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उत्तराखंड: लॉकडाउन के बीच इन 9 जिलों में कल से मिलेगी राहत, शर्तों के साथ खुलेंगी दुकानें

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देहरादून : भारत सरकार द्वारा दुकानों को खोले जाने के संबंध में जारी गाइडलाइन पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विचार विमर्श किया गया। बैठक में तय किया गया कि ग्रीन जोन वाले 9 पर्वतीय जिलों में भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार दुकानों को खोला जाएगा। यहां दुकानें सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक खुलेंगी।  शराब, नाई आदि जिन दुकानों को प्रतिबंधित रखा गया है, उन दुकानों को बंद रखा जाएगा। चार  जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर में वर्तमान की स्थिति बरकरार रहेगी। इन जिलों में आवश्यक वस्तुओं की दुकानें पहले की तरह सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक ही खुलेंगी। इन चार जिलों में यदि किन्हीं क्षेत्रों में शिथिलता दी जानी है तो उसके संबंध मे संबंधित जिलाधिकारी निर्णय लेंगे। इंटर स्टेट व इंटर डिस्ट्रिक्ट यातायात पर पहले की तरह ही रोक रहेगी।

मुख्यमंत्री ने निजी निर्माण कार्यों की अनुमति दिये जाने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित कर ले कि सोशल डिस्टेंसिंग को हर हाल में बनाए रखा जाए। लोग बिना काम के बाहर न निकलें। घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग करें। मुख्यमंत्री ने छूट के दायरे में आने वाले 9 जिलों के लोगों से अपील की है कि जरूरी होने पर ही घर से निकले, अनावश्यक बाहर न जाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करें।

बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेश बगोली, श्रीमती राधिका झा उपस्थित थे।

09 पहाड़ी जनपदों के अस्पतालों में पूर्व की भांति होगा अब इलाज

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश के जो 09 पहाड़ी जनपद है, जिनमें कोई भी कोविड-19 का मरीज नहीं है, वहां अस्पताल अब पूर्व की भांति खुल जाएंगे और आम जनता का इलाज जैसे पहले करते थे उनका इलाज उन अस्पतालों के माध्यम से कल से ही प्रारंभ कर दिया जाएगा। तमाम लोगों को अभी तक थोड़ा परेशानी हुई उनकी परेशानी भी दूर होगी।

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कोरोना : मुख्यमंत्री राहत कोष की वेबसाइट का लोकार्पण, अब घर बैठे डिजिटल पेमेंट से कर सकते हैं दान

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में शनिवार को कोविड-19 (कोरोना राहत कार्यों) के लिए दानदाताओं द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में धनराशि डिजिटल पेमेंट के माध्यम से ऑनलाइन जमा करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष की वेबसाइट cmrf.uk.gov.in का लोकार्पण किया। अब सभी दानदाता घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से कोविड -19 राहत कार्यों के लिए अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं। NEFT या IMPS के द्वारा एवं अन्य माध्यमों के द्वारा दानराशि जमा करने की जानकारी भी cmrf.uk.gov.in वेबसाइट में उपलब्ध है।    मुख्यमंत्री राहत कोष में UPI  (Unified Payment Interface)  cmrfuk@sbi.in  के द्वारा या वेबसाइट cmrf.uk.gov.in में QR कोड को स्कैन करके पेटीएम, भीम एप, गूगल पे, फ़ोन पे इत्यादि डिजिटल माध्यमों से भी पेमेंट कर सकते हैं।

