Home Blog Page 1443

गुड़गांव से उत्तराखंड पुहंचा एक और युवक निकला कोरोना पॉजिटिव, आज 3 लोगों में कोरोना की पुष्टि, 72 पहुंची संक्रमितों की संख्या

0
corona-positive-case-in-almora-ranikhet

देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले धीरे-धीरे बढ़ ही रहे हैं। बुधवार को उत्तराखंड में कोरोना के दो नए मामले सामने आये। दोपहर 2 बजे स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोरोना सैम्पल रिपोर्ट में देहरादून निवासी 56 वर्षीय महिला में कोरोना की पुष्टि हुई थी। महिला दिल्ली से पथरी का इलाज कराकर देहरादून लौटी थी। वहीँ देर शाम 6 बजे आई सैम्पल रिपोर्ट में अल्मोड़ा जिले के रानीखेत निवासी एक 27 वर्षीय युवक में कोरोना की पुष्टि हुई है। जानकारी के मुताबिक यह युवक कुछ दिन पहले ही गुरुग्राम से रानीखेत लौटा था। बतादें कि गुरुग्राम से उत्तराखंड पहुंचे व्यक्ति में कोरोना का यह दूसरा मामला है इससे पहले कल मंगलवार को भी गुरुग्राम से हल्द्वानी लौटी एक 23 वर्षीय युवती में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

अभी अभी प्राप्त सूचना के मुताबिक उत्तराखंड में एक और व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया. रात 8 आई सैम्पल रिपोर्ट में नैनीताल जिले का एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया है. यह शख्स महाराष्ट्र के अमरावती से नैनीताल लौटा था. इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 72 हो गई है। अभी राज्य में 24 केस एक्टिव हैं। 47 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। वहीँ एक कोरोना मरीज की मौत हो चुकी है।

 

यह भी पढ़ें:

उत्तराखंड में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव, 70 हुई संक्रमितों की संख्या

देवी सती की शक्तिपीठों में से एक है माँ चंद्रबदनी मंदिर (सिद्ध पीठ), जानिए पूरी कथा

0
Maa Chandrabadani Temple

उत्तराखंड के शक्ति पीठों में माता चंद्रबदनी का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है। वैसे इस मन्दिर में हर समय भीड़ भाड़ बनी रहती है। लेकिन नवरात्रि के पर्व पर माँ चंद्रबदनी का परिसर अपने आप विशिष्टता को लिये रहता है। मान्यता है कि यहां माता का यन्त्र स्थापित है। पुजारी आँखों पर कपड़ा लगाकर ही यन्त्र की पूजा करता है। यन्त्र में इतनी तेज गर्मी रहती है कि आंखें उस तेज को सहन नहीं कर पाती हैं। चन्द्र बदनी सिद्ध पीठ की कथा भी अपने आप में बडी हृदय स्पर्शी है। जो माता सती से जुड़ी हुई है। एक बार सती के पिता राजा दक्ष ने बहुत बडे यज्ञ का आयोजन किया। जिसमें उन्होंने शिव भगवान को छोड़कर सभी देवताओं को बुलाया। इस विशाल यज्ञ की खबर माता सती को अपने सहेलियों से पता चली। माता सती ने भगवान शंकर से यज्ञ मे जाने की जिद्द की। शंकर भगवान ने कहा बिना निमन्त्रण के यज्ञ में चलना शुभ संकेत नहीं दर्शाता है। इसलिए वहाँ जाने का हट त्याग दो। माता पार्वती नहीं मानी। माता सती के हट के आगे शिव भगवान ने विवश होकर माता सती को यज्ञ में जाने की अनुमति दे दी।

