Home Blog Page 1457

पौड़ी में लॉकडाउन के दौरान मानवता का धर्म निभा रहा है सब्जी विक्रेता मोहम्मद अशफाक

0
Vegetable-seller

पौड़ी गढ़वाल : देशभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच पौड़ी जनपद से एक अच्छी खबर सामने आई है। पिछले करीब एक महीने से पौड़ी जिले में कोरोना का कोई भी पॉजिटव मामला नहीं आने के चलते उत्तराखण्ड का यह जिला ऑरेंज जोन को मात देकर अब ग्रीन जोन मे शामिल हो गया है।

इस बीच कोरोना रूपी महामारी के चलते पूरे देश में चल रहे लॉकडाउन की वजह से लोगो को कुछ दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। आपदा की इस घड़ी में शासन/प्रशासन से लेकर कई सामाजिक संगठनों के लोग जन सेवा में लगे हुए हैं। बावजूद इसके कई जगह लॉकडाउन में लोगों को फल एंव सब्जियाँ सामान्य दिनों के मुकाबले ऊँचे दामों पर मिल रही हैं। वहीँ कुछ व्यापारी ऐसे भी हैं जो आपदा की इस घड़ी में मुनाफा के बारे में न सोचकर मानवता के नाते लोगों को सस्ते दामों पर फल एवं सब्जियाँ उपलब्ध करवा रहे हैं। ऐसे ही एक शख्स मोहम्मद अशफाक हैं जो पौड़ी मुख्य बाजार में वर्षों से फल एवं सब्जी की दुकान चलाते हैं। मुस्लिम समाज आने वाले सब्जी विक्रेता मोहम्मद अशफाक कोरोना रूपी आपदा में बिना लाभ के आधे मूल्य पर सब्जी बेच रहा है। मोहम्मद अशफाक काफी लंबे समय से पौड़ी मुख्य बाजार में सब्जी बेचने का काम करता है और लॉकडाउन के दौरान यह सब्जी विक्रेता बिना प्रॉफिट के आधे मूल्य पर सब्जी बेच रहा है। साथ ही अगर उन्हें लगता है कोई व्यक्ति ऐसी स्थिति में हैं कि उसके पास सब्जी खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं, तो उन्हें वे बगैर पैसे लिए ही सब्जी दे देते हैं। इसीलिए कहते हैं कि हर समाज में, हर धर्म में अच्छे लोग भी होते हैं और बुरे भी। कुछ लोग वे भी हैं जो कोरोना महामारी में अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी सेवायें दे रहे हमारे कोरोना वारियर्स के ऊपर हमला कर रहे हैं या उनके ऊपर थूक रहे हैं। तो वहीँ मोहम्मद अशफाक जैसे सब्जी विक्रेता भी हैं। जो इस कोरोना रूपी आपदा में अपनी क्षमता के अनुरूप अपने स्तर पर लोगों को बिना प्रॉफिट के आधे मूल्य पर सब्जी बेचकर अपना योगदान दे रहे हैं। इसके साथ ही अशफाक इन दिनों प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा उठाये गए मानव रक्षा में कड़े कदम की तारीफ करते हुए लॉकडाउन की गाइडलाइन को फॉलो करने की अपील कर रहे हैं।

आपको बतादें कि इस समय मोहम्मद अशफाक ने सब्जी बेचने के साथ-साथ 8 से 10 लोगो को भी रोजगार देने का काम किया है।

देश में 23 हजार के पार पहुंची कोरोना के मरीजों की संख्या, कहाँ कितने मरीज, देखें पूरी लिस्ट

0
covid-19-cases

नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के संक्रमण का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना के 1684 नए मामले मामले सामने आये हैं। जबकि 37 लोगों की जान गई है. जिसके बाद अब देश में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 23 हजार के पार पहुँच चुका है। भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट के अनुसार अब तक देश में 23,077 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जबकि 718 लोगों की इस बीमारी से अब तक मौत हो चुकी है। वहीँ करीब 4,749 लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 6,430 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। वहीँ दूसरे नंबर पर गुजरात है, जहाँ अब तक 2,624 कोरोना के केस सामने आ चुके हैं। यहाँ देखें किस राज्यन में COVID-19 के कितने मामले सामने आए हैं।