PAYTM एप के सर्च बॉक्स में Uttarakhand Mukhyamantri Rahat Kosh लिखकर डायरेक्ट paytm के  माध्यम से भी दानराशि जमा की जा सकती है। मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा की जाने वाली दानराशि    80G के अन्तर्गत इनकमटैक्स में छूट के लिए पात्र हैं, दानदाता इस बेबसाइट में 80G रसीद के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं एवं मुख्यमंत्री राहत कोष से संबंधित अधिकारियों से भी  संपर्क कर सकते हैं।यह वेबसाइट CM Office द्वारा NIC के माध्यम से बहुत कम समय में तैयार की गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता से अपील की है कि कोरोना राहत कार्यों में  सहयोग देने के लिए cmrf.uk.gov.in website एवं सभी डिजिटल पेमेंट माध्यमों का उपयोग कर अधिक से अधिक दान देकर सहयोग करें। वेबसाइट उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री के आई०टी० सलाहकार रवींद्र दत्त, सचिव मुख्यमंत्री श्रीमती राधिका झा, एनआइसी उत्तराखंड के उपमहानिदेशक के  नारायण, एनआईसी के प्रोजेक्टर कॉर्डिनेटर अरुण शर्मा उपस्थित थे।

दुकानों को खोलने की अनुमति देने के आदेश पर केंद्र सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण

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नई दिल्ली : कोरोना महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बीते एक महीने से देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कुछ रियायत देते हुए शर्तों के साथ दुकानों को खोलने की इजाजत दे दी है। शुक्रवार रात गृहमंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शनिवार सुबह से सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में रजिस्‍टर्ड दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी गई थी। इस खबर को देश की मीडिया ने अपने न्यूज़चैनल/ न्यूज़पोर्टल में प्रमुखता से स्थान दिया। परन्तु इसके बाद दुकानदारों से लेकर आम लोगों में बाजार खुलने को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, कुछ दुकानदारों ने दुकाने खोली तो कुछ ने नहीं खोली। जिसके बाद गृह मंत्रालय ने अपने कल के देशभर में दुकानों को खोलने की अनुमति देने के आदेश पर एक स्पष्टीकरण जारी किया गया। गृह मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण आदेश के अनुसार देशभर में ग्रामीण क्षेत्रों (rural areas) में शोपिंग मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स तथा शराब की दुकानों को छोड़कर बाकी सभी दुकानें खुलेंगी।

जबकि शहरी क्षेत्रों में, सभी अलग-अलग दुकानों (all standalone shops), पड़ोस की दुकानों और आवासीय परिसरों में दुकानें (neighbourhood shops & shops in residential complexes) खोलने की अनुमति है। बाजार/ बाजार परिसर और शॉपिंग मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स खोलने की अनुमति नहीं है। MHA की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ई-कॉमर्स कंपनियों के जरिए जरूरी सामान की डिलीवरी जारी रहेगी। इस बात को दोबारा साफ किया जाता है कि शराब और अन्य वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इसके साथ ही जिन इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया है वहां इन दुकानों को  खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’ दुकानों पर केवल 50 फीसदी ही कर्मचारी काम करेंगे और उन्हें मास्क पहनने से लेकर सामाजिक दूरी समेत सभी तय दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। हालाँकि अंतिम फैसला राज्यों पर निर्भर होगा।

क्या दिल्ली में खुलेंगी दुकानें?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दुकानों को खोलने को लेकर भ्रम की स्थिति है। कुछ इलाकों में दुकानें खुल गई हैं, वहीं कई स्थानों पर दुकानदार पसोपेश में पड़े हैं कि दुकान खोलें या ना खोलें। गृह मंत्रालय के आदेश पर छूट देने को लेकर दिल्ली सरकार भी अभी विचार ही कर रही है।

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दिल्ली पुलिस में कार्यरत उत्तराखंड के बंसत बल्लभ जोशी की सेवा को सलाम, लॉकडाउन में फंसे लोगों को रोज खिला रहे है खाना

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नई दिल्ली : आज पूरा देश कोरोना वायरस के खतरे से सहमा हुआ है। देश समेत अन्य कई देशों में लोगों का अमूल्य जीवन दांव पर लगा हैं। ऐसे में सरकार भी काफी सजगता से कार्य कर रही हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने तीन मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का एलान किया है। जिसके बाद पूरा देश एकजुट हो कर सामने आया है। इस विकट परिस्थिति में असहाय लोगों की मदद के लिए समाज के सभी वर्गों के लोगों ने भी हाथ बढ़ाए है।