akhilesh-chamola

मांता सती अपने पिता के यज्ञ में पहुंचीं। वहां उनका किसी ने आदर सत्कार नहीं किया। यज्ञ में सभी देवताओं की प्रतिष्ठा तथा सम्मान देखकर माता सती को बडा आश्चर्य हुआ। माता सती से रहा नहीं गया। माता सती ने अपने पिता दक्ष से बडे अनुनय-विनय के साथ कहा कि पिताजी तुम्हें क्या हो गया है। तुम्हारी बुद्धि काम नहीं कर रही है। यह सर्वविदित है कि यज्ञ के सर्वप्रथम अधिकारी भगवान शिव हैं। आपने किस कारण से उनकी उपेक्षा की है। पुत्री की इस तरह की बात को सुनकर दक्ष ने क्रोधित होकर भगवान शिव के लिए तरह-तरह के अपशब्द कहे। माता सती यह सहन नहीं कर पाई और क्रोधित होकर यज्ञ कुन्ड में कूद पडी। यह खबर आग की तरह चारों ओर फैल गई। सती के भस्म होने की खबर जैसे ही भगवान शिव को मिली। शिव भगवान ने गुस्से में आकर दक्ष का सिर काट कर माता शती का जला हुआ शरीर कन्धे में ले लिया और तान्डव करने लग गये। उस समय प्रलय जैसी स्थिति आने लगी। सभी देवता घबराने लगे और भगवान शिव को शान्त करने का उपाय सोचने लगे। अन्त में  भगवान विष्णु ने अपना अदृश्य सुदर्शन चक्र भगवान के पीछे लगा दिया। जहां जहां सती के अंग गिरे वे स्थान शक्ति पीठ कहलाने लगे। मान्यता यह है कि चन्द्र कूट पर्वत पर माता सती का शरीर गिरा। इस कारण यहाँ का नाम चन्द्रवदनी पड़ा। कहते हैं कि आज भी इस पर्वत पर रात में गन्धर्व अप्सराएँ मन्दिर में नृत्य और गायन करते हैं। टिहरी जिले के हिन्डोलाखाल विकासखंड में चन्द्रकूट पर्वत पर समुद्र तल से 6000 फुट की ऊंचाई पर चंद्रबदनी सिद्ध पीठ स्थित है। ऋषिकेश देवप्रयाग के रास्ते यहाँ पहुँचा जा सकता है। रास्ते का प्राकृतिक नजारा भी अपने आप में बडा भव्य और सुन्दर दिखाई देता है। अप्रैल माह में यहाँ मेला लगता है। जिसमें हजारों भक्तजन माता के जयकारे लगाते हुए पैदल मार्ग से यहाँ पहुँचते हैं। यहां जो भी सच्ची श्रद्धा से आता है। उसकी मनोकामना पूर्ण होती है।

अखिलेश चन्द्र चमोला (राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित,”हिन्दी अध्यापक” राइका सुमाडी)

उत्तराखंड में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव, 70 हुई संक्रमितों की संख्या

0
corona positive found in Uttarakhand,

देहरादून : उत्तराखंड में बुधवार को कोरोना COVID19 का एक और नया मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दून मेडिकल कॉलेज से आई सैंपल जांच में रायपुर निवासी महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिसके बाद उत्तराखंड में कोरोना के मामलों की संख्या 70 हो गई है। उक्त महिला दिल्ली से इलाज कराकर वापस उत्तराखंड लौटी थी। महिला की ट्रेवल हिस्ट्री के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है औऱ साथ ही महिला जिसके सम्पर्क में आई है उनको भी क्वारंटाइन करने की तैयारी की जा रही है। उत्तराखंड में कोरोना वायरस के कुल 70 मामलों में से 46 मरीज इलाज के बाद ठीक होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 23 मरीजों का इलाज जारी है, वहीँ एक कोरोना मरीज की मौत हो चुकी है। राज्य में सबसे ज्यादा 36 कोरोना मरीज अकेले देहरादून से हैं।

उत्तराखंड में 1और #COVID19 पॉजिटिव केस सामने आया। पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 70 हो गई है इसमें 23 मामले सक्रिय हैं: उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग pic.twitter.com/GTUdiwg0Fv