S. No.StatesConfirmedCuredDeath
1Maharashtra6430840283
2Gujarat2624258112
3Delhi237680850
4Rajasthan196423027
5MP169920383
6Tamil Nadu168375220
7UP151020624
8Telengana96019724
9Andhra89514127
10Bengal51410315
11Kerala4473243
12Karnataka44514517
13J&K427925
14Punjab2776516
15Haryana2721563
16Bihar153462
17Odisha90331
18Jharkhand5383
19Uttarakhand47240
20Himachal40181
21Assam36191
22Chhattisgarh36280
23Chandigarh27140
24Andaman22110
25Ladakh18140
26Meghalaya1201
27Goa770
28Puducherry730
29Manipur220
30Tripura210
31Arunachal110
32Mizoram100
Total confirmed cases23077*4749718

पलायन कर शहर गए नौजवानों को गाँव लौटने की राह दिखा रहे है पौड़ी गढ़वाल के कैंडूल गाँव के चार युवा

0
way of reverse migration

सतपुली : आज जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस संक्रमण के चलते ठहर सी गई है। सारे उद्योग-धंधे रुक गए। जिसका सबसे बड़ा असर इस क्षेत्र में कार्यरत कामगारों पर पड़ा है। इस संकट के समय जो बचा है वह है खेती-बाड़ी, जिससे जुड़े किसान अपने ही नहीं बल्कि देश के लिए भी अन्नदाता की बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

उत्तराखंड के परिपेक्ष में कहा जाए तो अपने खेत-खलिहान से जुड़े कुछ लोग आज अपने संघर्षों के माध्यम से न सिर्फ अपने खेत-खलिहानों को आबाद कर रहे हैं बल्कि अपना घर-गांव छोड़ छोटी-बड़ी कंपनियों में हाड तोड़ मेहनत कर दो जून की रोटी के कमाने के लिए संघर्षरत नौजवानों को अपने घर-गांव लौटाने की राह भी दिखा रहे है।

इसी लीक से जुड़ा नाम है दिल्ली, नोएडा, देहरादून, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों से नौकरी छोड़कर गांव में आकर स्वरोजगार कर रहे पौड़ी गढ़वाल के कैंडूल गाँव के चार युवा। जो कृषि एवं बागवानी कार्य कर जैविक सब्जियां उत्पादन कर बेरोजगार एवं पलायन करने वालो युवाओं को भी राह दिखा रहे हैं। पौड़ी गढ़वाल के कैंडूल गाँव के चार युवाओं परपेंद्र रावत, संदीप रावत, रॉबिन सिंह रावत और सुखेदव नेगी ने अपनी पुरानी बंजर भूमि को चेक बनाकर खुद अपने निजी प्रयासों से घेरबाढ़ कर सामूहिक खेती करना शुरू किया। जिसका सफल परिणाम है कि इस वर्ष प्रथम चरण में इन युवाओं ने रात-दिन मेहनत कर 10 कुन्तल आलू और मटर बेचने के साथ ही गेंहू की खेती भी की है। इन दिनों इनकी मेहनत की नर्सरी में प्याज, मिर्च, सीता फल, बीन्स, टमाटर, भिंडी, बैगन आदिसब्जियां तैयार है।

आपको बता दें कि इन चारो युवकों के सामने खेतों में सिंचाई के लिए प्रयाप्त मात्रा में पानी नहीं है। लघु सिंचाई की नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। लेकिन इन युवाओं ने हार नहीं मानी है। उन्होंने राज्य सरकार से भी सहयोग की अपील की है। इस बारे में जिला उद्यान अधिकारी डाक्टर नरेन्द्र सिंह ने बताया की उन्होंने द्वारीखाल ब्लॉक के सम्बंधित नोडल अधिकारी को सहयोग एवं सम्पर्क करने को कहा है।

way of reverse migration

वहीँ इन नौजवानों का कहना हैं कि हम संघर्षों के साथ आगे बढ़ रहे है। शहर में प्रदुषण और भीड़-भाड़ से दूर एक सुंदर प्राकृतिक परिवेश में स्वरोजगार के जरिए कई अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। युवाओं का कहना है कि हमारे परिजन भी खेती बाड़ी सहयोग करते है। हम  अपनी मेहनत के साथ अपने खेत-खलिहानों में खुश हैं।

आपको बता दें कि इन नौजवानों ने अपनी नर्सरी में रहने के लिए छपर बनाया है। वही जंगली जानवरों से बचावा के लिए कुत्ते पाल रखे है। यदि ऐसे नौजवानों को सरकार की तरफ से समय-समय पर सहयोग प्रदान किया जाता है तो एक दिन हम कह सकते हैं कि पहाड़ से हो रहे निरंतर पलायन को तो रोका ही जा सकता है। साथ ही खंडहर हो चुके पहाडों को भी आबाद किया जा सकता है।