इस लीक में कोविड-19 की विकट परिस्थिति में दिल्ली में जगह-जगह फंसे गरीब एवं असहाय लोगों के लिए दिल्ली पुलिस में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी बंसत बल्लभ जोशी सशक्त आवाज बनकर खड़े है।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के जाजरदेवल निवासी और दिल्ली पुलिस में पिछले 30 वर्षों से कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी बसंत बल्लभ जोशी पिछले कई दिनों से हर रोज अपने बच्चों नितिन जोशी और पीयूष जोशी की किचन से 350 से 400 फूड पैकेट्स पैक कर दिल्ली के अलग-अलग कोने में फंसे गरीब और असहाय लोगों तक पहुंचा रहे है। श्री जोशी सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन करते हुए अपने परिवार के साथ दिल्ली के अलग-अलग थानों में जाकर फूड पैकेट्स वितरण कर इस संकट के समय में बसंत जोशी दिल्ली के सरोजनी नगर,त्रिलोक पुरी और कड़कड़डूमा क्षेत्रों में स्थिति थानों के माध्यम से सड़कों और झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों तक निरंतर फूड पैकेट्स पहुंचा रहे है। उनकी इस सेवा के लिए  उत्तराखंड के तमाम सामाजिक संगठन,दिल्ली पुलिस के अधिकारी और गरीब एवं असहाय लोगों कोटि-कोटि आभार व्यक्त कर रहे है।

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बसंत जोशी इस बारे में बताते हैं कि मेरे दोनों बेटे नोएडा से में अपनी एक छोटी से किचन चलाते है। कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए सरकार द्वार लॉकडाउन की घोषणा की गई है। जिसके चलते दिल्ली एवं नोएडा में जगह-जगह बड़ी संख्या में हर रोज कमा के खाने वाले मजदूर जहां-तहां फंसे हुए है। इन लोगों की मदद के लिए तमाम सामाजिक संगठन और सरकारें आगे आई है। इस कड़ी में हमने भी निर्णय लिया की हम अपने बच्चों की किचन के माध्यम से इन लोगों के लिए हर रोज भोजन की व्यस्था करें। ताकि कोई भी व्यक्ति इस संकट के समय में भूखा न रहे है।

इसके लिए हम नोएडा एवं दिल्ली में हर रोज लगभग 400 फूड पैकेट्स सड़क और झुग्गी झोपड़ियों में रह रहे गरीब एवं असहाय लोगों को तक पहुंचा रहे है। इसमें मुझे अपने परिवार और दिल्ली पुलिस के तमाम सहयोगियों का साथ मिल रहा है। जिनके सहयोग से हम सेवा के इस पथ पर चल पा रहे है।

आज से सभी तरह की दुकानों को खोलने की मिली अनुमति, शर्तें लागू

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source: ANI Twitter

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पिछले एक महीने से देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच केंद्र सरकार ने देश के लाखों दुकानदारों को बड़ी राहत देते हुए शनिवार से सभी तरह की दुकानों को खोलने की अनुमति दी है। शुक्रवार रात गृहमंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शनिवार सुबह से सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में रजिस्‍टर्ड दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी है। इन दुकानों में अधिकतम 50 पर्सेंट स्‍टाफ को ही काम करने की छूट है। साथ ही उन्‍हें सोशल डिस्‍टेंसिंग के नियमों का भी पालन करना होगा। दुकान में काम करने वालों को मास्‍क भी लगाना पड़ेगा। शॉपिंग मॉल्‍स और शॉपिंग कॉम्‍प्‍लेक्‍स, नेहरू प्लेस, पालिका बाजार, लाजपत नगर जैसे मार्केट भी अभी नहीं खुलेंगे। हालाँकि अंतिम फैसला राज्यों पर निर्भर होगा। मंत्रालय ने ये भी साफ किया है कि हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन में किसी तरह की छूट नहीं दी गई है।