उत्तराखंड : राज्य के कुशल एवं अकुशल युवाओं के लिए HOPE, पोर्टल द्वारा उपलब्ध होंगे रोजगार के अवसर, यहाँ करें रजिस्ट्रेशन

0
HOPE-portal-for-skilled-and-unskilled-youth

देहरादून : मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की उपस्थिति में  “Hope” (helping out people Everywhere)  पोर्टल का शुभारम्भ किया। इस पोर्टल का url:- http://hope.uk.gov.in/ है। इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य कुशल और अकुशल युवाओं का डाटा बेस बनाना तथा डाटा बेस के आधार पर रोजगार/स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। विदित है कि कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का शुभारम्भ किया गया था। इस योजना के साथ समन्वय करने में यह पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

“Hope” पोर्टल के माध्यम से उत्तराखण्ड के ऐसे युवा जो विभिन्न राज्यों एवं उत्तराखण्ड में कुशल पेशेवर Skilled professional हैं तथा वर्तमान में किसी न किसी संस्थान में कार्य कर रहे हैं या जो उत्तराखण्ड में कौशल विकास विभाग के माध्यम से प्रशिक्षण लेना चाहते हैं, ऐसे युवाओं के लिए यह पोर्टल एक सेतु के रूप में कार्य करेगा। इस पोर्टल के डाटा बेस का उपयोग राज्य के समस्त विभाग तथा अन्य रोजगार प्रदाता युवाओं को स्वरोजगार/रोजगार से जोड़ने के लिए करेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की प्रेरणा से इस पोर्टल का निर्माण आईटी विभाग, कौशल विकास विभाग, नियोजन विभाग एवं एनआईसी ने आपसी समन्वय से किया। इस पोर्टल की वेब होस्टिंग उत्तराखण्ड सरकार के आईटीडीए, आईटी पार्क स्थित डाटा सेंटर में की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रवीन्द्र दत्त, सचिव आईटी आर.के सुधांशु, सचिव नियोजन अमित नेगी, सचिव कौशल विकास डॉ. रंजीत  कुमार सिन्हा, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा, एनआईसी के उप महानिदेशक के. नारायण, एनआईसी के तकनीकि निदेशक नरेन्द्र सिंह नेगी ने इस पोर्टल को बनाने में मुख्य भूमिका निभाई।

पीएम मोदी ने किया 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान

0
PM-Modi-announced-an-economic package of 20 lakh crores

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बीच चौथी बार राष्ट्र के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया। पीएम ने कहा कि 20 लाख करोड़ रुपये का एक पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार से अगले कुछ दिनों तक चरण-दर-चरण तरीके से पैकेज का विस्तृत ब्योरा देश के सामने रखेंगी। उन्होंने कहा कि 20 लाख करोड़ का यह आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज देश की कुल जीडीपी का करीब-करीब 10% है। उन्होंने कहा कि इस पैकेज से अर्थव्यवस्था की गाड़ी पटरी पर दौड़ने लगेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जताया आभार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मजदूरों, किसानों, उद्योगों के लिए 20 लाख करोड़ रूपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पैकेज से निश्चित तौर पर आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे श्रमिकों, किसानों, कुटीर उद्योगों, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बङी राहत मिलेगी। देश का हर तबका इससे लाभान्वित होगा। लोकल इकोनोमी को बढ़ावा मिलेगा। लोकल के लिए हमें वोकल बनना है। मुख्यमंत्री ने कहा  कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सही समय पर लिए गए साहसिक निर्णयों से भारत में आज कोरोना वायरस नियंत्रित दशा में है। समय की आवश्यकता के अनुसार उन्होंने जरूरी निर्णय लिए और सभी देशवासियों ने अपने प्रधानमंत्री का साथ दिया। पहले उन्होंने जान है तो जहान है, फिर जान भी जहान भी का मंत्र दिया। इन मंत्रों को अपनाकर हम सही दिशा में हैं। अब जन से जग तक के मंत्र को अपनाते हुए ऐसे आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है जिसका लक्ष्य वैश्विक कल्याण है। हमें कोरोना के साथ जीना सीखना है। पूरी सावधानी और नियमों का पालन करते हुए कोरोना से लङना भी है और आगे भी बढ़ना है। 21 वीं सदी भारत की है।