आज के बदलते परिवेश में जहां प्रवासी उत्तराखंडी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं ऐसे समय केंडुल गांव के ये चार युवक और लोगों को भी प्रेरणा दे सकते हैं। आज वक्त आ गया है कि शहरों की चमक-दमक को देखकर युवा रोजगार की तलाश में शहरों की ओर रुख करने के बजाय गांवों में ही काश्तकारी और बागवानी को रोजगार का जरिया बना सकते हैं।

जगमोहन डांगी

लॉकडाउन में सहयोग देने के लिये सीएम त्रिवेंद्र ने प्रदेशवासियों का किया धन्यवाद

0
cm-trivendra

देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में कोरोना को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण सहयोग देने के लिये प्रदेशवासियों को धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर वीडियो शेयर कर कहा कि प्रदेशवासियों के सहयोग के कारण ही हम कोरोना महामारी को नियंत्रित रखने में सफल रहे हैं। प्रदेश में कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते लॉकडाउन का एक महीना बीत चुका है। मैं प्रदेश की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं कि जिस प्रकार उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन का परिचय देते हुए सरकार का सहयोग किया है आज उसी का परिणाम है कि हम राज्य में कोरोना संक्रमण बढने की दर को काफी कम रखने में सफल रहे हैं। कोरोना मुक्त उत्तराखंड बनाने के लिए आगे भी हमें आपसे इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम जल्द ही कोरोना को हराने में सफल होंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में पहला कोरोना मरीज 15 मार्च को मिला था। इसके बाद राज्य सरकार ने स्कूल व कॉलेज बंद करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री ने पहले जनता कर्फ्यू और फिर पूरे देश को लॉकडाउन किया। तब से आज तक एक महीना एक दिन हो गया है। उन्होंने कहा कि मैं सर्वप्रथम प्रदेशवासियों का धन्यवाद देना चाहूंगा, जिस संयम अनुशासन से उन्होंने सहयोग दिया, उसी का परिणाम रहा कि उत्तराखंड आज कोरोना की रोकथाम में देश में तीसरे नंबर पर है।

प्रदेश में कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते लॉकडाउन का एक महीना बीत चुका है। मैं प्रदेश की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं कि जिस प्रकार उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन का परिचय देते हुए सरकार का सहयोग किया है आज उसी का परिणाम है कि हम राज्य में कोरोना संक्रमण बढने की दर को काफी कम रखने में सफल रहे हैं। कोरोना मुक्त उत्तराखंड बनाने के लिए आगे भी हमें आपसे इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम जल्द ही कोरोना को हराने में सफल होंगे।पुनः से आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।#IndiaFightsCorona

Posted by Trivendra Singh Rawat on Thursday, 23 April 2020

दिल्ली में कोरोना का कहर, एक ही ब्लॉक से मिले 46 कोरोना मरीज, पूरा इलाका सील

0
coronavirus-covid-19

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फ़ैल रहा है। गुरुवार को दिल्ली के कोरोना हॉटस्पॉट जहांगीरपुरी में फिर 46 नए मामले सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को जहांगीरपुरी H ब्लॉक की तीन गलियों में 46 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में कोरोना मरीजों के मिलने के बाद प्रशासन के हाथ-पांव भी फूल गए हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों को नरेला स्थित क्वारंटीन सेंटर लेकर जाया गया है। इससे पहले भी बीते 18 अप्रैल को इसी इलाके में एक ही परिवार के 31 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। कुल मिलाकर आज दिल्ली में कोरोना वायरस के 128 मामले सामने आए हैं और 2 मौतें हुईं हैं। राजधानी में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या अब 2,376 है, इसमें 1,518 सक्रिय मामले, 808 ठीक हो चुके मामले और 50 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीँ कोरोना के खतरे को देखते हुए दिल्ली में 90 इलाकों को सील कर कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा चुका है।

उत्तराखंड में मिला कोरोना एक और मामला, 47 पहुंची मरीजों की संख्या

0
corona-positve-in-uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड में गुरुवार को कोरोना संक्रमण का एक नया मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को देहरादून के क्वारंटीन सेंटर में रह रहा एक 55 वर्षीय शख्स कोरोना पॉजिटिव आया है। कोरोना संक्रमित मरीज मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और जमाती बताया जा रहा है। वह 11 अप्रैल से देहरादून के क्वारंटीन सेंटर में रह रहा था। मरीज को दून अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। राज्य में अब तक पश्चिम बंगाल के पांच लोग कोरोना संक्रमित हो चुके है। ये सभी देहरादून की आजाद नगर कॉलोनी में ठहरे हुए थे। जिसके बाद अब राज्य में में कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 47 हो चुकी है। वहीं अबतक 24 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।