यह छूट केवल उन्‍हीं दुकानों को है जो नगर निगमों और नगरपालिकाओं की सीमा में आने वाले आवासीय परिसर के आसपास हैं। साथ ही स्‍टैंड अलोन दुकानें भी खुल सकेंगी। नगरपालिका के दायरे में मौजूद बाजार की दुकानों पर यह आदेश नहीं लागू होता है। बड़े मार्केट की दुकाने अभी नहीं खुलेंगी।

नहीं खुलेंगी शराब की दुकाने:

हालाँकि केंद्र सरकार ने आज से देशभर में सभी रजिस्टर्ड दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की इजाजत दे दी है। परन्तु शराब की दुकानों को इस कैटेगरी में नहीं रखा गया है। उन्हें शॉप और एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के बजाए किसी अन्य कैटेगरी में रखा गया है। यानी शराब की दुकानें अभी बंद ही रहेंगी।

ये हैं गृह मंत्रालय द्वारा जारी कुछ शर्तें

  • सभी दुकानें संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना अधिनियम के तहत पंजीकृत होनीं चाहिए।
  • दुकानों में सिर्फ 50 पर्सेंट स्‍टाफ ही काम कर सकेगा।
  • स्टाफ द्वारा मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
  • दुकानदार और ग्राहक को करना होगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन।
  • हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन में किसी तरह की छूट नहीं दी गई है।
  • आवासीय कॉलोनियों के समीप बनी दुकानों और स्टैंड-अलोन दुकानों को खोलने की इजाजत, जो नगरपालिका निगमों और नगर पालिकाओं की सीमा के भीतर आती हों।

 

 

कोरोना जंग : उत्तराखंड में आज इन दानवीरों ने “मुख्यमंत्री राहत कोष” में दी 88 लाख से ज्यादा धनराशि

