनीय है। वह अपनी दिनचर्या से अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं, उनकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है।