इससे पहले कल देहरादून में दो संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई थी हालाँकि आज दोनों मृतकों की कोरोना जाँच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसके आलावा आज  दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती नौ महीने के बच्चे की रिपोर्ट भी आज निगेटिव आई है। बच्चे को छह दिन पहले रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर दून अस्पताल में भर्ती किया गया था।

उत्तराखंड: आपदा प्रबंधन की अनूठी पहल, बनाया “COVID -19 दृष्टि पोर्टल”, यहाँ मिलेगी कोरोना की हर जानकारी

0
covid-19-drishti-portal

कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी की सटीक जानकारी को शासन प्रशासन एवं उत्तराखण्ड के जन समुदाय तक एक ही प्लेफॉर्म के माध्यम से पहुँचाने हेतु उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की टीम द्वारा COVID-19 दृष्टी पोर्टल जियोइंफोर्मेटिक्स सिस्टम तकनीकी के इस्तेमाल से नेशनल इन्फार्मेटिक्स सेन्टर देहरादून के सपोर्ट द्वारा बनाया गया।

http://covid19usdma.uk.gov.in/ नामक यह पोर्टल अपने आप में एक अनूठा पोर्टल है जिसके अंतर्गत COVID डेली स्टेटस, जिले का सैंपल स्टेटस, रिलीफ कैम्प, कानून व्यवस्था के साथ ही साथ राज्य एवं जिलों के कंट्रोल रूम में प्राप्त सभी काल के आंकड़ों को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। इन आंकड़ों के डेटा को स्पष्ट रूप से दर्शाने के लिए जीयोस्पेशियल मैप के माध्यम से रिलीफ कैम्प, अस्पताल, COVID-19 हॉटस्पॉट्स, टेस्ट सेन्टर, क्वारंटाइन सेन्टर आदि तथ्यों का प्रस्तूतिकरण किया गया है। जिससे विभाग से जुड़े व्यक्ति को कोरोना सम्बन्धित सही आंकलन करने में आसानी होगी और एक ही स्थान पर सभी जानकारी होने की वजह से किसी भी प्रकार के कोरोना से बचाव सम्बन्धित कार्यों को धरातल पर क्रियान्वयन करने में आसानी होगी।

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के इस पोर्टल के माध्यम से उत्तराखंड के जन समुदाय तक भी कोरोना सम्बन्धित राज्य और जिले की सही सूचना लगातार पहुंच सकेगी जिससे इस सवेंदनशील स्तिथि मैं किसी प्रकार की भ्रांति नही फैलेगी। जैसा की हम सभी जानते हैं कि कोरोना का इलाज जागरूकता एवं बचाव है इसी बात को ध्यान में रखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कोरोना के परिप्रेक्ष मे जन जागरूकता बढ़ाने के लिए जागरूकता सामग्री को भी इस पोर्टल के माध्यम से जनता तक पहुंचाया है जहाँ कोरोना से जुड़े विभिन्न विषयों जैसे सोशल डिस्टनसिंग, होम क्वारंटाइन, कोरोना वारियर्स को सलाम, कोरोना बचाव आदि विषयों को ब्रोशर, डाक्यूमेंट्री आदी के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि उत्तराखंड में COVID-19 की संवेदनशीलता को देखते हुए हमारे राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम ने इस एकरूप प्लेटफार्म का निर्माण किया है। जिसके अंतर्गत COVID -19 के मरीजों एवं संदिग्धों का डेटा एक ही स्थान पर सही रूप में प्रदर्शित होगा साथ ही साथ राहत शिविरों में रह रहे शरणार्थियों के प्रबन्धन, राहत सामग्री का वितरण आदि का आंकलन करने में कारागार साबित होगा। ये सभी जानकारी USDMA की टीम द्वारा लगातार अपडेट की जा रही है।

इस पोर्टल को सफल बनाने में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम-डॉ गिरीश चंद्र जोशी, बीबी गणनायक सुरभी कुंडलिया, अमित शर्मा, पूजा राणा, शैलेश घिल्डियाल, ज्योति नेगी, रोबिन अग्रवाल आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कोरोना वारियर्स को ट्रिब्यूट देने की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में शेमफोर्ड स्कूल श्रीनगर गढ़वाल का दबदबा