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देहरादून: कोविड-19 के दृष्टिगत आज 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु जसवीर सिंह, चेयरमैन एंड सीईओ अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड द्वारा 50,00,000/ (रुपये पचास लाख), हरीश चंद्र सेमवाल, सचिव पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड द्वारा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के 1 दिन की धनराशि 24,80,157 / (रुपये चौबीस लाख अस्सी हजार एक सौ सतावन), फिनोलेक्स केबल्स लिमिटेड, रुड़की, हरिद्वार द्वारा 5,00,000 / (रुपये पाँच लाख), श्रीमती भूपिन्दर कौर औलख, सचिव सिंचाई एवं लघु सिंचाई द्वारा सिंचाई एवं लघु सिंचाई के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के 1 दिन के वेतन की धनराशि 4,51,000/ (रुपये चार लाख इक्यावन हजार), संजय सिंह, रुड़की, हरिद्वार ने 1,00,001/ (रुपये एक लाख एक), राकेश कुमार जैन, अध्यक्ष, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग ने (स्वयं से) 1,00,000 / (रुपये एक लाख), संजीव थपलियाल, अध्यक्ष एवं राजेंद्र सिंह रावत सचिव जिला फुटबॉल संघ देहरादून ने 1,00,000 / (रुपये एक लाख),  गोपाल सिंह तोमर, सुभाष नगर, देहरादून ने 51,000 / (रुपये इक्यावन हजार),एवं शीशपाल सिंह लक्सर हरिद्वार ने 50,000/ (रुपये पचास हजार), की धनराशि सौंपी।
इसी प्रकार कल 23 अप्रैल को कोविड-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु कोविड-19 के दृष्टिगत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु अनुपम जग्गा प्रधानाचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर, हरिद्वार ने 2 लाख 51 हजार रुपए एवं राजीव शर्मा अध्यक्ष नगर पालिका शिवालिक नगर हरिद्वार ने 1 लाख 1 हजार रूपएए ब्रि. (से. नि.) सी. बी. थापा अध्यक्ष 11, किरांति समिति देहरादून ने 1 लाख 41 हजार रुपए, आई.टी.डी.ए. स्वान इंजीनियरर्स, उत्तराखंड देहरादून ने 1 लाख रूपए, तारा चन्द गुप्ता लोकतंत्र सेनानी, गढ़ी कैंट, देहरादून ने 51 हजार रुपए, अजय त्यागी, प्रधान आर्य समाज मंदिर प्रेमनगर, देहरादून ने 51 हजार रूपए, दिनेश चन्द्र, चंचल डेयरी, 620/1 हरिद्वार रोड धर्मपुर, देहरादून ने 50 हजार रुपए, दिनेश चन्द्र, चंचल डेयरी एंड स्वीट्स, 620/1 हरिद्वार रोड धर्मपुर, देहरादून ने 50 हजार रुपए, केशव सिंह शैयनशील हिमालयन एडवेंचर, प्रा. लि., पहाड़ी गली चिंरजीवपुर, विकासनगर ने 50,000 रुपए, महेश शाही, ज्वाला देवी कीर्तन मण्डली, गढ़ी कैंट, देहरादून ने 31 हजार रुपए, टी.डी. भूटिया, अध्यक्ष गोरखा कल्याण परिषद, संगम विहार, डाकरा गढ़ी कैंट ने 25 हजार रुपए की धनराशि सौंपी एवं एवं ताराचंद गुप्ता लोकतंत्र सेनानी 275, सी गढ़ी कैन्ट ने 1 लाख रूपए की धनराशि पीएम केयर्स फंड हेतु सौंपी।
सचिवालय एथलेटिक्स एंड फिटनेस क्लब द्वारा  मा0  मुख्यमंत्री राहत कोष में  रु. 1,00,000/ (रुपये एक लाख)   की धनराशि प्रदान की गई है। क्लब के  वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप चमोला , सचिव ललित चंद्र जोशी , कोषाध्यक्ष मगन राणा व जीतमणि पैन्यूली द्वारा उक्त रुपये एक लाख का चेक मुख्यमंत्री के प्रमुख निजी सचिव विक्रम सिंह चौहान को सौंपा गया।
कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत उत्तराखंड आईएएस एसोसिएशन द्वारा आगामी छः माह तक प्रत्येक सदस्य का प्रति माह एक दिन का वेतन सहयोग राशि के रूप में मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया जाएगा। एसोसिएशन की अध्यक्ष श्रीमती मनीषा पंवार ने बताया कि कोरोना के संकट को देखते हुए प्रदेश की आईएएस एसोसिएशन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। आगामी छः माह तक हर महीने, एसोसिएशन के प्रत्येक सदस्य के वेतन से एक दिन के वेतन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई जाएगी।

सीएम त्रिवेंद्र ने पौड़ी गढ़वाल के प्रवासियों को गढ़वाली भाषा में लिखे पत्र भेजकर कही ये बात

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देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड-19 की वैश्विक महामारी में अपनी जन्मभूमि पर लौटे प्रवासी उत्तराखंड वासियों के स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की है। देश में लॉक डाउन के चलते अपने गांव को लौटे  प्रदेश वासियों से गढ़वाली भाषा में प्रेषित पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा है कि हमारे प्रवासी भाइयों ने देश व विदेश में रहकर अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा है कि अब वह यही कार्य अपने घर गांव में भी कर सकते हैं, इससे उनका परिवार एवं हमारा प्रदेश भी आर्थिक रूप से खुशहाल होगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने आज पौड़ी गढ़वाल के प्रवासियों को भेजे पत्र में  कहा है कि हमारे पूर्वजों ने पहाड़ों को काटकर खेत बनाए, उन खेतों को उपजाऊ बनाकर हमारा पालन-पोषण किया है। आज यही खेती हमारी भागम भाग की जिंदगी के कारण बंजर पड़ी है। जबकि हमारे इन खेतों के उत्पादों की मांग देश व दुनिया में हो रही है। हमारे मंडुवा, झंगोरा, दाल, गहत, राई, जौ, तिल, शहद, गाय का घी व बुरांश के जूस की मांग तेजी से बढ़ रही है। आज जब दुनिया के उद्योगपति भी अपनी खेती पर ध्यान दे रहे हैं तो हम क्यों ना अपनी खेती को अपने जीवन यापन का आधार बनाएं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक सुविधाएं दे रही है। होम स्टे, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, बागवानी, उद्यानीकरण, सब्जी उत्पादन, मसाला फसलों का उत्पादन, पुष्प उत्पादन हेतु प्रोत्साहित कर रही है। यही नहीं इन उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही इसके विपणन की भी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडुआ के लड्डू, बिस्कुट, केक, झंगोरा की खीर व लड्डू की भी बाजार में बड़ी मांग है। यह मांग तभी पूरी हो सकती है जब हम अपनी परंपरागत खेती के प्रति ध्यान देकर उसे बढ़ावा देंगे। यदि हमारे प्रवासी बंधु अपने घर में रहकर यह कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए राज्य सरकार उनकी पूर्ण रूप से मदद करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अपने गांव को लौटे लोग अपना स्वयं का कार्य आरंभ कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे, इसमें सरकार प्रतिबद्धता के साथ उनकी सहयोगी रहेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने बताया कि अपना मनचाहा कार्य करने के लिए वे अपने विकास खंड कार्यालय अथवा जिला मुख्यालय में स्थापित आजीविका सेल के फोन नंबर 01368 223084 या मोबाइल नंबर 9412028718