यह भी पढ़ें:

18 मई से नए रंग रूप में शुरू होगा “लॉकडाउन 4” पीएम मोदी ने किया ऐलान

18 मई से नए रंग रूप में शुरू होगा “लॉकडाउन 4” पीएम मोदी ने किया ऐलान

0
lockdown-4-pm-modi

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात 8 बजे राष्ट्र के नाम संदेश में लॉकडाउन के चौथे चरण का ऐलान कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की घोषणा करते हुए बताया कि लॉकडाउन-4 पूरी तरह से नए रंग रूप वाला होगा, नए नियमों वाला होगा। इसके लिए राज्यों से जो सुझाव मिल रहे हैं उसके आधार पर आपको 18 मई से पहले इसकी विस्तृत जानकारी दे दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने देश की जनता के संयम और धैर्य की प्रशंसा करते हुए उसे इसके लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि हमने ऐसा संकट ना देखा है, न ही सुना है। निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए ये सबकुछ अकल्पनीय है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, लेकिन रुकना और थकना नहीं है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि कोरोना लंबे समय तक जीवन का हिस्सा रहने वाला है। लेकिन ऐसा नहीं है कि हमारी जिंदगी कोरोना के इर्दगिर्द ही सिमट कर रह जाए। हम मास्क पहनेंगे और दो गज की दूरी का पालन करेंगे लेकिन अपने लक्ष्यों को दूर नहीं होने देंगे और उन्हें पाने के लिए आगे बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि नियमों का पालन करते हुए इस संकट से लड़ेंगे भी और आगे भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि इस महामारी में देश के 130 करोड़ लोगों ने जिस धैर्य और संयम का परिचय दिया है, निश्चित ही वह तारीफ के काबिल है। पीएम मोदी ने कोरोना बीमारी से जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

यह भी पढ़ें:

पीएम मोदी ने किया 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान

सीएम त्रिवेन्द्र ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से पीपीई किट, एन -95 मास्क एवं वेंटिलेटर उपलब्ध कराने का किया अनुरोध

0
cm-trivendra-with-dr.-harsh

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थिति नियंत्रण में हैं। राज्य में कोविड पर नियंत्रण हेतु डॉक्टरों को प्रत्येक जिले में प्रशिक्षित किया गया है। 3 महीनों के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा भी उपलब्ध है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से राज्य को और पीपीई किट, एन -95 मास्क एवं वेंटिलेटर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पुलिस भी बहुत अच्छा कार्य कर रही है। बाहर से आने वाले सभी लोगों को क्वारांटाइन किया जा रहा है । प्रत्येक जनपद में  सर्वे टीम एक्टिव हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिव की डबलिंग रेट को भी काफी नियंत्रित किया गया है। प्रदेश में डबलिंग रेट 45 दिन है। उत्तराखंड में पूरी टीम उत्साह एवं सतर्कता से कार्य कर रही है। राज्य में कोरोना के 68 पॉजिटिव केस थे जिसमें से 46 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ओवरऑल उत्तराखंड की स्थिति काफी अच्छी है। देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल में और सतर्कता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को जल्द ही पीपी किट ,वेंटिलेटर, एन 95 मास्क एवं अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने हरिद्वार की सीएमओ डॉ सरोज नैथानी से भी कोरोना के प्रभावी नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, स्वास्थ्य सचिव नितेश झा, अपर सचिव डॉक्टर पंकज पांडेय, निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत, डीजी स्वास्थ्य श्रीमती अमिता उप्रेती आदि उपस्थित थे।