0
Shemford School, Srinagar wins national level competition

श्रीनगर गढ़वाल: कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु दिन-रात सेवारत प्रथम पंक्ति में खड़े देश के सच्चे सेवको को ट्रिब्यूट देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर शेमफोर्ड ग्रुप ऑफ स्कूल, नई दिल्ली ने शैम कॉन्टेस्ट-2 आयोजित किया। जिसमें शैमफ़ोर्ड स्कूल बेलकंडी श्रीनगर गढ़वाल की कक्षा 6 की छात्रा सुमेधा भट्ट ने कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु दिन-रात सेवारत प्रथम पंक्ति में खड़े देश के सच्चे सेवको डॉक्टर्स, बैंक वर्कर्स, डिलीवरी बॉय, स्वीपर्स, पुलिस एवं फैक्ट्री वर्कर प्रत्येक के कार्यों को  अपनी ड्राइंग में दर्शाया है साथ ही एक सुन्दर कविता के माध्यम से कोरोना वॉरियर्स को वीडियो द्वारा सलाम भेजा है। सोशल मीडिया के माध्यम से इस वीडियो ने 5,334 लाइक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इससे पूर्व भी यह प्रतिभावान छात्रा शैम कॉन्टेस्ट-1 मे तृतीय स्थान  प्राप्त कर चुकी है स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों एवं प्रधानाचार्य श्रीमती शशि नेगी ने छात्रा के विजेता होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्रा एवं अभिभावको को हार्दिक शुभकामनायें दी हैं। देवभूमि संवाद की ओर से छात्रा सुमेधा भट्ट, प्रधानाचार्या श्रीमती शशि नेगी एवम विद्यालय प्रबंधन को हार्दिक बधाई।

उत्तराखंड में आज से जरूरी सामान के साथ खुल गई हैं किताबों की दुकानें

0
book-seller-in-uttarakhand

देहरादून: कोरोना महामारी को रोकने के लिए किये गए लॉकडाउन के चलते पूरे देश में आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर सभी दुकाने बंद पड़ी हैं। इसबीच लॉकडाउन में ज्यादातर स्कूलों ने ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई शुरू कर दी है। ऐसे में स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन सहित अन्य पुस्तक सामग्री न होने के कारण पढ़ाई लिखाई में बड़ी दिक्कत आ रही है। विद्यार्थियों की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य में जरूरी वस्तुओं की दुकानों के साथ ही किताबों की दुकानों को खोलने की छूट दे दी है। बुधवार को राज्य के शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से आदेश जारी किया गया था। देहरादून और डोईवाला में किताबों की होम डिलीवरी की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया है। जिसके बाद उत्तराखंड में आज से किताबों की दुकाने दिन में एक बजे तक खुली हैं।

बतादें कि उत्तराखंड में अब तक कोरोना के 50% मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। प्रदेश में अब तक कोरोना के 46 मामले मिल चुके हैं, जिनमें से 23 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं पिछले 2 दिनों से प्रदेश में कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया।

उत्तराखंड सरकार के “जन आपूर्ति एप” द्वारा घर बैठे मंगायें राशन व जरुरी सामान

0
jan aapoorti uttarakhand app

देहरादून : कोरोना को लेकर चल रहे लॉकडाउन में प्रदेशवासियों को सहूलियत देने तथा सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाये रखने के उदेश्य से उत्तराखंड सरकार ने “जन आपूर्ति एप” लांच किया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस मोबाइल एप की जानकारी देते हुए बताया कि “जन आपूर्ति एप” से लोगों के दरवाजे पर किराने का सामान की डीलिवरी होगी।

इस एप को गूगल प्ले-स्टोर और एप्पल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप को हिंदी और अंग्रेजी में ऑपरेट किया जा सकता है। जिसके बाद इस एप में अपना नाम पता रजिस्टर कर अपने स्थानीय दुकानदार या एप में दर्ज रिटेल स्टोर पर ऑर्डर दे सकते हैं। इसी तरह रिटेलर अपने आप को यहां रजिस्टर्ड भी करा सकता है। यह मोबाइल एप राज्य के सभी जिलों में स्थानीय दुकानदारों के माध्यम से खाद्य सामग्री व अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में सहायक होगी।

नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर आप इस “जन आपूर्ति एप” को डाउनलोड कर सकते हैं।

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.callippus.wfppds&fbclid=IwAR3q1vjw-TNkRGlOECE9ECzO2JaiIo_ybGws5XzkGugUaWXEJDxzPlMPVEY