लॉकडाउन के दौरान घर पर रह कर बच्चों को पहाड़ी गीतों पर नृत्य सिखाती कुमुद कोटिया

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इन दिनों वैश्विक महामारी का रूप ले चुका कोरोना वायरस का संकट पूरे विश्व फैला हुआ है भारत देश भी इससे अछूता नहीं है। देश में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देशभर में समाजिक दूरी बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन किया हुआ है। लॉकडाउन के दौरान लोग घर पर रहकर अपने परिवारों को समय दे रहे हैं,  बच्चों के साथ समय व्यतीत कर रहे हैं और बच्चों को अपनी संस्कृति से रूबरू करा रहे हैं।

ऐसे में ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित चेरी काउंटी सोसाइटी में केवी डांस एकेडमी की डायरेक्टर कुमुद कोटिया अपनी डांस एकेडमी के छात्रों को घर पर रह कर ही वीडियो के माध्यम से नृत्य सिखा रही हैं। साथ ही उन्होंने अपनी पुत्री वैष्णवी कोटिया के साथ उत्तराखंड की संस्कृति के ऊपर एक प्रस्तुति भी पेश की है। लॉक डाउन के दौरान बच्चे घर से बाहर खेलने नही जा पा रहे है ऐसे में माता पिता, बच्चों को घर पर ही उनके साथ गतिविधयों में समायोजित होकर उनका दिल बहला रहे हैं।

सुण रे गैल्या मेरा गैल्या मै ब्योली बनै दे

Posted by Devbhoomisamvad on Friday, 24 April 2020

उत्तराखंड में मिला एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज, 48 पहुंची संक्रमितों की संख्या

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देहरादून : उत्तराखंड में शुक्रवार को भी कोरोना संक्रमण का एक नया मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम 7 बजे स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में नैनीताल में कोरोना वायरस संक्रमण का एक और मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक कोरोना संक्रमित युवक हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके का रहने वाला है। यह युवक कोरोना संक्रमित जमात से लौटे व्यक्ति के संपर्क में आया था। युवक को इसके बाद दस अप्रैल को ही क्वारंटीन किया गया था। इससे पहले युवक का भाई भी कोरोना संक्रमित पाया गया था। इसके साथ ही अब राज्य में संक्रमित मरीजों की संख्या 48 हो गई है। जबकि अकेले  नैनीताल जिले में अब तक 10 लोग कोरोना संक्रमित पाये गए हैं। वहीँ प्रदेश में 25 मरीज ठीक हो चुके हैं, जिसमें एक नौ महीने का बच्चा भी शामिल है। शुक्रवार को मेडिकल कालेज हल्द्वानी, एम्स ऋषिकेश और निजी पैथोलॉजी लैब से 360 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