गुरुग्राम से उत्तराखंड पहुंची युवती निकली कोरोना पॉजिटिव, 69 पहुंची राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या

0
coronavirus

देहरादून : उत्तराखंड में मंगलवार को कोरोना संक्रमण का एक मामला सामने आया है। मंगलवार को नैनीताल जिले के हल्द्वानी में एक 23 वर्षीय युवती में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जानकारी के मुताबिक हल्द्वानी निवासी यह युवती तीन दिन पहले ही गुरुग्राम से बस से हल्द्वानी लौटी थी। उसे संस्थागत क्वारंटीन किया गया था। युवती को गले में खरास की शिकायत बताई गई थी। जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने युवती का सैंपल जांच के लिए सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी भेजा था। मंगलवार को युवती में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। युवती को हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 69 हो गई है। इनमें से 46 मरीज ठीक हो चुके हैं।

नोएडा में एक और कोरोना मरीज ने तोड़ा दम, अब तक कोरोना से 3 की हो चुकी है मौत

0
death-from-Corona-in-Noida,

नोएडा: गौतमबुद्ध नगर जनपद के नोएडा शहर में कोरोना वायरस के संक्रमण से मंगलवार को एक शख्स की मौत हो गई। इसके साथ ही जिले में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है। जानकारी के मुताबिक शारदा अस्पताल में भर्ती नोएडा सेक्टर-19 निवासी 60 वर्षीय कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति की सोमवार देर रात मौत हो गई। मृतक की पत्नी भी शारदा अस्पताल में भर्ती है जिनका कोरोना वायरस का इलाज चल रहा है।

मूलरूप से बनारस के रहने वाले अशोक कुमार सिंह (60) नोएडा के सेक्टर 19 में परिवार के साथ रहते हैं। गत पांच मई को थोडी दिक्कत होने पर उन्होंने कैलाश अस्पताल नोएडा की ओपीडी में दिखाया था। वह एक मीडिया संस्थान से जुड़े थे। कैलाश अस्पताल में कोरोना के लक्षण पाये जाने पर उनको पत्नी समेत कासना स्थित जिम्स ले जाया गया। यहां सैंपल लेने के बाद उन्हें पत्नी समेत गलगोटिया कालेज के क्वारंटीन केंद्र ले जाया गया। आठ मई को पति पत्नी की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर उन्हें शारदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार देर रात उपचार के दौरान अशोक कुमार की मौत हो गयी।

इससे पूर्व नोएडा सेक्टर-22 में रहने वाले एक 60 वर्षीय व्यक्ति तथा सेक्टर 66 में रहने वाले एक 65 वर्षीय व्यक्ति की पहले ही कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। जिले में अबतक कुल 224 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें 135 लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचार के दौरान ठीक हो कर घर जा चुके हैं।

बिजली, पानी व स्कूल की फीस हो माफ : यूथ कांग्रेस

0
Electricity water and school fees should be waived

सतपुली : तहसील सतपुली में यूथ कांग्रेस चौबट्टाखाल द्वारा तहसीलदार सतपुली के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को तीन महीने बिजली पानी व स्कूल की फीस माफ करने के लिए ज्ञापन भेजा गया। यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष रोहन नेगी के नेतृत्व में आज मुख्यमंत्री को ज्ञापन देते हुए कहा गया कि कोरोना महामारी के चलते सभी लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे है आम जनमानस की इस स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार को तीन माह (अप्रैल, मई, जून) की बिजली, पानी व स्कूल की फीस माफ की जाये साथ ही प्राइवेट स्कूल के अध्यापकों को पूर्ण वेतन देने के के लिए सरकार द्वारा सहायता की जाए।

ज्ञापन देने में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रोहन नेगी, रविन्द्र सिंह, विजय नेगी, कोमल नेगी, अमित रावत,  अभिषेक नेगी, सुभम बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

मनीष खुगशाल स्वतंत्र