पौड़ी जनपद में पिछले 30 दिनों से एक भी कोरोना सक्रमण का मामला नहीं आने के बाद इस जनपद को भी ग्रीन जोन में शामिल कर लिया गया है। इससे पहले प्रदेश के सात जिलों बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल व उत्तरकाशी में अभी तक कोरोना का कोई मामला सामने नहीं आया है। ये जिले पहले से ही ग्रीन जोन में हैं। वहीँ अल्मोड़ा व उधमसिंह नगर ऑरेंज जोन में हैं। जबकि राजधानी देहरादून, नैनीताल और हरिद्वार जिले रेड जोन में हैं।

पौड़ी में लॉकडाउन के दौरान मानवता का धर्म निभा रहा है सब्जी विक्रेता मोहम्मद अशफाक

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पौड़ी गढ़वाल : देशभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच पौड़ी जनपद से एक अच्छी खबर सामने आई है। पिछले करीब एक महीने से पौड़ी जिले में कोरोना का कोई भी पॉजिटव मामला नहीं आने के चलते उत्तराखण्ड का यह जिला ऑरेंज जोन को मात देकर अब ग्रीन जोन मे शामिल हो गया है।

इस बीच कोरोना रूपी महामारी के चलते पूरे देश में चल रहे लॉकडाउन की वजह से लोगो को कुछ दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। आपदा की इस घड़ी में शासन/प्रशासन से लेकर कई सामाजिक संगठनों के लोग जन सेवा में लगे हुए हैं। बावजूद इसके कई जगह लॉकडाउन में लोगों को फल एंव सब्जियाँ सामान्य दिनों के मुकाबले ऊँचे दामों पर मिल रही हैं। वहीँ कुछ व्यापारी ऐसे भी हैं जो आपदा की इस घड़ी में मुनाफा के बारे में न सोचकर मानवता के नाते लोगों को सस्ते दामों पर फल एवं सब्जियाँ उपलब्ध करवा रहे हैं। ऐसे ही एक शख्स मोहम्मद अशफाक हैं जो पौड़ी मुख्य बाजार में वर्षों से फल एवं सब्जी की दुकान चलाते हैं। मुस्लिम समाज आने वाले सब्जी विक्रेता मोहम्मद अशफाक कोरोना रूपी आपदा में बिना लाभ के आधे मूल्य पर सब्जी बेच रहा है। मोहम्मद अशफाक काफी लंबे समय से पौड़ी मुख्य बाजार में सब्जी बेचने का काम करता है और लॉकडाउन के दौरान यह सब्जी विक्रेता बिना प्रॉफिट के आधे मूल्य पर सब्जी बेच रहा है। साथ ही अगर उन्हें लगता है कोई व्यक्ति ऐसी स्थिति में हैं कि उसके पास सब्जी खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं, तो उन्हें वे बगैर पैसे लिए ही सब्जी दे देते हैं। इसीलिए कहते हैं कि हर समाज में, हर धर्म में अच्छे लोग भी होते हैं और बुरे भी। कुछ लोग वे भी हैं जो कोरोना महामारी में अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी सेवायें दे रहे हमारे कोरोना वारियर्स के ऊपर हमला कर रहे हैं या उनके ऊपर थूक रहे हैं। तो वहीँ मोहम्मद अशफाक जैसे सब्जी विक्रेता भी हैं। जो इस कोरोना रूपी आपदा में अपनी क्षमता के अनुरूप अपने स्तर पर लोगों को बिना प्रॉफिट के आधे मूल्य पर सब्जी बेचकर अपना योगदान दे रहे हैं। इसके साथ ही अशफाक इन दिनों प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा उठाये गए मानव रक्षा में कड़े कदम की तारीफ करते हुए लॉकडाउन की गाइडलाइन को फॉलो करने की अपील कर रहे हैं।

आपको बतादें कि इस समय मोहम्मद अशफाक ने सब्जी बेचने के साथ-साथ 8 से 10 लोगो को भी रोजगार देने का काम किया है।